Chartered Accountant,Social Activist,Political Analysist-AAP,Spritual Thinker,Founder of Life Management, From India, Since 1987.
Wednesday, 13 September 2017
★भगवान ने झील भरी, संरक्षण की आपकी बारी★ ■ भगवान ने 44 वर्ष बाद 30 फीट जल दिया है, उसे बचाने की जिम्मेदारी आपकी है ! ■ झील भरने पर निवासी, किसान, बीजेपी, कांग्रेस, बच्चे व बड़े सभी खुश है , ऐसे दीपावली / ईद या चुनाव जितने पर भी खुश नही होते है ! ■ यह खुशी 365 दिन तक रह सकती है ! ■ इसके लिए हम सभी को सकारात्मक सोच, सर्वहित के साथ सोचते हुए,स्वार्थ व राजनैतिक हित को छोड़कर "झील संरक्षण समिति" का गठन हो ! ■ जल का उपयोग पीने, सिचाई, पर्यटन, उधोग के लिए �
Tuesday, 12 September 2017
कड़वी बात नाथद्वारा में "चऊमुखी विकास" के स्थान पर "चऊमुखी विनास" क्यों ? (1) अनियोजित व आमजन विरोधी विकास का मूल - + कुछ लोगो के स्वार्थ ! + अधूरी राजनेतिक इच्छा शक्ति ! + कथनी व करनी में फर्क ! + आमजन को नुकसान व खासजन को फायदा ! + आस्था पर चोट ! + अदूरदर्शितापूर्ण निर्णेय ! ( मूल कारक - कांग्रेस सरकार - बीजेपी सरकार - बोर्ड मेंबर - महाराजश्री ) (2) अभी तक कैसा हुआ नाथद्वारा का विकास ? + आमदनी कम, खर्च ज्यादा ! + आस्था पर चोट ! + जन विरोधी ! + रोजगार विरोधी ! + भस्टाचार के साथ ! + मंदिर के धन का अपव्यय ! ( मूल कारक - टेम्पल बोर्ड - मुख्य निस्पादन अधिकारी - अधिकारी - महाराजश्री ) ( विकास के स्थान - वल्लभ विलास - लाल बाग़ - गिरिराज परिक्रमा - मंदिर विस्तार ) (3) नाथद्वारा का विकास किस तरह होना चाहिए ? + पूर्ण पारदर्शिता के साथ योजना ! + धन आने के स्रोत के साथ खर्च की योजना ! + आमजन के सहभागिता के साथ योजना ! + योजना से सभी को फायदा हो ! (मूल कारक - नेता - सक्षम बोर्ड मेंबर - टेम्पल बोर्ड - महाराजश्री ) (4) विकास कैसे होना चाहिए ? और कौन करेगा ? + विकास की योजना में पूर्ण पारदर्शिता हो ! + आमजन के सहभागिता व जनता के समश्याओ के समाधान के साथ हो ! + विकास आर्थिक व जनहित में फायदेमंद हो ! + विकास मंदिर , ब्रजवासियो , वैष्णवों , नगरवासियो के हित हो, व उनके नुकसान के क्षतिपूर्ति के साथ हो ! ( मूल कारक - महाराजश्री को मंदिर वैष्णवों , नगरवासियो के हित में बोलना व काम करना चाहिए ! - कांग्रेस ,बीजेपी, व बोर्ड मेंबर को चुप बैठना चाहिए ! - आमजनता की सहभागिता सुनिश्चीत होनी चाहिए !) यदि आज महाप्रभुजी होते तो यह समस्या नही आती क्योकि महाप्रभुजी जनहित के निर्णेय ब्रजवासियो की सहमति व ठाकुरजी की आज्ञा से लेते थे ! किन्तु वर्तमान में महाराजश्री न ब्रजवासियो की सुनते है और न ही ठाकुरजी की आज्ञा लेते है! महाराजश्री केवल अपने मन की करते है या किसी के दबाव में काम करते है ! - CA. Dinesh Sanadhya – 11.09.2017 (11.09.1893)
Sunday, 10 September 2017
Thursday, 7 September 2017
★राजसमन्द झील किसे कहे अपना दर्द★ ★एक सरकार , दो तरह की बाते ! एक 100 फीट सड़क, दो तरह के बोडँ ! ★मुख्यमन्त्री कहे , जल बचाने की ! विधायक मनाये, जल आने का जश्न ! ★कोई बात नही करे, झील जल संरक्षण की ! प्रशासन मजबूर है , नेता स्वार्थ मे मसगूल है ! ★चाहे झील का जल हो बबॉद, चिन्ता है "वोट बैक" की ! विधायक करे ऐलान, गठन हो "झील संरक्षण समिति" का !
Tuesday, 5 September 2017
Monday, 4 September 2017
Sunday, 3 September 2017
जनहित में प्रसारित - राजनैतिक दलों व सक्षम व्यक्तियो के लिए (1) हमारे प्रधानमंत्री ने " भ्रस्टाचार दूर करने " , " गरीबो को अधिकार दिलाने " के लिए संकल्प लिया ! ...........(2017 - 2022 ) (करेंगे………… व करके रहेंगे……………… ) (2) "भ्रस्टाचार मुक्त भारत" 80 % व्यक्ति चाहते है ! * TOP स्तर - 10 % (प्रधानमंत्री , दिल्ली मुखयमंत्री , न्यायपालिका, कुछ कार्यपालिका , कुछ समाज सेवी ) * BOTTOM स्तर - 70 % (आम जनता ) चाहते है ! * MIDDLE स्तर - 20 % (बेईमान नेता , बेईमान नौकरशाह , बेईमान सक्षम व्यक्ति ) नही चाहते है ! .........तो क्यो 80 % पर 20 % भारी है ? (3) उक्त 20 % व्यक्ति हमारे नाथद्वारा में भी रहते है ! ............ जो कोई सरकारी धन को विकास के नाम पर मनमानी तरीके से बर्बाद करते है ! जो कोई निजी धन को जनहित के नाम पर खर्च कर सरकारी जमीन का दुरुपयोग कर रहे है ! जो कोई पद का दुरुपयोग कर बहु मंजिल ईमारत बना रहे है! जो कोई सरकारी जमीन पर अतिक्रमण कर रहे ! (4) कौन क्या करे ? …………………………….. न्यायालय न्याय करे व न्याय कर रहा है ! प्रशासन नियम विरुद्ध कार्यो को रोके किन्तु रोक नही रहा है ! आम जनता जागे ! बोले ! करे ! जबकि कुछ लोग है ! जाग रहे है ! बोल रहे है ! कर रहे है ! सभी की जरुरत है! (5) निवेदन है ! ………………………………….. बीजेपी से ------ प्रधानमंत्री की कहे अनुसार स्थानीय नेता कार्य करे ! ------ 2017 - 2022 तक "नया भारत" बनाने से पहले "अपना भारत" बनाये ! "नया भारत" बनाने से पहले "नया नाथद्वारा" बनाये ! "नया नाथद्वारा" बनाने से पहले "अपना नाथद्वारा" बनाये ! कांग्रेस से ----- भ्रस्टाचार की कारण "सत्ता" खोई ! अबतो "सिद्धांत" तो न खोये ! ----- "नया भारत" न बनाये तो कोही बात नही ! गांधी जी का "पुराना भारत" ही सही "रामराज वाला भारत" तो बनाये ! NOTE :- DO NOT TAKE THIS MASSAGE AS A PERSONALLY. CA.DINESH SANADHYA - 03.09.2017
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