Chartered Accountant,Social Activist,Political Analysist-AAP,Spritual Thinker,Founder of Life Management, From India, Since 1987.
Friday, 24 September 2021
नाथद्वारा श्रीनाथजी मन्दिर का सामाजिक अंकेक्षण क्यों नहीं ? जब अधिकारी व नेता मठाधीश की अगवानी व श्रीनाथजी के सामने खड़े है किन्तु पीछे से श्रीनाथजी की सम्पत्तियों / धन को नुकसान पहुँचा रहे है तो बृजवासी सामाजिक अंकेक्षण क्यों नहीं करे ? सामाजिक अंकेक्षण जरूरी है क्योंकि :- (१)मन्दिर पर सरकारी बेवजह हस्तक्षेप व नियंत्रण से मन्दिर मे सेवा/भावनाओं के स्थान पर व्यापार हो रहा है ! (२)मन्दिर की जमीनों को बेचा व लूटा जा रहा है तथा धन का दुरुपयोग व अपव्यय हो रहा है ! (३)मन्दिर मे गैर वैष्णवो के हस्तक्षेप से पुष्टि मार्ग परम्पराओं को तोड़ा/बदला व प्रसाद की गुणवत्ता मे कमी की जा रही है ! (४)अधिकारी व नेताओ के द्वारा संविधान विरुद्ध मन्दिर पर नियंत्रण किया जा रहा है ! (५)श्रीनाथजी की साक्षात् आज्ञा का उल्लंघन करते हुए बृजवासियों के मूल अधिकारों का हनन किया जा रहा है ! नाथद्वारा मन्दिर के मठाधीश से निवेदन है कि श्रीनाथजी की साक्षात् आज्ञा का पालन करते हुए, सामाजिक अंकेक्षण की आज्ञा दे व मन्दिर को सरकारी नियंत्रण से मुक्ति मे सहयोग करें ! सीए. दिनेश सनाढ्य - एक बृजवासी #24/09/2021. #dineshapna
Thursday, 23 September 2021
नाथद्वारा श्रीनाथजी मन्दिर का सामाजिक अंकेक्षण क्यों नहीं ? जब सुप्रीम कोर्ट के आदेश से श्री पद्मनामस्वामी मन्दिर के 25 वर्ष का अंकेक्षण हो सकता है तो नाथद्वारा श्रीनाथजी मन्दिर का सामाजिक अंकेक्षण क्यों नहीं हो सकता है ? सामाजिक अंकेक्षण जरूरी है क्योंकि :- (१)मन्दिर की जमीन हाथ से निकल रही है ! (२)मन्दिर के धन का अपव्यय हो रहा है ! (३)मन्दिर पर अनावश्यक सरकारी हस्तक्षेप हो रहा है ! (४)सरकार संविधान विरुद्ध मन्दिर पर नियंत्रण कर रही है ! (५)बृजवासियों के मूल अधिकारों का हनन हो रहा है ! नाथद्वारा मन्दिर के मठाधीश से निवेदन है कि बृजवासियों को मूल अधिकार देते हुए, सामाजिक अंकेक्षण की आज्ञा दे व मन्दिर को सरकारी नियंत्रण से मुक्ति मे सहयोग करें ! सीए. दिनेश सनाढ्य - एक बृजवासी #23/09/2021. #dineshapna
Thursday, 16 September 2021
हिन्द, हिन्दी व हिन्दुस्तानी की रक्षा कैसे हो ? हिन्दी दिवस "एक दिन" नहीं, "365 दिन" मनायें ! हिन्दी दिवस "मनायें" ही नहीं, हम "मनवाये" भी ! "हिन्दी प्रेमी" बनने के साथ, "हिन्दी योद्घा" बने ! हिन्द, हिन्दी व हिन्दुस्तानी का "एक ही दुश्मन" है "सत्ता / राजनीति" के कुछ स्वार्थी / मक्कार लोग ! यह विचार हिन्दी दिवस की त्रिदिवसीय संगोष्ठी मे दूसरे दिन विशिष्ट अतिथि सीए. दिनेश सनाढ्य ने प्रकट किये ! सीए. दिनेश सनाढ्य - एक हिन्दुस्तानी #15/09/2021 #dineshapna
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