Chartered Accountant,Social Activist,Political Analysist-AAP,Spritual Thinker,Founder of Life Management, From India, Since 1987.
Monday, 23 September 2019
★आओ ! "अपनी मां" के साथ "धरती मां'" के लिए भी कुछ करें !★ ★पर्यावरण की रक्षा के साथ पैसा भी कमाये !★ ●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●● ★अमाजल महादेव बन सकता है पर्यटन स्थल★ कुम्भलगढ़ ! कालिंजर पंचायत अपनी हरियाली के कारण व प्राकृतिक सुंदरता हेतु प्रख्यात है। परन्तु इन्ही अरावली की वादियों में स्थित अमाजल महादेव पर पर्यटन विकसित नहीं हो पा रहा है। क्योंकि आवागमन हेतु पर्याप्त सड़कों का विस्तार इसमें सबसे बड़ी बाधक है। ◆वर्तमान में बारह किलोमीटर दूर :- वर्तमान में अमाजल महादेव, सांयोकाखेड़ा से वाया कोयल होकर जाने पर करीब बारह किलोमीटर दूर है। जिसमें आने वाले पर्यटक वहां पहुंचने से कतराते हैं। ◆ऐसे मिल सकती है राहत :- कालिंजर पंचायत के लक्खाजी की भागल से ढाणी गाँव तक सड़क निर्माण हो जाती है तो दूरी 2 किलोमीटर ही रहती है। क्योंकि अमाजल महादेव में कई व्यक्ति दूर-दूर से आते हैं।परन्तु आवाजाही लम्बी होने में व्यक्ति दूर से ही निकल जाता है। ◆ग्रामीणों को भी मिल सकती है राहत :- लक्खाजी की भागल से ढाणी गाँव तक सड़क निर्माण होने से बाहरी आने जाने वाले ग्रामीणों कोभी रहत मिल सकेगी। क्योंकि वर्तमान में करीब 3-4 किलोमीटर का अनावश्यक चक्कर ख़त्म होकर जल्दी व्यक्ति नाथद्वारा तक पहुँच सकेंगे। ◆इस सड़क निर्माण से घाट सकती है तीन मंचायतों की दूरी :- गांव गुडा से राजसमंद आने हे तुकरी बवर्तमानमें 60 किलोमीटर है। जबकि लक्खाजी की भागल से ढाणी गाँव तक सड़क निर्माण होने से करीब 45 किलो मीटर में ही राजसमंद पहुंचा जा सकता है। इसी के साथ झालो की मदार, खेड़लिया, बड़गांव की पंचायतों में भी आसानी से पहुंचा जा सकता है ! ◆◆◆◆◆◆◆◆◆●●◆◆◆◆ ★कालिंजर पंचायत के ग्राम लक्खाजी की भागल स्थित पुराने पेयजल स्त्रोत का पुनरोद्धार कराने बाबत।★ कुम्भलगढ़ कालिंजर पंचायत के ग्राम लक्खाजी की भागल स्थित बारवाह का नाडा का पुनरोद्धार की आवश्यकता है। उक्त बारवाह का नाडा वर्तमान जीर्ण-शीर्ण होने के साथ-साथ पानी रिसकर गाँव की फसलों की बर्बादी कर रहा है। साथ ही बार वाह का नाडा में जल रिसाव के चलते क्षेत्र के पशु पक्षियों को भी पेयजल की समस्या उत्पन्न हो रही है। आशापुरा मानव कल्याण ट्रस्ट के अध्यक्ष नान जी गुर्जर ने बताया की उक्त बारवाह का नाडा का निर्माण आज से 50 वर्ष पहले हुआ था। इसके निर्माण से लक्खाजी की भागल, मादरेचो का गुदा के आस पास के सभी कुँए व बावड़ियां वर्ष भर आबाद थे, इसके साथ ही पशु पक्षियों को पेयजल सुगमता से उपलब्ध होकर ग्रामीणों के खेत भी सिंचित होते थे। उक्त एनीकट की वर्तमान ऊंचाई दो मीटर है। जब कि पानी की आवक अधिक होने पर भी पानी बर्बाद हो रहा है। जबकि ग्रामीणों तथा संस्था अध्यक्ष ने बताया की उक्त तालाब की ऊंचाई बढाकर ग्रामीणों को राहत प्रदान की जा सकती है। उक्त तालाब के पुनरोद्धार हेतु सरकार तथा प्रशासन से अपील करते हैं की उचित समाधान किया जाना सुनिश्चित किया जा सकता है। ◆Nanji Bhai Gurjar President – Ashapura Manav Kalyan Trust ◆CA. Dinesh Sanadhya - Founder - Apna Trust ◆Devi Singh - उप संरपंच ◆अमित वर्मा - सामाजिक कार्यकर्ता 22/09/2019
Sunday, 22 September 2019
#आधा_अधूरा_हिंदुत्व #दूसरा_बलिदान एक गौर वर्ण ब्राह्मण स्नान कर गंगा से गीले वस्त्रों में बाहर निकला कंधे पर जनेऊ, सुगठित देह और गर्व से तनी मूछें... हाथ में लोटा जिसमें शिव का जलाभिषेक करने को गंगा जल...! रोज वहीं सफाई करने वाला मातादीन गौर से उन्ह देख रहा था...रोज मातादीन किसी न किसी तरह उस सिपाही को उकसाता और बदले में रोज उसे गालियां पड़तीं .... दोनों के बीच एक अजीब ही बंधन था....पर उसदिन मातादीन किसी दूसरी मंसा में था सो जान बूझ कर उस ब्राह्मण सैनिक से जा टकराया... सैनिक भड़क उठा और मातादीन को गालियाँ देने लगा..... पर रोज की तरह आज मातादीन गालियां खाकर हँसने के स्थान पर कमर पर हाथ रख उस ब्राह्मण से बोला "बड़े बिरामन बने फिरते हो पांडेय तुम से तो हम लाख गुने अच्छे..... गोरन की गुलमाई में गाय खावत हो और बने फिर रहे हो बड़के पंडत...! सैनिक की आंखों में खून उत्तर आया वो चीखा "जुबान को लगाम दे मातादीन का बकवास किये जा रहा है... अगर फिर कुछ अंट संट बोला तो जुबान खींच लेंगे" मातादीन भी तेज आवाज में बोला "काहे पंडत जी हम का कुछ झूठ कह दिए गोरे जो तुमको गाय का चर्बी लगा कारतूस दिए है उसे दांत से खोल नहीं भरते बंदूक में..... और जब तुम गाय की चर्बी चाट ही लिए तो तुम काहे के पंडत बिरामन और हम काहे अछूत भंगी"!!! #मातादीन_भंगी की बात सिपाही #मंगल_पांडेय का सीना चीर गयी...वो सत्य जानने कलकत्ता की उस फैक्ट्री तक पहुंच गया जहां ये कारतूस बनते थे....और मातादीन की बातें सोलह आने सही थी.... अमर बलिदानी मंगल पांडेय का रक्त उबल पड़ा और विद्रोह का बिगुल फूक दिया उन्होंने पर दुर्भाग्य से उन्ह अपनो का सहयोग नहीं मिला और वो घायल हो गिरफ्तार हुए और फांसी चढ़ा दिए गए....! कहानी यहां खत्म नहीं हुई मंगल पांडेय के विद्रोह और फांसी ने भारतीयों को क्रोध से भर दिया पर चहु और शांति थी इस शांति को तोड़ अंग्रेजों के विरुद्ध हथियार उठाने वाले मंगल पांडेय के बाद दूसरे शहीद थे मातादीन भंगी... जो अपने उस ब्राह्मण बंधु की मृत्यु बर्दाश्त न कर सके जिससे वो रोज उलझते थे....शहीद मातादीन अंग्रेज़ों से लड़ते हुए उनकी गोली का शिकार हुए..... पर मरने से पहले मंगल पांडेय की जलाई ज्वाला को वो हवा दे गए के हिंदुस्तान चिल्ला उठा....."हल्ला बोल" क्या कोई कथित हिन्दू विद्वान मुझे #मातादीन_और_मंगल पांडेय के रिश्ते को समझा पायेगा!!! ★हिन्दुओं को जातियों मे मत बाँटो !★ ★हिन्दू एक होकर विश्व गुरु बनो !★
Saturday, 21 September 2019
★अभिभावक ध्यान से पढ़ें★ ★प्राईवेट स्कूल पर शिकन्जा कसे !★ ★प्रशासन व सरकार ध्यान दे !★ ★आम जनता जागरूक हो !★ ●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●● 10 वर्षीय छात्र की हार्ट अटैक से मृत्यु ....???? ●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●● कारण डॉक्टरों ने बताया है कि 1:- बच्चे को सुबह कच्ची नींद में उठाना (नींद पूरी नही होना) 2:- बगैर नाश्ता करवाये स्कूल भेजना 3:-बच्चे के कुल वजन से ज्यादा स्कूल बैग ले जाना 4:-स्कूल का होमवर्क कम्प्लीट न होने पर टीचर का प्रेशर 5:- ठंडा लंच न खा पाना 6:-स्कूल से आते ही नहाना जबरन भोजन करवाना 7:-बगैर आराम किये घर में होमबर्क कम्प्लीट करने का फिर बच्चे पर प्रेसर इत्यादि इत्यादि ! ◆अभिभावकों क्या 4 - 6 वर्ष के बच्चे को अभी डॉक्टर, इंजीनियर, SP, कलेक्टर बना देँगे ? ◆आप देखो आप कितने पढे लिखे है एवं आपने कब स्कूल जाना शुरू किया, आप उस मासूम बच्चे की जान के पीछे क्यों पड़े है ! ◆हम केवल एक दूसरे की होड़ में बच्चों का बचपन मार रहे है ! ◆आप जवान है आप अगर मर्द है तो सुबह 5 बजे उठ कर ढाई बजे तक रेगुलर काम करके दिखाए और फिर भोजन करके तुरन्त फिर काम करके दिखायें ! ◆छोटे से मासूम बच्चों के साथ इतना अन्याय जो आज पूरा देश कर रहा है क्या सही है ? ◆अपने दिल पर हाथ रख कर विचार करिए आप एक मासूम के साथ कितना अन्याय कर रहे है हम बच्चों का बचपन और उनकी स्वाभाविक विकास प्रक्रिया से वंचित कर रहे हैं ! प्रिय अभिभावकों से निवेदन है कि इन मासूम बच्चों पर दया करें ! आराम और खेलने का पर्याप्त समय दें ! ◆प्राईवेट स्कूल ज्यादा पैसा कमाने के लिए बच्चों व अभिभावकों पर अनावश्यक दबाव बनाते है ! ◆सरकार इनको नियंत्रण करने व इनकी लूट व परेशान करने पर भी कानून नहीं बनाती है ! अगर कुछ कानून है तो प्रशासन उन कानून को कठोरता से पालन भी नहीं कराते है ! ★★अब आम जनता को ही जागरूक होकर कुछ करना होगा !★★ CA. Dinesh Sanadhya - 21.09.2019 www.dineshapna.blogspot.com
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