Thursday, 22 August 2024

★"धनपति" को "धन" का तो "धर्मपति" को "धर्मपद" का अंहकार किन्तु हमें तो श्रीनाथजी का अभिमान !★ (१) "धनपति" जिनको बेईमानी / नशा विक्रय / टैक्स चोरी से धन कमाने का रास्ता मिल जाता है तो उनको अंहकार हो जाता है ! इस धन के अंहकार मे वह व्यक्ति आम आदमी / धर्म / परम्पराओं / नैतिकता आदि को भूलकर, उनका अपमान करने लग जाता है तथा इनका दुरुपयोग / धन कमाने मे उपयोग करने लग जाता है, जो गलत है ! वह दिखावे की समाज सेवा का ढ़ोग करता है ! समाज सेवा के लिए धन व जमीन हड़प कर / टैक्स चोरी करके / नशा बेचकर व्यवस्था करता है, जो गलत है ! ऐसा ही अंहकार रावण / कंस को भी हुआ था, जिसका अन्त करने के लिए भगवान को अवतार लेना पडा ! किन्तु उक्त "धनपति" को सुधारने के लिए श्रीनाथजी का एक बन्दा ही पर्याप्त है क्योंकि अब पाँच पाण्डव व श्रीकृष्ण भी साथ मे हैं ! (२) "धनपति" ने नाथद्वारा मे कई समाज सेवा व जनहित मे निर्माण कार्य किये, उसके लिए दिल से ◆धन्यवाद◆ ! अब केवल एक व अन्तिम जनहित का काम करें कि सभी विकास कार्यों की जमीन व धन कहाँ से आया है ? उसका श्वेत पत्र जारी करे व आमजनता (पत्रकारों के अतिरिक्त) के प्रश्नों का उत्तर देने की कृपा करें ! (३) "धर्मपति" (मठाधीश) धर्मपद / जमीन / गादी / वैष्णव भक्तो आदि से धन कमाने का रास्ता मिल जाता है तो उनको अंहकार हो जाता है ! धर्मपद व धन के अंहकार मे बृजवासी / पुष्टिमार्ग / परम्पराओं / नैतिकता आदि को भूलकर, उनका अपमान करने लग जाता है, जो गलत है ! ऐसा ही अंहकार रावण / कंस को भी हुआ था ! जिसका अन्त करने के लिए भगवान को अवतार लेना पडा, किन्तु उक्त "धर्मपति" को सुधारने के लिए श्रीनाथजी का एक बन्दा ही पर्याप्त है क्योंकि अब पाँच पाण्डव व श्रीकृष्ण भी साथ मे हैं ! (४) "धर्मपति" (मठाधीश) ने नाथद्वारा मन्दिर मे कुछ श्रीनाथजी की सेवा व जनहित मे निर्माण कार्य कराये, उसके लिए दिल से ◆धन्यवाद◆ ! अब केवल एक जनहित का काम करें कि मन्दिर की जमीन व धन के दुरुपयोग को रोके तथा उसकी निष्पक्ष जाँच ईमानदार व्यक्ति से करावे व जनता (एक बृजवासी) के प्रश्नों का उत्तर देने की कृपा करें ! सीए. दिनेश सनाढ्य - एक हिन्दुस्तानी - एक बृजवासी #(175) #22/08/24 #dineshapna



 

Tuesday, 20 August 2024

★ आओ ! समाज सेवी / दानवीर / धर्म प्रेमी बनना सीखें ! ★ ★ 0/- रु. खर्च करके 1000/- रु. दान देने वाले दानवीर बने ! ★ (१) नगरपालिका व सरकार से "स्विस चैलेंज पद्धति" से कार्य करें ! उस मे जन सेवा के निर्माण कार्य का प्रोजेक्ट दे और उस प्रोजेक्ट की धन राशि के बराबर कीमत की जमीन नगरपालिका व सरकार से ले ! इस प्रकार जनहित का निर्माण कार्य बिना रुपये खर्च के करके समाज सेवी / दानवीर बने ! (२) ए-जी, ओ-जी, लो-जी, सुनो जी, मैं हूँ मन-मौजी करता हूँ मैं जो, वो तुम भी करो जी । One-two का four, four-two का one My name is Lakhan सजनों का सजन, मेरा नाम है Lakhan Umm, दुनिया चकोरी, ये पैसा है चंदा । सूली पे लटका हर एक बंदा, सबके गले में ये माया का फंदा । सीखो, ओ, यारों, इनसे ये धंधा, इनसे ये धंधा । (३) नाथद्वारा मे आईकोनिक गेट 2.50 CR. व माँडल बस स्टैण्ड 11.50 CR. खर्च हुए ! इतना धन जनहित मे एक आदमी ही खर्च कर सकता है जो सबसे बडा स्वघोषित समाज सेवी / दानवीर / धर्म प्रेमी है । जो भी व्यक्ति हो, वह हमारी ओर से धन्यवाद का पात्र है । किन्तु इसमे छुपा हुआ "गुप्त राज" बताने के बाद नाथद्वारा का कोई भी आम आदमी भी इस तरह कुल 14.00 CR. रुपये खर्च कर सकता है ! (४) उक्त 14.00 CR. खर्च करने के एवज मे उक्त समाज सेवी / दानवीर / धर्म प्रेमी ने 14.00 CR. कीमत की दो जमीने (लालबाग बस स्टैण्ड की 17798 वर्गफीट व उपली ओडन की 98010 वर्गफीट) नगरपालिका व सरकार से ली ! अर्थात् स्वयं का 0/- रुपया खर्च हुआ ! क्या आप भी इस तकनीक का उपयोग करना चाहेंगे ? सीए. दिनेश सनाढ्य - एक हिन्दुस्तानी #(174) #20/08/24 #dineshapna



 

Sunday, 18 August 2024

★ आओ ! रक्षाबंधन मनाये ! ★ ★ रक्षाबंधन की शुभकामनाएं ! ★ (१) रक्षाबंधन पर सरकार बसों मे मुफ्त यात्रा, नाथद्वारा मे ओटो मे मुफ्त यात्रा की सुविधा दे सकते है तो बहनों को "विश्वास स्वरुपम्" के मुफ्त दर्शन / भ्रमण की सुविधा क्यों नहीं दे सकते है ? (२) प्रत्येक नाथद्वारावासीयों को "विश्वास स्वरुपम्" के मुफ्त दर्शन / भ्रमण की सुविधा मिलनी चाहिए क्योंकि जमीन "आम आदमी" की है अर्थात् नगरपालिका की है ! इसके साथ ही प्रत्येक नाथद्वारावासी आपके गलत निर्णय (आईकोनिक गेट) का परिणाम (आने जाने मे असुविधा) भुगत रहा है ! (३) राजसमन्द के सभी निवासियों को अपने - अपने "नेताओं व अधिकारियों" के रक्षासूत्र बाँधना चाहिए क्योंकि जनता की रक्षा इन "नेताओं व अधिकारियों" के मनमाने व गलत निर्णयो से हमारी रक्षा ये स्वयं ही कर सकते है और अन्य कोई नहीं कर सकता है ! जैसे :-- राजनगर व सनवाड़ के बीच फोरलेन का "बन्द ब्रिज" , अमानक डिवाईडर, नाथद्वारा मे ऐलिवेटर ब्रिज, मन्दिर मण्डल की लालबाग बस स्टैण्ड की जमीन, आईकोनिक गेट, शिवमूर्ति, माँडल बस स्टैण्ड, लावटी पेट्रोल पम्प की जमीन आदि ! (४) आम जनता के पास अपनी रक्षा का अंतिम विकल्प केवल "संविधान व संगठन" ही है ! इसलिए हमे "संविधान व संगठन (एक - दूसरे को)" रक्षासूत्र बाँधना चाहिए ! जिससे इन नेताओं / सक्षम लोगो / अधिकारियों से हमारी रक्षा हो पायेगी ! आओ ! रक्षासूत्र बाँधे व अपनी बहन से बँधवाये ! सीए. दिनेश सनाढ्य - एक हिन्दुस्तानी #(173) #19/08/24 #dineshapna







 

★मिराज ग्रुप के 38 वें स्थापना दिवस की बधाइयाँ !★ (१) श्रीमान् मदनजी पालीवाल के मिराज ग्रुप के 38 वें स्थापना दिवस की बधाइयाँ ! क्योंकि आपने "तम्बाकू के व्यापार से शुरुआत" करके अन्य कई क्षैत्रों मै व्यापार करके जनता को रोजगार दिया ! आपने "समाज सेवा" मे - रामकथा, गरीब जनता को भोजन, कपड़े, आवास व शिक्षा, चिकित्सा, पर्यावरण, रोजगार, धार्मिक, शिवमूर्ति, खेलकूद आदि अन्य कई कार्य किये ! इसके लिए आम जनता की ओर से आपका आभार व बधाईयाँ ! (२) आपने विज्ञापन के माध्यम से 38 वें स्थापना दिवस व आपके विभिन्न व्यापार के बारे मे बताया किन्तु "मूल तम्बाकू का व्यापार" लिखना भूल गये ! इससे आपने "तम्बाकू निषेध" दिवस मनाने का सन्देश दिया ! उसके लिए आपको धन्यवाद व बधाइयाँ ! (३) आपने विज्ञापन मे व्यापार तो बताये किन्तु समाज सेवा व धर्म से व्यापार कैसे किया जाता है, उसके बारे मे विस्तार से व मूल तथ्यों को बताना भूल गये ! जैसे - रामकथा, शिवमूर्ति, लालबाग बस स्टैण्ड से माँल बनाना, माँडल बस स्टैण्ड बनाने मे जमीन व धन सरकार से लेकर अपने नाम से सेवा कार्य करना, आईकोनिक गेट के लिए धन व जमीन सरकार से लेकर जनता व यातायात मे व्यवधान पैदा करके समाजसेवा करना ! इन सभी सेवा कार्यों के लिए बधाईयाँ ! (४) सरकार "टैक्स" के रूप मे धन लेकर उस धन का "उपयोग जनहित (जनसेवा)" के लिए उपयोग करती है ! किन्तु आपने सरकार के इस कार्य को स्वयं करके "सरकार की सेवा" कर रहे है ! इसके लिए आपने "टैक्स बचाकर" (टैक्स कम देकर) सरकार की परेशानियां कम करते हुए, उस "टैक्स के धन" को आप "समाज सेवा" मे खर्च कर रहे है ! आपने समाज सेवा के क्षैत्र को भी विस्तृत करते हुए - "आमजन मे स्वयं को भी जोडते" हुए जनसेवा का कार्य कर रहे है ! अतः "आप व आपका दिमाग" दोनों का पुनः आभार व बधाइयाँ ! सीए. दिनेश सनाढ्य - एक हिन्दुस्तानी #(172) #18/08/24 #dineshapna





 

*देश को आजादी मिली किन्तु देशवासीयो को आजादी कब ?* *शहर हमारा मगर कब्जा किसी और का !* देश को 15 अगस्त को आजादी मिली थी जिसका जश्न हम सभी मना रहे हैं। वास्तविक रूप से आम आदमी को आजतक आजादी नहीं मिली । जब देश आजाद हुआ, तब हमें अंग्रेजों से मुक्ति जरूर मिल गई थी । उसके साथ ही आम जनता को अंग्रेजों के कानून, रहन सहन, भाषा व पहनावे तथा उनके आम जनता पर शासन करने के व्यवहार के तरीके से आजादी नहीं मिली । इसके साथ ही आम जनता को अंग्रेजों के बदले नेताओं व सक्षम लोगों का गुलाम बना दिया गया । इन कतिपय नेताओं व धनाढ्य लोगों ने अपने निजी स्वार्थ के लिए आम जनता को किसी न किसी बहाने से गुलाम बना रखा है तथा दिखाने के लिए हमें संविधान के द्वारा आजादी दिलाने की या होने की बात प्रसारित कर रखी है । जब हमारा देश आजाद हुआ तब हमें बँटवारे के रूप में हमें पुनः गुलामी दे दी गई, क्योंकि उसमें से कुछ लोग चाहते थे की हम अंग्रेजों के स्थान पर हम उच्च पदो पर बैठकर आम जनता को गुलाम बनाए । जिसके लिए आम जनता को कितना भी नुकसान हो या उन्हें पुनः गुलामी के चंगुल में फँसे, उसकी उन्हें नाम मात्र की भी फिक्र नहीं थी । नेताओं व सक्षम लोगों को केवल सत्ता पर आसीन होकर, अंग्रेजों की जगह बैठकर आम जनता को गुलाम बनाना है । इस प्रकार नेता व सक्षम लोग अपने उक्त उद्देश्य में काफी हद तक सफल भी हुए तथा आज भी उसी के अनुरूप चलते हुए हम आम जनता को गुलाम बना रखा है । अब देखना है कि आम जनता को कुछ नेताओं व कुछ सक्षम लोगों से आजादी कब व कैसे मिलेगी ? देशवासियों को गुलाम बनाने का एक उदाहरण यह है कि नाथद्वारा के नेताओं व धनाढ्य लोगों ने आम जनता को गुलाम बनाकर उनकी जमीन को लूट रहे हैं तथा जनता उससे परेशान हो रही है किंतु उसके विपरीत नेता और सक्षम लोग यह बताने में काफी हद तक सफल हो गए हैं कि हम जनता के सर्वहिताय का ही कार्य कर रहे है । सबका साथ सबका विकास को प्रमाणित करने के लिए कुछ लोगों को अपने साथ मिलाकर, उक्त गलत तथ्यो को जनता पर जबरदस्ती थोपने के कई मामले है । (1) गोमती उदयपुर फोरलेन (2) लालबाग बस स्टैण्ड की जमीन (3) आइकोनिक गेट (4) शिवमूर्ति ! सीए. दिनेश सनाढ्य - एक हिन्दुस्तानी #(171) #15/08/24 #dineshapna










 

★नागपंचमी व श्रीनाथजी के प्राकृट्य दिवस की बधाई !★ ★श्रीनाथजी के प्रथम दर्शन व प्रथम सेवा - बृजवासीयो के द्वारा★ ★श्रीसद्दू पाण्डे को श्रीनाथजी की प्रथम सेवा की साक्षात् आज्ञा !★ (१) महर्षि गर्गाचार्य जी के कथनानुसार ही विक्रम संवत् 1466 श्रावण शुक्ल पंचमी - नागपंचमी को श्री गोवर्धननाथ जी का नागदमन स्वरुप प्राकट्य श्री गिरिराज पर्वत (गोवर्धन) पर हुआ ! जिसमे सर्व प्रथम ब्रजवासियों को वाम भुजा के दर्शन हुए ! (२) श्री सद्दू पाण्डे जी का प्राकृट्य विक्रम संवत् 1498 को हुआ ! (३) श्रीनाथजी का प्राकृट्य विक्रम संवत् 1535 वैशाख कृष्ण एकादशी को श्री सद्दू पाण्डे जी के समक्ष हुआ व श्रीनाथजी ने श्री सद्दू पाण्डे जी को प्रथम सेवा की साक्षात् आज्ञा की ! (४) श्री वल्लभाचार्य जी का प्राकृट्य (69 वर्ष बाद) विक्रम संवत् 1535 वैशाख कृष्ण एकादशी को हुआ ! सीए. दिनेश सनाढ्य - एक बृजवासी #(170) #09/08/24 #dineshapna