Thursday, 25 February 2021

राजसमन्द क्षेत्र में चल रहे अवैध बुचड़खानो व अवैध शराब की दुकाने बंद हो ! - आम आदमी पार्टी राजसमन्द जिला मुख्यालय नगरपरिषद क्षेत्र राजनगर मुख्य बाजार व कांकरोली संतोषी व नगर भील बस्ती व कांकरोली भीलवाड़ा रोड व धोईन्दा क्षेत्रो मे अनेक बुचड़ खाने बिना नगर परिषद स्वीकृति व् अवैध शराब की दुकाने बिना गाइड लाइन पालना के चल रही उन्हें तत्काल बन्द करवाने के लिए आम आदमी पार्टी राजसमंद के जिलाध्यक्ष दिनेश चन्द्र सनाढ्य के नेतृत्व मे जिला कलेक्टर को ज्ञापन दिया । पूर्व में भी इस प्रकार की अनेक शिकायते समन्धित विभागों व आपके कार्यालय को कर रखी है किन्तु उन पर कोई कार्यवाही नही हुई है । कहा कि यदि कलेक्टर द्वारा 7 दिवस में कोई कार्यवाही न करने पर जनता द्वारा आन्दोलन किया जायेगा । कहा कि जिला कलेक्टर स्वयं या अधीनस्त अधिकारी को भेज जांच करवा सकते है कि बुचड़ खानो की जो स्थिति तो ऐसी दिखाई पड़ती जानवरो के अवसिष्ठ नालियों में बहते रहते है । अवैध शराब की दुकाने में लोगो को वहीं बिठाने व पास में नास्ते की सशुल्क व्यवस्था कर रखी रात्रि को 8 बजे बाद अवैध लेनदेन भी यही से होता है । ज्ञापन मे कहा कि निम्न बिन्दुओ के अनुसार कार्यवाही हो :- 1 राजसमन्द नगर परिषद क्षेत्र में स्थित अवैध बुचड़ खानो व अवैध शराब दुकानों की जांच करवा कर । सूची बनवा कर । क़ानूनी कारवाही करवाई जाये । 2 राजसमन्द नगर परिषद क्षेत्र के वैध बुचड़ खानो व वैध शराब की दुकानों को सूची बद्ध कर सरकारी गाइड लाइन पालना निश्चित करवाई जावे । 3 आज दिन तक राजसमन्द नगर परिषद क्षेत्र के अवैध बुचड़ खानो व अवैध शराब की दुकानों के सम्बन्धित शिकायतों का विवरण व उन पर हुई कार्य वाही का विवरण दिया जाये । 4 राजसमन्द नगर परिषद को प्राप्त शिकायतों का रजिस्टर बनवाया जावे व शिकायतों के निस्तारण का विवरण अंकित किया जावे जिससे जनता को राहत महसूस हों । (दिनेश चन्द्र सनाढ्य) जिला अघ्यक्ष - आम आदमी पार्टी, राजसमंद








 

Monday, 22 February 2021

★बेरोजगार युवकों के लिए आवाज★ राजस्थान में बेरोजगार युवकों के अन्याय के खिलाफ श्री अशोक गहलोत, मुख्यमंत्री, राजस्थान को माफँत् जिला कलेक्टर राजसमंद व अतिरिक्त जिला पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन दिया गया............ 1.उप निरीक्षक भर्ती में आयु सीमा 25 वर्ष थी उसे 5 वर्ष बढ़ाया जाए क्योंकि भर्ती परीक्षा 4 वर्ष विलंब के बाद हो रही है । 2 . गरीब स्वर्ण के आरक्षण की आयु सीमा में 5 वर्ष की छूट केवल महिलाओं को दी गई है जो गलत है क्योंकि आयु सीमा की छूट पुरुषों और महिलाओं को दोनों को समान रुप से मिलनी चाहिए। सीए. दिनेश सनाढ्य, अमित वर्मा, एडवोकेट दिनेश कुमार पुरोहित








 

Sunday, 21 February 2021

हम अपनी मातृभाषा को अपने ही देश मे माता का गौरव कब दिला पायेंगे ! हम मातृभाषा दिवस को 365 दिन कब मना पायेंगे ! शंका- आर्य (हिंदी) भाषा कि वर्ण एवं लिपि का आरम्भ कब हुआ? समाधान- आर्य (हिंदी) भाषा की लिपि देवनागरी हैं। देवनागरी को देवनागरी इसलिए कहा गया हैं क्यूंकि यह देवों की भाषा हैं। भाषाएँ दो प्रकार की होती हैं। कल्पित और अपौरुषेय। कल्पित भाषा का आधार कल्पना के अतिरिक्त और कोई नहीं होता। ऐसी भाषा में वर्णरचना का आधार भी वैज्ञानिक के स्थान पर काल्पनिक होता हैं। अपौरुषेय भाषा का आधार नित्य अनादि वाणी होता हैं। उसमें समय समय पर परिवर्तन होते रहते हैं परन्तु वह अपना मूल आधार अनादि अपौरुषेय वाणी को कभी नहीं छोड़ती। ऐसी भाषा का आधार भी अनादि विज्ञान ही होता हैं। वैदिक वर्णमाला में मुख्यतः १७ अक्षर हैं। इन १७ अक्षरों में कितने अक्षर केवल प्रयत्नशील अर्थात मुख और जिव्हा की इधर-उधर गति आकुंचन और प्रसारण से बोले जाते हैं और किसी विशेष स्थान से इनका कोई सम्बन्ध नहीं होता। उन्हें स्वर कहते हैं। जिनके उच्चारण में स्वर और प्रयत्न दोनों की सहायता लेनी पड़ती हैं उन्हें व्यंजन कहते हैं। कितने ही अवांतर भेद हो जाने पर हमारी इस वर्णमाला के अक्षर ६४ हो जाते हैं। यजुर्वेद में इन्हीं १७ अक्षरों की नीचे के मंत्र द्वारा स्पष्ट गणना हैं- अग्निरेकाक्षरेण, अश्विनौ द्व्यक्षरेण, विष्णु: त्र्यक्षरेण, सोमश्चतुरक्षेण, पूषा पंचाक्षरेण, सविता षडक्षरेण, मरुत: सप्ताक्षरेण, बृहस्पति अष्टाक्षरेण, मित्रो नवाक्षरेण, वरुणो दशाक्षरेण, इन्द्र एकादशाक्षरेण, विश्वदेवा द्वादशाक्षरेण, वसवस्त्रयोदशाक्षरेण,रुद्रश्चतुर्दशाक्षरेण, आदित्या: पंचदशाक्षरेण, अदिति: षोडशाक्षरेण, प्रजापति: सप्तदशाक्षरेण। (यजुर्वेद ९-३१-३४) इस प्रकार यह मूलरूप से १७ अक्षरों की और विस्तार में १७ अक्षरों की वर्णमाला वैदिक होने से अनादि और अपौरुषेय हैं। वर्णमाला के १७ अक्षरों का मूल एक ही अकार हैं। यह अकार ही अपने स्थान और प्रयत्नों के भेद से अनेक प्रकार का हो जाता हैं। ओष्ठ बंद करके यदि अकार का उच्चारण किया जाए तो पकार हो जावेगा और यदि अकार का ही कंठ से उच्चारण करें तो ककार सुनाई देगा। इस प्रकार से सभी वर्णों के विषय में समझ लेना चाहिये। अकार प्रत्येक उच्चारण में उपस्थित रहता हैं, बिना उसकी सहायता के न कोई वर्ण भलीभांति बोला जा सकता हैं और न सुनाई देता हैं। इसलिए अकार के निम्न अनेक अर्थ हैं- सब, कुल, पूर्ण, व्यापक, अव्यय, एक और अखंड आदि अकार अक्षर के ही अर्थ हैं। इन अर्थों को देखकर अकार अक्षर व्यापक और अखंड प्रतीत होता हैं। क्यूंकि शेष अक्षर उसी में प्रविष्ट होने से इन्हीं के रूप में ही प्रतीत होते हैं। उपनिषद् में ब्राह्मण कम् और खम् दो अर्थ हैं। इसलिए इस अपौरुषेय वर्णमाला का उच्चारण करते समय हम एक प्रकार से ब्रह्मा की उपासना कर रहे होते हैं। वर्णों के शब्द बनते हैं और शब्दों का समुदाय भाषा हैं। इस प्रकार से हिंदी भाषा को 'ब्रह्मवादिनी' भी कह सकते हैं। इस प्रकार देवनागरी लिपि में प्रत्येक अक्षर का उच्चारण करते समय हम ब्रह्मा की उपासना कर रहे होते हैं। इसलिए देवनागरी हमारी संस्कृति का प्रतीक हैं। हमारी संस्कृति वैदिक हैं। वैदिक संस्कृति वेद द्वारा भगवान की देन हैं और वेदों के अनादि होने से हमारी संस्कृति और हमारी भाषा भी अनादि और अपौरुषेय हैं। एक और तथ्य यह हैं कि हमारी भाषा में सभी भाषाओँ के शब्द लिखे और पढ़े जा सकते हैं क्यूंकि इसके ६४ अक्षर किसी भी शब्द की तथा उच्चारण की किसी भी न्यूनता को रहने नहीं देते। देवनागरी लिपि के विकास की जहाँ तक बात हैं तो स्वामी दयानंद पूना प्रवचन के नौवें प्रवचन में लिखते हैं कि इक्ष्वाकु यह आर्यावर्त का प्रथम राजा हुआ। इक्ष्वाकु के समय अक्षर स्याही आदि से लिखने की लिपि का विकास किया। ऐसा प्रतीत होता हैं। इक्ष्वाकु के समय वेद को कंठस्थ करने की रीती कुछ कम होने लगी थी । जिस लिपि में वेद लिखे गए उसका नाम देवनागरी हैं। विद्वान अर्थात देव लोगों ने संकेत से अक्षर लिखना प्रारम्भ किया इसलिए भी इसका नाम देवनागरी हैं। इस प्रकार से आर्य भाषा अपौरुषेय एवं वैदिक काल की भाषा हैं जिसकी लिपि का विकास भी वैदिक काल में हो गया था। सन्दर्भ- उपदेश मंजरी- स्वामी दयानंद पूना प्रवचन एवं स्वामी आत्मानंद सरस्वती पत्र व्यवहार-२०९ (अप्रकाशित) सीए. दिनेश सनाढ्य - एक हिन्दुस्तानी #21/02/2021 #dineshapna


 

★सत्यम् • शिवम् • सुन्दरम्★ ★सत्य ही शिव है ! शिव ही सुन्दर है !★ ★सत्य का आत्मसात ही शिव की सच्ची आराधना है !★ ★शिवरात्रि की शुभकामनाएं ! सत्य के आत्मसात के साथ !★ ◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆ आजकल कलयुग मे सत्य को ही दबाया व छुपाया जाता है ! ●देश से आजादी का सच छुपाया ! ●कांग्रेस ने बँटवारे का सच छुपाया ! ●गाँधी जी ने अहिंसा व धर्म का सच छुपाया ! ●नेताजी व क्रांतिकारीयो का सच छुपाया ! ●बीजेपी ने नोटबन्दी का सच छुपाया ! ●नाथद्वारा मन्दिर मे सद्दू पाण्डे का सच छुपाया ! ●नाथद्वारा मन्दिर मे बृजवासीयो का सच छुपाया ! ●ना.मन्दिर मे वल्लभाचार्यजी के कथन का सच छुपाया ! ●ना.मन्दिर मण्डल सदस्यों की सेवा का सच छुपाया ! ●ना.मन्दिर विकास के नाम पर बबाँदी का सच छुपाया ! ●गोमती फोरलेन मे पूर्ण निर्माण का सच छुपाया ! ●गोमती फोरलेन मे मासिक पास का सच छुपाया ! ●गोमती फोरलेन मे नाथद्वारा ब्रिज का सच छुपाया ! ●गोमती फोरलेन मे पर्यावरण का सच छुपाया ! ●गोमती फोरलेन मे डिवाईडरों का सच छुपाया ! ●शिवमूर्ति मे समाज सेवा का सच छुपाया ! ●आईकोन गेट का सच छुपाया ! ●लालबाग के बस स्टेण्ड का सच छुपाया ! ●मेवाड़ क्लब से खेल विकास व जमीन का सच छुपाया ! ●नाथद्वारा मे जमीनों की सरकारी बाँट का सच छुपाया ! अब कैसे सत्य को पहचाने ! कैसे शिव को पहचाने ! कैसे शिव की आराधना करें ! कैसे शिवरात्रि मनाये ! कैसे आम आदमी के लिए सत्यम् शिवम् सुन्दरम् ! CA. Dinesh Sanadhya - 21/02/2020 www.dineshapna.blogspot.com https://m.facebook.com/story.php?story_fbid=3074731189213527&id=100000300273580 https://www.facebook.com/2108340926076363/posts/2847647638812351/ https://www.facebook.com/2108340926076363/posts/2847221575521624/ https://www.facebook.com/2108340926076363/posts/2846893485554433/ https://www.facebook.com/2108340926076363/posts/2846728935570888/ https://www.facebook.com/2108340926076363/posts/2846226312287817/ मिराज सच्चा समाजसेवी व श्रीजी भक्त है, तो श्रीनाथजी की जमीन वापस लौटानी चाहिए ! ●लालबाग स्थित आराजी नं. 1627 क्षैत्रफल 17798 वर्गफीट जमीन श्रीनाथजी की है ! ●उक्त जमीन को नगरपालिका ने गलत तरीको से हथिया कर मिराज को दी, जो सर्वथा गलत है ! ● मन्दिर की जमीन को कोई नहीं ले सकता है, तो नगरपालिका ने किराए लेकर, कैसे अपने नाम कर ली ? ★मिराज को ईमानदारी व नैतिकता के आधार पर श्रीनाथजी मन्दिर की जमीन स्वीकार नहीं करनी चाहिए ! ★मिराज यदि लालबाग की जमीन मन्दिर को लौटाते है, तो नगरपालिका को कानूनन दूसरी जमीन देनी होगी ! ★मिराज मन्दिर की जमीन नहीं लौटाते है, तो उनकी नियत व ईमानदारी पर प्रश्न चिन्ह लगता है ? यदि मिराज मन्दिर की जमीन लौटाते है, तो हम व पूरा नाथद्वारा उनके साथ है, तथा हम मिराज को नगरपालिका से दूसरी जमीन दिलायेंगे ! सीए. दिनेश सनाढ्य - एक बृजवासी #18/02/2020 #dineshapna सक्षम, दानी, समाजसेवी व धर्मप्रेमी है तो नाथद्वारावासियो व मन्दिर की सुरक्षा करें ! श्रीनाथजी मन्दिर की लालबाग स्थित जमीन, जिसे नगरपालिका ने गलत तरीकों से अपने नाम करा ली है ! मिराज जो सक्षम, दानी, समाजसेवी व धर्मप्रेमी है, उसे चाहिए कि उक्त मन्दिर की जमीन वापस मन्दिर को दिलाकर सच्चा श्रीजी भक्त बनकर बताये ! धर्म की बातो के साथ धर्म पर चले ! धर्म प्रेमी के साथ धर्म निष्ठ बने ! सीए. दिनेश सनाढ्य - एक बृजवासी #19/02/21 #dineshapna समाज सेवा के साथ श्रीजी सेवा करें ! शिव भक्त के साथ श्रीजी भक्त बने ! समाज सेवा के लिए सरकारी जमीन ले ! परन्तु श्रीनाथजी मन्दिर की जमीन नही ले ! समाज सेवा करें ! परन्तु समाज सेवा मे व्यापार शामिल नही करना चाहिए ! ★जयश्रीकृष्ण★ ★जयश्रीराम★ सीए. दिनेश सनाढ्य - एक बृजवासी #19/02/2021 #dineshapna मन्दिर व सेवा को दिया जाता है ! मन्दिर व सेवा से लूटा नहीं जाता है ! दान में कुछ देना बहुत ही पुण्य का काम है व दानी व्यक्ति पर हमेशा से भगवान का हाथ/कृपा रहती है ! किन्तु धोखे से अर्जित वस्तु /जमीन गलती से आपके पास आ जाती है तो बड़ा नुकसान करके जाती है ! आप सम्पत्ति/जमीन क्यों एकत्र कर रहे हो ? ◆सम्पत्ति बढ़ाने के लिए, तो आपको जरुरत नहीं ! ◆दान/सेवा के लिए, तो आपकी सेवा दुषित हो जायेगी ! अतः गलत प्राप्त जमीन/धन को लौटा देना चाहिए, यदि वह श्रीनाथजी की हो तब तो आवश्यक रुप से ! ●भगवान सक्षमता के साथ सद्बुद्धि दे ! ●भगवान को दे, वह सहस्त्र गुणा देगा ! ●आप गलत का या गलती का साथ देगे, वह आपका साथ/हाथ छोड़ देगा ! सीए. दिनेश सनाढ्य - एक बृजवासी #20/02/2021 #dineshapna न.पा. को मन्दिर की जमीन वापस लौटानी चाहिए ! मिराज को 17798 वर्गफीट जमीन मिलनी चाहिए ! यदि मिराज उक्त जमीन मन्दिर को लौटाते है, तो न.पा. मिराज को दूसरी जमीन दे, नहीं तो हम तैयार है! ★नगरपालिका ने मन्दिर से लालबाग मे बस स्टैण्ड के लिए किराए पर जमीन ली ! उस जमीन को बिना खरीदे धोखाधड़ी से अपने नाम कर ली ! उसके बाद उस जमीन को मिराज (मदनजी) को बेच दी ! अतः न.पा. को उक्त जमीन मन्दिर को वापस देनी होगी ! 【■नगरपालिका ने कानूनन गलत किया और कानून सभी पर समान रुप से लागू होता है !■】 ★मिराज (मदनजी) को नगरपालिका ने 17798 वर्गफीट जमीन धोखाधड़ी से मन्दिर की जमीन दे दी ! अब जब मिराज को मालूम चल गया की यह जमीन मन्दिर की है ! तो अब यह जमीन मन्दिर को ईमानदारी से लौटाना चाहिए ! 【■मिराज को जमीन मन्दिर को वापस देना चाहिए !■】 मिराज को लालबाग स्थित जमीन श्रीनाथजी मन्दिर को वापस दे ! यदि नगरपालिका इसके बदले दूसरी जमीन नहीं देती है, 【★★★★ 【तो हम 17798 वर्गफीट जमीन मिराज को देने को तैयार है !】 ★★★★】 सीए. दिनेश सनाढ्य - एक बृजवासी #21/02/2021 #dineshapna







 

Saturday, 20 February 2021

न.पा. को मन्दिर की जमीन वापस लौटानी चाहिए ! मिराज को 17798 वर्गफीट जमीन मिलनी चाहिए ! यदि मिराज उक्त जमीन मन्दिर को लौटाते है, तो न.पा. मिराज को दूसरी जमीन दे, नहीं तो हम तैयार है! ★नगरपालिका ने मन्दिर से लालबाग मे बस स्टैण्ड के लिए किराए पर जमीन ली ! उस जमीन को बिना खरीदे धोखाधड़ी से अपने नाम कर ली ! उसके बाद उस जमीन को मिराज (मदनजी) को बेच दी ! अतः न.पा. को उक्त जमीन मन्दिर को वापस देनी होगी ! 【■नगरपालिका ने कानूनन गलत किया और कानून सभी पर समान रुप से लागू होता है !■】 ★मिराज (मदनजी) को नगरपालिका ने 17798 वर्गफीट जमीन धोखाधड़ी से मन्दिर की जमीन दे दी ! अब जब मिराज को मालूम चल गया की यह जमीन मन्दिर की है ! तो अब यह जमीन मन्दिर को ईमानदारी से लौटाना चाहिए ! 【■मिराज को जमीन मन्दिर को वापस देना चाहिए !■】 मिराज को लालबाग स्थित जमीन श्रीनाथजी मन्दिर को वापस दे ! यदि नगरपालिका इसके बदले दूसरी जमीन नहीं देती है, 【★★★★ 【तो हम 17798 वर्गफीट जमीन मिराज को देने को तैयार है !】 ★★★★】 सीए. दिनेश सनाढ्य - एक बृजवासी #21/02/2021 #dineshapna