Tuesday, 4 November 2025

★ *श्रीनाथजी मंदिर हो स्वतंत्र — बृजवासी की पुकार* ★ *नाथद्वारा धाम पवित्र, वल्लभ संप्रदाय का मान*, शासन की जंजीरों में बंधा, हुआ धर्म अपमान। *संविधान का सन्देश कहे — “हर धर्म को आज़ादी दो”*, फिर क्यों श्रीनाथजी का धाम, शासन की बेड़ी में क्यों? *दान भक्तों का होता अपार, पर उपयोग हुआ बेकार*, पारदर्शिता की लौ बुझे, फैला केवल अंधकार। *संपत्ति पर अतिक्रमण, लूट का मंजर साफ़ है*, भक्ति के स्थान पे अब, सत्ता का अन्याय है। *उठे अब एक बृजवासी — “धर्म की रक्षा का दीप जले”*, श्रीनाथजी के राज में फिर, सत्य और श्रद्धा साथ चले। *सीए दिनेश चन्द्र सनाढ्य* *#एक बृजवासी* (73) 04/11/25 #dineshapna



 

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