Saturday, 16 May 2026

★ *“सनातन बोर्ड” क्यों बनना चाहिए ?"* ★ यदि “सनातन बोर्ड” का उद्देश्य निम्न हो, तो इसकी आवश्यकता पर विचार किया जा सकता है :— (i) *मन्दिरों की स्वायत्तता एवं संरक्षण हेतु :-* आज अनेक हिन्दू मन्दिर विभिन्न राज्य कानूनों के अधीन सरकारी नियंत्रण में हैं। एक स्वतंत्र सनातन बोर्ड मन्दिरों के धार्मिक, आर्थिक और प्रशासनिक प्रबंधन को सनातन परम्पराओं के अनुरूप संचालित करने में सहायक हो सकता है। (ii) *सनातन संस्कृति एवं शिक्षा के संरक्षण हेतु :-* वेद, उपनिषद, संस्कृत, शास्त्र, गौशाला, गुरुकुल, तीर्थ परम्परा, उत्सव आदि के संरक्षण और संवर्धन हेतु एक संस्थागत निकाय उपयोगी हो सकता है। (iii) *धार्मिक अधिकारों की रक्षा हेतु :-* भारतीय संविधान के *अनुच्छेद 25* — धर्म मानने, आचरण करने और प्रचार करने की स्वतंत्रता। *अनुच्छेद 26* — धार्मिक संस्थाओं को अपने धार्मिक मामलों का प्रबंधन करने का अधिकार। *अनुच्छेद 29* — अपनी संस्कृति के संरक्षण का अधिकार। यदि बोर्ड इन अधिकारों की रक्षा और धार्मिक स्वायत्तता के लिए बने, तो उसका संवैधानिक आधार मजबूत हो सकता है। *सीए दिनेश चन्द्र सनाढ्य* *#एक हिन्दुस्तानी* (118) #17/05/2026 #dineshapna





 

No comments:

Post a Comment