Monday, 3 May 2021

★★कोरानाकाल मे निवेदन★★ ◆सरकार से :- १-सम्पूर्ण लोकडाऊन लगाये साथ मे बिजली बिल, पानी बिल, स्कूल फीस माफ करें व मकान किराया, ब्याज व अन्य को आधा माफ करें ! २-स्कूल, क्लब, सत्संग हाल को हाँस्पिटल मे बदले व आँक्सीजन की व्यवस्था करें ! ३-प्राईवेट हाँस्पिटल का आंशिक अधिग्रहण करें ! ४-प्राईवेट हाँस्पिटल मे ईलाज का पूर्ण नियंत्रण CCTV से करें व अटेन्डेन्ट के मोबाइल पर सुविधा दे ! ५-दवाइयों व आँक्सीजन की कालाबाजारी को रोके ! आम जनता से :- १-घर पर ही रहे ! २-मास्क, सामाजिक दूरी रखें व वैक्सीन लगाये ! ३-खानपान व जीवनशैली बदले ! ४-सकारात्मकता व हिम्मत बनाये रखें ! Any Help - 9414170270 सीए. दिनेश सनाढ्य - एक हिन्दुस्तानी #03/05/2021 #dineshapna



 

■■ निवेदन ★★ रक्त दान करें ! ■■ ★राजसमन्द व उदयपुर हाँस्पिटल मे रक्त की कमी★ आज हाँस्पिटल मे खून की कमी का समाचार पढ़ा ! अतः 18 से 44 वर्ष तक के युवाओं से निवेदन है कि कोरोना वैक्सीन लगाने से पहले रक्त दान जरूर करें ! क्योंकि वैक्सीन लगने के बाद 70 दिन तक रक्त दान नहीं किया जा सकता है ! Any Help ने प्रेरित करके राजसमन्द हाँस्पिटल मे एक यूनिट रक्त दान कराया ।उसी समय जरूरतमन्द को इसका फायदा हुआ । ★आप भी रक्त दान करें ।★ सीए. दिनेश सनाढ्य एक_हिन्दुस्तानी #03/05/2021 #dineshapna



 

★नाथद्वारा मन्दिर के "मठाधीश" किस दिशा मे चले ?★ ★जो अपनो के "अन्तिम दर्शन" का सम्मान न करें !★ ★जो अपनो का "अन्तिम संस्कार" भी न कर सकें !★ ●व्यक्ति किसी के "अन्तिम दर्शन" के समय दुश्मन भी अपनी दुश्मनी को छोड़ कर दिवंगत व्यक्ति को सम्मान देता है किन्तु यहाँ पूर्व तिलकायत की पत्नी को अपने घर (मोती महल) मे आने से रोकना "सनातन धर्म" के अनुसार सबसे निकृष्ट कृत्य है ! ●मोती महल नाथद्वारा मन्दिर (श्रीनाथजी) की सम्पत्ति है, न कि वर्तमान "स्वघोषित तिलकायत" का निजी मकान ! यह भवन (मोती महल) को तिलकायत (मुख्य पुजारी) व उनके परिवार के लिए मन्दिर ने नि:शुल्क आवास हेतु दे रखा है ! ●चूंकि "श्रीमती महालक्ष्मी बहुजी" पूर्व तिलकायत की पत्नी है इसलिए श्रीनाथजी मन्दिर ने इनको मोतीमहल आवास हेतु दे रखा है ! इस कारण वर्तमान स्वघोषित तिलकायत इनको (पार्थिव शरीर को) मोतीमहल मे आने से रोकना गलत है ! ●जो पुष्टिमार्ग के प्रधान अपने बड़े भाई की पत्नी (भाभीजी) का अन्तिम समय मे भी सम्मान नहीं कर सकता है वह वैष्णवों व समाज को क्या धर्म की शिक्षा / ज्ञान देगा ? ●सनातन धर्म मे 16 संस्कारों मे सबसे महत्वपूर्ण, श्रेष्ठ व पूण्य का "अन्तिम संस्कार" है । यह कार्य उसका पुत्र, भाई, भतीजा या परिवार वाले करते है । इस समय दुष्ट से दुष्ट व्यक्ति भी अपनी दुष्टता छोड़कर यह पुण्य कार्य करता है । यह "शास्त्रों व लोक व्यवहार" का मत है । वर्तमान स्वघोषित तिलकायत ने उक्त पुण्य कार्य न करके पुष्टिमार्ग के वैष्णवों को क्या सन्देश दिया ? ■हम इसलिए कह रहे है कि आप हमारे श्रीनाथजी मन्दिर के प्रधान पुजारी बनकर बैठे हो, हम बृजवासियों को श्रीनाथजी से दूर करके स्वघोषित तिलकायत बने बैठे हो और हमारे मन्दिर व पुष्टिमार्ग की छवि धूमिल कर रहे हो ! इससे भी ज्यादा अपने कर्मचारियों के माध्यम से दिखावे की "श्रृद्धांजलि सभा" कराकर नाटक कर रहे हो ! जो गलत है !■ ★जैसे श्रीनाथजी ने आज्ञा की, वैसा लिख दिया !★ सीए. दिनेश सनाढ्य - एक_बृजवासी #03/05/2021 #dineshapna





































 

Saturday, 1 May 2021

★नाथद्वारा मन्दिर के "मठाधीश" किस दिशा मे चले ?★ ★मन्दिर मे "तिलकायत" नहीं,"मठाधीश" बन बैठे है ?★ ★जो स्वयं नियम/परम्पराओं को तोड़े, उसे "पद" का अधिकार कैसे ?★ ●नाथद्वारा मन्दिर मे तिलकायत बनने के लिए नियम व परम्परा है कि तिलकायत का ज्येष्ठ पुत्र ही तिलकायत बनता है, यदि तिलकायत का पुत्र नहीं हो तो पुत्र गोद लेने की परम्परा है ! ●पूर्व तिलकायत श्री दाऊजी तृतीय (राजीव जी) के कोई पुत्र नहीं था व न ही उन्होंने किसी को सामाजिक व वैध तरीक़े से गोद लिया है । ●वर्तमान तिलकायत श्री इन्द्रदमन जी (राकेश जी) न तो पूर्व तिलकायत श्री दाऊजी तृतीय (राजीव जी) के पुत्र है और न ही उनको गोद लिया गया । अर्थात् वर्तमान तिलकायत श्री इन्द्रदमन जी (राकेश जी) "गलत तरीकों से स्वघोषित" "तिलकायत" बने है ! इसलिए आज वैध रुप से "तिलकायत" का पद खाली है ! ●नाथद्वारा मन्दिर मे श्रीवल्लभाचार्य जी के कुल मे से नियम / परम्पराओं व वैध तरीकों से आज कोई भी "तिलकायत" नहीं है ! ◆ऐसी परिस्थिति मे नाथद्वारा मन्दिर की बागडोर उनके हाथों मे दी जानी चाहिए, जिनके हाथों मे श्रीवल्लभाचार्य जी से पूर्व थी । अर्थात् श्रीवल्लभाचार्य जी से पूर्व श्रीनाथजी की सेवा "बृजवासी" करते थे, अतः मन्दिर की बागडोर बृजवासियों के हाथों मे ही देना "उचित व वैध" है ! ★जैसे श्रीनाथजी ने आज्ञा की, वैसा लिख दिया !★ सीए. दिनेश सनाढ्य - एक_बृजवासी #02/05/2021 #dineshapna



 

★कोरानाकाल मे क्या करें !★ ◆नाथद्वारा मे मन्दिर मण्डल लालबाग ग्राउण्ड व महल को कोरोना अस्पताल मे बदले ! ◆नाथद्वारा मे मदनजी मिराज जैसे रामकथा मे भोजन व्यवस्था की थी, उसी तरह कोरोना मरीजों के लिए भोजन की व्यवस्था करें ! ◆राजसमन्द मे मेवाड़ क्लब को कोरोना अस्पताल मे बदले ! ◆राजसमन्द मे आर.के. व जे.के. कोरोना मरीजों के लिए भोजन की व्यवस्था करें ! सीए. दिनेश सनाढ्य - एक हिन्दुस्तानी #01/05/2021 #dineshapna


 

★आप अकेले नहीं है ! हम आपके साथ है !★ कोरोना से पहले :- १-सावधानी रखें - मास्क, दो गज दूरी ! २-खानपान व जीवनशैली बदले ! ३-सकारात्मक रहे व डरे नहीं ! ४-सरकारी चिरंजीवी 5 लाख का स्वास्थ्य बीमा 31/05 तक (निशुल्क/850/-) कराये ! ★★(चिरंजीवी बीमा योजना की अन्तिम तारीख 30 अप्रैल से 31 मई तक बढा़ई !)★★ कोरोना के बाद :- १-शीघ्र जाँच कराये ! २-हिम्मत रखें ! ३-डाँक्टर की सलाह ले ! ४-किसी भी तरह की सहायता की जरूरत हो तो Any Help Team से 9414170270 पर सम्पर्क करे ! #30/04/2021


 

★नाथद्वारा मठाधीश किस दिशा मे चले ?★ ●जो अपने "बड़ों का सम्मान" न करें ! ●जो अपने "परिवार" का ध्यान न रखें ! ●जो अपनी "सनातन परम्पराओं" का ध्यान न रखें ! ●जो "पद" के लिए पुष्टि व समाज की परम्पराओं को नहीं माने ! ●जो "धन" के लिए अपने ईष्ट (भगवान) की सम्पत्तियो का नुकसान करें ! ●जो अपनो के "अन्तिम दर्शन" का सम्मान न करें ! ●जो अपनो का "अन्तिम संस्कार" भी न कर सकें ! ■जो व्यक्ति अपनो व अपने परिवार का नहीं, तो श्रीनाथजी, पुष्टि मार्ग, बृजवासियों, वैष्णवों व नाथद्वारावासीयो का कैसे हो सकता है ? कुछ तो सोचो !■ ■जो अपनो को अन्तिम बार अपने घर (मोती महल) मे नही आने दे व अन्तिम संस्कार मे शामिल नहीं हो सके ! उसके द्वारा आज श्रृद्धांजलि सभा रखना दिखावा मात्र है !■ ★जैसे श्रीनाथजी ने आज्ञा की, वैसा लिख दिया !★ सीए. दिनेश सनाढ्य - एक_बृजवासी #01/05/2021 #dineshapna