Chartered Accountant,Social Activist,Political Analysist-AAP,Spritual Thinker,Founder of Life Management, From India, Since 1987.
Friday, 8 February 2019
Thursday, 7 February 2019
Sunday, 3 February 2019
Saturday, 2 February 2019
★★सत्य दर्शन अभियान★★ आने वाले 10/15 साल में एक पीढी,संसार छोड़ कर जाने वाली है, . कड़वा है,लेकिन सत्य है। इस पीढ़ी के लोग बिलकुल अलग ही हैं... ◆रात को जल्दी सोने वाले, सुबह जल्दी जागने वाले,भोर में घूमने निकलने वाले। ◆आंगन और पौधों को पानी देने वाले, देवपूजा के लिए फूल तोड़ने वाले, पूजा अर्चना करने वाले, प्रतिदिन मंदिर जाने वाले। ◆रास्ते में मिलने वालों से बात करने वाले, उनका सुख दु:ख पूछने वाले, दोनो हाथ जोड कर प्रणाम करने वाले, पूजा होये बगैर अन्नग्रहण न करने वाले। ◆उनका अजीब सा संसार...... तीज त्यौहार, मेहमान शिष्टाचार, अन्न, धान्य, सब्जी, भाजी की चिंता तीर्थयात्रा, रीति रिवाज, सनातन धर्म के इर्द गिर्द घूमने वाले।* ◆पुराने फोन पे ही मोहित, फोन नंबर की डायरियां मेंटेन करने वाले, रॉन्ग नम्बर से भी बात कर लेने वाले, समाचार पत्र को दिन भर में दो-तीन बार पढ़ने वाले। ◆हमेशा एकादशी याद रखने वाले, अमावस्या और पुरमासी याद रखने वाले लोग, भगवान पर प्रचंड विश्वास रखनेवाले, समाज का डर पालने वाले, पुरानी चप्पल, बनियान, चश्मे वाले। ◆गर्मियों में अचार पापड़ बनाने वाले, घर का कुटा हुआ मसाला इस्तेमाल करने वाले और हमेशा देशी टमाटर, बैंगन, मेथी, साग भाजी ढूंढने वाले। ◆नज़र उतारने वाले, सब्जी वाले से 1-2 रूपये के लिए, झिक झिक करने वाले लोग।* ■■क्या आप जानते हैं.....●●●●●● ये सभी लोग धीरे धीरे, हमारा साथ छोड़ के जा रहे हैं। क्या आपके घर में भी ऐसा कोई है? यदि हाँ, तो उनका बेहद ख्याल रखें।* अन्यथा एक महत्वपूर्ण सीख, उनके साथ ही चली जायेगी.....वो है, ● संतोषी जीवन, ● सादगीपूर्ण जीवन, ● प्रेरणा देने वाला जीवन, ● मिलावट और बनावट रहित जीवन, ● धर्म सम्मत मार्ग पर चलने वाला जीवन और ● सबकी फिक्र करने वाला आत्मीय जीवन। आपके परिवार मैं जो भी बडे हो उनको • मान सम्मान, • अपनापन, • समय और • प्यार दीजिये ।। ★★■■■■★■■■■★★ *संस्कार* ही *अपराध* रोक सकते हैं *सरकार* नहीं !! ●●●●●●●●●●●●●●●●●● 🌞 *प्रणाम* CA. Dinesh Sanadhya. www.dineshapna.blogspot.in
Friday, 1 February 2019
Thursday, 31 January 2019
■■ कांग्रेस का "वोट" के लिए "धोखा'" ? ■■ ★★न्यूनतम आय गारन्टी = 3 लाख करोड़ रु बजट जरूरी★★ ••••••∆∆∆∆•••••∆∆∆∆•••••• ◆क्या "न्यूनतम आय गारन्टी" कांग्रेस का बीजेपी "15 लाख रु" जैसा जुमला है ? ◆क्या इस गारन्टी योजना का बजट के लिए अन्य बजट से कटौती करके पूरा करना "जनता के साथ धोखा" है ? ◆क्या इसके बजट के लिए वर्तमान प्रायोजित "योजनाओं मे कटौती/समाप्ति करना धोखा" है ? ◆क्या इसके बजट के लिए "एलपीजी सब्सिडी को खत्म करना हमारे साथ धोखा" है ? ◆क्या इसके बजट के लिए खाद, ब्याज, विमान ईधन जैसी "आधा दर्जन सब्सिडियों को खत्म करना आम आदमी के साथ धोखा" है ? ◆क्या इसके बजट के लिए मध्य वर्ग को "आयकर मे मिलने वाली राहतो मे कटौती/खत्म कर राशि जुटाना, जनता के साथ धोखा" है ? ◆सरकारी कम्पनियों की "हिस्सेदारी बेचकर राशि जुटाना, जनता के साथ धोखा" है ? ■■■■■■■■■■■■■■ इसका सीधा व सपाट अर्थ है :- एक फायदा (न्यूनतम आय गारन्टी) के लिए (गरीब किसानों, आम आदमी, मध्य वर्ग आदमी की सब्सिडी) खत्म करना या सरकारी कम्पनियों को बेचना उचित है ! ■■◆◆■■◆◆■■◆◆■■ एकबार "बीजेपी" ने आम आदमी को धोखा दिया, अबकी बार "कांग्रेस" की बारी !
Wednesday, 30 January 2019
""अहिंसा परमो धर्मः धर्म हिंसा तथैव च: l" (अहिंसा सबसे बड़ा धर्म है और धर्म रक्षार्थ हिंसा भी उसी प्रकार श्रेष्ठ है) Ahimsa Paramo Dharma Dharma himsa tathaiva cha,, (Non-violence is the ultimate dharma. So too is violence in service of Dharma). Inline image 2 भारत में अहिंसा के पुजारी का ढोंग करने वाले महात्मा गाँधी ने हिन्दुओ की सभा में हमेंशा यही श्लोक पढते थे लेकिन हिन्दुओ को कायर रखने के लिए गांधी इस श्लोक को अधूरा ही पढ़ता था जिससे हिन्दुओ का धार्मिक खून उबल न पड़े. इसमें कोई शंशय नहीं की अहिंसा बहुत ही स्वीकार्य और महान सोच है परन्तु उसी के साथ हिन्दुओ / सनातनियो को अपने धर्म की रक्षा (राष्ट्र धर्म,मानवता, प्रकृति, कर्त्तव्य रक्षा, समाज रक्षा, गृहस्थ रक्षा यानी जितने धार्मिक कर्तव्य हैं ) के आड़े आने वाली हर बाधा की समाप्त करने के लिए किया गया आवश्यक हिंसा उतना ही श्रेष्ठ है. अपने बंधू-बान्धवो की रक्षा राष्ट्र रक्षा का एक भाग जिसमे यदि हिंसा आवश्यक है तो करना श्रेष्ठ है. Inline image 1 ध्यान रहे ये श्लोक तब लिखे गए थे जब अब्रहमिक धर्म (ईसाई और इस्लाम) इस विश्व में आये ही नहीं थे, लेकिन सनातन धर्म इस जगत में कब से किसी को अंदाज़ा नहीं है और धर्म के लिए हिंसा का अभिप्राय सनातन धर्म के रक्षार्थ लिखा गया जिसमे एक तुलसी की भी पूजा की जाती है और दुष्कर्मो के लिए अनिवार्य मृत्यु का विधान है जिससे की समाज की भयमुक्त किया जा सके. भारत में हमारी हिंदू विरोधी सरकारे भी हिन्दुओ को आधा ही श्लोक बताने की शौकीन हैं..कारन हिन्दुओ का शोषण जरी रखा जा सके. इसीलिये इस श्लोक को नयी पीढ़ी के पास अंधाधुंध अग्रेषित करे. ★★★★अहिंसा परमो धर्मः धर्म हिंसा तथीव च |★★★★ जय हिन्द !! जय भारत !!
Subscribe to:
Posts (Atom)








































































