Friday, 3 August 2018

"गौरव यात्रा" कही "गो-बेक" यात्रा तो नहीं ? ★★★★★★★★★★★★★★★★★★★ राजस्थान गौरव यात्रा तो निकलनी चाहिए , किन्तु बीजेपी पार्टी के पैसो से , न कि सरकारी पैसो से । राजसमंद में खुलकर सरकारी मशीनरी व सरकारी धन का दुरुपयोग हो रहा हे। आम जनता के धन को क्यों केवल वोटो के लिए बर्बाद किया जा रहा हे । आम आदमी पार्टी के दिनेश सनाढ्य ने कहा कि एक और राजसमंद का गौरव पथ पिछले दो साल से अधूरा पड़ा हुआ हे तथा दूसरी और अनावश्यक सड़क के ऊपर सड़क बना कर पैसा बरबाद किया जा रहा हे । एक बार अमित शाह व वसुंधरा की गौरव यात्रा राजसमंद के गौरव पथ से गुजारनी चाहिए, जिससे यह पता चल सके जनता का गौरव पथ बनने में दो साल लगते हे तथा अधूरे कार्य से कई दुर्घटनाए व दो मोते भी हो गई । राजसमंद के विधायक ने राजसमंद के विकास से ज्यादा अतिक्रमण व अवैध निर्माण को खुलकर अधिकारिओ के माध्यम से किया ! गौरव यात्रा में सरकार के उपयोगी कार्य आम जनता को बताना ही उद्देश्य हे तो क्यों नहीं वास्तविकता में आम जनता को जनहित के कार्यो से फायदा पूर्णरूप से पहुंचाया जाय । जैसे राजसमंद झील भरने के नाम पर खारी फीडर पर करोडो रुपए बर्बाद किये व जनता को बेवकूफ बनाने के लिए देवास योजना का झूठा झांसा दिया । जबकि केवल खारी फीडर को ही दुगना कर देते तो करोडो गैलन पानी बनास में व्यर्थ नहीं जाता । मार्बल माइंस की पर्यावरण ऍन ओ सी के नाम पर करोड़ रुपए लूटने के बाद भी पर्यावरण व जल संरक्षण का कोई फायदा नहीं हुआ जबकि पर्यावरण के नाम पर केवल सभी माईन्सो का पानी चैनल के माध्यम से झील में लाने की व्यवस्था की होती तो आम जनता को वास्तविकता में फायदा होता । इसी तरह फोरलेन व सड़क विकास के नाम पर गोमती उदयपुर फोरलेन पर आम जनता के लिए मौत का फोरलेन बना दिया व अनावश्यक 1200 करोड़ रुपए से ज्यादा का टोल टेक्स वसूला जा रहा हे । यह फोरलेन न ही आम जनता , न ही शहरवासी , न ही वाहन चालक , न ही प्रशासन , न ही सरकार , न ही पर्यावरण के लिए फायदेमंद हे और न ही सुविधा जनक हे । केवल सदभाव कम्पनी व कुछ भ्रष्ट नेताओ व अधिकारियों के लिए फायदेमंद हे तो आमजनता इन्हे क्यों वोट दे । यहाँ कुछ हकीकत राजसमंद की ही तो बीजेपी इस राजस्थान गौरव यात्रा के माध्यम से सरकारी धन का दुरूपयोग कर आम जनता को क्या बताना चाहती हे । जबकि राजसमंद की आम जनता बीजेपी की हकीकत जानती हे, उसी प्रकार राजस्थान की आम जनता भी जानती हे ! पिछले 70 वर्षो में विकास व जनहित के जो कार्य हुए हे, उसका आम जनता को नाम मात्र का फायदा हुआ हे , जबकि वास्तविकता में बीजेपी व कांग्रेस के भ्रष्ट नेताओ को अत्यधिक फायदा हुआ है । जो आम जनता जान चुकी हे । इसीलिए अबकी बार न बीजेपी , न कांग्रेस , केवल आम आदमी की सरकार होनी चाहिए व होगी ! दिनेश सनाढ्य जिलाध्यक्ष - आम आदमी पार्टी 02.08.2018








Wednesday, 1 August 2018

पर्यावरण संरक्षण व संवर्धन सतत हो- स्वामी ब्रजभूषण जी महाराज पर्यावरण चेतना , संरक्षण , संवर्धन एक दिन , एकसप्ताह , एक वर्ष का विषय नहीं है तथा न ही एक समाज , एक धर्म ,एक संघठन या एक देश का ही कार्य है ।पर्यावरण संरक्षण व संवर्धनजीवन पर्यंत चलने वाली सतत जागरूकता व सभी समाज , धर्म,संघठन व देशों के संघठीत कार्य है । आज, वापी से शुरू पर्यावरणयात्रा का अल्प विराम हे, जो आगे राजसमंद में विभिन्न संघठनो वपर्यावरण प्रेमियों के माध्यम से सतत चालू रहेगी । पेड़ में परमात्मा कावासा है । यह विचार वृंदावन के स्वामी ब्रजभूषण दास जी महाराज (राष्ट्रिय भगवत गीता वाचक ) द्वारा पिपलांत्री में आयोजित पर्यावरणसंरक्षण संगोष्ठी में मुख्य अतिथि के रूप में प्रकट किये । इस संगोष्ठीकी अध्यक्षता फ़तेह सिंह राठोड (वन एवं वन्य जीव अधिकारीराजसमंद ने की तथा कहा की हम व हमारा विभाग पेड़ व वनो की रक्षाके लिए ही कार्य कर रहा हे यदि आम जनता व संघठन इस कार्य केलिए आगे आते हे तो इस कार्य में अधिक गति मिलेगी । दक्षिणी अमेरिका की पर्यावरण विद सोफिया के विशिष्ट अतिथि के रूप में "पृथ्वी एक सुन्दर गृह हे इसे बचाये व वृक्ष लगाए ! सी ए. दिनेश सनाढ्य , विशिष्ट अतिथि ने कहा कि जैसेप्रत्येक व्यक्ति का अपना घर , अपना खेत , अपना परिवार होता हे,उसी प्रकार अपना पेड़ भी होना चाहिए । जिसकी वह जीवन पर्यन्तदेखरेख करे व बाद में वसीयत कर उसकी जिम्मेदारी अपनेउत्तराधिकारी को देकर जाए । " गर्व से कहो, मेरा भी एक पेड़ है " ! इस अवसर पर श्यामसुंदर पालीवाल ने बडगुल्ला सरपंच व कालिंजरसरपंच उर्मिला गुर्जर को पर्यावरण व जल संरक्षण का कार्य पूर्णईमानदारी व प्राथमिकता से कराने के लिये कल्पवृक्ष के नीचे व स्वामीब्रजभूषण जी महाराज के सानिध्य में शपथ दिलाई । आशापुरा मानवकल्याण ट्रस्ट के अध्यक्ष नान जी गुर्जर ने कहा कि आशापुरा मानवकल्याण सम्पूर्ण मेवाड़ में 125000 लाख पौधे लगवाएगा ! पर्यावरणसंरक्षण यात्रा व पौधारोपण कार्य क्रम में नो दिन सहयोग करने वालोको उनके सराहनीय कार्य का स्मृति चिन्ह अनुराधा वैष्णव , नारायणसिंह राव , नारायण सिंह चुण्डावत , हर्षद भाई , श्याम सुन्दरपालीवाल , दयमंती शर्मा , राम दास वैष्णव , दिनेश सनाढ्य, इंद्रा कुंवर सोलंकी , यश गुर्जर , कैलाश सामोता ,महिपाल सिंह बल्ला ,श्री कृष्ण पालीवाल ,देवी सिंह बल्ला,शंकर लाल गुर्जर, राकेश सेन धर्मेंद्र साल्वी भूर सिंह बल्ला, कालू सिंह सोलंकी ,गोपी राम, महिपाल सिंह, कालू सिंह सोलंकी , मधु पालीवाल को प्रदान किये । अंत में पर्यावरण चेतना यात्रा के संयोजक कैलाश सामोता नेकहा की जिस प्रकार पर्यावरण के लिए पिपलांत्री में जल संरक्षण वपर्यावरण के लिए कार्य हुआ है वैसा ही कार्य कालिंजर , बडगुल्ला ,तासोल व अन्य सभी पंचायतो में होना चाहिए तथा सभी को मिलकरकार्य करना चाहिए व सभी को धन्यवाद ज्ञापित किया । 30.07.2018, Rajsamand































कुछ ही दिनों में विश्व मेवाड़ से लेगा पर्यावरण संरक्षण की सीख- ब्रज भूषण चार दिनों में सैकड़ों लोगों ने ली पर्यावरण सरक्षण की शपथ व 11 हजार पौधारोपण न्यूज़/राजसमन्द आशा पूरा मानव कल्याण ट्रस्ट द्वारा निकाली जा रही पर्यावरण चेतना यात्रा के अंतिम दिन कुंभलगढ़ तहसील के कालिंजर पंचायत के विभिन्न में सैकड़ों लोगों ने पौधा रोपण किया और पर्यावरण संरक्षण की शपथ ली। कार्यक्रम की अध्यक्षता सरपंच मंजू देवी गुर्जर ने की । मुख्य अतिथि एबीईईओ नारायण सिंह चुड़ावत एवं विशिष्ट अतिथि नानजी भाई गुर्जर अध्यक्ष व संस्थापक आशापुरा मानव कल्याण ट्रस्ट तथा दमयंती शर्मा प्रदेश अध्यक्ष भारतीय महिला बचाओ समिति , उप सरपंच इंद्रा कंवर राजपूत थी। राजकीय माध्यमिक विद्यालय बड़गुल्ला परिसर में आयोजित पर्यावरण हमारा धर्म सभा में श्री मद भागवत कथा वाचक राष्ट्रीय संत स्वामी ब्रज भूषण दास वृंदावन धाम ने कहा कि जिस प्रकार से मेवाड़ में पर्यावरण की चेतना अा रही है। उससे विश्व समुदाय सीख लेगा। जिस प्रकार देश को आजादी का मूल मंत्र दिया उसी प्रकार पर्यावरण संरक्षण को लेकर एकलिंग नाथ की ये धरती विश्व को दिशा देगी। इसकी शुरुआत पिपलांत्री से हो चुकी है। मानव की समस्या का समाधान करने में शक्ति, भक्ति व शौर्य की ये धरा सदा पूजनीय रहेगी। भगवान कृष्ण ने ब्रज की धरती के पेड़ पौधे को सिंचित करने के लिए जन्म लिया। श्री नाथ जी मेवाड़ की धरती को सिंचित करने के लिए पधारे है। संत ने कहा कि तुलसी पौधा नहीं वो साक्ष्यात राधा है। तुलसी के 11 पत्तों का नियमित सेवन करने से 88 प्रकार की बीमारियां समाप्त होती है। संत ने सभी से पेड़ को सिंचित कर अपनी धरा को हरा भरा बनाने का आव्हान किया। संस्थान के अध्यक्ष नानजी ने कहा कि पन्ना धाय महाराणा प्रताप निर्मल मेवाड़ बनाओ के संदेश के साथ पर्यावरण के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए गुजरात के वापी से शुरू हुए इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य मेवाड़ के कुंभलगढ़ की वादियों को हरा भरा बनाना है।पर्यायवरण चेतना मे संवर्धन व संरक्षण की एक साथ जरुरत है, इसके लिए विभिन्न समाज, विभिन्न धर्म, विभिन्न संगठन व विभिन्न राजनैतिक दलो के एक साथ, एकमत व एकदिशा मे पर्यावरण हेतु सक्रिय रुप से कार्य करने की आवश्यकता है सभी को इस पर्यावरण के मुद्दे पर अपने निजी स्वार्थ, निजी विचार धारा व निजी मान्यताओ से उपर उठकर एक साथ मिलकर पर्यावरण संवर्धन व संरक्षण के लिए कार्यकरे व अपने व अपनो का जीवन बचाये । मेवाड़ को हरा बनाए के इस अभियान में सभी को सहयोग देने का आव्हान किया। कहा कि संस्थान के मुख्य सलाहकार हर्षद भाई पारीख ने पर्यावरण चेतना यात्रा के उद्देश्य के बारे में विस्तार से बताता। यात्रा में राजकीय माध्यमिक विद्यालय बड़गुल्ला में 101 पौधा रोपण , राजकीय प्राथमिक विद्यालय पिछोरा में 51 पौधा रोपण व अमर जल महादेव मंदिर प्रांगण में 21 पीपल के पौधे रोपे व उपस्थित लोगों को पाैधे वितरित किए गए। इस दौरान भाजपा मण्डल मंत्री कालू सिंह सोलंकी, लक्ष्मण सिंह सोलंकी, शंकर लाल गुर्जर, पूर्व सरपंच गोपाल सिंह सोलंकी, रोड़ सिंह, मोहन सिंह, माधू सिंह कितावत लाल सिंह सोलंकी, भेरू सिंह सोलंकी, दौलत सिंह, हीम सिंह, प्रेम सिंह, गिरधारी लाल मीणा, सिकंदर सिंह, प्रमोद कुमार, अशोक कुमार, विनोद सोनी, मधु पालीवाल, नारायण लाल भील, गणपत लाल चौधरी, लेहर सिंह सहित बड़ी संख्या में संस्थान के सदस्य, ग्रामीण व पर्यावरण प्रेमी उपस्थिति थे। कार्यक्रम का संचालन यात्रा संयोजक कैलाश समोता ने किया। निर्मल मेवाड़ के लिए चार दिन में 11हजार पौधे रोपे पर्यावरण चेतना यात्रा के चार दिन में जिले में 11 हजार पौधे रोपे गए। इस अभियान को विभिन्न राजकीय विद्यालय, ग्राम पंचायतो, सामाजिक संगठनों, पर्यावरण प्रेमियों, अधिकारियों आदि ने पूरे मन व तन से अपना संबल प्रदान किया। सबसे ऊंची जगह पर किया पौधा रोपण यात्रा के अंतिम दिन कालिंजर पंचायत के सबसे ऊंचे स्थान अमर जल महादेव पर वृंदावन धाम के संत ब्रज भूषण दास के सानिध्य में पौधारोपण किया। ये जिले का पहला स्थान है जंहा पहली बार पौधा रोपण किया गया। केपसन- 1 कालिंजर पंचायत के अमर जल महादेव मंदिर जो जिले का सबसे उचे स्थान पर पौधा रोपण के साथ पर्यावरण संरक्षण की शपथ लेते लोग। 2 कालिंजर पंचायत के बड़गुल्ला में आयोजित पर्यावरण संरक्षण धर्म में उपस्थित बच्चे व ग्रामीण। 3 कालिंजर पंचायत के बड़गुल्ला में आयोजित पर्यावरण संरक्षण धर्म में पौधों के संरक्षण की शपथ।