dineshapna
Chartered Accountant,Social Activist,Political Analysist-AAP,Spritual Thinker,Founder of Life Management, From India, Since 1987.
Sunday, 23 August 2026
★ *नाथद्वारा नगरपालिका :: पार्षद नेताओं से जनता के 15 सवाल!* ★ (प्रश्नों का जवाब दीजिए और फिर वोट मांगिए!) जनता के सवालों का संतोषजनक जवाब नहीं, तो चुनाव में जनता का निर्णय सर्वोपरि! *(२) पार्षद नेताओं से “जनहित के 15 मुख्य प्रश्न” :—* 1. प्रतिवर्ष करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद भी *सड़क, सफाई व जल निकासी की समस्या क्यों* बनी हुई है? 2. लालबाग बस स्टैण्ड की *जमीन मन्दिर मण्डल से किराए पर लेकर, नगरपालिका ने अन्य व्यक्ति को कैसे* बेची? 3. *शिवमूर्ति की जमीन 30 वर्षों के लिए देने के बाद, उसे 99 वर्ष* के लिए क्यों व कैसे दी? 4. नाथूवास तालाब के पानी निकासी पर *हाईकोर्ट की पूर्ण रोक होने के बावजूद तालाब से पानी क्यों निकाला* गया? व तालाब की पाल मे छः फीट नीचे पाईप लगाकर पानी निकासी क्यों की गई? 5. नाथद्वारा में नियम विरुद्ध निर्माण पर चुप्पी किन्तु *मन्दिर मण्डल के निर्माण को नियम विरुद्ध बताकर करोड़ों रुपये की पैनल्टी क्यों* लगाई गई? 6. नाथद्वारा में *आईकोनिक गेट पर करोड़ों रुपये खर्च करके जनता के सुचारू रूप से आवागमन को बाधित क्यों* किया गया? 7. नगरपालिका की भूमि, *दुकानें एवं अन्य सम्पत्तियां आवंटित/लीज पर देने में पारदर्शिता क्यों नहीं* रखी गई और नगरपालिका को उचित राजस्व क्यों नहीं मिला? 8. जनता से कर एवं अन्य मदों में करोड़ों रुपये वसूलने के बावजूद *वार्डवार विकास कार्यों में कितना पैसा खर्च हुआ और उसका पूरा हिसाब जनता के सामने क्यों नहीं* रखा गया? 9. नाथद्वारा में *पार्किंग की गंभीर समस्या वर्षों से बनी हुई है, तो इसका स्थायी समाधान क्यों नहीं* किया गया? 10. प्रतिवर्ष बरसाती पानी एवं *जलभराव की समस्या होने के बावजूद नालियों एवं पानी निकासी की स्थायी व्यवस्था क्यों नहीं* की गई? 11. नगरपालिका द्वारा *सड़क निर्माण एवं मरम्मत पर करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद सड़कें शीघ्र खराब क्यों* हो जाती हैं और निर्माण की गुणवत्ता की जिम्मेदारी किसकी है? 12. नगरपालिका के विकास कार्यों में *ठेकेदारों को भुगतान करने से पहले कार्य की वास्तविक मात्रा एवं गुणवत्ता का उचित सत्यापन क्यों नहीं* किया जाता? 13. नगरपालिका द्वारा विभिन्न *विकास कार्यों के लिए स्वीकृत करोड़ों रुपये में से कितना पैसा वास्तव में खर्च हुआ, कितना काम पूरा हुआ* और शेष राशि का क्या हुआ? 14. नाथद्वारा में *अतिक्रमण एवं अवैध निर्माण के विरुद्ध कार्रवाई में समानता क्यों नहीं* दिखाई देती और नियम सभी पर समान रूप से लागू क्यों नहीं किए जाते? 15. नाथद्वारा के *भविष्य के विकास की कोई ठोस 5–10 वर्ष की योजना है तो उसे जनता के सामने क्यों नहीं* रखा गया और यदि योजना नहीं है तो इतने वर्षों में शहर का नियोजित विकास क्यों नहीं किया गया? ★ *जनता का सीधा सवाल* ★ “हमें केवल यह मत बताइए कि कितना पैसा स्वीकृत हुआ— यह भी बताइए कि कितना खर्च हुआ, काम कितना पूरा हुआ, गुणवत्ता कैसी रही और जनता को वास्तविक लाभ कितना मिला?” ये व्यक्तिगत आरोप नहीं, जनता के पैसे और जनहित का हिसाब मांगने वाले प्रश्न हैं। 【 *प्रश्न जनता के हैं — जवाब पार्षद नेताओं को देना है!*】 *CA. Dinesh Chandra Sanadhya* (244) | #एक_हिन्दुस्तानी | #23/08/2026 | #dineshapna ● Chartered Accountant ● Social Activist ● Political Analyst ● Spiritual Thinker ● Founder of Life Management
Saturday, 22 August 2026
★ *नाथद्वारा नगरपालिका :: कांग्रेस बोर्ड से जनता के 15 सवाल!* ★ (प्रश्नों का जवाब दीजिए और फिर वोट मांगिए !) जनता के सवालों का संतोषजनक जवाब नहीं, तो चुनाव में जनता का निर्णय सर्वोपरि ! *(१) कांग्रेस बोर्ड से “जनहित के 15 मुख्य प्रश्न” :—* 1. करोड़ों रुपये के विकास कार्यों के बावजूद *Housing Shortage* की समस्या क्यों बनी रही? 2. *Public Land Encroachment* की समस्या का स्थायी समाधान क्यों नहीं हुआ? 3. *Planned Shopping Areas* का अभाव अभी तक क्यों दूर नहीं हुआ? 4. *Roads और Drainage की समस्याएँ* बार-बार क्यों सामने आती रहीं? क्या स्थायी समाधान के लिए कोई Master Plan बना? 5. बड़े कार्यों में *Single Tender की स्थिति* क्यों बनी? क्या निविदा प्रक्रिया, प्रतिस्पर्धा और स्वीकृत दरों की पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित की गई? 6. प्रत्येक बड़े कार्य की *स्वीकृत लागत, वास्तविक भुगतान, Completion Certificate एवं वर्तमान स्थिति* जनता के सामने क्यों नहीं रखी जाती? 7. लगभग *₹16.90 करोड़ के Nathuwas एवं Sihand Talab Renovation* का आज वास्तविक एवं measurable outcome क्या है? 8. लगभग *₹10.30 करोड़ के Eco-Tourism/Park Development* की वर्तमान स्थिति क्या है और जनता को उसका वास्तविक लाभ कितना मिला? 9. ₹6 करोड़ से अधिक के *Krishna Circle Development के बाद भी remaining beautification/development work* की आवश्यकता क्यों पड़ी? 10. लगभग *₹1.495 करोड़ के MRF/Door-to-Door Garbage System का वास्तविक परिणाम क्या रहा?* कितना कचरा वास्तव में segregate/recycle हो रहा है? 11. *Urban Forestation में लगाए गए पौधों* में कितने आज जीवित हैं? उनका survival rate क्या है? 12. *Parking सुविधाओं पर खर्च होने के बावजूद* श्रद्धालुओं एवं स्थानीय नागरिकों की Traffic/Parking समस्या का स्थायी समाधान क्यों नहीं हुआ? 13. *Outsourced Manpower पर कितना खर्च हुआ* और उसके बदले नगरपालिका को वास्तविक measurable output क्या मिला? 14. नगरपालिका की *Own-Source Revenue बढ़ाने के लिए* क्या ठोस एवं दीर्घकालीन कदम उठाए गए? 15. नगरपालिका की सभी *बड़ी परियोजनाओं का Social Audit, Financial Disclosure और वर्तमान स्थिति* जनता के सामने सार्वजनिक क्यों न की जाए? ★ *जनता का सीधा सवाल* ★ “हमें केवल यह मत बताइए कि कितना पैसा स्वीकृत हुआ— यह भी बताइए कि कितना खर्च हुआ, काम कितना पूरा हुआ, गुणवत्ता कैसी रही और जनता को वास्तविक लाभ कितना मिला?” ये व्यक्तिगत आरोप नहीं, जनता के पैसे और जनहित का हिसाब मांगने वाले प्रश्न हैं। *प्रश्न जनता के हैं — जवाब कांग्रेस बोर्ड को देना है !* *CA. Dinesh Chandra Sanadhya* (243) | #एक_हिन्दुस्तानी | #23/08/2026 | #dineshapna ● Chartered Accountant ● Social Activist ● Political Analyst ● Spiritual Thinker ● Founder of Life Management
★ *CA Profession :: Money with Moral* ★ 🇮🇳 *CA बनने की दिशा में — एक मार्गदर्शन* 🇮🇳 केरियर काउंसलिंग प्रोग्राम मे *सीए अन्शुल ठाकुर* ने गांधी सेवा सदन के विद्यार्थियों को सीए प्रोफेशन के बारे मे, सीए की महत्ता, सीए बनने के लिए रजिस्ट्रेशन से लेकर परीक्षा उत्तीर्ण करने के बारे मे विस्तार से बताया। इस अवसर पर *सीए दिनेश चन्द्र सनाढ्य* ने अपने व्यक्तव्य मे बताया कि (१) किसी भी देश की उन्नति के लिए आर्थिक विकास अत्यंत महत्वपूर्ण है। और *आर्थिक व्यवस्था में धन* वही भूमिका निभाता है, जो *शरीर में रक्त* निभाता है। लेकिन केवल धन का प्रवाह पर्याप्त नहीं है— *धन का सही हिसाब, सही उपयोग, पारदर्शिता और वित्तीय अनुशासन भी आवश्यक है।* यहीं Chartered Accountant (CA) की भूमिका सामने आती है। मैं अक्सर कहता हूँ— *«“अर्थव्यवस्था में धन रक्त की तरह है और CA उस व्यवस्था के हृदय की तरह है, जो धन के प्रवाह को सही दिशा देने, उसकी शुद्धता जाँचने और वित्तीय स्वास्थ्य बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।”»* (२) *CA बनने के लिए क्या चाहिए?* CA बनने के लिए केवल बुद्धिमत्ता पर्याप्त नहीं है। आपके अंदर तीन चीजें बहुत महत्वपूर्ण होनी चाहिए— *① दृढ़ इच्छाशक्ति —* कठिन परिस्थितियों में भी लक्ष्य से न भटकना। *② कठिन परिश्रम —* लगातार पढ़ना, समझना और स्वयं को अपडेट रखना। *③ ईमानदारी —* क्योंकि CA का सबसे बड़ा पूंजी उसका विश्वास और पेशेवर नैतिकता है। (३) *CA बनने के फायदे क्या हैं?* *1. सम्मानजनक प्रोफेशन* CA समाज और व्यवसाय जगत में विश्वास एवं जिम्मेदारी से जुड़ा पेशा है। *2. ज्ञान का व्यापक क्षेत्र* Taxation, Accounting, Audit, Finance, Corporate Laws, Business Advisory और Management—अनेक क्षेत्रों में अवसर मिलते हैं। *3. स्वतंत्र प्रैक्टिस का अवसर* आप अपनी Professional Practice स्थापित कर सकते हैं और अपनी पहचान बना सकते हैं। *4. नौकरी और कॉर्पोरेट क्षेत्र में अवसर* उद्योग, बैंकिंग, वित्तीय संस्थान, कंपनियों और विभिन्न संगठनों में करियर के अवसर उपलब्ध हैं। *5. उद्यमिता का आधार* CA बनने के बाद आप केवल दूसरों के व्यवसाय को समझने वाले नहीं, बल्कि स्वयं व्यवसाय और उद्यम स्थापित करने के लिए भी मजबूत वित्तीय समझ विकसित कर सकते हैं। *6. लगातार सीखने का अवसर* कानून, तकनीक, AI और अर्थव्यवस्था में बदलाव के साथ CA का ज्ञान लगातार विकसित होता रहता है। *7. राष्ट्र निर्माण में योगदान* सबसे महत्वपूर्ण बात—एक CA केवल अपने करियर का निर्माण नहीं करता; वह व्यवस्थित, पारदर्शी और जिम्मेदार आर्थिक व्यवस्था के निर्माण में योगदान देता है। (४) *विद्यार्थियों के लिए मेरा संदेश* यदि आपको केवल नौकरी नहीं, *बल्कि ज्ञान, सम्मान, स्वतंत्रता, जिम्मेदारी और राष्ट्र की आर्थिक व्यवस्था में योगदान* करने वाला करियर चाहिए— तो CA को अपने करियर विकल्प के रूप में गंभीरता से विचार कीजिए। लेकिन याद रखिए— **«“CA बनने का सपना आसान है, CA बनना कठिन है;* लेकिन कठिन रास्ते पर दृढ़ता से चलने वालों के लिए CA बनना असंभव नहीं है।”»* *दृढ़ इच्छा शक्ति + कठिन परिश्रम + ईमानदारी + निरंतर सीखना = एक सफल CA* (५) *और अंत मे :-* *«“अच्छा CA केवल खातों का हिसाब नहीं करता, वह विश्वास का हिसाब रखता है और राष्ट्र की आर्थिक व्यवस्था को मजबूत बनाने में योगदान देता है।”»* CA बनिए—अपने भविष्य के लिए, अपने परिवार के लिए और एक मजबूत आर्थिक भारत के लिए। 🇮🇳 *CA. Dinesh Chandra Sanadhya* (242) | #एक_सीए | #21/08/2026 | #dineshapna ● Chartered Accountant ● Social Activist ● Political Analyst ● Spiritual Thinker ● Founder of Life Management
Friday, 21 August 2026
★ *CA Profession :: Money with Moral* ★ *“Tax Audit की पाठशाला”* में Professional Judgement एवं 360° Reconciliation पर जोर राजसमंद, 20 अगस्त 2026। राजसमंद शाखा, ICAI द्वारा आयोजित “Tax Audit की पाठशाला” कार्यक्रम में “Tax Audit Finalisation & 360° Reconciliation — Before Signing Form 3CA/3CB & 3CD” विषय पर CA Members के लिए महत्वपूर्ण एवं व्यावहारिक सत्र आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सेशन चेयरमैन CA दिनेश चन्द्र सनाढ्य ने की, जबकि विषय विशेषज्ञ CA धर्मेन्द्र व्यास ने प्रस्तुति दी। कार्यक्रम का संचालन शाखा सचिव CA प्रिंस श्रीमाली ने किया। कार्यक्रम में CA सुनील बूब, CA महेन्द्र माली सहित अन्य CA Members उपस्थित रहे। सेशन चेयरमैन CA दिनेश चन्द्र सनाढ्य ने कहा कि Tax Audit केवल Form 3CA/3CB एवं Form 3CD भरने का कार्य नहीं, बल्कि Verification, Reconciliation, Evaluation एवं Reporting की professional process है। उन्होंने कहा कि “Tax Audit की पाठशाला” का उद्देश्य कानून की जानकारी के साथ उसके practical application, professional difficulties, professional judgement एवं अनुभवों का आदान-प्रदान करना है। वक्ता CA धर्मेन्द्र व्यास ने Tax Audit finalisation से पूर्व Books, Financial Statements एवं Tax Computation की consistency तथा GST, TDS/TCS, 26AS, AIS/TIS, Bank एवं अन्य statutory data के 360° reconciliation पर विशेष जोर दिया। उन्होंने Section 43B एवं 43B(h), 40A(3), 40(a)(ia), 269SS, 269ST, 269T तथा Sections 68–69C जैसे महत्वपूर्ण risk areas की समीक्षा की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि प्रत्येक material difference के लिए Reason, Evidence एवं Tax Impact स्पष्ट होना चाहिए तथा client के explanation के साथ आवश्यक supporting documentary evidence एवं proper working papers रखना चाहिए। उन्होंने Tax Auditors के लिए संदेश दिया— «“Sign करने से पहले Report को नहीं, पूरे Audit Trail को देखें—Reconcile करें, Verify करें, Document करें और फिर Report करें।”» *CA. Dinesh Chandra Sanadhya* (241) | #एक_सीए | #20/08/2026 | #dineshapna ● Chartered Accountant ● Social Activist ● Political Analyst ● Spiritual Thinker ● Founder of Life Management
Tuesday, 18 August 2026
🇮🇳 *19 से 31 अगस्त 1947 — आजादी के बाद के 13 दिन* 🇮🇳 (■ स्वतंत्रता ■ विभाजन ■ हिंसा ■ मानवता की परीक्षा) 15 अगस्त 1947 को भारत स्वतंत्र हुआ, लेकिन स्वतंत्रता के साथ ही विभाजन की पीड़ा भी सामने आई। *19 से 31 अगस्त के ये 13 दिन बताते हैं कि राष्ट्र निर्माण केवल सत्ता प्राप्त करने का नाम नहीं, बल्कि शान्ति, सुरक्षा, कानून और मानवता की रक्षा का भी दायित्व है।* 🇮🇳 *19–23 अगस्त — हिंसा और विस्थापन* पंजाब में हिंसा, पलायन और विस्थापन बढ़ता गया। हजारों परिवार अपने घर, गाँव और संपत्ति छोड़ने को विवश हुए। संदेश — साम्प्रदायिक हिंसा में सबसे बड़ी कीमत सामान्य नागरिक चुकाता है। 🇮🇳 *24–25 अगस्त — शासन के सामने चुनौती* नये भारतीय शासन के सामने नागरिकों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की गंभीर चुनौती थी। जवाहरलाल नेहरू ने पंजाब की स्थिति का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया और गांधीजी को उसकी गंभीरता से अवगत कराया। संदेश — स्वतंत्रता के बाद सरकार की पहली जिम्मेदारी नागरिकों की सुरक्षा है। 🇮🇳 *26–28 अगस्त — प्रतिशोध नहीं, कानून हिंसा और शरणार्थी संकट के बीच यह आवश्यकता स्पष्ट हुई* कि प्रतिशोध की श्रृंखला को रोककर कानून और शान्ति स्थापित की जाए। संदेश — अन्याय का उत्तर कानून से होना चाहिए, सामूहिक प्रतिशोध से नहीं। 🇮🇳 *29–30 अगस्त — गांधीजी का शान्ति-संघर्ष* कलकत्ता में गांधीजी हिन्दू-मुस्लिम शान्ति के लिए निरन्तर प्रयास करते रहे। माउंटबेटन ने उनकी भूमिका को “One-Man Boundary Force” के रूप में रेखांकित किया। संदेश — जब समाज टूट रहा हो, तब सत्य, साहस और अहिंसा की नैतिक शक्ति भी बड़ी परिवर्तनकारी शक्ति बन सकती है। 🇮🇳 *31 अगस्त — स्वतंत्रता की मानवीय परीक्षा* पंजाब में हिंसा और पलायन जारी था तथा कलकत्ता में गांधीजी को भी हिंसक विरोध का सामना करना पड़ा। *संदेश —* 15 अगस्त की राजनीतिक स्वतंत्रता के बाद सबसे बड़ी परीक्षा थी—क्या हम स्वतंत्रता को मानवता के साथ जी सकते हैं? 🇮🇳 *इन 13 दिनों की सबसे बड़ी सीख* 15 अगस्त ने हमें राजनीतिक स्वतंत्रता दी, लेकिन 19 से 31 अगस्त ने उसकी मानवीय जिम्मेदारी समझाई। *स्वतंत्रता तभी सार्थक है, जब—* न्याय हो • कानून का शासन हो • हर नागरिक सुरक्षित हो • साम्प्रदायिक सद्भाव बना रहे • मानवता सर्वोपरि हो। इतिहास को किसी व्यक्ति या समुदाय को दोष देने के लिए नहीं, *बल्कि वही पीड़ा भविष्य में दोबारा न हो — इस सीख के लिए याद रखना चाहिए।* 🇮🇳 *राष्ट्रहित • जनहित • मानवता* 🇮🇳 यही स्वतंत्रता का सच्चा सम्मान है। *CA. Dinesh Chandra Sanadhya* (240) | #एक_सीए | #19/08/2026 | #dineshapna ● Chartered Accountant ● Social Activist ● Political Analyst ● Spiritual Thinker ● Founder of Life Management
Monday, 17 August 2026
🇮🇳 *18 अगस्त 1947 — इतिहास की मानवीय कीमत और हमारी सीख!* 🇮🇳 15 अगस्त 1947 को भारत स्वतंत्र हुआ, *लेकिन पंजाब में विभाजन की हिंसा और मानवीय त्रासदी जारी थी।* 17 अगस्त को भारत-पाकिस्तान की नई सीमाएँ सार्वजनिक होने के बाद भय, हिंसा और बड़े पैमाने पर पलायन और स्पष्ट हो गया। 18 अगस्त को दोनों सरकारों ने पंजाब में हिंसा रोकने के लिए संयुक्त कार्रवाई का निर्णय लिया। 18 अगस्त कोई एक अलग घटना नहीं, बल्कि विभाजन, सीमा निर्धारण, राजनीतिक मतभेद, प्रशासनिक कठिनाइयों और साम्प्रदायिक हिंसा से उत्पन्न मानवीय त्रासदी का महत्वपूर्ण चरण था। 📌 *जिम्मेदार कौन था?* किसी एक व्यक्ति या समुदाय को दोष देना उचित नहीं। सत्ता हस्तांतरण की जल्दबाजी, राजनीतिक गतिरोध, विभाजन का निर्णय, कम समय में सीमा निर्धारण, प्रशासनिक विफलता और साम्प्रदायिक हिंसा—इन सबने मिलकर त्रासदी को जन्म दिया। 💔 *नुकसान किसका हुआ?* सबसे बड़ा नुकसान आम जनता का हुआ—हिन्दू, मुस्लिम और सिख सभी समुदायों का। लगभग 1.5 करोड़ से अधिक लोग विस्थापित हुए और मृत्यु के ऐतिहासिक अनुमान लगभग 10 लाख से लेकर इससे अधिक तक मिलते हैं। परिवार बिछड़े, घर-जमीन छूटी और पीड़ा पीढ़ियों तक चली। 🇮🇳 *हमने क्या सीखा?* ① राष्ट्रहित और जनहित सत्ता से ऊपर हों। ② बड़े निर्णयों से पहले उनकी मानवीय कीमत समझी जाए। ③ राजनीतिक मतभेद हों, लेकिन हिंसा नहीं। ④ किसी पूरे समुदाय को दोषी ठहराना इतिहास के साथ अन्याय है। ⑤ अफवाह, नफरत और साम्प्रदायिक उन्माद से राष्ट्र कमजोर होता है। ⑥ सच्ची स्वतंत्रता का अर्थ है—नागरिक की सुरक्षा, सम्मान, स्वतंत्रता और भविष्य की रक्षा। 🇮🇳 *15 अगस्त* — स्वतंत्रता का गौरव। 🇮🇳 *16 अगस्त* — राष्ट्रीय स्वाभिमान। 🇮🇳 *17 अगस्त* — निर्णयों के परिणाम। 🇮🇳 *18 अगस्त — उन परिणामों की मानवीय कीमत।* 🇮🇳 *इतिहास का संदेश* इतिहास का प्रश्न *केवल “दोषी कौन था?” नहीं, बल्कि “हमने क्या सीखा?”* भी होना चाहिए। जब राष्ट्रहित, जनहित और मानवता से ऊपर सत्ता, स्वार्थ और राजनीतिक अहंकार आ जाते हैं, *तो उसकी कीमत निर्दोष जनता और आने वाली पीढ़ियाँ चुकाती हैं।* आइए — *इतिहास को नफरत के लिए नहीं, भविष्य को बेहतर बनाने के लिए याद करें।* 🇮🇳 *मतभेद रहें, मनभेद नहीं।* 🇮🇳 विचार अलग हों, हिंसा नहीं। 🇮🇳 राजनीति हो, पर मानवता के साथ। 🇮🇳 *राष्ट्रहित सदैव सर्वोपरि हो।* जय हिन्द! 🇮🇳 | वन्दे मातरम्! 🇮🇳 *CA. Dinesh Chandra Sanadhya* (239) | #एक_सीए | #18/08/2026 | #dineshapna ● Chartered Accountant ● Social Activist ● Political Analyst ● Spiritual Thinker ● Founder of Life Management
Sunday, 16 August 2026
🇮🇳 *15 से 18 अगस्त — इतिहास का संदेश* 🇮🇳 *पन्द्रह अगस्त* ने दी आज़ादी, तिरंगा नभ में लहराया, *सोलह* ने स्वाभिमान जगाया, भारत ने शीश उठाया। *सत्रह* को सीमाएँ खुलीं, बँटवारे का सच आया, *अठारह* ने मानव-पीड़ा का गहरा चित्र दिखाया। *सरहद खिंची तो घर बिछड़े, रिश्ते टूटे, कारवाँ रोए,* हिंसा की उस आँधी में जाने कितने सपने खोए। *काश! जनहित सर्वोपरि होता, सत्ता पीछे रह जाती,* नफरत की हर दीवार उसी क्षण मानवता से ढह जाती। *नेतृत्व अगर मतभेद भुलाकर जन-सुरक्षा को चुनता,* तो शायद इतिहास का घाव कुछ कम गहरा होता। *सत्य-अहिंसा के पथ पर यदि दृढ़ता से सब चलते,* तो कितने निर्दोष प्राण उस त्रासदी से बचते। *आज प्रश्न दोष का कम है, सीख हमारी बड़ी है,* राष्ट्रहित, जनहित, मानवता—इनसे ही भारत की घड़ी है। *स्वतंत्रता केवल सत्ता नहीं—जन-गरिमा की पहचान है,* एकता, शान्ति और मानवता—भारत की सच्ची शान है। 🇮🇳 *CA. Dinesh Chandra Sanadhya* (238) #एक सीए #16/08/2026 #dineshapna ●Chartered Accountant, ●Social Activist, ●Political Analysist, ●Spiritual Thinker, ●Founder of Life Management
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