Sunday, 15 September 2024

★अंतर्राष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस (15 सितंबर) की शुभकामनाएँ !★ (१) "लोकतंत्र" के चार स्तम्भ (विधायिका, न्यायपालिका, कार्यपालिका व मिडिया) मिलकर आम जनता के लिए कार्य करते है ! (२) न्यायपालिका ने अतिक्रमण हटाने व जल संरक्षण (नाथूवास तालाब, नाथद्वारा) के लिए दो आदेश देकर अपना कर्तव्य निभा दिया ! (३) किन्तु "विधायिका" (एक विधायक जल संरक्षण की तो दूसरा विधायक जल बर्बादी के कार्य कर रहा है !) "कार्यपालिका" (एक जल बर्बादी के आदेश दे रहा है तो दूसरा जल बर्बादी पर चुप है !) "मिडिया" (जल संरक्षण व जल बबाँदी की न्यूज तो छाप रहा है किन्तु हाईकोर्ट के आदेश की अवमानना व विधायिका / कार्यपालिका की हकीकत को नहीं छाप रहा है !) (४) आम जनता को न्याय कैसे मिले ? लोकतंत्र के चार स्तम्भों मे से तीन स्तम्भ (नाथूवास तालाब, नाथद्वारा के सन्दर्भ मे) असफल / फेल हो रहे है ! अब आज आम जनता को "अंतर्राष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस" पर केवल एक स्तम्भ (न्यायपालिका) पर भरोसा टिका हुआ है ! सीए. दिनेश सनाढ्य - एक हिन्दुस्तानी #(185) #15/09/24 #dineshapna











 

★आम जनता असमंजस मे "जल संरक्षण" करें या "जल बर्बादी" करें ?★ (१) नंदसमंद बांध पर जल महोत्सव मे "जल संरक्षण" का सन्देश देने के लिए "धन्यवाद" ! (२) नाथूवास तालाब पर जल दहनोत्सव मे "जल बर्बादी" का कार्य करने के लिए "बहुत धन्यवाद" ! (३) हाईकोर्ट के आदेशों के विरुद्ध जाकर "जल संरक्षण" के स्थान पर "जल बर्बादी" करने का कठिन कार्य करने वालो व उसमें प्रत्यक्ष / अप्रत्यक्ष सहयोग करने वालों को "बहुत - बहुत धन्यवाद" ! (४) देश भर के सभी बांध /तालाबों का "जल स्तर बढ़" रहा है किन्तु देश का एकमात्र तालाब जिसका दिन प्रतिदिन "जल स्तर घट" रहा है ! इस अद्भुत, अद्वितीय व विलक्षण कार्य करने वालों को "बहुत - बहुत - बहुत धन्यवाद ! सीए. दिनेश सनाढ्य - एक हिन्दुस्तानी #(184) #15/09/24 #dineshapna













 

Saturday, 7 September 2024

★गणेश चतुर्थी की शुभकामनाएँ !★ आइए ! हम इस शुभ दिन पर भगवान श्री गणेश जी से विश्व ●शांति, ●सद्भाव और ●समृद्धि के लिए "प्रार्थना करें" ! (१) हम प्रार्थना के साथ ●शांति, ●सद्भाव और ●समृद्धि के लिए "कर्म भी करे" ! (२) श्रीकृष्ण के "कर्म के सिद्धांत" के अनुसार कर्म करने पर ही श्री गणेश जी हमारी प्रार्थना सुनकर ●शांति, ●सद्भाव और ●समृद्धि देगे ! (३) इसके साथ ही हमें श्रीकृष्ण के अनुसार "धर्म की पालना व रक्षा" भी करनी होगी तथा "अधर्म" फैलाने वालों को रोकना भी होगा ! (४)आजकल अधर्म कुछ "नेता, अधिकारी व सक्षम लोग" फैला रहे है, इसलिए हमे इनका विरोध करने के साथ संविधान / कानून के हथियार का साथ लेकर लड़ना होगा ! तब ही हम सभी ●शांति, ●सद्भाव और ●समृद्धि के साथ रह सकते है ! सीए. दिनेश सनाढ्य - एक हिन्दुस्तानी #(183) #07/09/24 #dineshapna


 

Monday, 2 September 2024

★ BJP / CONGRESS / AAP मे से किसका साथ दे ? ★ BJP - देश व सनातन के लिए किये कार्यों का धन्यवाद ! किन्तु आम जनता का हक अडानी व अम्बानी को देना गलत है ! 【20% गलत है ?】 CONGRESS - देश को आजादी व विकास कार्यों के लिए धन्यवाद ! किन्तु हिन्दू विरोधी कानून व भ्रष्टाचार की अति करना गलत है ! 【80% गलत है ?】 AAP - आम जनता व ईमानदारी के साथ किये कार्यों का धन्यवाद ! किन्तु कांग्रेस के साथ जाना व हिन्दुओं के विरुद्ध बने कानून पर चुप रहना गलत है ! 【20% गलत है ?】 सीए. दिनेश सनाढ्य - एक हिन्दुस्तानी #(182) #02/09/24 #dineshapna


 

★पुष्टिमार्ग के धर्म रथ से अधर्म पर विजय पाने के लिए धन नहीं, श्रीकृष्ण जैसा सारथी चाहिए - एक बृजवासी !★ (१) यदि आपको ऐसा लगता है कि यह पुष्टि मार्ग पर हो रहे दुष्प्रहार के नाश हेतु लड़ी जाने वाली लड़ाई है तो आपके साथ एक बृजवासी भी है ! (२) जिस प्रकार रथ मे विराजकर श्रीकृष्ण ने पाण्डवों को अधर्म पर विजय दिलाई थी ! तो मै यहाँ स्पष्ट करना चाहता हूँ कि श्रीकृष्ण अर्जुन के रथ पर विराजकर नहीं, सारथी बनकर अधर्म पर विजय दिलाई ! (३) वर्तमान मे श्रीकृष्ण सारथी के रूप मे नहीं आ सकते है तो श्रीकृष्ण के सखा बृजवासी तैयार है ! इसके लिए आपको एक बृजवासी को सारथी बनाना होगा ! (४) श्रीकृष्ण जब अर्जुन के रथ के सारथी बने तो केवल स्वयं ही साथ आये, उनकी सेना व धन उनके साथ नहीं लाये थे ! इसलिए श्रीनाथजी मन्दिर मण्डल से 5 (पांच) करोड़ रुपये का प्रोविजन पारित करने की कोई आवश्यकता नहीं है ! केवल श्रीकृष्ण के सखा (एक बृजवासी) को ही लेना पर्याप्त है ! 【आप इस धन माया के चक्कर को छोड़कर केवल श्रीकृष्ण के सखा को सारथी बनाये ! उसके बाद हमारा धर्म रुपी रथ का पहिया कभी रुकने वाला नहीं है !】 सीए. दिनेश सनाढ्य - एक बृजवासी #(181) #31/08/24 #dineshapna





 

Thursday, 29 August 2024

★एक मात्र अटल सत्य - मृत्यु !★ (१) "मृत्यु" के सत्य को हमेशा "याद रखना" चाहिए क्योंकि ऐसा करने से मन में क्रोध, लोभ, घृणा और दूसरे दुर्गुण नहीं जन्म लेते है ! (२) "मृत्यु" को "याद रखने" से भगवान की याद भी बनी रहती है ! (३) "मृत्यु" के बाद कोई भी व्यक्ति अपने साथ कुछ चीज नहीं ले जा सकता है ! इसीलिए हमें धर्म के अनुसार ही कर्म करना चाहिए ! मनुष्य के "कर्म" उसे मृत्यु के बाद भी संसार में जीवित रखते हैं। "धर्म और सद्कर्म" करने वाला व्यक्ति सदा याद किया जाता है। (४) 'मृत्यु' को "प्रतिदिन याद" रखने से "दुर्गुण" से दूर व "भगवान / धर्म / सद्कर्म" के पास रहते है ! इस अटल सत्य को प्रतिदिन कुछ नेताओं / कुछ अधिकारियों / कुछ मठाधीशों / कुछ सक्षम लोगों को याद रखना चाहिए ! जिससे उक्त व्यक्ति स्वार्थ / लोभ / लालच / बेईमानी को छोड़कर केवल आम जनता के हित मे ही कार्य करें ! ★मै तो 09/01/2049 को प्रतिदिन याद रखता हूँ !★ सीए. दिनेश सनाढ्य - एक हिन्दुस्तानी #(180) #29/08/24 #dineshapna


 

Wednesday, 28 August 2024

★नन्द के घर आनंद भयो ; जय कन्हैया लाल की !★ ★जन्माष्टमी मनाने के साथ ; श्रीकृष्ण को आत्मसात करें !★ (१) •"नन्द के घर आनंद भयो"• - यदि आप चाहते है कि आपके घर मे भी आनन्द हो तो •"जय कन्हैया लाल की"• केवल बोलने से काम नहीं चलेगा ! इसके लिए आपको "नन्द बावा" बनना होगा व आपके घर मे "श्रीकृष्ण" को लाना होगा अर्थात् श्रीकृष्ण के गुणों को आत्मसात करना होगा ! (२) हम चाहते है कि हमारे घर मे भी आनन्द हो किन्तु हम अपने अन्दर "कंस" को बसाये बैठे है और हमारे आस पास भी "कंस" को बैठा रखा है या उसे संरक्षण दे रखा है ! हमारे आस पास अन्याय हो रहा है तो भी हम चुप है क्योंकि हम सोचते है कि दूसरे के साथ हो रहा है, हम क्यों चिन्ता करें ! जब कुछ समय बाद वहीं अन्याय हमारे साथ होता है तब हम कुछ नहीं कर पाते है और दूसरे भी हमारी मदद नहीं करते है ! इस प्रकार "हमारे घर आनन्द" नहीं आ सकता है ! इसके लिए हमें श्रीकृष्ण को आत्मसात करते हुए "अन्याय के विरुद्ध आवाज" उठानी होगी ! (३) हमारे घर के आनन्द को खत्म करने वाले "कंस" है ! आजकल के "कंस व उनके सखा" (कुछ नेता / कुछ अधिकारी / कुछ मठाधीश / कुछ सक्षम लोग) है ! यह कंस अपने तुच्छ स्वार्थ के लिए हमारे धन / जमीन / सुविधाओं / धार्मिक भावनाओं के साथ लूट / छेडछाड / ठेस पहुंचाने का कार्य करते है ! इससें ही "हमारे घर का आनन्द" खत्म हो रहा है ! आज से 5252 वर्ष पूर्व "कंस" ने मथुरा, वृन्दावन व गोकुल की आम जनता को दु:खी कर रखा था ! श्रीकृष्ण ने उस अन्यायी का अन्त करके मथुरा, वृन्दावन व गोकुल की आम जनता को आनन्द दिलाया ! अतः हमें भी श्रीकृष्ण बनना होगा ! (४) हमारे नाथद्वारा मे आम जनता के लिए "कुछ विकास कार्य" हुए जो जनहित मे होना बताया गया किन्तु हकीकत मे "जनता के हित" मे होने के बजाय "सक्षम लोगों के हित" मे हुए और उल्टा जनता के धन व जमीन की बबार्दी होकर जनता को असुविधा व असुरक्षा देने वाला साबित हो रहा है जैसे :- ●फोरलेन, ●माँडल बस स्टैण्ड, ●आईकोनिक गेट, ●विश्व की सबसे बडी मूर्ति व ●मन्दिर द्वारा किये गये निर्माण कार्य आदि ! उक्त कार्य "श्रीकृष्ण" ने कराये या "कंस" ने ? उक्त कार्य "जनहित" मे है या स्वहित" मे ? इसका फैसला आम जनता करें ! ★नन्दोत्सव की शुभकामनाएं !★ सीए. दिनेश सनाढ्य - एक हिन्दुस्तानी #(179) #27/08/24 #dineshapna