Chartered Accountant,Social Activist,Political Analysist-AAP,Spritual Thinker,Founder of Life Management, From India, Since 1987.
Wednesday, 8 January 2020
★नाथद्वारा मे विकास के नाम पर, "अनियोजित विकास" ! ★नाथद्वारा का विकास है, उनके हाथों मे जिनका "नाथद्वारा से कोई लेना देना नहीं" ! ★नाथद्वारा मे विकास है, "मन्दिर मण्डल की जमीन/पैसे" की बबाँदी ! ★नाथद्वारा विकास के नाम पर "वल्लभ विलास" एक सफेद हाथी, तो क्या अब दूसरे "सफेद हाथी" लाने की तैयारी ? ★नाथद्वारा विकास के नाम पर कुछ "बड़े व्यक्तियों" की चाँदी, तो "जनता/मन्दिर मण्डल की जमीन/पैसों" का दुरुपयोग, किन्तु जिम्मेदार चुप ? आमजनता की कोई सुनता नहीं ? ■■◆◆◆◆उपाय◆◆◆◆■■ ★आम जनता जागरूक हो ! ★जिम्मेदार व्यक्तियों की जिम्मेदारी तय हो ! ★आम जनता उठे ! जागे ! बोले ! ★आम जनता क्रांति लाये, भले ही शुरुआत Social Media से ही करें, परन्तु अन्याय के विरुद्ध बोले ! ★जब प्रशासन/बोर्ड मेम्बर्स कार्य करें, तो आम जनता Social Audit करें ! CA. Dinesh Sanadhya - 08/01/2020 www.dineshapna.blogspot.com
Monday, 6 January 2020
भगवती प्रसाद देवपुरा स्मृति समारोह - 06/01/2020 , साहित्य मण्डल, नाथद्वारा मुझे विशिष्ट अतिथि बनने का सम्मान मिला तथा आदरणीय भगवती प्रसाद देवपुरा जी की स्मृति मे कुछ विचार मेरे मन मे आये जो आपके सामने है :- ★हमारा शरीर पंच तत्वों से बना हुआ है ! ★देवपुरा जी (ढाई - ढाई) अक्षर (प्रेम - हिन्दी) के लिए अपना पूरा जीवन लगा दिया ! ★अब हमारी जिम्मेदारी है कि हम भी कुछ "हिन्दी" के लिए वास्तविक धरातल पर करें ! ■ सीए . दिनेश चन्द्र सनाढ्य , सदस्य - साहित्य मण्डल, नाथद्वारा ■ ●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●
Saturday, 4 January 2020
बेटियों के बलात्कारियों से जब माँ ने कहा "अब्दुल अली एक-एक करके करो, नहीं तो वो मर जाएंगी " ये सच्ची घटना घटित हुई थी 8 अक्टूबर 2001 को बांग्लादेश में अनिल चंद्र और उनका परिवार 2 बेटीयों पूर्णिमा व 6 वर्षीय छोटी बेटी के साथ बांग्लादेश के सिराजगंज में रहता था। उनके पास जीने खाने और रहने के लिए पर्याप्त जमीन थी. बस एक गलती उनसे हो गयी, और ये गलती थी एक हिंदु होकर 14 साल व 6 साल की बेटी के साथ बांग्लादेश में रहना। एक क़ाफिर के पास इतनी जमीन कैसे रह सकती है..? यही सवाल था बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री खालिद ज़िया के पार्टी से सम्बंधित कुछ उन्मादी लोगों का 8 अक्टूबर के दिन अब्दुल अली, अल्ताफ हुसैन, हुसैन अली, अब्दुर रउफ, यासीन अली, लिटन शेख और 5 अन्य लोगों ने अनिल चंद्र के घर पर धावा बोल दिया, अनिल चंद्र को मारकर डंडो से बाँध दिया, और उनको काफ़िर कहकर गालियां देने लगे इसके बाद ये शैतान माँ के सामने ही उस १४ साल की निर्दोष बच्ची पर टूट पड़े और उस वक्त जो शब्द उस बेबस लाचार मां के मुँह से निकले वो पूरी इंसानियत को झंकझोर देने वाले हैं अपनी बेटी के साथ होते इस अत्याचार को देखकर उसने कहा "अब्दुल अली, एक एक करके करो, नहीं तो मर जाएगी, वो सिर्फ १४ साल की है" वो यहीं नहीं रुके उन माँ बाप के सामने उनकी छोटी 6 वर्षीय बेटी का भी सभी ने मिलकर ब#लात्कार किया ....उनलोगों को वही मरने के लिए छोडकर जाते जाते आस पड़ोस के लोगों को धमकी देकर गए की कोई इनकी मदद नहीं करेगा ये पूरी घटना बांग्लादेशी लेखिका तस्लीमा नसरीन ने भी अपनी किताब “लज्जा” में लिखी जिसके बाद से उनको देश छोड़ना पड़ा, ये पूरी घटना इतनी हैवानियत से भरी है पर आजतक भारत में किसी बुद्धिजीवी ने इसके खिलाफ बोलने की हैसियत तक नहीं दिखाई है, ना ही किसी मीडिया हाउस ने इसपर कोई कार्यक्रम करने की हिम्मत जुटाई ये होता है किसी इस्लामिक देश में हिन्दू या कोई अन्य अल्पसंख्यक होने का, चाहे वो बांग्लादेश हो या पाकिस्तान पता नहीं कितनी पूर्णिमाओं की ऐसी आहुति दी गयी होगी बांग्लादेश में हिंदुओं की जनसँख्या को 22 प्रतिशत से 8 प्रतिशत और पाकिस्तान में 15 प्रतिशत से 1 प्रतिशत पहुँचाने में और हिंदुस्तान में हामिद अंसारी जैसे घिनौने लोग कहते है कि हमें डर लगता है, जहाँ उनकी आबादी आज़ादी के बाद से 24 प्रतिशत अधिक बढ़ी है। अगर आप भी सेक्युलर हिंदु (स्वघोषित बुद्धिजीवी) हैं और आपको भी लगता है कि भारत में अल्पसंख्यक सुरक्षित नहीं है तो कभी बांग्लादेश या पाकिस्तान की किसी पूर्णिमा को इन्टरनेट पर ढूंढ कर देखिये। मेरा दावा है की आपका नजरिया बदल जायेगा
★एक खड्डे की कहानी :: खड्डे की जुबानी★ गोमती उदयपुर फोरलेन व नाथद्वारा नगरपालिका की बोडँर पर ! नाथूवास चौराहा , नगरपालिका वाडँ मे स्थित ! यह "खड्डा" आम जनता व प्रशासन से पिछले 2 साल से ज्यादा समय से पूछ रहा है :- (1)कि मुझे (खड्डा) कौन ठीक कौन करायेगा ? (2)कि फोरलेन कम्पनी ने मुझे (खड्डा) ठीक करने के नाम पर कितना पैसा कागजों मे खर्च बताया ? (3)कि नगरपालिका ने मुझे (खड्डा) ठीक करने के नाम पर कितने पैसे की चपत लगाई है ? (4)कि क्या नाथूवास वाडँ के सम्मानित पार्षद इस रास्ते के अलावा अन्य कौन से मार्ग से अपने वाडँ मे जाते है ? (5)कि हवाई जहाज/रेल से आने वाले सम्मानित सभी आगन्तुकों का मै (खड्डा) ही स्वागत करता हूँ ! क्या आम जनता ऐसे ही चुप रहेगी ? या क्या प्रशासन ऐसे ही अनसुना/अनदेखा करता रहेगा ? CA.Dinesh Sanadhya - 04/01/2020 www.dineshapna.blogspot.com
Thursday, 2 January 2020
विश्व के एकमात्र योद्धा जिनकी लड़ाई न राज्य के सीमा के लिए थी, न धन के लिए और न ही किसी अन्य लालसा के लिए था ... वो था मात्र धर्म रक्षा का संकल्प युद्ध ... . महाभारत था धर्म युद्ध और अर्जुन से बड़ा धनुर्धारी न पैदा हुआ लेकिन पुत्र अभिमन्यु वध का समाचार मिलते ही दुःख और क्षोभ से गांडीव फ़िसल गया, पैर काँप गया ...... अर्जुन के गुरु द्रोण अपने पुत्र की मृत्यु के झूठे ख़बर मात्र से धनुष रख के रोने लगे और युद्ध बंद कर दिया .... . पुत्र से बिछड़ने मात्र के संताप से देवासुर संग्राम के विजेता चक्रवर्ती सम्राट महाराज दशरथ गिर पड़े और फिर न उठे ... . ऐसे में गुरु गोविंद सिंह मात्र एक ऐसे देवतुल्य महापुरुष हुए जिन्होंने पुत्रों को बलिदान होने के लिए अपने हाथ से सज़ा के भेजा .... चमकौर का क़िला छोड़ते समय जब उनके अनुयायियों ने अपने पगड़ी खोलकर दोनो साहबजादों के बलिदानी शरीर को ढकना चाहा तो गुरु जी ने ये कह के मना कर दिया कि बाकी के बलिदानी भी उनके पुत्र ही हैं .. फिर इनके लिए व्यवस्था क्यों, बाक़ी के वंचित रहें क्यों ? . लड़ाई चलते रहने के समय, पुत्रों के बलिदानी होने के पहले या बाद ... उफ़नाइ नदी पार करने के बाद उसी हाल में गुरु जी ने धर्म रक्षा के लिए बिना विचलित हुए ईश्वर का पूजन और शबद कीर्तन भी किया .... . चारों साहबजादों के बलिदान होने पर गुरु जी ही एक मात्र थे, जिनके न पैर कांपे, न धनुष फिसला, न तलवार की चमक कम हुई, जिन्होंने धर्म रक्षार्थ योद्धा लोगों की ओर देखकर कहा ... . इन पुतरन के शीश पर वार दिए सुत चार .. चार मुए तो क्या हुआ, जीवित कई हज़ार .. . ऐसे महानायक, महायोद्धा, धर्मरक्षक, महाज्ञानि ईश्वर तुल्य गुरु गोविंद सिंह जी का जन्म दिवस है ...... . किसी के भी जीवन में मनाने के लिए इससे बड़ा उपलक्ष और क्या हो सकता है .... . गुरुजी को शत शत प्रणाम .... 02.01.2020
★अभिभावक ध्यान से पढ़ें★ ★प्राईवेट स्कूल पर शिकन्जा कसे !★ ★प्रशासन व सरकार ध्यान दे !★ ★आम जनता जागरूक हो !★ ●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●● 10 वर्षीय छात्र की हार्ट अटैक से मृत्यु ....???? ●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●● कारण डॉक्टरों ने बताया है कि 1:- बच्चे को सुबह कच्ची नींद में उठाना (नींद पूरी नही होना) 2:- बगैर नाश्ता करवाये स्कूल भेजना 3:-बच्चे के कुल वजन से ज्यादा स्कूल बैग ले जाना 4:-स्कूल का होमवर्क कम्प्लीट न होने पर टीचर का प्रेशर 5:- ठंडा लंच न खा पाना 6:-स्कूल से आते ही नहाना जबरन भोजन करवाना 7:-बगैर आराम किये घर में होमबर्क कम्प्लीट करने का फिर बच्चे पर प्रेसर इत्यादि इत्यादि ! ◆अभिभावकों क्या 4 - 6 वर्ष के बच्चे को अभी डॉक्टर, इंजीनियर, SP, कलेक्टर बना देँगे ? ◆आप देखो आप कितने पढे लिखे है एवं आपने कब स्कूल जाना शुरू किया, आप उस मासूम बच्चे की जान के पीछे क्यों पड़े है ! ◆हम केवल एक दूसरे की होड़ में बच्चों का बचपन मार रहे है ! ◆आप जवान है आप अगर मर्द है तो सुबह 5 बजे उठ कर ढाई बजे तक रेगुलर काम करके दिखाए और फिर भोजन करके तुरन्त फिर काम करके दिखायें ! ◆छोटे से मासूम बच्चों के साथ इतना अन्याय जो आज पूरा देश कर रहा है क्या सही है ? ◆अपने दिल पर हाथ रख कर विचार करिए आप एक मासूम के साथ कितना अन्याय कर रहे है हम बच्चों का बचपन और उनकी स्वाभाविक विकास प्रक्रिया से वंचित कर रहे हैं ! ●●●● प्रिय अभिभावकों से निवेदन है कि इन मासूम बच्चों पर दया करें ! आराम और खेलने का पर्याप्त समय दें ! ◆प्राईवेट स्कूल ज्यादा पैसा कमाने के लिए बच्चों व अभिभावकों पर अनावश्यक दबाव बनाते है ! ◆सरकार इनको नियंत्रण करने व इनकी लूट व परेशान करने पर भी कानून नहीं बनाती है ! अगर कुछ कानून है तो प्रशासन उन कानून को कठोरता से पालन भी नहीं कराते है ! ●●●● अब आम जनता को ही जागरूक होकर कुछ करना होगा ! ••••••••••••••••••••••••••••••• CA. Dinesh Sanadhya - 21.09.2019 www.dineshapna.blogspot.com
Wednesday, 1 January 2020
सद्भाव कम्पनी के नेगडिया टोल प्लाजा द्वारा 03/01/2020 तक का वैध पास होने के बावजूद 26/10/2019 को दुबारा अनैतिक तरीक़े से 125/- रु. टोल टैक्स वसूला गया ! आज 31/12/2019 को पुनः पास का पैसा लेने के बावजूद दुबारा टोल टैक्स वसूला गया ! ★ जिम्मेदार चुप क्यों ! ★ क्या उन्हें अनुचित फायदा पहुँचाया जा रहा है ! ●●●●●●●●●●●●●●●●●●● इसके बावजूद नियम है कि यदि किसी को टोल प्लाजा पर टोल टैक्स दैने के लिए 3 मिनट से ज्यादा इन्तजार करना पडे तो उसका टोल टैक्स माफ है ! किन्तु आज हमे नेगडिया टोल प्लाजा पर 10 मिनट से ज्यादा इन्तजार करना पडा, इसके बावजूद हमसे टोल टैक्स वसूला गया ! ★ यह गलत व अन्याय है ! ★ अब जनता को जागरूक होना होगा !
सद्भाव कम्पनी के नेगडिया टोल प्लाजा द्वारा 03/01/2020 तक का वैध पास होने के बावजूद 26/10/2019 को दुबारा अनैतिक तरीक़े से 125/- रु. टोल टैक्स वसूला गया ! आज 31/12/2019 को पुनः पास का पैसा लेने के बावजूद दुबारा टोल टैक्स वसूला गया !
★ जिम्मेदार चुप क्यों !
★ क्या उन्हें अनुचित फायदा पहुँचाया जा रहा है !
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इसके बावजूद नियम है कि यदि किसी को टोल प्लाजा पर टोल टैक्स दैने के लिए 3 मिनट से ज्यादा इन्तजार करना पडे तो उसका टोल टैक्स माफ है !
किन्तु आज हमे नेगडिया टोल प्लाजा पर 10 मिनट से ज्यादा इन्तजार करना पडा, इसके बावजूद हमसे टोल टैक्स वसूला गया !
★ यह गलत व अन्याय है !
★ अब जनता को जागरूक होना होगा !
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