Saturday, 12 September 2026

★ *अपना मंच — (Gen-A = जागरूक जनता)* ★ ( जनहित की पाठशाला - 5 ) 🟥 *लोकतंत्र और आम जनता* 🟥 *① लोकतंत्र के चार स्तम्भ हैं —* कार्यपालिका • विधायिका • न्यायपालिका • मीडिया ! *② लेकिन लोकतंत्र का आधार / नीव और कंगूरा / ईमारत है —* आम जनता ! *③ लोकतंत्र के चारों स्तम्भों का उद्देश्य है —* आम जनता एवं जनहित के लिए कार्य करना ! *④ राजसमन्द में हमने पार्षद के लिए कांग्रेस, बीजेपी, आप और निर्दलीय —* जिसे उचित समझा, उसे वोट दे दिया। हम अपने अधिकार ( "वोट” ) का प्रयोग कर चुके हैं ! *⑤ अब वार्ड से किसी भी पार्टी का पार्षद जीते —* उन सभी जीते हुए पार्षदों का दायित्व है कि वह आम जनता के लिए कार्य करे ! *⑥ यदि पार्षद आम जनता का कार्य नहीं करे —* तो हम चुप नहीं बैठेंगे; मिलकर पार्षद से कार्य करवाएँगे ! *⑦ कैसे?????????* *हमारे पास है — “अपना मंच”* जो सभी वार्डों की जनसमस्याओं के समाधान के लिए कार्य करेगा ! अर्थात् *अब सभी पार्षदों को आम जनता के लिए कार्य करने ही होंगे !* *CA. Dinesh Chandra Sanadhya* (279) #एक_हिन्दुस्तानी #13/09/2026 #dineshapna


 

★ *अपना मंच — (Gen-A = जागरूक जनता)* ★ ( जनहित की पाठशाला –4 ) 🟥 *अपना मंच का उद्देश्य, Gen-A बनें, सदस्य बनने की योग्यता, सदस्य कैसे बनें?*🟥 *(१) "अपना मंच" का उद्देश्य* *① समस्या से परिणाम तक का कार्य करना* आम जनता की समस्या को न्यूज़ बनाने से लेकर वास्तविक समाधान एवं परिणाम तक ले जाकर जनहित में कार्य करना। *② पर्यावरण एवं जीव रक्षार्थ कार्य करना* समग्र पर्यावरण संरक्षण तथा जीव-जंतुओं की रक्षा के लिए कार्य करना। *③ मूलभूत आवश्यकताओं / समस्याओं के लिए प्रयास करना* आम जनता के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, रोटी, कपड़ा और मकान जैसी मूलभूत आवश्यकताओं की उपलब्धता एवं अधिकारों के लिए कार्य करना। *④ राष्ट्र, सनातन धर्म एवं संविधान को प्रमुख मानना* अपने राष्ट्र, सनातन धर्म और भारतीय संविधान को प्रमुख मानते हुए सत्य, न्याय, जनहित और मानवता के लिए कार्य करना। *(२) Gen-A बनें* *Gen-S* = शिकायत करने वाली जनता *Gen-A* = जागरूक होकर सवाल करने और समाधान के लिए प्रयास करने वाली जनता *अपना मंच — जनता का मंच,* *जनहित के लिए — जनता के साथ।* *(३) अपना मंच के सदस्य बनने की योग्यता* अपना मंच का सदस्य बनने के लिए व्यक्ति — *① समस्या से पीड़ित हो* — व्यक्तिगत या सार्वजनिक समस्या से। *② समस्या - समाधान के लिए स्वयं प्रयास करने को तैयार हो* — केवल शिकायत नहीं, समाधान की दिशा में कार्य करने की इच्छा हो। *③ सत्य एवं ईमानदारी से कार्य करने के लिए सहमत हो* — तथ्य, प्रमाण और सत्य को आधार मानकर कार्य करे। *④ समन्वय एवं संगठन के साथ कार्य करने के लिए सहमत हो* — व्यक्तिगत स्वार्थ से ऊपर उठकर जनहित में मिल-जुलकर कार्य करे। *(४) "अपना मंच" के सदस्य कैसे बनें?* अपना मंच से जुड़ने के लिए :- ◆ लिखित आवेदन करें। ◆apnamanch@gmail.com ईमेल करें। ◆ Apna Manch — WhatsApp Group से जुड़ने के लिए Mobile No. 9414170270 पर सम्पर्क करें। ◆ सदस्यता शुल्क — *₹0 (शून्य)* आइए — *अपना मंच* से जुड़ें, सदस्य बनने की पूर्ण योग्यता हो, समस्या - समाधान के लिए प्रयासरत हो, जनहित के लिए मिलकर संगठित प्रयास करें तथा अपना मंच बोर्ड द्वारा स्वीकृत हो। *CA. Dinesh Chandra Sanadhya* (278) #एक_हिन्दुस्तानी #12/09/2026 #dineshapna








 

Friday, 11 September 2026

★ *अपना मंच — (Gen-A = जागरूक जनता)* ★ ( जनहित की पाठशाला – 3 ) 🟥 *आम जनता की समस्याओं का समाधान क्यों नहीं होता?* 🟥 *(१) जनहित मे समस्याओ की वर्तमान स्थिति —* समस्या केवल यह नहीं है कि सरकार या प्रशासन काम नहीं करता। कई बार समस्या इसलिए भी बनी रहती है क्योंकि— ① जनता को अपने अधिकार और उपलब्ध व्यवस्थाओं की पूरी जानकारी नहीं होती। ② समस्या को व्यक्तिगत शिकायत समझकर लोग अलग-अलग प्रयास करते हैं। ③ समस्या के समाधान के लिए सही विभाग, अधिकारी और कानूनी प्रक्रिया की जानकारी नहीं होती। ④ मौखिक शिकायत के बजाय लिखित प्रमाण और रिकॉर्ड तैयार नहीं किया जाता। ⑤ शिकायत के बाद उसका नियमित Follow-up नहीं होता। ⑥ सबसे महत्वपूर्ण—समस्या के समाधान तक जनता संगठित होकर लगातार प्रयास नहीं करती। इसलिए— *> “जागरूक जनता + संगठित जनता + प्रमाण सहित प्रयास + निरंतर Follow-up = समाधान की सम्भावना अधिक।”* *(२) अपना मंच — समस्या से समाधान तक —* अपना मंच जनता की ओर से शासन-प्रशासन का विकल्प नहीं, बल्कि जनता को उसके अधिकारों एवं उपलब्ध कानूनी/प्रशासनिक व्यवस्था के अनुसार समाधान के लिए जागरूक और सक्षम बनाने का माध्यम है। *(३) समस्या - समाधान के सात (7) चरण —* *① न्यूज/समस्या लेना →* जनहित की समस्या, खबर या प्रमाण प्राप्त करना। *② तथ्य जाँचना →* समस्या की वास्तविक स्थिति और उपलब्ध प्रमाणों की जाँच करना। *③ अधिकार जानना →* सम्बन्धित कानून, नियम, योजना, अधिकार एवं सरकारी व्यवस्था को समझना। *④ जिम्मेदारी तय करना →* किस विभाग/स्थानीय निकाय/अधिकारी की वैधानिक या प्रशासनिक जिम्मेदारी है, यह पता करना। *⑤ प्रमाण सहित आवेदन/कार्यवाही →* सम्बन्धित अधिकारी को लिखित शिकायत/आवेदन, RTI अथवा उपलब्ध उचित कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से विषय उठाना। *⑥ सुनवाई एवं Follow-up →* आवेदन की स्थिति जानना, जवाब लेना और आवश्यकता होने पर उच्च अधिकारी/अपील की प्रक्रिया अपनाना। *⑦ परिणाम तक प्रयास →* समस्या के वास्तविक समाधान तक लगातार प्रयास करना। *(४) अपना मंच का मूल सूत्र —* *न्यूज → तथ्य → अधिकार → जिम्मेदारी → कार्यवाही → फाँलोअप → समाधान* *(५) Gen-A का संदेश —* ◆ “शिकायत करने वाली जनता नहीं, समाधान के लिए जागरूक, संगठित और प्रमाण सहित प्रयास करने वाली जनता बनें। ◆ Gen-A सवाल करेगी, प्रमाण जुटाएगी, सही मंच पर आवाज उठाएगी और समाधान तक प्रयास करेगी। ◆ अपना मंच — न्यूज से परिणाम तक, जनता के साथ-साथ। *CA. Dinesh Chandra Sanadhya* (277) #एक_हिन्दुस्तानी #12/09/2026 #dineshapna


 

★ *अपना मंच - (Gen-A = जागरूक जनता)*-★ ( जनहित की पाठशाला - 2 ) ★ *पत्रकारिता = सत्य + जनहित* ★ 【पत्रकार व न्यूज का सोशल ऑडिटर】 *(१) *पत्रकार* न्यूज को “समाचार” बनाकर जनता तक पहुँचाता है; *न्यूज का सोशल ऑडिटर* उसी न्यूज को “जनहित की कार्यवाही” से जोड़कर उसके परिणाम तक ले जाने का प्रयास करता है। *(२) पत्रकारिता मॉडल की सबसे महत्वपूर्ण बात* यह कहना उचित नहीं होगा कि “पत्रकार केवल पहले दो काम ही करता है और बाकी पाँच काम सोशल ऑडिटर करता है।” *अच्छे पत्रकार भी अधिकार, जिम्मेदारी, फॉलो-अप और परिणाम तक काम करते हैं।* अर्थात् √√√√ *पत्रकारिता का सत्य व जनहित का कार्य पूर्ण सात (7) कार्य करने के बाद ही होता है।*. √√√√ *(३) पत्रकारिता का अधिक सटीक विभाजन* ■ *पत्रकारिता का केन्द्र* — “जनता को सही और तथ्यपूर्ण सूचना देना” ■ *सोशल ऑडिट का केन्द्र* — “उस सूचना को अधिकार, जिम्मेदारी, कार्यवाई और परिणाम से जोड़ना।” इससे *दोनों की भूमिका प्रतिद्वंद्वी नहीं, पूरक* बनती है। *(४) “Gen-A” अभियान के लिए एक प्रभावशाली सूत्र* ■ *पत्रकार से* जानकारी मिलती है। ●१) न्यूज से जानकारी मिलती है। ●२) न्यूज तथ्यों पर आधारित होती है। ■ *सोशल ऑडिट से* उक्त जानकारी की पड़ताल होती है। ●३) कानून से अधिकार पता चलता है। ●४) जिम्मेदारी से जवाबदेही तय होती है। ●५) कार्यवाही से व्यवस्था हिलती है। ●६) फॉलो-अप से मामला जीवित रहता है। ●७) परिणाम से जनता को वास्तविक लाभ मिलता है। इसलिए *पूरा चक्र :* 【📰 न्यूज → 🔍 तथ्य → ⚖️ अधिकार → 🎯 जिम्मेदारी → 📝 कार्यवाही → 👁️ फॉलो-अप → ✅ परिणाम】 *> “सिर्फ खबर पढ़कर संतुष्ट मत होइए — खबर का जनहित में परिणाम भी देखिए।”* *(५) इस जनहित के अभियान का मूल संदेश* ■ *“पत्रकार* न्यूज दिखाए, ■ *सोशल ऑडिटर* न्यूज की सोशल ऑडिट करे, और ■ *"Gen-A जनता* सवाल, प्रमाण और जवाबदेही के साथ परिणाम तक पहुँचे।” *CA. Dinesh Chandra Sanadhya* (276) #एक_हिन्दुस्तानी #11/09/2026 #dineshapna



 

Thursday, 10 September 2026

★ *अपना मंच — (Gen-A = जागरूक जनता)* ★ ( जनहित की पाठशाला - 1 ) 🟥 *हमारा उद्देश्य — आम जनता का वास्तविक जनहित* 🟥 *(१) सभी का उद्देश्य जनहित है तो भी जनहित होता क्यों नहीं -* ◆ *पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य —* 📰 समाचार के माध्यम से आम जनता के *जनहित* की आवाज उठाना। ◆ *प्रशासन का मुख्य उद्देश्य —* 🏛️ प्रशासनिक कार्यों के माध्यम से आम जनता के हित में कार्य करना। ◆ *विधायिका एवं जनप्रतिनिधियों का मुख्य उद्देश्य —* ⚖️ जनता द्वारा चुने जाकर कानून बनाना तथा जनता के हित में शासन-व्यवस्था चलाने में योगदान देना। ◆ *न्यायपालिका का मुख्य उद्देश्य —* ⚖️ कानून के अनुसार न्याय प्रदान करके नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करना। अर्थात्— पत्रकारिता हो, प्रशासन हो, विधायिका हो, जनप्रतिनिधि हों या न्यायपालिका— लोकतांत्रिक व्यवस्था के केंद्र में अंततः जनता और जनहित ही होना चाहिए। *(२) लेकिन सबसे बड़ा प्रश्न यह है —* ❓ यदि सभी व्यवस्थाओं का उद्देश्य जनहित है, तो *धरातल पर आम जनता को उसका पूर्ण और वास्तविक जनहित क्यों नहीं मिल पाता?* यहीं से *जनता की भूमिका शुरू* होती है। ◆ केवल शिकायत करने वाली जनता नहीं, सवाल पूछने वाली जनता। ◆ केवल वोट देने वाली जनता नहीं, अपने अधिकार और कर्तव्य समझने वाली जनता। ◆ केवल व्यवस्था पर निर्भर जनता नहीं, व्यवस्था की वैधानिक एवं लोकतांत्रिक निगरानी करने वाली जनता। *(३) इसलिए हमारा संकल्प है —* ◆ *“आम जनता का जनहित —* केवल बात नहीं, बल्कि तथ्य, प्रमाण, कानून और लोकतांत्रिक कार्रवाई के माध्यम से धरातल पर वास्तविक परिणाम तक पहुँचाना।” ◆ *शुरुआत कहाँ से?* √√ पत्रकारिता के क्षेत्र से। √√ 【जनहित की न्यूज → तथ्य → प्रमाण → अधिकार → जिम्मेदारी → कार्रवाई → फॉलो-अप → परिणाम】 अर्थात् न्यूज को केवल न्यूज बनाकर छोड़ना नहीं, बल्कि जनहित के वास्तविक परिणाम तक ले जाने का प्रयास करना। *(४) इसी सोच के साथ समाधान —* √√√√ *अपना मंच* √√√√ ( Gen-A = जागरूक जनता ) ◆ *हमारा सूत्र —* 【“जानकारी → सवाल → प्रमाण → वैधानिक कार्रवाई → जवाबदेही → समाधान → निगरानी”】 ◆ *हमारा उद्देश्य —* जनता को केवल शिकायतकर्ता नहीं, बल्कि जागरूक, जिम्मेदार और अधिकार-संपन्न नागरिक बनाना। 🟥 *जनहित के लिए — जनता के साथ, जनता के बीच, जनता के पक्ष में।* 🟥 *CA. Dinesh Chandra Sanadhya* (275) #एक_हिन्दुस्तानी #11/09/2026 #dineshapna


 

Wednesday, 9 September 2026

★ *अपना मंच - (Gen-A = जागरूक जनता)*-★ ( राजनीति की पाठशाला - 15 ) 🟥 *Gen-A की मतदान - नैतिकता के 10 कदम* 🟥 【मतदान केवल अधिकार नहीं, *लोकतंत्र के प्रति हमारी नैतिक जिम्मेदारी* भी है।】 🗳️ *मतदान - नैतिकता का अर्थ है —* *① अपना वोट किसी पैसे, उपहार, शराब, लालच* या निजी लाभ के बदले न देना। *② किसी के डर, दबाव, धमकी* या प्रभाव में आकर मतदान न करना। *③ जाति, धर्म, रिश्तेदारी या व्यक्तिगत स्वार्थ से ऊपर* उठकर जनहित में निर्णय करना। *④ प्रत्याशी के वादों से अधिक उसके चरित्र, कार्य, योग्यता* और जनता के प्रति व्यवहार को देखना। *⑤ झूठी खबर, अफवाह या अप्रमाणित आरोप के* आधार पर वोट न देना। *⑥ मतदान की गोपनीयता बनाए* रखना और अपने मत की स्वतंत्रता की रक्षा करना। *⑦ दूसरे मतदाता के वोट को प्रभावित करने के लिए अनुचित साधनों* का प्रयोग न करना। *⑧ मतदान केन्द्र पर शांतिपूर्ण, स्वतंत्र और निष्पक्ष* वातावरण बनाए रखना। *⑨ “मेरा एक वोट क्या कर लेगा?” जैसी सोच छोड़ना* — हर वोट लोकतंत्र की नींव है। *⑩ वोट किसी व्यक्ति पर उपकार नहीं है;* यह जनता द्वारा अपने प्रतिनिधि को दी गई पाँच वर्ष की जिम्मेदारी है।» 🟥 *Gen-A का मतदान मंत्र* “न वोट बिकेगा, न वोट डरेगा, न वोट बहकेगा— वोट केवल सोच-समझकर, जनहित में पड़ेगा।” 🗳️ *अपना वोट — अपनी ताकत* 🇮🇳 *अपना निर्णय — अपनी जिम्मेदारी* 🔥 *Gen-A जागेगा, तभी लोकतंत्र मजबूत होगा।* *CA. Dinesh Chandra Sanadhya* (274) #एक_हिन्दुस्तानी #10/09/2026 #dineshapna






 

Tuesday, 8 September 2026

★ *अपना मंच - (Gen-A = जागरूक जनता)*-★ ( राजनीति की पाठशाला - 14 ) 🗳️ *【मतदान से पहले Gen-A के 10 कदम】* 🗳️ *① आज सिर्फ वोट नहीं देना है —* अगले 5 साल का प्रतिनिधि चुनना है। *② याद रखिए —* आपका वोट बिक गया, तो आपकी आवाज़ भी कमजोर हो जाएगी। *③ पैसा, शराब, उपहार या कोई लालच —* आपके वोट की कीमत नहीं हो सकता। *④ जो चुनाव से पहले आपको खरीदना चाहता है,* उससे चुनाव के बाद क्या उम्मीद करेंगे? *⑤ पोस्टर और प्रचार नहीं —* प्रत्याशी का चरित्र, काम और व्यवहार देखिए। *⑥ पूछिए —* क्या यह व्यक्ति पाँच साल तक जनता के बीच उपलब्ध रहेगा? *⑦ जाति, धर्म, रिश्तेदारी, डर या दबाव नहीं —* अपने वार्ड का हित देखिए। *⑧ एक वोट छोटा जरूर है,* लेकिन हजारों वोट मिलकर पाँच साल की व्यवस्था बनाते हैं। *⑨ मतदान केन्द्र पर जाते समय किसी के प्रभाव में नहीं —* अपना निर्णय लेकर जाइए। *⑩ Gen-A का मंत्र —* “वोट मेरा है, फैसला मेरा है; न लालच में, न दबाव में — केवल जनहित में!” 🗳️ *अपना वोट — अपनी ताकत!* 🇮🇳 *जागो मतदाता — जागो नाथद्वारा!* 🔥 *Gen-A बनो — सवाल करो, सोचो और फिर मतदान करो!* *CA. Dinesh Chandra Sanadhya* (273) #एक_हिन्दुस्तानी #09/09/2026 #dineshapna