Chartered Accountant,Social Activist,Political Analysist-AAP,Spritual Thinker,Founder of Life Management, From India, Since 1987.
Friday, 20 December 2024
★केवल यह ही नहीं करें, किन्तु इससे पहले यह भी करें !★ (१) हम बात करते है कि हमे "आजादी" कैसे मिली ? किन्तु हमे इससे पहले यह बात करनी चाहिए कि ◆ हम गुलाम "कैसे हुए" ? ◆ क्या कारण है कि हम धन व बल से सक्षम होते हुए भी गुलाम रहे ? ◆ "वर्तमान मे" हम गुलामी से मुक्ति के लिए क्या कर रहे है ? ◆ "भविष्य मे" गुलाम नहीं हो, इसके लिए क्या करना होगा ? (२) हम बात करते है कि हमारा "सनातन का इतिहास व गौरव" क्या था ? किन्तु हमे इससे पहले यह बात करनी चाहिए कि ◆ हमारे सनातन व सनातनियों का क्षैत्र / महत्ता "कम क्यों हो रही" है ? ◆ क्या कारण है कि सनातनियों का ही "धर्म परिवर्तन" हो रहे है ? ◆ "वर्तमान मे" हम सनातन की रक्षा के लिए क्या कर रहे है ? ◆ "भविष्य मे" हमे सनातन मे एकता व रक्षार्थ लिए क्या करना होगा ? (३) हम बात करते है कि हमारे "संविधान की महानता" क्या है ? किन्तु हमे इससे पहले यह बात करनी चाहिए कि ◆ हमारे संविधान मे अनावश्यक संशोधन "क्यों हो रही" है ? ◆ क्या कारण है कि "संविधान के विरुद्ध कुछ कानून" बनाये गये ? ◆ "वर्तमान मे" हम संविधान विरुद्ध कुछ कानूनो को हटाने के लिए क्या कर रहे है ? ◆ "भविष्य मे" हम संविधान के विरुद्ध प्रावधानों को हटाने के लिए क्या करना होगा ? (४) हम बात करते है कि "हमारे महापुरुषो व धर्म गुरुओ के आदर्श" क्या थे ? किन्तु हमे इससे पहले यह बात करनी चाहिए कि ◆ हम "महापुरुषों व धर्म गुरुओ को आत्मसात" क्यों नहीं कर रहे है ? ◆ क्या कारण है कि "महापुरुषों व धर्म गुरुओ के बताये "आदर्श मार्ग के विपरीत कार्य" कर रहे है ? ◆ "वर्तमान मे" हम महापुरुषो व धर्म गुरुओ जैसे बनने के लिए क्या कर रहे है ? ◆ "भविष्य मे" हम एकता, शक्तिशाली, ईमानदार व परोपकारी बनने लिए क्या करना होगा ? ★जयश्रीकृष्ण★ सीए. दिनेश सनाढ्य - एक हिन्दुस्तानी #(216) #20/12/24 #dineshapna
Wednesday, 18 December 2024
★कड़वा है, परन्तु सच है !★ ■ भारत व भारतीयों की सभी समस्याओं की जड़ है - "मूल संविधान मे गलत / पक्षपात पूर्ण संशोधन" ! ■ (१) कांग्रेस के शासन काल मे करीब 70 से अधिक बार संविधान संशोधन किये ! इसमें कई ऐसे संशोधन किये जो "संविधान की मूल भावनाओं" व व्यक्ति के "समानता व स्वतंत्रता" के विरुद्ध है ! इस पक्षपात पूर्ण "संविधान संशोधन" के कारण हिन्दू - मुस्लिम की एकता को तोड़ने का कुकृत्य किया गया, जो क्षमा योग्य नहीं है ! (२) कांग्रेस के शासन काल मे "हिन्दू - मुस्लिम की एकता" को तोड़ने के लिए कई "काले कानून" बनाये, जो हिन्दुओं व मूल संविधान के विरुद्ध है ! ऐसे कृत्य करने वाले "मानवता के दुश्मन" है ! (३) मूल संविधान मे गलत / पक्षपात पूर्ण संशोधन के लिए जिम्मेदार कुछ हिन्दू (शान्ति व एकता के दुश्मन) व कुछ राजनैतिक पार्टियां है ! अतः कुछ विशेष धर्म वालों को खुश करने के लिए यह कार्य किया गया, जिससे उनकी "राजनैतिक कुर्सी" कायम रह सके ! (४) इसका समाधान यह है कि "वर्तमान सनातनी" व "भूतपूर्व सनातनी" (कन्वटेड मुसलमान) अपने अतीत को याद रखते हुए, सनातन को बचाने के लिए "एकजुटता" कायम रखते हुए "स्वार्थी राजनैतिक पार्टियों" को वोट नहीं दे व उनका विरोध सभी 365 दिन करे ! 【2024 के सनातनी व 1526 के बाद के (कन्वटेड मुस्लिम) सनातनी एकजुट हो !】 ★जयश्रीकृष्ण★ सीए. दिनेश सनाढ्य - एक हिन्दुस्तानी #(215) #18/12/24 #dineshapna
Monday, 16 December 2024
★कड़वा है, परन्तु सच है !★ ■ I.N.D.I.A. गठबंधन ही INDIA के विरोध मे संविधान विरुद्ध कार्य कर रहा है ! ■ (१) कांग्रेस ही बोल रही है कि संविधान खतरे मे है, किन्तु हकीकत मे कांग्रेस ने ही संविधान की मूल भावनाओं के विरुद्ध "संविधान संशोधन" किये, "संविधान विरुद्ध कानून" बनाये ! और अब "उल्टा चोर कोतवाल को डाँटे" वाला कार्य कर रही हो ! (२) कांग्रेस से टूटे कांग्रेस के अंशों (तूणमूल / राष्ट्रवादी / अन्य) ने मिलकर I.N.D.I.A. गठबंधन बनाया, जो कांग्रेस की मूल भावनाओं के अनुरूप संविधान विरुद्ध कार्य (एक समुदाय विशेष के पक्ष मे) करके संविधान का अपमान कर रहे है ! (३) 2012 मे बनी पार्टी (आप) ने भी सत्ता सुख के लिए "आम आदमी" की बातेँ करके संविधान विरुद्ध कार्य (एक समुदाय विशेष के पक्ष मे) करके संविधान का अपमान कर रहे है ! (४) I.N.D.I.A. गठबंधन की इतनी पार्टियों को संविधान विरुद्ध कार्य करते हुए देखकर "मुस्लिम लीग" भी पीछे क्यों रहे ? इसलिए वह भी "हिन्दुओं के विरोध मे" खुलकर बोलकर संविधान विरुद्ध कार्य कर रही है, जो गलत है ! 【I.N.D.I.A. गठबंधन क्या संविधान विरुद्ध कार्य करके "हिन्दू - मुस्लिम एकता" व "संविधान के लिए खतरा" है ?】 ★जयश्रीकृष्ण★ सीए. दिनेश सनाढ्य - एक हिन्दुस्तानी #(214) #17/12/24 #dineshapna
Sunday, 8 December 2024
★कड़वा है, परन्तु सच है !★ 【धर्म रक्षा = धर्म संरक्षण + अधर्म का नाश】 (१) लोकमाता अहिल्या बाई होल्कर ने "सेवा कार्य" को ही धर्म माना और जनहित के कई कार्य किये ! हमें भी नाथद्वारा मन्दिर को "सरकारी नियंत्रण से मुक्ति" दिलाकर "सेवा कार्य" करना चाहिए और यह सेवा ही हमारा धर्म है ! (२) नाथद्वारा मे हुई विशाल धर्म सभा के मंचस्थ अतिथियों का धन्यवाद ! उनसे निवेदन है कि नाथद्वारा मन्दिर पर सरकारी नियंत्रण होने से नगरपालिका मन्दिर की "जमीन लूट" रही है, अतः मन्दिर की लूटी हुई जमीन पुनः मन्दिर को दिलाने का प्रयास किया जाना चाहिए ! (३) नाथद्वारा मे हुई विशाल धर्म सभा के मंचस्थ अतिथियों का धन्यवाद ! उनसे निवेदन है कि नाथद्वारा मन्दिर पर सरकारी नियंत्रण होने से मन्दिर के "धन को लूटा / दुरुपयोग" किया जा रहा है ! इस मन्दिर के धन की लूट / दुरुपयोग को तुरन्त रोका जाना चाहिए ! (४) नाथद्वारा मन्दिर को "सरकारी नियंत्रण से मुक्ति" का अभियान एक बृजवासी के द्वारा शुरू किया व जनता का भी समर्थन मिल रहा है ! नाथद्वारा मे हुई विशाल धर्म सभा के मंचस्थ अतिथियों से धर्म रक्षार्थ सहयोग की अपेक्षा है ! 【नाथद्वारा मे मन्दिर के धन व जमीन की लूट / दुरुपयोग ही "अधर्म" है ! अतः नाथद्वारा मन्दिर "सरकारी नियंत्रण से मुक्त" हो !】 ★जयश्रीकृष्ण★ सीए. दिनेश सनाढ्य - एक हिन्दुस्तानी #(213) #09/12/24 #dineshapna
★कड़वा है, परन्तु सच है !★ 【संविधान को हाथ मे लेने के साथ, उसे पढ़ें व समझे !】 (१) आप संविधान को हाथ मे लेकर जनता को बताने के साथ यह पढ़कर भी बताये कि इसमे हिन्दुओं व सनातन के विरुद्ध कौन कौन से संविधानिक प्रावधान है ? (२) आप व आपका परिवार अपने आपको हिन्दू / सनातनी बता रहा है तो यह बताये कि आपके परिवार ने कितने व कौन कौनसे संविधान विरुद्ध व हिन्दुओं के खिलाफ कानून बनाये ? (३) संविधान को बचाने के लिए आप बाते कर रहे है तो कृपया इसे पढ़कर यह बताये की आपके परिवार ने इसमें जो परिवर्तन किये, उससे हिन्दुओं व सनातनियों को कितना नुकसान हुआ है ? (४) आपके परिवार / कांग्रेस ने संविधान की प्रस्तावना मे "धर्मनिरपेक्षता" शब्द जोड़ा है, अच्छी बात है ! तब क्या "धर्मनिरपेक्षता" के विरुद्ध बने संविधानिक प्रावधानों व कानूनों को क्यों नहीं हटाये ? ★जयश्रीकृष्ण★ सीए. दिनेश सनाढ्य - एक हिन्दुस्तानी #(212) #08/12/24 #dineshapna
Thursday, 5 December 2024
★सक्षम, समृद्ध व वैज्ञानिक सनातन धर्म होने के बावजूद ऐसी दुर्दशा कुछ सनातनियों व विधर्मियों के कारण !★ (१) सर्वप्रथम कुछ सनातनियों के द्वारा गलत बनाये गये ◆संविधान की मूल भावनाओं के विपरीत संविधानिक प्रावधानों को बदले ! ◆संविधान विरुद्ध 30 काले कानून जो सनातन (हिन्दू) विरोधी है, उन्हें बदले ! ◆हिन्दू मन्दिरों को सरकारी नियन्त्रण से मुक्त करावे ! (२) कुछ सनातनियों के द्वारा पैदा किये ◆जातिवाद के जहर व भेदभाव को समाप्त करे ! ◆"सक्षम लोग" (राजा/नेता/मठाधीश/धर्म के ठेकेदार) व "आम जनता" सनातन के लिए एकजुट रहे, भाईचारा रखे व अन्य किसी के साथ मिलकर सनातन को नुकसान नहीं पहुँचाये ! क्योंकि इसकी मूल जड़ "सक्षम लोगों" के द्वारा किया जा रहा "अनीति व अन्याय" ही है ! (३) वर्तमान सभी सनातनी मिलकर इन "कन्वर्टेड मुसलमान" व "कन्वर्टेड ईसाई" को अपने पूर्वजों की ओर लोटाकर उन्हें मन व कर्म से पुनः सनातन (प्रेम/दया/भाईचारा/परोपकार/विश्व बन्धुत्व) की ओर लौटाये ! इसके लिए सामाजिक, राजनैतिक व संवैधानिक स्तर पर शीघ्र व ठोस कार्य हो ! (i) भारत में "कन्वर्टेड मुसलमान" है :- ●कुल मुसलमान : 22 करोड़ (2024 अनुमान) ●कन्वर्टेड मुसलमान : 17.60 - 19.80 करोड़ (80 - 90%) (ii) भारत में "कन्वर्टेड ईसाई" है :- ●कुल ईसाई : 3 करोड़ (2024 अनुमान) ●कन्वर्टेड ईसाई : 2.40 - 2.70 करोड़ (80 - 90%) (४) हम सनातनियों ने ही सनातन धर्म को नुकसान पहुँचाया है तो उसे सुधारने की जिम्मेदारी भी हमारी है ! इसके लिए हम प्रत्येक सनातनियों को व्यक्तिगत व सामुहिक स्तर पर आज से ही ●कार्य करने की आवश्यकता है और जो भी सनातन के लिए कार्य कर रहा है उसे ●सहयोग करना होगा ! हम से अलग हुए ●कन्वटेड को उनके पूर्वजों से मिलाना होगा ! हमें किसी भी स्थिति मे ●एकजुट रहना होगा व सनातन को ही सर्वश्रेष्ठ मानते हुए कार्य करना होगा ! 【★【मैने सनातन के लिए "नाथद्वारा मन्दिर को सरकारी नियंत्रण से मुक्ति" का कार्य शुरू कर दिया है, आपका सहयोग अपेक्षित है !】★】 ★जयश्रीकृष्ण★ सीए. दिनेश सनाढ्य - एक हिन्दुस्तानी #(211) #05/12/24 #dineshapna
Wednesday, 4 December 2024
★सक्षम, समृद्ध व वैज्ञानिक सनातन धर्म होने के बावजूद संविधानिक प्रावधान व कानून इसके विरुद्ध क्यों ?★ (१) लोकतंत्र मे बहुमत से निर्णय होते है तो भी बहुसंख्यकों के विरुद्ध "संविधानिक प्रावधान" बनाये गये ! ◆संविधान के अनुच्छेद 25 से 28 तक धार्मिक स्वतंत्रता प्रदान की गई है, किन्तु सनातनीयो (हिन्दुओं) को नहीं ! ◆संविधान के अनुच्छेद 29 और 30 के तहत धार्मिक और भाषाई अल्पसंख्यकों को अपनी शैक्षणिक संस्थाएं स्थापित करने और उनका प्रबंधन करने का अधिकार है, किन्तु बहुसंख्यकों (हिन्दुओं) को नहीं ! ◆भारतीय संविधान की प्रस्तावना में "धर्मनिरपेक्ष" (Secular) शब्द 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 के माध्यम से जोड़ा गया था, जो बहुसंख्यकों (हिन्दुओं) के विरुद्ध ! (२) भारतीय संविधान के तहत सभी कानूनों को संविधान के साथ संगत होना चाहिए, लेकिन समय-समय पर "कुछ कानूनों" को संविधान के मूल सिद्धांतों जैसे समानता, स्वतंत्रता और धर्मनिरपेक्षता के खिलाफ माना जाता है। जो सनातनियों (हिन्दुओं) के विरुद्ध है ! ◆हिन्दू धार्मिक ट्रस्ट और चैरिटेबल एन्ड रिलीफ एक्ट (HR&CE Act) 1951 ◆मध्य प्रदेश सार्वजनिक धार्मिक ट्रस्ट अधिनियम, 1951 (Madhya Pradesh Public Trust Act, 1951) ◆राजस्थान पब्लिक ट्रस्ट एक्ट, 1959 (Rajasthan Public Trust Act, 1959) ◆राजस्थान देवस्थान नियम, 1973 (Rajasthan Devasthan Rules, 1973) ◆"प्लेस ऑफ वर्शिप एक्ट, 1991" ◆वक्फ अधिनियम, 1954 (Waqf Act, 1954) व बाद में संशोधित कर वक्फ अधिनियम, 1995 ◆नाथद्वारा मन्दिर मण्डल एक्ट, 1959 ◆तमिलनाडु हिंदू धार्मिक और धर्मार्थ बंदोबस्ती अधिनियम, 1959 (Tamil Nadu Hindu Religious and Charitable Endowments Act, 1959) ◆मुस्लिम पर्सनल लॉ (शरिया कानून), 1937 ◆कर्नाटक हिंदू धार्मिक संस्थान और धर्मार्थ बंदोबस्ती अधिनियम, 1997 (Karnataka Hindu Religious Institutions and Charitable Endowments Act, 1997) ◆श्री काशी विश्वनाथ विशिष्ट क्षेत्र विकास परिषद अधिनियम, 2019 ◆उत्तराखंड चारधाम देवस्थानम प्रबंधन अधिनियम, 2019 (Uttarakhand Char Dham Devasthanam Management Act, 2019) ◆श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड अधिनियम, 1986 (Shri Mata Vaishno Devi Shrine Board Act, 1986) ◆आंध्र प्रदेश धार्मिक और धर्मार्थ बंदोबस्ती अधिनियम, 1987 (Andhra Pradesh Charitable and Hindu Religious Institutions and Endowments Act, 1987) ◆श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड अधिनियम, 2000 (३) सनातन धर्म का केन्द्र है हिंदू मंदिर ! इसलिए उन पर विशेष कानून बनाकर "सरकारी नियंत्रण" किया गया, जबकि अन्य धर्मों (जैसे मस्जिदों और चर्चों) के धार्मिक स्थलों पर यह नियंत्रण नहीं है ! जो अनुच्छेद 14 (समानता) और अनुच्छेद 26 का उल्लंघन है ! हिन्दू मन्दिरों पर सरकारी नियंत्रण होने से ◆आय का दुरुपयोग ! ◆जमीन व सम्पत्तियों की लूट ! ◆प्रबंधन में धार्मिक समुदाय की भागीदारी मे कमी ! ◆पारदर्शिता की कमी व भ्रष्टाचार मे वृद्धि ! (४) सनातन धर्म के विरुद्ध संविधानिक प्रावधान व कानून बनाने के लिए "जिम्मेदार" है - ◆डर या लालच से बदले सनातनी ! ◆सक्षम व स्वार्थी सनातनी ! ◆सेकुलर व डरपोक सनातनी ! ◆कुछ मठाधीश व धर्म के ठेकेदार ! ★जयश्रीकृष्ण★ सीए. दिनेश सनाढ्य - एक हिन्दुस्तानी #(210) #04/12/24 #dineshapna
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