Monday, 2 September 2024

★ BJP / CONGRESS / AAP मे से किसका साथ दे ? ★ BJP - देश व सनातन के लिए किये कार्यों का धन्यवाद ! किन्तु आम जनता का हक अडानी व अम्बानी को देना गलत है ! 【20% गलत है ?】 CONGRESS - देश को आजादी व विकास कार्यों के लिए धन्यवाद ! किन्तु हिन्दू विरोधी कानून व भ्रष्टाचार की अति करना गलत है ! 【80% गलत है ?】 AAP - आम जनता व ईमानदारी के साथ किये कार्यों का धन्यवाद ! किन्तु कांग्रेस के साथ जाना व हिन्दुओं के विरुद्ध बने कानून पर चुप रहना गलत है ! 【20% गलत है ?】 सीए. दिनेश सनाढ्य - एक हिन्दुस्तानी #(182) #02/09/24 #dineshapna


 

★पुष्टिमार्ग के धर्म रथ से अधर्म पर विजय पाने के लिए धन नहीं, श्रीकृष्ण जैसा सारथी चाहिए - एक बृजवासी !★ (१) यदि आपको ऐसा लगता है कि यह पुष्टि मार्ग पर हो रहे दुष्प्रहार के नाश हेतु लड़ी जाने वाली लड़ाई है तो आपके साथ एक बृजवासी भी है ! (२) जिस प्रकार रथ मे विराजकर श्रीकृष्ण ने पाण्डवों को अधर्म पर विजय दिलाई थी ! तो मै यहाँ स्पष्ट करना चाहता हूँ कि श्रीकृष्ण अर्जुन के रथ पर विराजकर नहीं, सारथी बनकर अधर्म पर विजय दिलाई ! (३) वर्तमान मे श्रीकृष्ण सारथी के रूप मे नहीं आ सकते है तो श्रीकृष्ण के सखा बृजवासी तैयार है ! इसके लिए आपको एक बृजवासी को सारथी बनाना होगा ! (४) श्रीकृष्ण जब अर्जुन के रथ के सारथी बने तो केवल स्वयं ही साथ आये, उनकी सेना व धन उनके साथ नहीं लाये थे ! इसलिए श्रीनाथजी मन्दिर मण्डल से 5 (पांच) करोड़ रुपये का प्रोविजन पारित करने की कोई आवश्यकता नहीं है ! केवल श्रीकृष्ण के सखा (एक बृजवासी) को ही लेना पर्याप्त है ! 【आप इस धन माया के चक्कर को छोड़कर केवल श्रीकृष्ण के सखा को सारथी बनाये ! उसके बाद हमारा धर्म रुपी रथ का पहिया कभी रुकने वाला नहीं है !】 सीए. दिनेश सनाढ्य - एक बृजवासी #(181) #31/08/24 #dineshapna





 

Thursday, 29 August 2024

★एक मात्र अटल सत्य - मृत्यु !★ (१) "मृत्यु" के सत्य को हमेशा "याद रखना" चाहिए क्योंकि ऐसा करने से मन में क्रोध, लोभ, घृणा और दूसरे दुर्गुण नहीं जन्म लेते है ! (२) "मृत्यु" को "याद रखने" से भगवान की याद भी बनी रहती है ! (३) "मृत्यु" के बाद कोई भी व्यक्ति अपने साथ कुछ चीज नहीं ले जा सकता है ! इसीलिए हमें धर्म के अनुसार ही कर्म करना चाहिए ! मनुष्य के "कर्म" उसे मृत्यु के बाद भी संसार में जीवित रखते हैं। "धर्म और सद्कर्म" करने वाला व्यक्ति सदा याद किया जाता है। (४) 'मृत्यु' को "प्रतिदिन याद" रखने से "दुर्गुण" से दूर व "भगवान / धर्म / सद्कर्म" के पास रहते है ! इस अटल सत्य को प्रतिदिन कुछ नेताओं / कुछ अधिकारियों / कुछ मठाधीशों / कुछ सक्षम लोगों को याद रखना चाहिए ! जिससे उक्त व्यक्ति स्वार्थ / लोभ / लालच / बेईमानी को छोड़कर केवल आम जनता के हित मे ही कार्य करें ! ★मै तो 09/01/2049 को प्रतिदिन याद रखता हूँ !★ सीए. दिनेश सनाढ्य - एक हिन्दुस्तानी #(180) #29/08/24 #dineshapna


 

Wednesday, 28 August 2024

★नन्द के घर आनंद भयो ; जय कन्हैया लाल की !★ ★जन्माष्टमी मनाने के साथ ; श्रीकृष्ण को आत्मसात करें !★ (१) •"नन्द के घर आनंद भयो"• - यदि आप चाहते है कि आपके घर मे भी आनन्द हो तो •"जय कन्हैया लाल की"• केवल बोलने से काम नहीं चलेगा ! इसके लिए आपको "नन्द बावा" बनना होगा व आपके घर मे "श्रीकृष्ण" को लाना होगा अर्थात् श्रीकृष्ण के गुणों को आत्मसात करना होगा ! (२) हम चाहते है कि हमारे घर मे भी आनन्द हो किन्तु हम अपने अन्दर "कंस" को बसाये बैठे है और हमारे आस पास भी "कंस" को बैठा रखा है या उसे संरक्षण दे रखा है ! हमारे आस पास अन्याय हो रहा है तो भी हम चुप है क्योंकि हम सोचते है कि दूसरे के साथ हो रहा है, हम क्यों चिन्ता करें ! जब कुछ समय बाद वहीं अन्याय हमारे साथ होता है तब हम कुछ नहीं कर पाते है और दूसरे भी हमारी मदद नहीं करते है ! इस प्रकार "हमारे घर आनन्द" नहीं आ सकता है ! इसके लिए हमें श्रीकृष्ण को आत्मसात करते हुए "अन्याय के विरुद्ध आवाज" उठानी होगी ! (३) हमारे घर के आनन्द को खत्म करने वाले "कंस" है ! आजकल के "कंस व उनके सखा" (कुछ नेता / कुछ अधिकारी / कुछ मठाधीश / कुछ सक्षम लोग) है ! यह कंस अपने तुच्छ स्वार्थ के लिए हमारे धन / जमीन / सुविधाओं / धार्मिक भावनाओं के साथ लूट / छेडछाड / ठेस पहुंचाने का कार्य करते है ! इससें ही "हमारे घर का आनन्द" खत्म हो रहा है ! आज से 5252 वर्ष पूर्व "कंस" ने मथुरा, वृन्दावन व गोकुल की आम जनता को दु:खी कर रखा था ! श्रीकृष्ण ने उस अन्यायी का अन्त करके मथुरा, वृन्दावन व गोकुल की आम जनता को आनन्द दिलाया ! अतः हमें भी श्रीकृष्ण बनना होगा ! (४) हमारे नाथद्वारा मे आम जनता के लिए "कुछ विकास कार्य" हुए जो जनहित मे होना बताया गया किन्तु हकीकत मे "जनता के हित" मे होने के बजाय "सक्षम लोगों के हित" मे हुए और उल्टा जनता के धन व जमीन की बबार्दी होकर जनता को असुविधा व असुरक्षा देने वाला साबित हो रहा है जैसे :- ●फोरलेन, ●माँडल बस स्टैण्ड, ●आईकोनिक गेट, ●विश्व की सबसे बडी मूर्ति व ●मन्दिर द्वारा किये गये निर्माण कार्य आदि ! उक्त कार्य "श्रीकृष्ण" ने कराये या "कंस" ने ? उक्त कार्य "जनहित" मे है या स्वहित" मे ? इसका फैसला आम जनता करें ! ★नन्दोत्सव की शुभकामनाएं !★ सीए. दिनेश सनाढ्य - एक हिन्दुस्तानी #(179) #27/08/24 #dineshapna


 

Monday, 26 August 2024

★श्रीकृष्ण का सखा कौन ? ; कंस का सखा कौन ? !★ ★जन्माष्टमी मनाने के साथ ; श्रीकृष्ण को आत्मसात करें !★ (१) आज जन्माष्टमी के दिन श्रीकृष्ण व कंस एक जगह" मिलते है - (श्रीकृष्ण का जन्म तथा कंस का कारागार व उनके पहरेदार)! श्रीकृष्ण तुरन्त ही अपने "जनहित" के रास्ते पर निकल जाते है और कंस उस "जनहित" के कार्यो को रोकने के लिए व अपने "स्वहित" के अनुचित कार्यो मे कोई व्यवधान न हो इसके लिए उसको रोकने हेतु कंस श्रीकृष्ण के पीछे पड़ जाते है और उनको मारने का असफल प्रयास करता है ! (२) आज के कंस व उनके सखा (कुछ नेता / कुछ अधिकारी / कुछ मठाधीश / कुछ सक्षम लोग) तथा श्रीकृष्ण व उनके सखा (आम जनता / बृजवासी / आम वैष्णव / सुदामा) है ! द्वापरयुग मे एक कंस था, तो उसके लिए एक श्रीकृष्ण ही पर्याप्त थे ! किन्तु आजकल लाखो कंस है तो उनके समक्ष सैकड़ों श्रीकृष्ण ही होने के कारण कंस का राज चल रहा है ! इसलिए कंस व उसके सखा का आतंक बना हुआ है ! अतः हमे सैकड़ों श्रीकृष्ण को मिलाकर कार्य करना होगा तथा श्रीकृष्ण के करोड़ों सखाओं का साथ भी लेना होगा ! इस प्रकार हम संगठित होकर ही लाखों कंसो से जीत सकते है ! (३) आजकल के कंस से सामना करना है तो सबसे पहले हम स्वयं को ही श्रीकृष्ण बनना होगा ! श्रीकृष्ण को पूर्ण रूप से आत्मसात करना होगा ! सत्य, न्याय व संविधान के अनुसार ही कार्य करते हुए अपने संगठन का विस्तार करना होगा ! निष्काम भाव से कर्म करते हुए धर्म की रक्षार्थ कार्य करना होगा, इसमे निजी स्वार्थ व रिश्तों से ऊपर उठकर कार्य करना होगा ! (४) मठाधीश ने अपने तुच्छ स्वार्थ के कारण श्रीनाथजी की सम्पत्तियों व धन को लूटा रहे है या लूट होते हुए मूक दर्शक बनकर देख रहे है, यह गलत होकर अन्याय है ! इसी तरह सक्षम लोग भी नाथद्वारा विकास के नाम पर श्रीनाथजी मन्दिर व नगरपालिका की जमीन को लूट रहे है ! कही - कही 0/- शून्य रुपये लगाकर करोड़ों रुपयो का दान देने का दिखावा कर रहे है ! कही करोड़ों रुपये की सरकार से जमीन सेवा कार्य हेतु लेकर, लाखों रुपये कमा रहे है ! इन सभी कार्यों को आम जनता कंस के द्वारा किये गये कार्य मानती है ! जो गलत होकर अन्याय है ! उक्त अन्याय को रोकने के लिए घर - घर मे श्रीकृष्ण के जन्म की जरूरत है ! ★श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएं !★ सीए. दिनेश सनाढ्य - एक हिन्दुस्तानी #(178) #26/08/24 #dineshapna


 

Sunday, 25 August 2024

★जो श्रीकृष्ण का नहीं ; वह किसी काम का नहीं !★ ★जन्माष्टमी मनाने के साथ ; श्रीकृष्ण को आत्मसात करें !★ (१) कर्तव्य और धर्म :- भगवान कृष्ण परिणामों की परवाह किए बिना अपने कर्तव्य या धर्म का पालन करने के महत्व पर जोर देते हैं ! (२) भक्ति और विश्वास :- भगवान कृष्ण भक्ति और आस्था के प्रतीक हैं ! वे ईश्वर में अटूट भक्ति और आस्था को प्रोत्साहित करते हैं ! (३) नेतृत्व और निर्णय :- भगवान कृष्ण अर्जुन का मार्गदर्शन करके मूल्यवान नेतृत्व की शिक्षा देते हैं। वे एक महान नेता के गुणों का उदाहरण देते हैं : निर्णय लेना, रणनीतिक सोच और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में धैर्य बनाए रखना ! कृष्ण का नेतृत्व एक उदाहरण स्थापित करने, बुद्धिमानी से चुनाव करने और दबाव में शांत रहने के महत्व पर जोर देता है ! (४) दोस्ती और वफ़ादारी :- भगवान कृष्ण की अर्जुन और पांडवों के प्रति अटूट मित्रता और निष्ठा, सबसे कठिन परिस्थितियों में भी सच्ची मित्रता और समर्थन के मूल्यों का उदाहरण है ! सीए. दिनेश सनाढ्य - एक हिन्दुस्तानी #(177) #25/08/24 #dineshapna