Friday, 13 February 2026

★ ICAI राजसमन्द शाखा द्वारा “आर्थिक सर्वेक्षण 2026 एवं वित्त विधेयक 2026” पर *व्यावसायिक सेमिनार का आयोजन*★ इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICAI) की राजसमन्द शाखा द्वारा आर्थिक सर्वेक्षण 2026 एवं वित्त विधेयक 2026 के प्रमुख प्रावधानों पर एक दिवसीय व्यावसायिक सेमिनार का सफल आयोजन किया गया। *सेमिनार का उद्देश्य चार्टर्ड अकाउंटेंट्स एवं कर पेशेवरों को नवीन आर्थिक एवं कर संबंधी परिवर्तनों से अवगत कराना तथा उनके व्यावसायिक ज्ञान एवं दक्षता को सुदृढ़ करना रहा।* शाखा *चेयरमैन सीए दिनेश चन्द्र सनाढ्य ने अपने स्वागत उद्बोधन* में कहा कि वित्त विधेयक 2026 के माध्यम से प्रस्तावित संशोधन *केवल विधिक परिवर्तन नहीं हैं, बल्कि यह वस्तु एवं सेवा कर कानून के परिपक्व चरण में प्रवेश का संकेत* देते हैं। उन्होंने विशेष रूप से जीएसटी अपीलीय अधिकरण की स्थापना को ऐतिहासिक एवं बहुप्रतीक्षित सुधार बताते हुए कहा कि इससे कर-विवादों के त्वरित एवं विशेषज्ञ समाधान का मार्ग प्रशस्त होगा तथा उच्च न्यायालयों पर बढ़ते मामलों का भार कम होगा। उन्होंने यह भी कहा कि आर्थिक सर्वेक्षण 2026 एवं वित्त विधेयक 2026 भारत की कर एवं आर्थिक नीति की दिशा को स्पष्ट करते हैं तथा प्रत्यक्ष कर प्रणाली में सरलीकरण, पारदर्शिता, कर-निश्चितता एवं प्रौद्योगिकी आधारित प्रशासन कर व्यवस्था को अधिक विश्वास-आधारित एवं प्रभावी बनाएंगे। कार्यक्रम के *मुख्य अतिथि एवं रीजनल काउंसिल सदस्य सीए धवल कोठारी* ने ICAI वेलफेयर फंड में अधिकाधिक योगदान करने की अपील करते हुए संस्थान की सामाजिक एवं पेशेवर प्रतिबद्धताओं को सुदृढ़ करने का आह्वान किया। कार्यक्रम दो तकनीकी सत्रों में आयोजित किया गया। *प्रथम सत्र के मुख्य वक्ता जयपुर से पधारे सीए राहुल लखावनी* ने वित्त विधेयक 2026 में अप्रत्यक्ष कर से संबंधित प्रावधान एवं जीएसटी अपीलीय अधिकरण का परिचय विषय पर विस्तार से जानकारी प्रदान की। उन्होंने कहा कि जीएसटी अपीलीय अधिकरण की स्थापना चार्टर्ड अकाउंटेंट्स के लिए नई जिम्मेदारियों के साथ महत्वपूर्ण अवसर भी लेकर आई है, जिससे पेशेवरों की भूमिका अनुपालन से आगे बढ़कर वाद-विवाद सहायता, रणनीतिक परामर्श एवं गुणवत्तापूर्ण प्रतिनिधित्व तक विस्तृत हो गई है। *द्वितीय सत्र के मुख्य वक्ता जयपुर से पधारे सीए विकास गुप्ता* ने आर्थिक सर्वेक्षण 2026 एवं वित्त विधेयक 2026 के प्रत्यक्ष कर संबंधी प्रस्तावों का गहन विश्लेषण प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि व्यक्तिगत करदाताओं के लिए सरल कर व्यवस्था तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों एवं स्टार्टअप्स के लिए लक्षित प्रोत्साहन आर्थिक विकास को गति प्रदान करेंगे। साथ ही उन्होंने कर-प्रणाली में हो रहे परिवर्तनों के मध्य चार्टर्ड अकाउंटेंट्स की भूमिका को और अधिक महत्वपूर्ण बताया। कार्यक्रम के दोनों सत्रों की अध्यक्षता शाखा के वरिष्ठ सदस्य सीए देवेन्द्र हिंगड़ ने की। सेमिनार में शाखा के उपाध्यक्ष सीए मयंक राठी, कोषाध्यक्ष सीए डी.एस. मेहता, सिकासा चेयरमैन सीए कोमल चांडक, कमेटी सदस्य सीए धर्मेंद्र व्यास सहित सीए सुनील बूब, सीए सी.पी. झँवर, सीए गोविंद सनाढ्य, सीए हर्षित मित्तल, सीए रेनू चपलोत, सीए वासिम हुसैन, सीए संजय कोठारी, शंकर लाल शर्मा, वीरेंद्र बोलिया, नन्द किशोर शर्मा, हर्षित शर्मा सहित लगभग 50 से अधिक चार्टर्ड अकाउंटेंट सदस्य एवं टैक्स बार के सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन शाखा *सचिव सीए प्रिंस श्रीमाली द्वारा आभार ज्ञापन* के साथ हुआ। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इस प्रकार के व्यावसायिक कार्यक्रम सदस्यों के ज्ञान-वर्धन एवं पेशेवर दक्षता में निरंतर वृद्धि करते रहेंगे। कार्यक्रम का संचालन कोमल निष्कंलन ने किया | *सीए दिनेश चन्द्र सनाढ्य* *#राजसमन्द ICAI ब्रांच चेयरमैन* (93) #13/02/26 #dineshapna







 

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