Sunday, 3 July 2022

★★★ धर्मो रक्षति रक्षितः ★★★ धर्म को हानि पहुँचाने वाले से खतरनाक, धर्म की हानि होते हुए देखने वाला होता है ! परन्तु जो हिन्दू होकर धर्म की हानि करता है, वह अक्षम्य अपराध है ! यह साड़ी पर श्रीनाथजी की छवि को प्रिंट करने वाला "धर्म का अपराधी" है तो उस साड़ी को बेचने वाला उससे भी बड़ा "धर्म का अपराधी" है ! यह साड़ी प्रिंट करने वाला व उक्त साड़ी बेचने वाला, दोनों पुष्टि मार्ग के दीपक है ! इसके अलावा हिन्दू, नाथद्वारा वासी, बृजवासी व वैष्णव जो देख रहे है, वह सभी भी दोषी है ! इससे भी ज्यादा मठाधीश दोषी है क्योंकि पहले भी ऐसी घटना मठाधीश के सामने हुई और मठाधीश चुप रहे ! अब हम सभी को इसका विरोध करना होगा, ★ सामाजिक बहिष्कार करना होगा, ★ कानूनी कार्यवाही करनी होगी ! सीए. दिनेश सनाढ्य - एक बृजवासी #(131) #03/04/22 #dineshapna





 

Friday, 1 July 2022

★रथयात्रा की बधाई व शुभकामनाएं !★ रथयात्रा मे रथ को खीचे व सुरक्षा करें बृजवासी ! रथ के साथ चलने वाले चाटें मलाई व करें मनमानी ! (१)श्रीनाथजी की "प्रथम रथयात्रा" सन् 1665 (आश्विन शुक्ल १५, वि.सं. १७२२, शुक्रवार) को बृज से शुरू हुई किन्तु उस समय यह रथयात्रा असुरक्षा के माहौल मे, अनिश्चित स्थान की ओर, अनिश्चित समय के लिए केवल "बृजवासियों की हिम्मत व हौसले के साथ" आगे बढ़ी ! (२)यह रथयात्रा अपने लक्ष्य पर 32 माह मे सिंहाड़, नाथद्वारा पहुंची ! इस 32 माह मे कई मुष्किलो व हमलों का सामना किया ! कई बृजवासियों ने बलिदान भी दिया, तब ही यह रथयात्रा यहाँ तक सुरक्षित पहुँची ! (३)सन् 1665 की प्रथम रथयात्रा का "दिन शुक्रवार" था व आज सन् 2022 की रथयात्रा का "दिन भी शुक्रवार" है ! "प्रथम रथयात्रा" मे श्रीनाथजी, बृजवासी व वल्लभ कुल के वंशज शामिल थे ! (४)सन् 1672 मे श्रीनाथजी के नाथद्वारा मे पाटोत्सव के बाद भी कई आपत्तियाँ आई व आक्रमण हुए किन्तु उनका सामना महाराणा, राजपूतों व बृजवासियों ने किया ! जिसमें कई राजपूत व बृजवासी बलिदान हुए ! (५)सन् 1934 मे उदयपुर महाराणा के द्वारा एक आदेश जारी किया गया ! ,जिसमें यह घोषित किया गया था कि श्रीनाथजी को समर्पित सभी सम्पत्ति मन्दिर की सम्पत्ति है ! तिलकायत महाराज उक्त सम्पत्ति के केवल संरक्षक, प्रबन्धक व ट्रस्टी है और मन्दिर को समर्पित 562 सम्पत्तियों का उपयोग धर्मस्थल के वैध उद्धेश्यों के लिए किया जाये ! (६)आजकल बलिदान करने वाले बृजवासियों, राजपूतों व सम्पत्ति समर्पित करने वाले उदयपुर महाराणा की अनदेखी की जा रही है ! (७)मन्दिर की सम्पत्ति के केवल संरक्षक, प्रबन्धक व ट्रस्टी कैसे मालिक / मठाधीश बन गये ? सीए. दिनेश सनाढ्य - एक बृजवासी #(130) #01/07/22 #dineshapna









 

◆सीए डे व ◆डॉक्टर्स डे की एक दूसरे को शुभकामनाएं ! 1 जुलाई, 2022 (दो दिन) (देश व देशवासियों के लिए) ◆एक देश की अर्थव्यवस्था के स्वास्थ्य का ध्यान रखता है ! ◆दूसरा देश के निवासियों के स्वास्थ्य का ध्यान रखता है ! डाँ. ललित पुरोहित, प्रमुख चिकित्सा अधिकारी, आर. के. हाँस्पिटल, राजसमन्द सीए. दिनेश सनाढ्य, सीनियर चार्टर्ड एकाऊन्टेन्ट, राजसमन्द दोनों एक दूसरे को बधाई व शुभकामनाएं देते हुए । सीए. दिनेश सनाढ्य - एक हिन्दुस्तानी #(129) #01/07/22 #dineshapna



 

जो कहते, वह करते है, उसे हम नानजी कहते है ! पर्यावरण दिवस एक दिन नहीं, 365 दिन मनाते है ! 28/05 को नानजी भाई गुर्जर के 50 वाँ जन्मदिन पर 500 पेड़ लगाये ! एक माह मे 500 पेड़ों को नवजीवन व जीवन सुरक्षा के लिए 5 पानी की टंकी व 5 बीघा मे पाईपों से 50 पोईन्ट पर पानी की व्यवस्था की ! 5 बीघा जमीन पर थोर की बाड़ लगाई ! 28/06 को दिनेश सनाढ्य ने "सतत् पर्यावरण अभियान" की शुरुआत की ! गांव वालों ने प्रति व्यक्ति 11 पौधे लगाकर पेड़ बनाने का संकल्प लिया ! आशापुरा मानव कल्याण ट्रस्ट ने "पर्यावरण रक्षक" के लिए आम जनता को सदस्य बनने के लिए कहा गया ! ट्रस्ट के द्वारा पेड़ उपलब्ध कराकर लगाये जायेंगे, किन्तु उनकी सुरक्षा ग्रामवासियों के द्वारा की जायेगी ! 28/07 को नानजी गुर्जर ने कहा कि आगामी "संगोष्ठी व कार्य समीक्षा कार्यक्रम" रखा जायेगा ! नानजी ने मांग की है कि ●गंगासागर तालाब की क्षमता को तीन गुणा किया जाये ! ●गंगासागर तालाब की पाल को पुनः बनवाई जाये जिससे पानी के रिसाव को रोका जाये ! ●पेड़ों के पानी की स्थाई व्यवस्था के लिए दो ट्यूबवेल खोदे जाये ! ●पेड़ो की सुरक्षा के लिए वृक्षारोपण क्षैत्र की स्थाई पत्थर की बाऊण्डरी वाँल नरेगा से बनवाई जाये ! ट्रस्ट के द्वारा अगले माह तक 1100 पेड़ लगाने का कार्य किया जा रहा है । सीए. दिनेश सनाढ्य - एक पर्यावरण प्रेमी #(128) #30/06/22 #dineshapna