Chartered Accountant,Social Activist,Political Analysist-AAP,Spritual Thinker,Founder of Life Management, From India, Since 1987.
Wednesday, 2 September 2026
★ *अपना मंच - (Gen-A = जागरूक जनता)*-★ (राजनीति की पाठशाला) *2. पार्षद के प्रमुख अधिकार* राजस्थान नगरपालिका अधिनियम, 2009 की धारा 52 पार्षद/सदस्य के महत्वपूर्ण अधिकारों को स्पष्ट करती है। *(a) नगरपालिका के काम पर ध्यान आकर्षित करना* पार्षद किसी उचित प्राधिकारी का ध्यान— ●नगरपालिका के कार्य में लापरवाही, ●नगरपालिका की सम्पत्ति की बर्बादी, ●किसी क्षेत्र की नागरिक समस्या की ओर आकर्षित कर सकता है तथा सुधार का सुझाव दे सकता है। *(b) अध्यक्ष से प्रश्न पूछने का अधिकार* पार्षद को नगरपालिका के प्रशासन से जुड़े मामलों पर अध्यक्ष से प्रश्न पूछने का अधिकार है। इसका अर्थ है कि पार्षद केवल "काम करवाने वाला व्यक्ति" नहीं है, बल्कि वह प्रश्न पूछने वाला और जवाब मांगने वाला निर्वाचित प्रतिनिधि भी है। *(c) प्रस्ताव रखने का अधिकार* पार्षद नगरपालिका के प्रशासन से जुड़े विषयों पर प्रस्ताव (Resolution) ला सकता है, निर्धारित नियमों के अधीन। *(d) नगरपालिका की बैठकों में भागीदारी* अधिनियम के अनुसार नगरपालिका की सामान्य बैठक नियमित रूप से होनी चाहिए—कम से कम प्रत्येक 60 दिन में एक तथा वर्ष में न्यूनतम छह बैठकें। *CA. Dinesh Chandra Sanadhya* (258) | #एक_हिन्दुस्तानी #02/09/2026 #dineshapna
Subscribe to:
Post Comments (Atom)


No comments:
Post a Comment