dineshapna
Chartered Accountant,Social Activist,Political Analysist-AAP,Spritual Thinker,Founder of Life Management, From India, Since 1987.
Saturday, 27 June 2026
★ *सच्चाई का जनहित : v/s : दिखावे का जनहित* ★ ■ *"जनहित के दोनो क्षेत्र में* सभी कार्य एक जैसे दिखाई देते हैं, पर उनका उद्देश्य, परिणाम और मूल्य बिल्कुल अलग होते हैं।" ■ *दिखावे का जनहित व्यक्ति स्वयं को लाभ* पहुँचा सकता है, जबकि *सच्चा जनहित समाज को न्याय* दिलाने के लिए स्वयं संघर्ष और त्याग का मार्ग चुनता है।" *(१) सच्चे जनहित में प्रायः—* 1. अन्याय करने वाले प्रभावशाली व्यक्तियों के क्रोध, प्रतिशोध और दबाव का सामना करना पड़ता है। 2. सत्ता, धन या प्रभाव रखने वाले लोग विरोधी बन सकते हैं तथा अपने कार्यों में बाधाएँ उत्पन्न हो सकती हैं। 3. झूठे आरोप, शिकायतें, मुकदमे या बदनाम करने के प्रयासों का सामना करना पड़ सकता है। 4. समय, धन, मानसिक शांति, पारिवारिक सुख तथा कभी-कभी प्रतिष्ठा और सुरक्षा भी दाँव पर लग जाती है। 5. फिर भी सत्य, साक्ष्य और कानून के आधार पर किया गया संघर्ष अंततः समाज का विश्वास अर्जित करता है और न्याय की राह को मजबूत बनाता है। ● *आमजन को लाभ :-* अन्याय के विरुद्ध वास्तविक राहत, न्याय की संभावना तथा व्यवस्था में सुधार का मार्ग प्रशस्त होता है। ● *जनहित करने वाले व्यक्ति को लाभ :-* आत्मसंतोष, नैतिक सम्मान, जनविश्वास और समाज में स्थायी विश्वसनीयता प्राप्त होती है। *(२) दिखावे के जनहित में प्रायः—* 1. प्रशंसा, प्रचार और लोकप्रियता शीघ्र मिल जाती है। 2. प्रभावशाली लोगों से टकराव की संभावना कम रहती है। 3. व्यक्तिगत स्वार्थ और सुविधाएँ प्रायः सुरक्षित रहती हैं। 4. मंच, सम्मान और सार्वजनिक पहचान अपेक्षाकृत आसानी से मिल सकती है। 5. बिना अधिक जोखिम उठाए जनहित का आभास उत्पन्न किया जा सकता है। ● *आमजन को लाभ :-* प्रायः केवल आश्वासन, सहानुभूति या अस्थायी राहत का अनुभव होता है; वास्तविक समस्या अक्सर जस की तस बनी रह सकती है। ● *जनहित करने वाले व्यक्ति को लाभ :-* प्रचार, प्रतिष्ठा, सामाजिक पहचान तथा व्यक्तिगत सुविधाएँ अपेक्षाकृत अधिक प्राप्त हो सकती हैं। *सीए दिनेश चन्द्र सनाढ्य* *#एक हिन्दुस्तानी* (148) #28/06/2026 #dineshapna
★ *सच्चा जनहित : संघर्ष की राह, दिखावे का लाभ* ★ ■> *"दिखावे का जनहित सम्मान दिला सकता है,* पर सच्चा जनहित संघर्ष, त्याग और बलिदान माँगता है।" ■> *"जो स्वयं कष्ट सहकर भी दूसरों को न्याय दिलाने का साहस रखता है,* वही सच्चे अर्थों में जनसेवक और समाज का पथप्रदर्शक कहलाता है।" जो व्यक्ति *सच्चाई के जनहित में* खड़ा होता है, उसे प्रायः *निम्न कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है :—* 1. अन्याय करने वाले प्रभावशाली व्यक्तियों के क्रोध, प्रतिशोध और दबाव को सहना पड़ता है। 2. सत्ता, धन या प्रभाव रखने वाले लोग स्थायी विरोधी बन जाते हैं। 3. अपने व्यक्तिगत, सामाजिक तथा प्रशासनिक कार्यों में अनावश्यक बाधाएँ उत्पन्न होने लगती हैं। 4. झूठे आरोप, शिकायतें, मुकदमे तथा चरित्र-हनन के प्रयास झेलने पड़ सकते हैं। 5. समय, धन, मानसिक शांति और पारिवारिक सुख का त्याग करना पड़ता है। 6. भय, स्वार्थ या दबाव के कारण अनेक लोग साथ छोड़ देते हैं और संघर्ष अकेले लड़ना पड़ता है। 7. सामाजिक, राजनीतिक तथा प्रशासनिक दबाव बनाकर हतोत्साहित करने का प्रयास किया जाता है। 8. प्रतिष्ठा, सम्मान, व्यवसाय और कभी-कभी व्यक्तिगत सुरक्षा भी जोखिम में पड़ जाती है। 9. न्याय की लड़ाई लंबी होती है; इसलिए धैर्य, साहस, संयम और दृढ़ संकल्प की निरंतर परीक्षा होती रहती है। 10. किन्तु यदि संघर्ष सत्य, साक्ष्य और कानून के आधार पर किया जाए, तो अंततः न्याय की विजय होती है, समाज का विश्वास प्राप्त होता है और वही संघर्ष जनकल्याण का इतिहास बन जाता है। *सीए दिनेश चन्द्र सनाढ्य* *#एक हिन्दुस्तानी* (147) #27/06/2026 #dineshapna
Wednesday, 24 June 2026
★★★★ *जीवन सूत्र* ★★★★ जो अधर्म से संसार को जलाता है, उसे केवल उपदेश से नहीं रोका जा सकता। कभी-कभी धर्म की रक्षा हेतु अधर्म की चाल का उत्तर नीति से देना पड़ता है। जब दुर्योधन ने जीवनभर छल, अन्याय और अधर्म का सहारा लिया, तब उसके अंत हेतु भीम ने श्रीकृष्ण के संकेत पर जंघा पर प्रहार कर धर्म की विजय सुनिश्चित की। *सीए दिनेश चन्द्र सनाढ्य* *#एक हिन्दुस्तानी* (146) #25/06/2026 #dineshapna
★ *पाँच वर्षों से सड़क, नाली और सफाई नहीं, फिर कैंप लगाकर दिखावा क्यों? – सीए दिनेश चन्द्र सनाढ्य* ★ वार्ड संख्या 11 स्थित आनंद विहार कॉलोनी, किशोर नगर के निवासियों ने नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े करते हुए कहा है कि जब परिषद पिछले पाँच वर्षों से क्षेत्र में मूलभूत नागरिक सुविधाएँ उपलब्ध कराने में विफल रही है, तो आज विभिन्न शिविर एवं जनसुनवाई आयोजित कर जनता के प्रति संवेदनशील होने का दिखावा क्यों किया जा रहा है। सामाजिक कार्यकर्ता एवं क्षेत्र निवासी सीए दिनेश चन्द्र सनाढ्य ने आयुक्त नगर परिषद को प्रेषित पत्र में कहा है कि आनंद विहार कॉलोनी में वर्षों से सड़क निर्माण, पानी निकासी हेतु उचित नालियों का निर्माण तथा नियमित सफाई व्यवस्था नहीं हो पाई है। अनेक बार लिखित एवं मौखिक शिकायतों के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में नालियों के अभाव में गंदा पानी सड़कों एवं खाली भूखंडों में जमा हो रहा है, जिससे मच्छरों एवं बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है। वहीं सड़कें क्षतिग्रस्त एवं अविकसित होने के कारण आम नागरिकों, महिलाओं, बच्चों एवं बुजुर्गों को प्रतिदिन परेशानी उठानी पड़ रही है। सीए सनाढ्य ने प्रश्न उठाया कि यदि नगर परिषद पाँच वर्षों में एक कॉलोनी को सड़क, नाली एवं नियमित सफाई जैसी बुनियादी सुविधाएँ उपलब्ध नहीं करा सकती, तो फिर विभिन्न शिविरों और प्रचार कार्यक्रमों के माध्यम से विकास एवं जनसेवा के दावे किस आधार पर किए जा रहे हैं? उन्होंने कहा कि प्रशासन को पहले धरातल पर कार्य करके जनता को राहत देनी चाहिए, न कि केवल औपचारिक कार्यक्रमों एवं फोटो सेशन के माध्यम से उपलब्धियों का प्रदर्शन करना चाहिए। जनता को भाषण, घोषणाएँ और शिविर नहीं, बल्कि साफ-सुथरी सड़कें, उचित जल निकासी व्यवस्था और नियमित सफाई चाहिए। इस संबंध में नगर परिषद आयुक्त से स्पष्ट रूप से पूछा गया है कि आखिर आनंद विहार कॉलोनी में सड़क एवं नाली निर्माण कार्य क्यों नहीं किए जा रहे हैं तथा यदि कोई प्रशासनिक या वित्तीय बाधा है तो उसका सार्वजनिक खुलासा किया जाए। साथ ही कार्य प्रारम्भ करने की निश्चित समय-सीमा भी घोषित की जाए। सीए सनाढ्य ने बताया कि वर्तमान स्थिति को दर्शाने वाले दिनांक 18 जून 2026 के फोटोग्राफ्स भी नगर परिषद को भेजे गए हैं, ताकि वास्तविक स्थिति से प्रशासन को अवगत कराया जा सके। उन्होंने कहा कि यदि शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो क्षेत्रवासी अपने वैधानिक अधिकारों की रक्षा हेतु सक्षम प्रशासनिक एवं न्यायिक मंचों का सहारा लेने पर विवश होंगे। *सीए दिनेश चन्द्र सनाढ्य* *#एक हिन्दुस्तानी* (144) #24/06/2026 #dineshapna
Tuesday, 23 June 2026
★ *नाथूवास तालाब से पानी निकालने के प्रयास पर जिला कलक्टर को शिकायत* ★ पर्यावरण संरक्षण एवं जनहित के मुद्दे पर सीए दिनेश चन्द्र सनाढ्य ने जिला कलक्टर, राजसमन्द को शिकायत प्रस्तुत कर नाथद्वारा स्थित नाथूवास तालाब से पानी निकाले जाने के संभावित प्रयासों को तत्काल रोकने की मांग की है। शिकायत में बताया गया है कि नाथूवास तालाब के संबंध में माननीय उच्च न्यायालय के आदेश प्रभावी हैं तथा पूर्व में भी तालाब से पानी निकालने के प्रयास पर न्यायालय अवमानना की कार्यवाही होने के बाद कार्य रोकना पड़ा था। इसके बावजूद पुनः पानी निकाले जाने की सूचनाओं से क्षेत्रवासियों एवं पर्यावरण प्रेमियों में चिंता व्याप्त है। प्रार्थी ने जिला प्रशासन से मामले की तत्काल जांच करवाने, किसी भी अवैधानिक कार्यवाही को रोकने, संबंधित अधिकारियों से विधिक आधार स्पष्ट करवाने तथा उच्च न्यायालय के आदेशों का पूर्ण पालन सुनिश्चित करने की मांग की है। सीए सनाढ्य ने कहा कि नाथूवास तालाब क्षेत्र की महत्वपूर्ण पर्यावरणीय, सामाजिक एवं सांस्कृतिक धरोहर है, जिसका संरक्षण प्रशासन एवं समाज दोनों की सामूहिक जिम्मेदारी है। *सीए दिनेश चन्द्र सनाढ्य* ◆1st Elected Chairman of ICAI (2025-26) ◆Treasurer of ICAI (2026-27) (143) #24/06/2026 #dineshapna
*राजसमन्द ICAI ब्रांच में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर योग एवं प्राणायाम का विशेष आयोजन* अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर राजसमन्द ICAI ब्रांच द्वारा चार्टर्ड अकाउंटेंट सदस्यों के लिए योग एवं प्राणायाम का विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य सीए सदस्यों को शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक रूप से स्वस्थ एवं संतुलित जीवन के लिए प्रेरित करना था। कार्यक्रम में पतंजलि परिवार से पधारे योग प्रशिक्षक श्री करतार सिंह ने प्राणायाम का प्रशिक्षण प्रदान करते हुए श्वास की शक्ति, मानसिक शांति एवं स्वास्थ्य लाभों की विस्तृत जानकारी दी। वहीं आर्ट ऑफ लिविंग के योग प्रशिक्षक श्री सुरेश बोहरा ने विभिन्न योगासनों का अभ्यास कराते हुए योग को दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाने का संदेश दिया। इस अवसर पर राजसमन्द ICAI ब्रांच के *पूर्व चेयरमैन सीए दिनेश चन्द्र सनाढ्य* ने उपस्थित सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा कि *“योग जीवन का संतुलन बनाता है और चार्टर्ड अकाउंटेंसी वित्त का संतुलन;* दोनों का आधार अनुशासन, सत्यनिष्ठा एवं निरंतर साधना है।” उन्होंने बताया कि योग मन का ऑडिट करता है जबकि चार्टर्ड अकाउंटेंट वित्त का ऑडिट करते हैं। *दोनों ही क्षेत्रों का उद्देश्य शुद्धता, पारदर्शिता, संतुलन एवं विश्वास स्थापित करना है।* उन्होंने योग एवं सीए प्रोफेशन के मध्य अनुशासन, एकाग्रता, संतुलन, सत्यनिष्ठा, निरंतर अभ्यास, आत्म-नियंत्रण, त्रुटि सुधार एवं विश्वास निर्माण जैसी अनेक समानताओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि योग व्यक्ति को भीतर से मजबूत बनाता है तथा सीए समाज एवं व्यापार जगत को आर्थिक रूप से सुदृढ़ एवं विश्वसनीय बनाते हैं। कार्यक्रम के दौरान ब्रांच चेयरमैन सीए मयंक एन. राठी एवं सीए सुनील बूब ने दोनों योग प्रशिक्षकों का स्वागत एवं सम्मान किया तथा उनके द्वारा दिए गए मार्गदर्शन की सराहना की। इस अवसर पर ब्रांच के वाईस चेयरमैन सीए डी.एस. मेहता, सचिव सीए प्रिंस श्रीमाली, सीए भावेश काबरा, नन्द किशोर, हर्षित शर्मा, चेतन सहित अनेक सीए सदस्यों ने उत्साहपूर्वक योग एवं प्राणायाम का अभ्यास किया। कार्यक्रम का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि स्वस्थ शरीर, शांत मन और सुदृढ़ वित्तीय व्यवस्था के लिए योग एवं चार्टर्ड अकाउंटेंसी के मूल्यों को जीवन में अपनाया जाएगा। *“आओ! योग करें, सीए के साथ — स्वस्थ जीवन और सशक्त राष्ट्र के साथ।”* *सीए दिनेश चन्द्र सनाढ्य* ◆1st Elected Chairman of ICAI (2025-26) ◆Treasurer of ICAI (2026-27) (142) #23/06/2026 #dineshapna
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