Sunday, 5 July 2026

★ *श्रीकृष्ण का संदेश : धर्म, धैर्य और दृढ़ता* ★ कलियुग में यदि झूठ, धोखा, बेईमानी, मिलावट, भ्रष्टाचार, हिंसा, लूट तथा अन्य प्रकार के अधर्म बढ़ रहे हैं, तो उनका वास्तविक *समाधान श्रीकृष्ण की शिक्षाओं को जीवन में आत्मसात करने में है।* *श्रीकृष्ण की नीति स्पष्ट है :—* ✔ पहले सत्य का मार्ग दिखाइए। ✔ पहले समझाइए और सुधार का अवसर दीजिए। ✔ पहले क्षमा और करुणा का परिचय दीजिए। किन्तु यदि कोई व्यक्ति बार-बार जानबूझकर अधर्म, अन्याय और अत्याचार पर ही अडिग रहे, तो उसके सामने *अन्याय के आगे झुकना भी अधर्म है।* ऐसी स्थिति में *धर्म की रक्षा के लिए साहस, विवेक, संगठन, संविधान और कानूनसम्मत उपायों* से दृढ़ प्रतिकार करना ही श्रीकृष्ण की शिक्षा है। "क्षमा वहीं तक उचित है, जहाँ तक वह अधर्म को बढ़ावा न दे। धर्म वहीं जीवित रहता है, *जहाँ सत्य के साथ न्याय की भी रक्षा होती है।"* आइए, पहले स्वयं धर्म का पालन करें, फिर समाज में धर्म, सत्य, न्याय और उत्तरदायित्व की स्थापना का संकल्प लें। *॥ धर्मो रक्षति रक्षितः ॥* *सीए दिनेश चन्द्र सनाढ्य* *#एक हिन्दुस्तानी* (155) #06/07/2026 #dineshapna



 

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