dineshapna
Chartered Accountant,Social Activist,Political Analysist-AAP,Spritual Thinker,Founder of Life Management, From India, Since 1987.
Monday, 6 July 2026
★ *श्रीकृष्ण का संदेश* ★ *कलियुग में सत्य का दीपक हर मन में फिर जलाना है,* झूठ, छल और बेईमानी से मानव को बचाना है। *धोखा, मिलावट, भ्रष्टाचार का अंत हमें करना होगा,* धर्म, सत्य और न्याय-पथ पर जीवन अपना धरना होगा। *पहले प्रेम से समझाएँ, सद्मार्ग का आह्वान करें,* भटके जन को धर्मयुक्त जीवन का सम्मान दें। *यदि फिर भी वह अन्याय-अधर्म का ही साथ निभाए,* तो विधि और धर्म के बल पर उसका दृढ़ प्रतिकार दिखाएँ। श्रीकृष्ण का संदेश यही—कर्तव्य कभी मत छोड़ो, *अन्याय के सम्मुख झुककर अपना धर्म न तोड़ो।* *करुणा भी हो, शौर्य भी हो, विवेक सदा संग रहे,* सत्य, संयम और साहस से जीवन का हर रंग रहे। धर्म की रक्षा जो करता, उसका जग सम्मान करे, *"धर्मो रक्षति रक्षितः"—यही श्रीकृष्ण का अमर संदेश धरे।* *सीए दिनेश चन्द्र सनाढ्य* *#एक हिन्दुस्तानी* (156) #06/07/2026 #dineshapna
Sunday, 5 July 2026
★ *श्रीकृष्ण का संदेश : धर्म, धैर्य और दृढ़ता* ★ कलियुग में यदि झूठ, धोखा, बेईमानी, मिलावट, भ्रष्टाचार, हिंसा, लूट तथा अन्य प्रकार के अधर्म बढ़ रहे हैं, तो उनका वास्तविक *समाधान श्रीकृष्ण की शिक्षाओं को जीवन में आत्मसात करने में है।* *श्रीकृष्ण की नीति स्पष्ट है :—* ✔ पहले सत्य का मार्ग दिखाइए। ✔ पहले समझाइए और सुधार का अवसर दीजिए। ✔ पहले क्षमा और करुणा का परिचय दीजिए। किन्तु यदि कोई व्यक्ति बार-बार जानबूझकर अधर्म, अन्याय और अत्याचार पर ही अडिग रहे, तो उसके सामने *अन्याय के आगे झुकना भी अधर्म है।* ऐसी स्थिति में *धर्म की रक्षा के लिए साहस, विवेक, संगठन, संविधान और कानूनसम्मत उपायों* से दृढ़ प्रतिकार करना ही श्रीकृष्ण की शिक्षा है। "क्षमा वहीं तक उचित है, जहाँ तक वह अधर्म को बढ़ावा न दे। धर्म वहीं जीवित रहता है, *जहाँ सत्य के साथ न्याय की भी रक्षा होती है।"* आइए, पहले स्वयं धर्म का पालन करें, फिर समाज में धर्म, सत्य, न्याय और उत्तरदायित्व की स्थापना का संकल्प लें। *॥ धर्मो रक्षति रक्षितः ॥* *सीए दिनेश चन्द्र सनाढ्य* *#एक हिन्दुस्तानी* (155) #06/07/2026 #dineshapna
Saturday, 4 July 2026
★ *सीए दिनेश चन्द्र सनाढ्य : चार दशकों की सेवा यात्रा* ★ *चार दशकों की कर्म-साधना, सेवा जिसका सम्मान है,* सीए दिनेश चन्द्र सनाढ्य, राष्ट्र समर्पित जिसकी पहचान है। वित्त, कर, लेखा, पारदर्शिता का जिसने दीप जलाया, *चार्टर्ड अकाउंटेंसी को राष्ट्रसेवा का धर्म बनाया।* शिक्षा, स्वास्थ्य, रक्तदान से मानवता का मान बढ़ाया, *सेवा, समरसता, जन-जागरण का हर संकल्प निभाया।* लोकनीति, संविधान, सुशासन का जिसने मर्म बताया, *सत्य, न्याय और राष्ट्रहित का हर मंच पर स्वर उठाया।* आत्मबल, संस्कृति, नैतिकता का जीवन-मंत्र सिखलाया, *आध्यात्म और कर्मयोग से सफल जीवन का पथ दिखलाया।* *जीवन प्रबन्धन का अनुपम जीवन-दर्शन जग में फैलाया,* स्व से विश्व, परिवार से राष्ट्र और राष्ट्र से परमात्मा तक सफलता का सेतु बनाया। *सीए दिनेश चन्द्र सनाढ्य* *#एक हिन्दुस्तानी* (153) #05/07/2026 #dineshapna
★ *समानता, पारदर्शिता और न्याय की मांग* ★ धर्म सभी का पूज्य रहे, सम्मान सभी को मिले समान, *कानून की छाया में खिले, न्याय बने भारत की पहचान।* *मंदिर, वक्फ़, चर्च, गुरुद्वारा, सबका हो एक ही विधान,* पारदर्शिता से बढ़े विश्वास, सशक्त बने हिंदुस्तान। हर संपत्ति का स्पष्ट लेखा, जनता के सम्मुख आए, *आय-व्यय का सच्चा दर्पण, हर वर्ष जग को दिखलाए।* *स्वतंत्र ऑडिट, निष्पक्ष जांच, समय पर हो हर निर्णय,* दोषी चाहे कोई भी हो, सब पर लागू हो एक न्याय। जब नियम सभी पर एक समान, तब बढ़े जन-जन का मान, *सत्य, जवाबदेही और सेवा, यही बने राष्ट्र की शान।* *न्याय, समानता, पारदर्शिता—यही हमारी पहचान,* इन्हीं सिद्धांतों से होगा, सशक्त, समृद्ध और महान हिंदुस्तान। *सीए दिनेश चन्द्र सनाढ्य* *#एक हिन्दुस्तानी* (152) #04/07/2026 #dineshapna
Friday, 3 July 2026
★ *समानता, पारदर्शिता और न्याय की मांग* ★ धार्मिक आस्था किसी भी समुदाय की हो, *कानून, पारदर्शिता और जवाबदेही के मापदंड सभी पर समान रूप से* लागू होने चाहिए। मेरी विनम्र मांग है कि भारत सरकार सभी धार्मिक संस्थाओं—मंदिर, वक्फ़, चर्च, गुरुद्वारा एवं अन्य सार्वजनिक धार्मिक ट्रस्टों—के लिए एक समान नीति लागू करे, जिसमें— ■ नियमित स्वतंत्र ऑडिट अनिवार्य हो। ■ सभी संपत्तियों का डिजिटल अभिलेखीकरण एवं सार्वजनिक रिकॉर्ड उपलब्ध हो। ■ आय-व्यय का वार्षिक प्रकटीकरण अनिवार्य किया जाए। ■ अनियमितताओं की निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच हो ■ दोषी पाए जाने पर बिना किसी भेदभाव के समान कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। *न्याय तभी सार्थक है,* जब वह सभी के लिए समान हो; और *पारदर्शिता तभी प्रभावी है,* जब वह सभी पर समान रूप से लागू हो। *सीए दिनेश चन्द्र सनाढ्य* *#एक हिन्दुस्तानी* (151) #04/07/2026 #dineshapna
Wednesday, 1 July 2026
★ *समर्पण से राष्ट्र निर्माण ::* *पसीने से अर्थव्यवस्था, रक्त से मानवता* ★ खून-पसीने से जिसने राष्ट्र की तकदीर सँवारी है, चार्टर्ड अकाउंटेंट की सेवा सबसे न्यारी है। वरिष्ठों की तपस्या ने विश्वास की नींव बनाई, सत्य, श्रम और ज्ञान से भारत की शान बढ़ाई। नव-सीए अब लेकर सेवा का पावन अभियान चले, ईमानदारी की मशाल लिए नव निर्माण पथ पर चले। जब रक्तदान की कुछ बूँदें जीवन का दीप जलाती हैं, मानवता की सच्ची पूजा तब धरती पर मुस्काती है। ज्ञान का दान, सेवा का मान, यही हमारी पहचान है, राष्ट्रहित और मानवहित का यही सच्चा अभियान है। पसीना अर्थव्यवस्था को, रक्त मानवता को जीवन देता है, यही सच्चा चार्टर्ड अकाउंटेंट राष्ट्रनिर्माता कहलाता है। 🇮🇳 *सीए दिनेश चन्द्र सनाढ्य* ◆1st Elected Chairman of ICAI (2025-26) ◆Treasurer of ICAI (2026-27) (150) #02/07/2026 #dineshapna
★ *समर्पण से राष्ट्र निर्माण : पसीने से अर्थव्यवस्था, रक्त से मानवता* ★ आज का दिन *केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि तीन महान संकल्पों का संगम है—* CA Foundation Day, वरिष्ठ सदस्यों का सम्मान व नव - योग्य चार्टर्ड अकाउंटेंट्स का अभिनंदन तथा रक्तदान शिविर। पहली दृष्टि में ये तीनों कार्यक्रम अलग-अलग प्रतीत होते हैं, किन्तु यदि इनके *मूल भाव को देखें तो इनकी आत्मा एक ही है— राष्ट्र निर्माण, समर्पण और सेवा ।* आज का यह आयोजन हमें *दो महान सत्य* याद दिलाता है। *पहला—समर्पण की परम्परा।* हमारे *वरिष्ठ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स* ने चार दशकों तक अपने ज्ञान, परिश्रम और ईमानदारी से देश की आर्थिक धारा को सशक्त बनाया है। आज जिन *युवा साथियों ने चार्टर्ड अकाउंटेंसी* की कठिन यात्रा सफलतापूर्वक पूरी की है, वे उसी गौरवशाली परम्परा को आगे बढ़ाने का संकल्प लेकर खड़े हैं। और जब यही *युवा रक्तदान* करते हैं, तो यह केवल रक्तदान नहीं, बल्कि उस समर्पण की परम्परा का मानवीय विस्तार बन जाता है। *दूसरा—जीवन और राष्ट्र, दोनों की सुरक्षा।* *चार्टर्ड अकाउंटेंट* अपने ज्ञान और सत्यनिष्ठा से देश की आर्थिक व्यवस्था को स्वस्थ, पारदर्शी और सुदृढ़ बनाते हैं, जबकि *एक रक्तदाता* अपने रक्त से किसी अजनबी के जीवन की रक्षा करता है। एक राष्ट्र की आर्थिक नाड़ियों को सशक्त करता है, तो दूसरा मानव शरीर की नाड़ियों में जीवन का संचार करता है। हमारे *वरिष्ठ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ने अपने चार दशकों के सफर में* केवल बैलेंस शीट नहीं बनाई, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था, व्यापार, उद्योग और वित्तीय अनुशासन की मजबूत नींव रखी है। उन्होंने अपने *खून जैसा पसीना बहाकर राष्ट्र के आर्थिक स्वास्थ्य की रक्षा की है।* आज उनका सम्मान, वास्तव में उस तपस्या को नमन है। आज जिन *युवा साथियों ने चार्टर्ड अकाउंटेंसी की कठिन यात्रा* सफलतापूर्वक पूरी की है, वे *केवल एक डिग्री प्राप्त नहीं कर रहे, बल्कि राष्ट्र निर्माण की एक बड़ी जिम्मेदारी स्वीकार कर रहे हैं।* अब उनके ज्ञान, सत्यनिष्ठा और परिश्रम से देश की आर्थिक प्रगति को नई दिशा मिलेगी। और इसी अवसर पर आयोजित रक्तदान शिविर इस संदेश को और भी ऊँचाई देता है। *वरिष्ठों ने अपने जीवन का पसीना राष्ट्र को दिया है,* और *नवोदित सीए अपने जीवन का रक्त देकर मानवता के प्रति अपना पहला सामाजिक दायित्व निभा रहे हैं।* *कितना अद्भुत संयोग है —* एक ओर *वर्षों का पसीना* देश की *अर्थव्यवस्था को जीवन* देता है, दूसरी ओर *रक्त की कुछ बूंदें* किसी *इंसान को नया जीवन* दे सकती हैं। *यही चार्टर्ड अकाउंटेंट की वास्तविक पहचान है —* जहाँ आवश्यकता हो, वहाँ *ज्ञान का दान;* जहाँ अवसर मिले, वहाँ *सेवा का दान;* और जहाँ किसी का जीवन बच सके, वहाँ *रक्त का दान।* आइए, आज हम सभी यह संकल्प लें कि हम *केवल सफल चार्टर्ड अकाउंटेंट ही नहीं, बल्कि संवेदनशील नागरिक और सच्चे राष्ट्रनिर्माता भी बनेंगे।* वरिष्ठों की *तपस्या हमारी प्रेरणा* बने, नव-सीए का *उत्साह हमारी शक्ति* बने और रक्तदान की भावना हमारी *मानवता की पहचान बने।* आज का यह संगम हमें सिखाता है कि *सीए का जीवन केवल करियर नहीं, बल्कि राष्ट्र और समाज के प्रति निरंतर समर्पण की यात्रा है*— जहाँ *पसीना अर्थव्यवस्था* को शक्ति देता है और *रक्त मानवता* को जीवन देता है। इसी संदेश के साथ सभी *वरिष्ठ सदस्यों* को शत-शत नमन, सभी *नव-योग्य चार्टर्ड अकाउंटेंट्स* को हार्दिक शुभकामनाएँ तथा सभी *रक्तदाताओं* को हृदय से धन्यवाद। जय हिन्द! जय ICAI. *सीए दिनेश चन्द्र सनाढ्य* ◆1st Elected Chairman of ICAI (2025-26) ◆Treasurer of ICAI (2026-27) (149) #01/07/2026 #dineshapna
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