Thursday, 18 January 2024

★ धर्म मे राजनीति न हो, किन्तु राजनीति मे धर्म चलेगा ! ★ ★ श्रीराम मन्दिर की सभी को बधाइयाँ ! सत्य व तथ्य ! ★ (१) ★धर्म :- जो हमारे अस्तित्व को धारण करें, वह धर्म है ! यह नियामक तत्व धर्म है ! धर्म की पालना करने पर स्वयं व अन्य सभी व्यक्ति आपस मे आनन्द पूर्वक जीवन जी सकते है ! ऐसा माना जाता है कि धर्म मानव को मानव बनाता है ! धर्म का जन्मदाता केवल परमात्मा है ! सनातन धर्म ही एकमात्र धर्म है ! ★ राजनीति :- राज (शासन) + नीति (तरीका) अर्थात् जनता के सामाजिक और आर्थिक स्तर को ऊंचा करने की नीति (शासन पद्वति) को राजनीति कहते हैं ! (२) भारत मे राजनीति ने धर्म को प्रभावित किया है क्योंकि हमने अपने "सनातन धर्म" को पूर्ण रूप से आत्मसात नहीं किया, जिसके कारण हमें गुलाम होकर रहना पड़ा ! मुगलों ने राज किया तो इस्लाम धर्म (मजहब) बढ़ाया ! अंग्रेजों ने राज किया तो ईसाई धर्म (मजहब) बढ़ाया ! कांग्रेस ने राज किया तो वोट के लिए तुष्टिकरण (हिन्दू धर्म विरोधी) कार्य किये ! अर्थात् जिसका राज (शासन) रहा, उसने अपने - अपने धर्म की नीति के अनुसार राजनीति चलाई ! (३) पिछले 10 वर्षों से बीजेपी का राज आया, तब से सनातन धर्म को बढ़ाने के लिए कार्य हो है ! तो दूसरों (28 दलों I.N.D.I.A.) को इसमें एतराज नहीं करना चाहिए ! (४) बीजेपी ने श्रीराम मन्दिर बनाया तो उसका प्रतिफल मे वोट लेते है तो इसमें बुराई क्या है ? अन्य विपक्षी 28 दलों (I.N.D.I.A.) को इसमे एतराज नहीं होना चाहिए ! यदि विपक्षी 28 दलों (I.N.D.I.A.) को वोट चाहिए तो उनको श्रीकृष्ण मन्दिर या काशी विश्वनाथ मन्दिर बनाने मे सहयोग करें ! इसके बाद 4 लाख हिन्दू मन्दिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्ति कराने का कार्य करना शेष है ! मै श्रीनाथजी मन्दिर को सरकारी नियंत्रण से मुक्ति के लिए कार्य कर रहा हूँ, आप सभी सहयोग करें ! सीए. दिनेश सनाढ्य - एक हिन्दुस्तानी #(119) #19/01/24 #dineshapna


 

Monday, 15 January 2024

★ मकर संक्रांति का शुभ सन्देश व शुभकामनाएँ ! ★ (१) तिल के लड्डू :- हजारों छोटे छोटे तिल होते हुए भी "एकजुट" रह सकते है, इसके लिए उनको जोड़ने के लिए "मिठास" गुड़ होना आवश्यक है ! (२) हमें भी परिवार / दोस्तों / पारिवारिक रिश्तों / समाज / देश आदि सभी अलग अलग छोटे छोटे (तिल) को जोड़ने के लिए आवश्यक है कि आपसी प्रेम की मिठास (गुड़) का उपयोग करना चाहिए । ध्यान रहे कि आपस मे जोड़कर लड्डू बनाने के लिए उसे "गरम" करना व "दबाव" बनाना पड़ेगा ! (३) पंतग :- पंतग आकाश मे कितनी भी ऊँची उड़ जाये, किन्तु यदि धागे से बँधी रहती है तो ही उसकी कीमत है ! नहीं तो "कटी पंतग" बन जाती है, जिसका कोई मालिक नहीं होता है और सभी उसको लूटने या उस पर अपना अधिकार जमाने लगते है ! अर्थात् पंतग की महत्ता डोर से जुड़े रहने पर ही है ! (४) हमें भी परिवार / दोस्तों / पारिवारिक रिश्तों / समाज / देश आदि सभी के साथ जुड़े हुए रहने मे है ! उक्त पंतगो को जोड़ने मे प्रेम / दोस्ती के मूल्यों / सांस्कृतिक मूल्यों / सामाजिक मूल्यों / संस्कारों / देश प्रेम / अपनी संस्कृति के धागे (डोरी) से बने रहना होगा ! जैसे ही हम ऊँचाई पर पहुँचते है और धागे (डोरी) को तोड़ देते है तो हमारी महत्ता मे कम हो जाती है ! सीए. दिनेश सनाढ्य - एक हिन्दुस्तानी #(118) #15/01/24 #dineshapna


 

Saturday, 13 January 2024

★ आओ ! लोट चले सनातन की ओर ! सनातनी लोग परेशान क्यों हुए व हो रहे है ? ★ (१) सनातन धर्म मे प्रेम, त्याग, समर्पण, शान्ति, दया, परोपकार, सत्य, सहयोग, संगठन, सह अस्तित्व व अहिंसा आदि को अपनाने तथा झूठ, अन्याय, दूसरों को कष्ट देना, स्वार्थ व धोखा देना आदि को नहीं अपनाने के बारे मे बताया गया ! किन्तु अधर्म, अन्याय व अशांति करने वालों के विरुद्ध हिंसा करना भी उचित बताया गया । इस सम्पूर्ण सनातन धर्म का मुख्य उद्देश्य व्यक्ति को अपने जीवन को सुख व शान्ति मय बनाने के लिए स्वयं मे सद्गुणों पूर्ण करने के साथ अन्य के साथ भी अच्छा व्यवहार करने पर ही हम सभी का जीवन सुख व शान्ति पूर्वक होगा ! इसके साथ ही ए्क शक्ति (भगवान) को आदर्श मानते हुए, समर्पण के साथ जीने का रास्ता बताया गया है ! (२) विश्व की जनता दो वर्गों मे विभक्त है - ●आमजन व ●खासजन ! आमजन स्वयं के लिए जीता है व खासजन को धन / श्रम देता है, जिसके बदले मे अपनी "सुरक्षा, सुविधा व रोजगार" पाने के लिए आश्रित रहते है ! ◆(i) "खासजन" (राजा / नेता / अधिकारी) से सुरक्षा व सुविधाओ के लिए "आमजन" से उक्त कार्यों के लिए टैक्स व फीस के रुप मे धन लेते है ! ◆(ii) खासजन (रोजगार के लिए व्यापारी/उद्योगपति) आमजन से उक्त कार्यों के लिए मुनाफा के रुप मे धन लेते है ! (३) इसलिए देश / देशवासियों की सुरक्षा व समृद्धि मे "खासजन" की ही जिम्मेदारी रहती है ! हमारा देश 1200 वर्षो से गुलाम रहा, जिसका मुख्य कारण कुछ खासजन की "गद्दारी, आपसी मतभेद, अंहकार व स्वार्थ" है ! अर्थात् सनातन धर्म का १००% ईमानदारी से पालन नहीं करना है ! जिसका भुगतान सभी "आमजन" को करना पड़ा व पड़ रहा है ! (४) इसके कुछ उदाहरण है :- (i) सनातन धर्म की पालना नहीं :- ●श्रीनाथजी मन्दिर, नाथद्वारा ●मुगलों की गुलामी ●अंग्रेजों की गुलामी ! ●काले अंग्रेजों की गुलामी आदि ! (ii) सनातन धर्म की कुछ पालना होने से (2014 से) :- ●देश व धर्म के लिए कार्य हो रहे है ! ●देशवासियों के हित मे कार्य कम हो रहे है ! अतः सनातन धर्म की १००% पालना होने पर ही देश व देशवासियों (आमजन) को फायदा होगा ! सीए. दिनेश सनाढ्य - एक बृजवासी #(117) #14/01/24 #dineshapna






















 

Friday, 12 January 2024

★ आओ ! लोट चले सनातन की ओर ! सनातनी लोग परेशान क्यों हुए व हो रहे है ? ★ (१) सनातन धर्म विश्व का शाश्वत , सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय, सबसे पुराना व एकमात्र धर्म है ! इस धर्म से ही अन्य सभी समुदाय / मजहब / तथाकथित धर्म (ईसाई, इस्लाम, बौद्ध, सिख, यहुदी व अन्य ............... ) बने ! (२) सनातन धर्म एकमात्र सर्वश्रेष्ठ धर्म है किन्तु कालांतर मे सनातनी लोगों ने * किसी अपने निजी स्व उद्देश्य से या * सनातनी लोगों की कुछ कमियों से या * लोगों के द्वारा सनातन धर्म की पूर्ण रूप से सत्यता से पालना नहीं करने से या लोगों के विचारो की भिन्नता के कारण सनातन धर्म का विघटन / मतभेद /नुकसान हुआ है । इस कारण ही सम्प्रदाय /मजहब व धर्म के बीच संघर्ष शुरू हुआ तथा जो आगे चलकर इसमें स्वार्थ व अहंकार पैदा हुआ व सनातन की मूल भावनाओं व सत्यता को भूला दिया गया । (३) हम भारतीयों (सनातनियों) को 1200 वर्षों से गुलामी का सामना करना पड रहा है ! इसका मूल कारण हमने अपने सनातन धर्म के मूल तत्व को भूल गये व ईमानदारी से इसका १००% पालन भी नहीं किया ! इसमे गलती "सनातन धर्म" की नहीं, ★ "कुछ सक्षम सनातनी लोगों"★ की है । हम ने श्रीराम की मर्यादाओं को याद रखा, किन्तु धनुष को भूल गये । हम ने श्रीकृष्ण की मुरली को याद रखा, किन्तु सुर्दशन चक्र को भूल गये । (४) इस कारण मुगलों ने तलवार के बल पर, अंग्रेजों ने धोखा व कानून के बल पर व काले अंग्रेजों ने संविधान की अवहेलना व मनमाने कानून बनाकर, हम ( सनातनी/हिन्दुओं) को लूटा, धर्म परिवर्तन कराया, अत्याचार किया व सनातन धर्म मे भ्रम पैदा किया । जिसका नुकसान आज तक हो रहा है । (कुछ सक्षम सनातनी लोगों की गलतियों का परिणाम हम भोग रहे है ?) अब हमें जागरूक होकर सनातन धर्म को समझ कर, उसका १००% ईमानदारी से पालन करना है । यही एकमात्र उपाय शेष है । सीए. दिनेश सनाढ्य - एक बृजवासी #(116) #13/01/24 #dineshapna


 

★ श्रीराम मन्दिर की बधाई ! हमें भी श्रीकृष्ण मन्दिर व अन्य 4 लाख मन्दिरों के लिए कार्य करना होगा ! ★ (१) श्रीराम जन्मभूमि को मुक्त कराने व मन्दिर बनाने मे प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष योगदान देने वाले - स्थानीय लोग, अन्य संगठन, कारसेवकों, न्यायालय व राजनैतिक पार्टी को दिल से आभार ! (२) सनातन धर्म रहेगा तो देश रहेगा । देश रहेगा तो आमजन रहेगा । आमजन रहेगा तो चुनाव होगे । चुनाव होगे तो राजनैतिक पार्टियां रहेगी । इसलिए सभी राजनैतिक पार्टियों से निवेदन है की सनातन धर्म बचाने का ढोंग करने के स्थान पर, हकीकत मे केवल सनातन धर्म के लिए कार्य करे । (३) क्योंकि सनातन धर्म ही विश्व का एकमात्र ऐसा धर्म है जिससे अन्य सभी धर्म (ईसाई, इस्लाम, यहुदी व .................... ) पैदा हुए ! सनातन धर्म ही ऐसा धर्म है जिससे किसी भी धर्म को कोई खतरा या विरोधाभास या झगड़ा नहीं है ! सनातन धर्म ही सभी धर्मों को साथ लेकर चल सकता है ! (४) अतः श्रीराम मन्दिर बनाने से प्रेरणा लेकर श्रीकृष्ण (श्रीनाथजी) मन्दिर की सम्पत्तियो व धन की लूट को रोका जाये व इस मन्दिर को सरकारी नियंत्रण से मुक्त कराने का कार्य करे ! मैने यह कार्य शुरू कर रखा है ! आओ ! हम सभी मिलकर यह पुनीत कार्य करे ! सीए. दिनेश सनाढ्य - एक बृजवासी #(115) #12/01/24 #dineshapna






 

Tuesday, 9 January 2024

★ एक बृजवासी के जन्मदिन पर वल्लभ कुल के दीपक विशाल बावा को बहुत बहुत बधाइयाँ ! ★ (१) वल्लभ कुल के दीपक को 11/01/2024 के जन्मदिन की अग्रिम बधाईयाँ व श्रीवल्लभाचार्य जी के जैसे श्रीनाथजी की सेवा व समर्पण करने की आशा मे शुभकामनाएँ ! (२) श्रीवल्लभाचार्य जी के प्राकट्य दिवस मनाने के साथ श्रीनाथजी का प्राकट्य दिवस मनाये जाने की अग्रिम शुभकामनाएँ ! (३) श्रीवल्लभाचार्य जी के प्राकट्य दिवस मनाने के साथ श्रीसद्दू पाण्डे जी का प्राकट्य दिवस मनाये जाने की शुभकामनाएँ ! (४) श्रीवल्लभाचार्य जी के प्राकट्य दिवस मनाने के साथ बृजवासियों / सेवा वालों के प्राकट्य दिवस मनाये जाने की शुभकामनाएँ ! सीए. दिनेश सनाढ्य - एक बृजवासी #(114) #09/01/24 #dineshapna









 

Monday, 8 January 2024