Tuesday, 25 October 2022

★ भगवान श्रीशंकर जी के द्वारा सर्वप्रथम सुनाई श्रीराम कथा - अध्यात्म रामायण ★ श्रीनाथजी श्रीकृष्ण का स्वरूप है, श्रीकृष्ण व श्रीराम दोनों विष्णु जी का स्वरूप है ! नाथद्वारा मे श्री शिवजी की विशाल मूर्ति के समक्ष श्रीराम कथा का आयोजन किया जा रहा है ! तो आवश्यक है कि अध्यात्म रामायण सुनाई जाये क्योंकि यह ही वो श्री राम की कथा है जो भगवान श्री शंकर जी ने सर्वप्रथम माता पार्वती जी को सुनाया था ! (१)उस कथा को एक कौवे ने भी सुन लिया। उसी कौवे का पुनर्जन्म काकभुशुण्डि के रूप में हुआ। काकभुशुण्डि को पूर्वजन्म में भगवान शंकर के मुख से सुनी वह राम कथा पूरी की पूरी याद थी। उन्होने यह कथा अपने शिष्यों सुनाया। इस प्रकार राम कथा का प्रचार प्रसार हुआ। (२)भगवान श्री शंकर के मुख से निकली श्रीराम की यह पवित्र कथा अध्यात्म रामायण के नाम से विख्यात है। अध्यात्म रामायण को ही विश्व का प्रथम रामायण माना जाता है। (३)यह आख्यान ब्रह्माण्डपुराणके उत्तरखण्ड के अन्तर्गत माना जाता है। अतः इसके रचयिता महामुनि वेदव्यास जी ही हैं। (४)इसमें परम रसायन रामचरितका वर्णन करते-करते पद-पद पर प्रसङ्ग उठाकर भक्ति, ज्ञान, उपासना, नीति और सदाचार सम्बन्धी दिव्य उपदेश दिये गये हैं। विविध विषयों का विवरण रहने पर भी इसमें प्रधानता अध्यात्मतत्त्व के विवेचन की ही है। इसीलिये यह 'अध्यात्म रामायण' कहलाता है। सीए. दिनेश सनाढ्य - एक आध्यात्मिक विचारक #(218) #26/10/22 #dineshapna



 

Friday, 21 October 2022

विश्वास स्वरुपम् का लोकर्पण है, तो विश्वास जीते ! जनता का विश्वास व श्रीनाथजी का विश्वास जीते ! शिव जी की विशाल मूर्ति बनाने के लिए दिल से धन्यवाद ! कौन जनता / श्रीनाथजी के विश्वास पर खरा उतरा है ? (१)शिव जी का नाम "विश्वास स्वरुपम्" रखा है और उसे लोगों को अर्पण कर रहे है तो आम आदमी / श्रीनाथजी को भी यह जानने को हक है कि कहीं उनके विश्वास के साथ कोई विश्वासघात तो नहीं हो रहा है ! (२)स्थानीय बोर्ड सदस्य पर विश्वास ? जो जनता को असुविधा दे व श्रीनाथजी की जमीन छिने ? (आईकोनिक गेट, माँडल बस स्टैण्ड, शिवमूर्ति की जमीन, एलिवेटेड पुल के नीचे की जमीन, हाई स्कूल का भवन, लालबाग बस स्टैण्ड की जमीन) (३)बोर्ड सदस्य व मठाधीश पर विश्वास ? जो जनता को असुविधा दे व श्रीनाथजी की जमीन छिने ? (धर्मशाला तोड़कर लग्जरी होटल निर्माण, बिना पार्किंग के होटल निर्माण, मन्दिर की जमीन हाथ से निकलना, मन्दिर के धन की बबार्दी, मन्दिर की परम्पराओं को तोड़ना, बृजवासियों के अधिकार छिनना) (४)निष्पादन अधिकारी, कलेक्टर व विधायक पर विश्वास ? जो जनता को असुविधा दे व श्रीनाथजी की जमीन छिने ? (आईकोनिक गेट, लालबाग बस स्टैण्ड की जमीन, श्रीनाथजी के धन की बबार्दी, एलिवेटेड पुल व उसके नीचे का गाडँन) (५)जनता व श्रीनाथजी किस पर व कैसे विश्वास करें ? उक्त व्यक्ति पद व प्रतिष्ठा पाने के बाद अपनी मनमानी क्यों ? (स्थानीय बोर्ड सदस्य, मन्दिर मण्डल बोर्ड, मठाधीश, निष्पादन अधिकारी, कलेक्टर व विधायक) सीए. दिनेश सनाढ्य - एक हिन्दुस्तानी #(216) #21/10/22 #dineshapna


 

Wednesday, 19 October 2022

विश्वास स्वरुपम् का लोकर्पण है, तो विश्वास जीते ! जनता का विश्वास व श्रीनाथजी का विश्वास जीते ! शिव जी की विशाल मूर्ति बनाने के लिए दिल से धन्यवाद ! (१)शिव जी का नाम "विश्वास स्वरुपम्" रखा है और उसे लोगों को अर्पण कर रहे है तो आम आदमी/श्रीनाथजी को भी यह जानने को हक है कि कहीं उनके विश्वास के साथ कोई विश्वासघात तो नहीं हो रहा है ! (२)नगरपालिका, नाथद्वारा ने जनहित मे शिवमूर्ति के लिए आम जनता की 25 बिघा जमीन लीज पर 30 वर्ष के बाद पुनः जनता को देने की शर्त पर दी थी, किन्तु उसकी अवधि 99 वर्ष बढ़वाई गई ! तो क्या यह जनता के साथ विश्वासघात नहीं है ? (३)एलिवेटेड पुल के नीचे की जमीन सड़क व पार्किंग के लिए ही उपयोग मे लेनी चाहिए, अतः यदि उस पर जनहित के विरुद्ध जबरदस्ती गाडँन बनाया जाता है ! तो क्या यह जनता के साथ विश्वासघात नहीं है ? (४)मन्दिर के द्वारा हाई स्कूल की जमीन व बिल्डिंग शिक्षा के लिए दी तथा जो आज भी मजबूत व उपयोगी होने के बावजूद किसी व्यक्ति को व्यक्तिगत लाभ पहुंचाने के लिए उसे तोड़कर, पुनः बनाना धन की बबार्दी है ! तो क्या यह जनता के साथ विश्वासघात नहीं है ? (५)आम जनता के साथ हो रहे विश्वासघात को रोकने की जिम्मेदारी बोर्ड सदस्य / स्थानीय बोर्ड सदस्य / मठाधीश / निष्पादन अधिकारी / कलेक्टर / विधायक की है ! तो क्या उक्त व्यक्तियो को आम जनता के विश्वास को बनाये रखने के लिए प्रयास नहीं करना चाहिए ? सीए. दिनेश सनाढ्य - एक हिन्दुस्तानी #(215) #19/10/22 #dineshapna


 

Tuesday, 18 October 2022

विश्वास स्वरुपम् का लोकर्पण है, तो विश्वास जीते ! जनता का विश्वास व श्रीनाथजी का विश्वास जीते ! शिव जी की विशाल मूर्ति बनाने के लिए दिल से धन्यवाद ! (१)शिव जी का नाम "विश्वास स्वरुपम्" रखा है और उसे लोगों को अर्पण कर रहे है तो आम आदमी/श्रीनाथजी को भी यह जानने को हक है कि कहीं उनके विश्वास के साथ कोई विश्वासघात तो नहीं हो रहा है ! (२)श्रीनाथजी की लालबाग बस स्टैण्ड की 45000 वर्गफीट जमीन 2000/- प्रतिवर्ष किराए पर नगरपालिका, नाथद्वारा को दी ! उसमें से 17798 वर्गफीट जमीन नगरपालिका ने बेच दी ! यह विश्वासघात है ! (३)आईकोनिक गेट व माँडल बस स्टैण्ड बनाने के लिए 17798 वर्गफीट जमीन नगरपालिका से ली, तब भी माँडल बस स्टैण्ड पर व्यक्ति विशेष का नाम लगाया है, तो क्या यह आम आदमी के साथ विश्वासघात नहीं है ? (४)पहली बार स्थानीय व्यक्ति मन्दिर मण्डल का बोर्ड सदस्य बना है तो उनको बधाई ! किन्तु उनका दायित्व भी बनता है कि मन्दिर मण्डल की जमीनों / धन की रक्षा करें ! (५)श्रीनाथजी की लालबाग बस स्टैण्ड की जमीन, लावटी पेट्रोल पम्प की जमीन, बड़ा मगरे की जमीन, भीलवाड़ा की जमीन को बचाने की जरूरत है ! यदि यह (बोर्ड सदस्य / स्थानीय बोर्ड सदस्य / मठाधीश / निष्पादन अधिकारी / कलेक्टर / विधायक) जमीन नहीं बचाते है तो यह श्रीनाथजी के साथ विश्वासघात है ! सीए. दिनेश सनाढ्य - एक हिन्दुस्तानी #(214) #18/10/22 #dineshapna



 

Monday, 17 October 2022

विश्वास स्वरुपम् का लोकर्पण है, तो विश्वास जीते ! जनता का विश्वास व श्रीनाथजी का विश्वास जीते ! (१)शिव जी की विशाल मूर्ति बनाने के लिए दिल से धन्यवाद ! किन्तु जो नाम "विश्वास स्वरुपम्" रखा है और उसे लोगों को अर्पण कर रहे है तो आम आदमी को जानने को हक है कि उसके विश्वास के साथ धोखा तो नहीं हुआ है ! (२)आईकोनिक गेट बनाना, क्या यह कार्य आम आदमी के विश्वास के अनुरूप है ? (३)आईकोनिक गेट से आने जाने मे परेशानी है, पड़ोसी दुकानदारों को परेशानी है, गाडँन का जनता को फायदा नहीं है, पार्किंग की समस्या है ! तो क्या यह आम आदमी के साथ विश्वासघात है ? (४)इस आईकोनिक गेट की कीमत (एवज मे जमीन) वसूलने के बावजूद यह कार्य जनहित मे कैसे हो सकता है ? (५) आईकोनिक गेट के स्थान पर "आईकोनिक सर्कल" बनाया जाता तो उक्त कोई समस्या पैदा ही नहीं होती ! सीए. दिनेश सनाढ्य - एक हिन्दुस्तानी #(213) #17/10/22 #dineshapna






 

Saturday, 15 October 2022

भारत को हिन्दू राष्ट्र बनाना ही सभी धर्मो के हित मे है ! हिन्दू राष्ट्र मे बाधक कौन ? क्यों ? व कैसे बाधाओं को हटाया जाये ? (१)हिन्दू राष्ट्र क्यों हो ? - "एकरुपता" से "शान्ति" स्थापित होती है ! शान्ति से "विकास" होता है ! विकास से "सम्पन्नता" मिलती है ! सम्पन्नता से "आनन्द" मिलता है ! आनन्द ही "व्यक्ति का अन्तिम लक्ष्य" है ! (२)सनातन / हिन्दू धर्म ही ऐसा एक मात्र धर्म है जो "वसुदेव कुटुम्ब" की धारणा पर आधारित है ! जब पूरे विश्व को कुटुम्ब बनाएगे तो एकरूपता होगी ! किन्तु हम पूरे विश्व को एक कुटुम्ब नहीं बना पा रहे है तो हमें अपने राष्ट्र को "एक कुटुम्ब" तो आसानी से बना सकते है ! इसके लिए हमे भारत को "हिन्दू राष्ट्र" बनाकर 130 करोड़ लोगों को एकजुट करके "एकरूपता" आसानी से ला सकते है ! जब एकरूपता होगी तो शान्ति - विकास - सम्पन्नता - आनन्द को प्राप्त कर सकते है ! (३)हिन्दू राष्ट्र बनाने मे बाधक कौन है ? - कुछ नेता, कुछ राजनैतिक पार्टी, कुछ हिन्दू, कुछ शताब्दी पूर्व बदले हिन्दू, धर्मनिरपेक्ष व्यक्ति व धर्मनिरपेक्षता शब्द ! (४)हिन्दू राष्ट्र बनाने की बाधाओं को कैसे दूर करे ? - हम हिन्दू है तो हिन्दू धर्म को 100% आत्मसात करें ! जैसे - श्रीराम की मर्यादा को अपनाये तो श्रीराम के धनुष को भी आत्मसात करें ! श्रीकृष्ण की मुरली को अपनाये तो श्रीकृष्ण के सुदर्शन चक्र को भी आत्मसात करें ! (५)देश व देशवासियों की सभी समस्याओं का एकमात्र हल है कि हम श्रीकृष्ण को 100% आत्मसात करें ! सीए. दिनेश सनाढ्य - एक हिन्दुस्तानी #(212) #15/10/22 #dineshapna