Monday, 9 March 2026

★ *राष्ट्रधर्मी माता पन्नाधाय 536 व़ीं जन्म जयन्ती* ★ आशापुरा मानव कल्याण ट्रस्ट एवं राजस्थान गुर्जर महासभा के संयुक्त तत्वावधान में एक प्रेरणादायी समारोह का आयोजन किया गया। ट्रस्ट के महासचिव *सीए दिनेश चन्द्र सनाढ्य ने स्वागत भाषण में कहा कि आज का यह आयोजन त्रिवेणी संगम के समान है*। आशापुरा मानव कल्याण ट्रस्ट के अध्यक्ष *नानजी भाई गुर्जर ने कहा कि मेवाड़ राज्य के उत्तराधिकारी की रक्षा हेतु अपने पुत्र चंदन का बलिदान देने वाली पन्नाधाय का त्याग अद्वितीय है और उन्हें औपचारिक रूप से “राष्ट्रधर्मी माता” का दर्जा* दिया जाना चाहिए। कार्यक्रम की शुरुआत प्रातः 10:00 बजे बांण्ड्यावास स्थित पन्नाधाय सर्किल पर पन्नाधाय की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ हुई। समारोह में *राजस्थान गुर्जर महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष हरीश जी भाटी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता कालू लाल गुर्जर ने की।* कार्यक्रम में *राजस्थान प्रदेशाध्यक्ष पुरुषोत्तम फागणा, कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष मोहनलाल वर्मा, समाजसेवी देवकीनंदन ‘काका’, राजसमंद विधायक दीप्ति किरण माहेश्वरी, मालासेरी डूंगरी भगवान देवनारायण मंदिर के मुख्य पुजारी हेमराज जी गुर्जर, समाजसेवी ममता अहीर* सहित महासभा के सभी जिलाध्यक्ष, समाजजन एवं कार्यकर्ताओं की गरिमामयी उपस्थिति रही। *भारतीय जनता पार्टी की नेता संगीता चौहान* द्वारा महिलाओं को उनके उत्कृष्ट सेवा कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। वहीं *ब्रह्मपाल नागर ने पन्नाधाय आरती, पन्नाधाय चालीसा तथा वीर रस के गीत* प्रस्तुत कर सभागार को उत्साह से भर दिया। सायंकाल *राष्ट्रधर्मी माता पन्नाधाय रिसर्च फाउंडेशन एवं साकेत साहित्य संस्थान, राजसमंद के तत्वावधान में पन्नाधाय की स्मृति में सांस्कृतिक काव्य संध्या* का आयोजन किया गया। *सीए दिनेश चन्द्र सनाढ्य (अपना)* #एक हिन्दुस्तानी (102) #09/03/2026 #dineshapna








 

Sunday, 8 March 2026

★ *एक आयोजन त्रिवेणी संगम - 3 दिवस व 3 सम्मान* ★ आशापुरा मानव कल्याण ट्रस्ट एवं राजस्थान गुर्जर महासभा के संयुक्त तत्वावधान में एक प्रेरणादायी समारोह का आयोजन किया गया। ट्रस्ट के महासचिव *सीए दिनेश चन्द्र सनाढ्य ने स्वागत भाषण में कहा कि आज का यह आयोजन त्रिवेणी संगम के समान है*, जहाँ तीन महान अवसर एक साथ जुड़े हैं— राष्ट्रधर्मी आदर्श मातृशक्ति पन्नाधाय जयंती, अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस तथा पर्यावरण चेतना एवं वृक्षारोपण संकल्प दिवस। उन्होंने कहा कि पन्नाधाय का त्याग राष्ट्रनिष्ठा की अमर प्रेरणा देता है, महिला दिवस नारी सम्मान और सशक्तिकरण का संदेश देता है, जबकि पर्यावरण दिवस प्रकृति संरक्षण के प्रति हमारी जिम्मेदारी का स्मरण कराता है। आशापुरा मानव कल्याण ट्रस्ट के अध्यक्ष *नानजी भाई गुर्जर ने कहा कि मेवाड़ राज्य के उत्तराधिकारी की रक्षा हेतु अपने पुत्र चंदन का बलिदान देने वाली पन्नाधाय का त्याग अद्वितीय है और उन्हें औपचारिक रूप से “राष्ट्रधर्मी माता” का दर्जा* दिया जाना चाहिए। इस अवसर पर *ट्रस्ट द्वारा तीन विशिष्ट सम्मान* भी प्रदान किये गये— ◆ *“पन्नाधाय राष्ट्रनिष्ठा सम्मान”* – पन्नाधाय की 18वीं पीढ़ी के सदस्य हेमंत गुर्जर को प्रदान किया गया। ◆ *“नारी शक्ति गौरव सम्मान”* – डॉ. रिद्धि पगारिया, ममता रेबारी, अनिता पटेल, प्रेम देवी धाबाई, मालती बेन, सरिता कुँवर, शकुंतला पामेचा, रेशमा चपराणा, कल्पना यादव, ज्योति चौधरी, ममता अहिर एवं पूजा गुर्जर को उनके उत्कृष्ट सामाजिक कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। ◆ *“हरित संकल्प सम्मान”* – कृष्ण गोपाल गुर्जर, पन्नालाल कुमावत, ऋषभ गुर्जर एवं अमित वर्मा को पर्यावरण संरक्षण में योगदान हेतु सम्मानित किया गया। *सीए दिनेश चन्द्र सनाढ्य (अपना)* #एक हिन्दुस्तानी (101) #08/03/2026 #dineshapna

























 

Tuesday, 3 March 2026

🎨 *होली के पावन अवसर पर एक साहित्यिक समर्पण* 🎨 रंगों के उत्सव और उल्लास के इस शुभ दिन पर सीए दिनेश चन्द्र सनाढ्य द्वारा शब्दों के संकलन से निर्मित *काव्य संग्रह “कर्म से क्रांति तक”* का प्रथम अध्याय आम जनमानस को सादर समर्पित किया जा रहा है। *यह कृति केवल भावनाओं का प्रवाह नहीं, बल्कि कर्तव्य, जागरूकता और परिवर्तन की चेतना का संदेश है।* “कर्म से क्रांति तक” जीवन के उस पथ का प्रतीक है जहाँ निष्ठा से किया गया कार्य ही समाज में सकारात्मक बदलाव लाता है। *होली के इन पवित्र रंगों की तरह यह प्रथम चैप्टर भी समाज में प्रेम, सत्य और उत्तरदायित्व के रंग बिखेरे* — इसी मंगलकामना के साथ यह समर्पण। 🌸 आप सभी को होली की हार्दिक शुभकामनाएँ। 🌸 ------------------------------------ ~~~~~~(१)~~~~~~~ ★ *आओ! लोकतंत्र की होली खेलें* ★ *चार रंगों से सजे धरा पर,* लोकतंत्र का मान बढ़ाएँ, *विधायिका सत्य का गुलाल,* नीति का उजियारा फैलाएँ। *कार्यपालिका कर्म का रंग ले,* अन्याय पर प्रहार करे, मिलावट, अतिक्रमण, भ्रष्टाचार पर खुला प्रहार करे। *न्यायपालिका न्याय का चंदन,* निर्भीक निर्णय दे हर बार, समयबद्ध, पारदर्शी होकर, रखे संविधान का सत्कार। *मीडिया बने सच की पिचकारी,* निडरता का रंग उड़ाए, शिक्षा-स्वास्थ्य के पावन क्षेत्र से, हर माफिया दूर भगाए। *मौन नहीं अब जागरूकता हो,* यही हमारा होली गीत, उत्तरदायी चारों स्तम्भों से, लोकतंत्र बने अति प्रवीण। ~~~~~~(२)~~~~~~~ ★ *कलयुग का सच* ★ *बुरे समय में अपना भी अक्सर साथ न देता है,* जिसे मानो सबसे ख़ास, वही घाव नया देता है। *प्रेम के नाम पर देह का व्यापार बढ़ा जाता है,* सच्चे मन का रिश्ता अब दुर्लभ सा हो जाता है। *विवाह से कतराती सोच, स्वार्थ में उलझी रहती है,* ममता की छाँव भी जैसे धीरे-धीरे बहती है। *ठग ही समाज में आज श्रेष्ठ कहलाता है,* ईमानदार मेहनतकश पेट भर न पाता है। *माँ-बाप और बच्चों में दूरी बढ़ती जाती है,* सच कह दो तो जान पे भी बन आती है। *यही है कलयुग का दर्पण, यही समय की रीत,* फिर भी आशा जीवित है—सत्कर्मों से होगी जीत। ~~~~~~(३)~~~~~~~ ★ *पन्ना धाय का अमर बलिदान* ★ मेवाड़ की पावन धरती पर त्याग का दीप जला, *पन्ना धाय ने मातृत्व से बढ़कर राजधर्म को भला।* *स्वामीभक्ति की ऐसी मिसाल जग में दुर्लभ हुई,* अपने ही लाल को दे, रणभूमि की राह चुन ली। *नन्हे उदयसिंह द्वितीय को आँचल में छुपा बचाया,* राजवंश का दीपक बन, मेवाड़ का मान बढ़ाया। *माँ का हृदय रोया होगा, पर दृढ़ था उसका प्रण,* राष्ट्र रहे सुरक्षित सदा, यही था उसका व्रत-धन। *त्याग, निष्ठा, साहस का वह उज्ज्वल इतिहास है,* पन्ना का बलिदान आज भी भारत की शान है। ~~~~~~(४)~~~~~~~~ ★ *मेरा देश गुलाम क्यों रहा* ★ मेरा देश गुलाम क्यों रहा, यह प्रश्न व्यथित मन पूछ रहा, *आपसी फूट की ज्वाला में, अपना ही घर क्यों जलता रहा।* जब स्वार्थ बना संबंधों से बड़ा, विश्वास बार-बार टूटता रहा, *कुछ अपने ही गद्दार बने, शत्रु संग हाथ मिलाता रहा।* धर्म का गूढ़ संदेश जहाँ, केवल शब्दों तक सिमटता रहा, *श्रीमद्भगवद्गीता का कर्मयोग अधूरा समझ, साहस भी कहीं भटकता रहा।* रणनीति, नीति और धर्मयुद्ध का संतुलन जब छूटता रहा, *शक्ति होते हुए भी नेतृत्व, दिशा बिना ही झुकता रहा।* *विज्ञान, शस्त्र और संगठन में जब हम पिछड़ते जाते रहे,* सागर-पथ, व्यापार, उद्योग सभी पर पराये अधिकार पाते रहे। फिर भी राख तले अंगार बचा, आत्मा का दीप न बुझ पाया, *बलिदानों की तपती धरती से, स्वतंत्रता का सूरज उग आया।* *सीए दिनेश चन्द्र सनाढ्य (अपना)* #एक क्रांतिवीर कवि (4) #03/03/2026 #dineshapna







 

Monday, 2 March 2026

★ *आओ! होली खेले — चार रंगों से, लोकतंत्र के चार स्तम्भों के संग!* ★ होली केवल रंगों का पर्व नहीं, बल्कि जागरूकता, साहस और जिम्मेदारी का प्रतीक है। *लोकतंत्र के चार स्तम्भ—विधायिका, कार्यपालिका, न्यायपालिका और मीडिया* —जब अपने दायित्वों का पूर्ण निर्वहन करें, तभी सच्चे अर्थों में “रंगों की होली” सार्थक होती है। आज आवश्यकता है कि हम प्रश्न करें— 🔹 *मिलावट* के विरुद्ध सख्त कार्रवाई क्यों नहीं? खाद्य सुरक्षा कानूनों का प्रभावी पालन कहाँ है? 🔹 *अतिक्रमण* पर मौन समर्थन या निष्क्रियता क्यों? सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा कौन करेगा? 🔹 *भ्रष्टाचार* के मामलों में ठोस, पारदर्शी और समयबद्ध कार्यवाही क्यों नहीं? 🔹 *शिक्षा व स्वास्थ्य* जैसे पवित्र क्षेत्रों में माफिया तत्वों पर नियंत्रण कब और कैसे? लोकतंत्र में *मौन भी एक प्रकार की सहभागिता बन जाता है।* यदि चारों स्तम्भ अपनी संवैधानिक मर्यादा और उत्तरदायित्व निभाएँ, तो समाज में पारदर्शिता, न्याय और विश्वास का रंग स्वतः गाढ़ा होगा। आइए इस होली पर हम संकल्प लें— *मौन नहीं, जागरूकता का रंग लगाएँ।* *समर्थन नहीं, सत्य का साथ निभाएँ।* और *लोकतंत्र के चारों स्तम्भों को सशक्त, उत्तरदायी व पारदर्शी बनाने में* सक्रिय नागरिक बनें। यही होगी सच्ची लोकतांत्रिक होली। 🌸 *बुरा मत मानो, होली है!* 🌸 *सीए दिनेश चन्द्र सनाढ्य* *#प्रथम निर्वाचित चेयरमैन - राजसमन्द ब्रांच आईसीएआई* (100) #02/03/2026 #dineshapna


 

Sunday, 1 March 2026

★ *लोकतन्त्र के प्रर्वतक व समर्थक – सीए दिनेश चन्द्र सनाढ्य* ★ सीए दिनेश चन्द्र सनाढ्य ने अपने नेतृत्व में विभिन्न संस्थाओं में लोकतांत्रिक मूल्यों को सुदृढ़ किया। 1. *टैक्स बार, राजसमन्द* में पारदर्शिता, चुनाव, सहभागिता एवं सर्वसम्मति की परम्परा स्थापित कर वास्तविक लोकतन्त्र को मजबूत किया। 2. *Indian Red Cross Society, राजसमन्द शाखा* में नियमबद्ध कार्यप्रणाली, चुनाव, सामूहिक निर्णय एवं उत्तरदायित्व सुनिश्चित कराया। 3. *Institute of Chartered Accountants of India की राजसमन्द ब्रांच* में कार्यकारिणी का चुनाव तथा सदस्य सहभागिता आधारित निर्णय प्रणाली को प्रोत्साहित कर लोकतांत्रिक वातावरण को सशक्त किया। 4. *आमजन की समस्याओं* का समाधान संवाद, संवैधानिक प्रक्रियाओं एवं विधिसम्मत तरीकों से कराने का सतत प्रयास किया। *“अपूर्ण” सहयोग से “अपूर्व” सहयोग तक* — यह केवल नारा नहीं, बल्कि सहभागी नेतृत्व की कार्यशैली का प्रतीक है। 🌸 *बुरा मत मानो, होली है!* 🌸 *सीए दिनेश चन्द्र सनाढ्य* *#प्रथम निर्वाचित चेयरमैन - राजसमन्द ब्रांच आईसीएआई* (99) #02/03/2026 #dineshapna


 

★ *आयकर, सीए, टैक्स सलाहकार व एनजीओ के बीच सीधी वार्ता एवं खुला विचार-विमर्श* ★ *नव निर्वाचित चेयरमैन सीए मयंक एन. राठी* ने स्वागत उद्बोधन में कहा कि आयकर विभाग का स्वयं आगे बढ़कर करदाताओं एवं पेशेवरों के बीच आना अत्यंत सकारात्मक पहल है। उन्होंने इसे “कुँआ प्यासे के पास आने” जैसा स्वागतयोग्य प्रयास बताया। *नाथद्वारा मन्दिर मण्डल के प्रतिनिधि सीए दिनेश चन्द्र सनाढ्य* ने कहा कि एनजीओ पंजीयन, कर-छूट एवं आयकर अधिनियम, 2025 के प्रावधानों पर आयकर विभाग, चार्टर्ड अकाउंटेंट्स, टैक्स सलाहकारों एवं एनजीओ प्रतिनिधियों के बीच पहली बार विस्तृत खुला संवाद आयोजित हुआ। *मुख्य वक्ता आयकर अधिकारी (छूट), उदयपुर हेमपाल चौधरी* ने धार्मिक एवं चैरिटेबल ट्रस्टों द्वारा रिटर्न दाखिल करते समय होने वाली सामान्य त्रुटियों—जैसे ITR-7 के स्थान पर अन्य फॉर्म का चयन, धारा 12AB/10(23C) का गलत उल्लेख, समय पर Form 10B/10BB अपलोड न करना, Form 9A/10 न भरना तथा 85% व्यय की शर्तों का पालन न करना—पर प्रकाश डाला। AIS मिलान, TDS विवरण, कॉर्पस दान की सही रिपोर्टिंग एवं निषिद्ध निवेश से बचाव पर विशेष बल दिया गया। उन्होंने बताया कि नये अधिनियम में Registered NPOs हेतु प्रावधानों को अध्याय XVII-B (धारा 332 से 355) में समेकित कर “Self-Contained Code” का स्वरूप दिया गया है, जिससे अनुपालन अधिक पारदर्शी एवं सुव्यवस्थित होगा। कार्यक्रम में आयकर निरीक्षक अजय कुमार, वाइस चेयरमैन डी.एस. मेहता, कार्यकारी सदस्य सीए धर्मेंद्र व्यास, सिकासा चेयरपर्सन सीए कोमल चाण्डक सहित अनेक सीए, टैक्स सलाहकार एवं एनजीओ प्रतिनिधि उपस्थित रहे। मंच संचालन *सचिव सीए प्रिन्स श्रीमाली* ने किया। *सीए दिनेश चन्द्र सनाढ्य* *#प्रथम निर्वाचित चेयरमैन - राजसमन्द ब्रांच आईसीएआई* (98) #01/03/2026 #dineshapna