Chartered Accountant,Social Activist,Political Analysist-AAP,Spritual Thinker,Founder of Life Management, From India, Since 1987.
Friday, 31 October 2025
★ लौहपुरुष सरदार पटेल ★ लोहे-सा अडिग, पर हृदय था कोमल, देश हित में समर्पित, कर्म था निर्बल। पाँच सौ बासठ रियासतों को जोड़ा, भारत को एकता का सूत्री मोड़ा। सत्ता नहीं, सेवा थी जिनकी चाह, जनहित में डाली जीवन की राह। लोहे के इरादों से देश सँवारा, भारत ने उन्हें "लौहपुरुष" पुकारा। *सीए दिनेश चन्द्र सनाढ्य* *#एक हिन्दुस्तानी* (71) 31/10/25 #dineshapna
Thursday, 30 October 2025
★ *स्वयं का जीवन सफल बनायें !* ★ स्वयं को जानो, लक्ष्य बनाओ, Balance Sheet जीवन की सजाओ। Strength व Weakness का Audit करो, Success की Entry सच्ची बनाओ। Purpose को Plan में ढालो, Duty को Passion से निभाओ। Karma की Ledger में Truth भरो, Faith का Interest बढ़ाओ। जैसा व्यवहार चाहो Client से, वैसा सबके संग निभाओ। Respect व Ethics की Policy रखो, Trust का Capital बढ़ाओ। याद रखो — Existence linked है Network से, Team व Society से ही Growth है। Mutual Support ही Asset बने, तो हर जीवन एक Firm बने। Nishkam कर्म हो Compliance का Rule, संगठित शक्ति हो Success का Tool, Self Audit रोज़ करो मन में, तभी Life बने True School, *सीए दिनेश चन्द्र सनाढ्य* *#एक हिन्दुस्तानी* (70) 30/10/25 #dineshapna
Wednesday, 29 October 2025
★ *“संवाद से सफलता तक”* ★ *संवाद से ही निकलता है, हर संकट का समाधान*, जहाँ शब्द बने सेतु वहाँ, मिटता हर भ्रम-भ्रमण। *समाधान से ही मिलती है, सफलता की पहचान*, शान्तिपूर्ण संघर्ष बने, जन-जन का सम्मान। *कानूनी राह है अंतिम, जब संवाद हो निष्फल*, संविधान का पालन ही, देता न्याय निष्कलंक सफल। *साम, दाम, दण्ड, भेद के, नीति कदम हैं चार*, इनसे ही सफलता सधे, बढ़े न्याय का प्रचार। *सीए दिनेश चन्द्र सनाढ्य* *#एक हिन्दुस्तानी* (69) 29/10/25 #dineshapna
Sunday, 26 October 2025
★ *“अधिकार और कर्तव्य का संतुलन”* ★ *अधिकार तभी मिले, जब कर्तव्य निभाया जाये*, कर्तव्य बिना हक माँगना व्यर्थ कहलाये। *माँगने से न मिले, तो दृढ़ होकर लेना चाहिए*, पर सत्य के मार्ग से ही आगे बढ़ना चाहिए। जो कर्तव्य से विमुख है, उससे हक छीनना उचित, *न्याय हेतु संघर्ष हो, यही है कर्म का हित*। अधिकार माँगने की वस्तु नहीं, वो हक लड़कर पाना है, *पर कर्तव्य निभाकर ही, उसे सच्चा बनाना है*। *सीए दिनेश चन्द्र सनाढ्य* *#एक हिन्दुस्तानी* (68) 27/10/25 #dineshapna
Saturday, 25 October 2025
★ *“अधिकार माँग कर या छिन कर”* ★ *माँग कर जो अधिकार मिले*, वह दया का दान कहलाए, देने वाला जब खुश हो, तभी तुम्हें कुछ पाय। उसकी मर्जी, उसकी रज़ा, उसी पे सब कुछ टिका, ऐसे अधिकारों की डोर सदा, रहती औरों के हाथों बंधा। पर *जब अधिकार छिन कर लो*, तो हक़ तुम्हारा कहलाए, कर्म, साहस, सत्य का संग, तब न्याय स्वयं मुस्काए। ना भीख, ना दया, ना डर किसी का बोझ उठाए, जो अपना है, वह लेकर ही, आत्मगौरव जगाए। *माँगने वाला झुकता सिर, पाने की आशा में*, *छीनने वाला खड़ा अडिग, सत्य की भाषा में*। एक दया का पात्र बने, दूसरा सम्मान का अधिकारी, माँग में गुलामी की रेखा, छिनने में स्वतंत्रता सारी। *सीए दिनेश चन्द्र सनाढ्य* *#एक हिन्दुस्तानी* (67) 26/10/25 #dineshapna
★ *छठ पूजा 2025 की शुभकामनाएँ !* ★ 25 अक्टूबर, शनिवार को नहाय-खाय के साथ शुरू ~~ और 28 अक्टूबर, मंगलवार को उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ संपन्न ! *छठ पूजा के चारों दिनों का महत्व :-* ◆25 अक्टूबर (शनिवार): नहाय-खाय ◆26 अक्टूबर (रविवार): खरना ◆27 अक्टूबर (सोमवार): संध्या अर्घ्य (डूबते सूर्य को अर्घ्य) ◆28 अक्टूबर (मंगलवार): उषा अर्घ्य (उगते सूर्य को अर्घ्य) और व्रत का पारण ! *सीए दिनेश चन्द्र सनाढ्य* *#एक हिन्दुस्तानी* (66) 25/10/25 #dineshapna
Wednesday, 22 October 2025
■ *एक वर्ष मे 73 दीपावली अपनाये !* ■ ★ *पंच दिवसीय दीपावली पर पंच सन्देश ; शेष 360 दिनो के लिए !* ★ १. *धनतेरस :* स्वास्थ्य का दीप जलाओ, तन-मन को रखो पावन, लक्ष्मी संग धन आए घर, हो सुखमय जीवन सावन। २. *रूप चौदस (रूप चतुर्दशी) :* अंधकार हर लो अंतर का, सत्य का दीप जलाओ, रूप-सुगंध से जगमग मन, ईश्वर से मिलन पाओ। ३. *दीपावली :* दीप जले जब घर-आँगन में, जग में उजियारा छाए, सत्य, धर्म और प्रेम की ज्योति, हर मन में आनंद लाए। ४. *अन्नकूट / गोवर्धन पूजा :* अन्नकूट का पर्व सिखाए, अहंकार को मिटाना, सेवा, त्याग और एकता से, सच्चा पूजन मानना। ५. *भाईदूज :* भाई-बहन का पावन स्नेह, प्रेम का सदा प्रतीक, बंधन यह पावन रिश्तों का, रहे अमर, अटूट, अनीक। *सीए दिनेश चन्द्र सनाढ्य* *#एक श्रीजी सखा* (65) 23/10/25 #dineshapna
Tuesday, 21 October 2025
★ *भाईदूज की शुभकामनाएँ !* ★ 🕉️ *धार्मिक महत्त्व :-* 1. यम-यमुना का पवित्र मिलन, भाईदूज का यही कारण! 2. तिलक, आरती, शुभ आशीष — धर्म में भरे मधुर सन्देश! 3. भाई की लम्बी उम्र की आस, बहन का प्रेम बने विश्वास! 4. धार्मिक भाव से जुड़ा ये पर्व, परिवार में भरता दिव्य सर्व! 🕉️ *सामाजिक महत्त्व :-* 1. भाई-बहन का प्यारा बंधन, समाज में प्रेम का कारण! 2. बहन का तिलक, भाई का वचन — यही है जीवन का सच्चा धन! 3. भाईदूज लाए संदेश नया, नारी-सम्मान बने सदा जया! 4. परिवार में मेल-मिलाप बढ़ाओ, प्रेम-सद्भाव के दीप जलाओ! 🕉️ *ऐतिहासिक महत्त्व :-* 1. आर्य काल से चली परंपरा, भाईदूज हमारी संस्कृति का धरा! 2. राजाओं का तिलक और वीरता का मान, भाईदूज में बसता भारत महान! 3. संस्कृति, संबंध, और सम्मान — यही है भाईदूज का गान! 4. इतिहास गवाह है इस प्रेम का, भाईदूज है प्रतीक धर्म-नीति-नेम का! 🕉️ *भाईदूज उत्सव का संदेश :-* 1. भाईदूज सिखाता है — प्रेम, सुरक्षा और सम्मान ही सच्चा धर्म है। 2. यम-यमुना का मिलन बताता है — संबंधों में आस्था ही जीवन का सार है। 3. यह पर्व परिवार को जोड़ता है, संस्कार और संस्कृति को संवारता है। 4. भाईदूज केवल परंपरा नहीं — भारतीय जीवन-मूल्यों का जीवंत प्रतीक है। *सीए दिनेश चन्द्र सनाढ्य* *#एक श्रीजी सखा* (64) 22/10/25 #dineshapna
Monday, 20 October 2025
★ *अन्नकूट महोत्सव की शुभकामनाएँ !* ★ 🕉️ *धार्मिक महत्त्व :-* 1. गोवर्धन पूजा का यही संदेश — अहंकार मिटा, भक्ति बने विशेष! 2. अन्नकूट दिवस करे उद्घोष — अन्न ही ब्रह्म, यही संतोष! 3. श्रीकृष्ण ने दिखाया मार्ग — ईश्वर भक्ति में नहीं कोई भार्ग! 4. हर दाने में ईश्वर का वास — अन्नकूट लाता भक्तों में विश्वास! 🕉️ *सामाजिक महत्त्व :-* 1. अन्नकूट मिलन का पर्व महान — सबका अन्न, सबका सम्मान! 2. दान करो, सेवा करो, प्रेम बढ़ाओ — अन्नकूट का संदेश अपनाओ! 3. जाति-भेद सब भूल जाओ — एक थाल में संग खाओ! 4. अन्न का सम्मान, समाज का उत्थान — यही अन्नकूट का प्रधान अभियान! 🕉️ *ऐतिहासिक महत्त्व :-* 1. द्वापर युग की अमर कहानी — श्रीकृष्ण ने दी मानवता को निशानी! 2. वैदिक यज्ञों की पुरानी रीत — अन्नकूट आज भी करती प्रीत! 3. मंदिरों में भंडारे का परंपरागत विधान — संस्कृति की पहचान, अन्नकूट महान! 4. अन्नकूट कहे भारत की बाणी — कृषि है जीवन, यही हमारी निशानी! 🕉️ *अन्नकूट उत्सव पर संदेश :-* 1. अन्न ही ब्रह्म है — उसका सम्मान ही सच्ची पूजा है। 2. अन्नकूट एकता, समानता व सेवा का प्रतीक पर्व है। 3. श्रीकृष्ण की गोवर्धन लीला हमें अहंकार त्याग और कृतज्ञता सिखाती है। 4. अन्नकूट भारतीय कृषि-संस्कृति और लोक-धर्म की अमर परंपरा है। *सीए दिनेश चन्द्र सनाढ्य* *#एक श्रीजी सखा* (63) 21/10/25 #dineshapna
Sunday, 19 October 2025
★ *दीपावली की शुभकामनाएँ—* *अंधकार से प्रकाश की यात्रा* ★ *राम लौटे वनवास से जब*, अयोध्या हर्ष मनाई, दीप जले हर द्वार-द्वार, आनंद धरा पर छाई। सत्य की जय, असत्य पराजित, धर्म का ऊँचा मान, रामराज्य की उस झलक से जग का हुआ कल्याण। *लक्ष्मी माँ का पूजन आज*, धन-धन्य से घर भर जाए, गणपति, कुबेर, सरस्वती संग, ज्ञान व बुद्धि जगाए। नव संवत्सर की शुभ बेला, व्यापार में शुभ आरम्भ, हर घर में मंगल दीप जले, हो समृद्धि का परवशंत। *पर दीप केवल तेल-रुई का*, इतना ही अर्थ न मानो, यह तो अंतर का अंधकार मिटाने का है बहाना। लोभ-क्रोध-अहंकार जला दो, सत्य का दीप जलाओ, आत्मप्रकाश से जग आलोकित, प्रेम-भाव अपनाओ। *जब भीतर का दीप जलेगा*, तब जग में उजियारा होगा, हर हृदय बने मंदिर पावन, हर जीवन सुधारा होगा। दीपावली केवल पर्व नहीं, यह आत्मजागरण की राह, अंधकार से प्रकाश की ओर, यही सिखलाए यह दिन खास। *सीए दिनेश चन्द्र सनाढ्य* *#एक श्रीजी सखा* (62) 20/10/25 #dineshapna
Saturday, 18 October 2025
★ *रूप चतुर्दशी की शुभकामनाएँ !* ★ कृष्ण ने नरकासुर हराया, धर्म का दीप जलाया, अंधकार मिटा अधर्म का, सत्य का जयघोष सुनाया। सुगंधित उबटन, दीप जलाना, रूप-सौंदर्य का त्योहार, छोटी दीपावली की बेला, लाए खुशियों की बौछार। तेल स्नान तन को निर्मल करे, मन में जगाए जोश नया, प्रकाश से जीवन जगमगाए, मिटे हर दुःख और भय भया। अंतर के तम को दूर भगाओ, आत्मा में प्रकाश जलाओ, रूप चतुर्दशी का यह पर्व, ईश्वर से मिलन कराओ। *सीए दिनेश चन्द्र सनाढ्य* *#एक श्रीजी सखा* (61) 19/10/25 #dineshapna
Friday, 17 October 2025
★ *धनतेरस की शुभकामनाएँ !* ★ धन्वंतरि लाए अमृत कलश, जग में स्वास्थ्य का दीप जलाया, लक्ष्मी माँ के चरणों में दीप, हर घर ने सौभाग्य अपनाया। मिलजुल कर सब करते आराधन, प्रेम से जगमग घर-आँगन, दान और सद्भाव का सन्देश, देता ये पर्व मधुर स्पंदन। स्वच्छ तन-मन, स्वच्छ विचार, दीपक से मिलती चेतना, ऊर्जा का संदेश सुनाए, विज्ञान की पावन प्रेरणा। संस्कार, उत्सव और उमंग का संगम, परंपरा से जुड़ी शृंखला, धन, धर्म और स्वास्थ्य का संगम, यही है धनतेरस की पूर्णता। *सीए दिनेश चन्द्र सनाढ्य* *#एक श्रीजी सखा* (60) #18/10/25 #dineshapna
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