Chartered Accountant,Social Activist,Political Analysist-AAP,Spritual Thinker,Founder of Life Management, From India, Since 1987.
Sunday, 3 May 2026
★ *जनता सरकार ::* *जागरूक नागरिक, सशक्त लोकतन्त्र* ★ लोकतन्त्र की सबसे बड़ी शक्ति न किसी नेता में होती है, न किसी दल में— *वह शक्ति होती है जनता में।* जनता ही अपने मताधिकार के माध्यम से जनप्रतिनिधियों को चुनती है, और वही चुने हुए प्रतिनिधि सरकार का निर्माण करते हैं। इस दृष्टि से देखा जाए तो सरकार का वास्तविक स्वरूप *“जनता सरकार” ही है, जहाँ जनता ही नियोक्ता है और जनप्रतिनिधि उसके सेवक।* ◆किन्तु विडम्बना यह है कि यह सशक्त व्यवस्था व्यवहार में उतनी प्रभावी नहीं दिखती। चुनाव के दिन जनता अपने अधिकार का उपयोग कर “राजा” बनती है, लेकिन इसके बाद पाँच वर्षों तक वही जनता अनेक बार उपेक्षित महसूस करती है। इसका *मुख्य कारण है— अज्ञानता, असंगठन और अधिकारों के प्रति उदासीनता।* ◆लोकतन्त्र केवल मतदान तक सीमित नहीं है। यह एक सतत प्रक्रिया है, जिसमें जनता की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। यदि नागरिक अपने संवैधानिक अधिकारों को समझें, जैसे— ¶ सूचना का अधिकार (RTI) का उपयोग, ¶ जनहित याचिका (PIL) का सहारा, ¶ स्थानीय निकायों में भागीदारी, ¶ जनप्रतिनिधियों से जवाबदेही की मांग, ◆तो सरकार वास्तव में जनता के प्रति उत्तरदायी बन सकती है। ◆जब जनता संगठित होकर जागरूकता के साथ अपने अधिकारों का प्रयोग करती है, तब वह केवल एक दिन नहीं बल्कि पूरे पाँच वर्षों (1825 दिन) तक शासन की वास्तविक शक्ति बनी रहती है। उस स्थिति में नेता केवल प्रतिनिधि बनकर कार्य करते हैं, न कि स्वामी बनकर। ◆अतः “जनता सरकार” का वास्तविक अर्थ है— एक ऐसी व्यवस्था, जहाँ हर नागरिक *अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति सजग हो,* *जहाँ निर्णयों में जनता की भागीदारी हो,* और *जहाँ शासन जनता की इच्छा के अनुरूप संचालित हो।* *निष्कर्ष :-* ¶ लोकतन्त्र की मजबूती किसी संविधान या व्यवस्था से नहीं, बल्कि जागरूक नागरिकों से होती है। ¶ यदि जनता अपने अधिकारों को जाने, समझे और उनका निर्भीक होकर उपयोग करे, तो वह हर दिन “राजा” बनी रह सकती है। अन्यथा, लोकतन्त्र केवल एक दिन का उत्सव बनकर रह जाएगा। ◆ *अब यह निर्णय जनता के हाथ में है—* ¶ क्या वह केवल एक दिन का राजा बनना चाहती है, ¶ या पूरे 1825 दिनों तक अपनी सरकार चलाना चाहती है। *सीए दिनेश चन्द्र सनाढ्य* *#एक हिन्दुस्तानी* (112) #03/05/2026 #dineshapna
Subscribe to:
Post Comments (Atom)

No comments:
Post a Comment