Wednesday, 15 October 2025

★ *“न्याय का नया सूरज”* ★ अंग्रेजों के कानूनों से, दण्ड ही बस मिलता था, न्याय की ज्योति बुझी रही, अन्याय ही खिलता था। जनता रोई अदालतों में, पर सत्य दबा रह जाता, कानून का जाल उलझा था, हक़ हर दिल से जाता। पर अब उम्मीदें जाग उठीं, नया सवेरा लाने की, जन-जन को सच्चा न्याय, हर अन्याय मिटाने की। सनातन धर्म का सिद्धांत है — “न्याय ही धर्म कहलाए”, जहाँ दया संग सत्य बहे, वहीं राज्य सुख पाए। अब बने नियम ऐसे फिर से, जो सत्य का साथ निभाएं, न दण्ड भय का साधन हों, पर जीवन को सुधार बनाएं। ऐसा हो भारत का कानून — जो न्याय दिलाए हर जीव को, न्याय बने अब धर्म हमारा, और गर्व मिले हर भारतीय को। 🇮🇳 *सीए दिनेश चन्द्र सनाढ्य* #एक हिन्दुस्तानी (56) #15/10/25 #dineshapna


 

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