Chartered Accountant,Social Activist,Political Analysist-AAP,Spritual Thinker,Founder of Life Management, From India, Since 1987.
Friday, 17 June 2022
जन प्रेस वार्ता - 10 (एक बृजवासी के द्वारा) "आम जनता" अपने अधिकार व संविधान की रक्षार्थ स्वयं युद्ध करें ! "बृजवासी" अपने अधिकार व श्रीजी आज्ञा की रक्षार्थ स्वयं युद्ध करें ! ★★★★★★★★★★★★★★★★★★★★★ (शुरुआत मे ही अन्याय का विरोध करेगे, तो बाद मे समस्या के विकराल बनने पर युद्ध नहीं करना पड़ेगा ! - एक बृजवासी) ★★★★★★★★★★★★★★★★★★★★★ (१)आम आदमी के अधिकारो का हनन सक्षम व्यक्ति (नेता/सरकार) करते है अतः :- ◆आम आदमी को संविधान विरुद्ध कानून के लिए व नेताओं के निजी लाभ / स्वार्थ के विरुद्ध युद्ध करना होगा ! ◆नेता / सरकार द्वारा संविधान विरुद्ध कानून (30 हिन्दू विरोधी काले कानून) बनाकर, हिन्दू मन्दिरों पर नियंत्रण करके, लूटा जा रहा है, जिसके लिए युद्ध करना होगा ! ◆हम हिन्दुस्तानीयो का प्रथम कर्तव्य है कि मन्दिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त करावे व उसके लिए युद्ध लड़े ! ◆आम जनता / आम हिन्दुस्तानी को युद्ध लड़ना होगा क्योंकि वह शुरुआत मे ही अन्याय का विरोध नहीं करता है जिसके कारण छोटी समस्या ही विकराल रुप ले लेती है ! (२)बृजवासी के अधिकारो का हनन सक्षम व्यक्ति (मठाधीश/बोर्ड मैम्बर्स/नेता/सरकारी अधिकारी) करते है अतः :- ◆बृजवासी को श्रीजी आज्ञा की पालना करने से रोकने के पिछे श्रीवल्लभ वंशजों (मठाधीश) के निजी लाभ / स्वार्थ के विरुद्ध युद्ध करना होगा ! ◆ श्रीवल्लभ वंशजों (मठाधीश) द्वारा श्रीजी आज्ञा के विरुद्ध जाकर बृजवासियों को "सखा से बंधुआ मजदूर" बनाकर, बृजवासियों को श्रीजी की निज सेवा से दूर करके घोर अपराध किया है, जिसके लिए युद्ध करना होगा ! ◆हम बृजवासियों का प्रथम कर्तव्य है कि श्रीजी की साक्षात् आज्ञा की पालना करें व उसके बीच व्यवधान पैदा करने वालों के विरुद्ध युद्ध लड़े ! ◆बृजवासियों को युद्ध लड़ना होगा क्योंकि वह शुरुआत मे ही अन्याय का विरोध नहीं करते है जिसके कारण छोटी समस्या ही विकराल रुप ले लेती है ! ★आप (आम जनता व प्रेस प्रतिनिधि) का कोई प्रश्न हो तो पूछ सकते हो ! {यह अनोखी व अनवरत "जन प्रेस वार्ता" है !} सीए. दिनेश सनाढ्य - एक हिन्दुस्तानी - एक बृजवासी #(118)#17/06/22 #dineshapna
Thursday, 16 June 2022
जन प्रेस वार्ता - 9 (एक बृजवासी के द्वारा) नेता "जन सेवक" से बने "मालिक" तो समझाये कौन - एक हिन्दुस्तानी वल्लभ वंशज "श्रीजी सेवक" से बने "मठाधीश" तो समझाये कौन - एक बृजवासी (१) नेताओ का चुनाव आम आदमी अपनी समस्याओं के समाधान के लिए करता है, किन्तु :- ◆कुछ नेता कानून का दुरुपयोग करके उसका उपयोग अपने स्वार्थ के लिए करते है और "जनता के संसाधनों / धन का दुरुपयोग" करते है ! ◆कुछ नेता कुर्सी के लिए "संविधान विरुद्ध कानून" (30 हिन्दू विरोधी काले कानून) बना कर मन्दिरों की जमीन / धन को लूट रहे है ! ◆मन्दिरों की सम्पत्ति / धन लूट मे "हिन्दू स्वार्थी लोग / मठाधीश" भी जिम्मेदार है जो आम जनता को जानना व समझना होगा ! ◆हिन्दू मन्दिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त केवल "आम आदमी" ही करा सकता है ! (२)श्रीनाथजी ने स्वप्न आज्ञा श्रीजी की सेवा / पूजा करने के लिए दी थी, किन्तु :- ◆श्रीवल्लभ वंशज "सेवक" बनकर सेवा करने के स्थान पर "मठाधीश" बनकर श्रीजी की सम्पत्तियों को लूटने व लूटाने मे लग गये ! ◆श्रीवल्लभ वंशज बृजवासियों को "श्रीजी के सखा" मानने के स्थान "बंधुआ मजदूर" बना के रखा है, जिन्हें "केवल भोजन" देकर काम कराया जा रहा है ! ◆बृजवासी श्रीजी की सेवा आज भी "सखा समझकर" कर रहे है, इसीलिए श्रीजी की "सेवा के बदले केवल भोजन" ले रहे है किन्तु "मठाधीश ने उन्हें बंधुआ मजदूर" बना रखा है ! ◆श्रीवल्लभ वंशज अपने आपको श्रीजी के सेवक बनकर सेवा / पूजा करते करते "श्रीजी की सम्पत्तियों के मालिक" बन गये है और श्रीजी की सम्पत्तियों को "नेताओं के साथ मिलकर खुर्दबुर्द" भी कर रहे है ! ★आप (आम जनता व प्रेस प्रतिनिधि) का कोई प्रश्न हो तो पूछ सकते हो ! {यह अनोखी व अनवरत "जन प्रेस वार्ता" है !} सीए. दिनेश सनाढ्य - एक हिन्दुस्तानी - एक बृजवासी #(117)#16/06/22 #dineshapna
Wednesday, 15 June 2022
जन प्रेस वार्ता - 8 (एक बृजवासी के द्वारा) समस्या दिखने मे ( 2 ) - समस्या का मूल/समाधान ( 1 ) श्रीनाथजी मन्दिर व श्रीनाथजी आज्ञा (2) - सक्षम/स्वार्थी (1) (१) श्रीनाथजी "मन्दिर को सरकारी नियंत्रण" से मुक्ति के रास्ते मे सबसे बड़ी समस्या / समाधान "नेता" है ! ◆संविधान से ही चुनाव के द्वारा ही "नेता" बनते है और चुनाव जीतने के बाद "नेता" संविधान की ही शपथ लेते है ! ◆जो "नेताओं" को चुनते है आम आदमी ! उनका ही शोषण करते है कुछ "नेता" ! ◆उसके बाद ही "कुछ नेता" ही संविधान विरुद्ध कार्य करते है, संविधान विरुद्ध कानून बनाते है ! ◆संविधान धर्मनिरपेक्ष है तो भी "कुछ नेता" हिन्दू विरोधी कानून बनाते है और मन्दिरो को सरकारी नियंत्रण मे लेकर लूटते है ! (२)श्रीनाथजी की "साक्षात् आज्ञा की पालना" के रास्ते मे सबसे बड़ी समस्या / समाधान "मठाधीश" है ! ◆श्रीनाथजी की साक्षात् आज्ञा से ही श्रीवल्लभाचार्य जी श्रीजी के मुख्य सेवक / पुजारी बने और उसके बाद श्रीवल्लभाचार्य जी ने सेवा पद्वति व पुष्टि सम्प्रदाय की स्थापना की ! उसके बाद अपने वंशजों को अन्तिम शिक्षा श्लोक मे कहा कि श्रीनाथजी से विमुख न हो ! ◆किन्तु उनके वंशज श्रीजी के सेवक बनने के स्थान पर श्रीजी के "मठाधीश" बन बैठे है ! श्रीनाथजी के सानिध्य मे रहने के स्थान पर उनसे विमुख हो गये है ! ◆उससे भी ज्यादा श्रीनाथजी के सखा (बृजवासियों) को श्रीनाथजी की साक्षात् आज्ञा के विपरीत कार्य करते हुए बृजवासियों को श्रीनाथजी से दूर करने का अपराध "मठाधीश" कर रहे है ! ◆श्रीजी के सेवक से "मठाधीश" बनने के कारण श्रीजी के चरणों मे नजर रहने के स्थान पर श्रीजी की सम्पत्तियों पर नजर है व श्रीजी की सम्पत्तियों की लूट पर चुप क्यों ? ★आप (आम जनता व प्रेस प्रतिनिधि) का कोई प्रश्न हो तो पूछ सकते हो ! {यह अनोखी व अनवरत "जन प्रेस वार्ता" है !} सीए. दिनेश सनाढ्य - एक हिन्दुस्तानी - एक बृजवासी #(116)#15/06/22 #dineshapna
Tuesday, 14 June 2022
जन प्रेस वार्ता - 7 (एक बृजवासी के द्वारा) मठाधीश सुन ले, मूक पक्षी की आवाज ! नहीं समझे, श्रीजी के सखा का आगाज ! श्रीकृष्ण ने आज से 613 वर्ष पूर्व बृजवासियों के लिए सन् 1409 मे "पाषाण स्वरूप" मे अवतार लिया ! श्रीकृष्ण करीब 5000 वर्ष पूर्व "मानव स्वरूप" मे अवतार बृजवासियों के साथ बालस्वरूप मे गोकुल मे केवल 3 वर्ष 2 माह तक ही लीला कर सके ! इसलिए उस कमी की पूर्ति करने के लिए व बृजवासियों के निस्वार्थ प्रेम व समर्पण भाव के कारण श्रीकृष्ण ने "पाषाण स्वरूप" मे पुनः अवतार लिया ! क्योंकि उस समय श्रीकृष्ण का ज्यादातर समय राक्षसों का वध करने मे ही निकल गया, जिसकी शुरुआत 6 दिन की उम्र से ही पूतना वध से की ! अतः श्रीकृष्ण ने इस अवतार मे सर्वप्रथम बृजवासी को ही दर्शन दिये, उसके बाद अपनी निज सेवा करने की "साक्षात् आज्ञा" श्रीसद्दू पाण्डे जी को ही दी, तदुपरांत सखा के रुप मे साथ मे खेलने की "साक्षात् आज्ञा" बृजवासियों को ही दी ! श्रीकृष्ण ने इस कलयुग मे अन्य जीवमात्र के कल्याण हेतु तथा सरल व विधिवत पूजा पद्धति निर्धारण करने के लिए उस समय के सर्वश्रेष्ठ विद्वान श्रीवल्लभाचार्य जी को "स्वप्न आज्ञा" करके जतीपुरा बुलाया ! श्रीवल्लभाचार्य जी ने श्रीनाथजी की "स्वप्न आज्ञा" का पूर्णतः पालन किया तथा साथ ही उन्होंने श्रीनाथजी की "साक्षात् आज्ञा" (श्रीसद्दू पाण्डे जी व बृजवासियों को) का लेशमात्र भी उल्लंघन नहीं किया ! उन्होंने श्रीनाथजी की सेवा व पूजा "सेवक भाव" से ही की तथा बृजवासियों का स्थान श्रीनाथजी के सखा के रुप मे ही बनाये रखा ! उन्होंने श्रीकृष्ण की भक्ति को पुष्टि भाव से प्रसार प्रचार करने के लिए भारत भ्रमण भी किया ! इस कार्य के दौरान अपने शिष्यो व वैष्णवों को "वल्लभ आज्ञा" भी दी किन्तु ध्यान रखा कि "वल्लभ आज्ञा" कभी भी श्रीनाथजी की "साक्षात् आज्ञा" के प्रतिकूल / विरोधाभासी न हो ! अपने अन्तिम उपदेश "शिक्षा श्लोक" मे केवल "अपने वंशजों व वैष्णवों" के लिए 'चेतावनी स्वरूप संदेश" दिया था ! यहाँ यह उल्लेखनीय है कि श्रीवल्लभाचार्य जी ने कभी भी आदेश या उपदेश श्रीनाथजी के सखा (बृजवासियों) को नहीं दिया, क्योंकि वह जानते थे कि बृजवासियों को तो श्रीनाथजी ने "साक्षात् आज्ञा" दी है तथा बृजवासी श्रीनाथजी के सखा है तो उनकी "साक्षात् आज्ञा" के सामने या उसके विपरीत कोई भी आज्ञा या उपदेश बृजवासियों को नहीं दिया जा सकता है ! 【जैसे "संविधान" के विपरीत कोई "कानून" नहीं बन सकता है, उसी प्रकार श्रीनाथजी की "साक्षात् आज्ञा" के विपरीत कोई "वल्लभ आज्ञा" नहीं हो सकती है !】 【किन्तु अभी कलयुग है इसलिए सभी कार्य विपरीत हो रहे है, अतः हमें इन विपरीत कार्यो को रोकने के लिए भगवान के अवतार का इन्तजार नहीं करना है ! हमें ही गलत का विरोध करके सुधार कराना है व आमजन को न्याय दिलाना है !】 【हमें 2 जनहित के कार्य करने है :- (१) श्रीनाथजी मन्दिर को सरकारी नियंत्रण से मुक्त कराना ! (२) श्रीनाथजी की साक्षात् आज्ञा की पालना सुनिश्चित कराना ! 】 ★आप (आम जनता व प्रेस प्रतिनिधि) का कोई प्रश्न हो तो पूछ सकते हो ! {यह अनोखी व अनवरत "जन प्रेस वार्ता" है !} सीए. दिनेश सनाढ्य - एक बृजवासी #(115)#14/06/22 #dineshapna
Monday, 13 June 2022
जन प्रेस वार्ता - 6 (आम आदमी पार्टी द्वारा) नाथद्वारा का विकास या व्यवधान (एक हकीकत) नाथद्वारा के नेताओ व अधिकारियों के द्वारा "जनहितार्थ विकास कार्य" कराने के लिए आभार व धन्यवाद ! चूंकि विकास कार्य आमजन के धन से, आमजन हितार्थ किये जाने के कारण आमजन को अधिकार है कि वह विकास कार्यों के सम्बंधित प्रश्न पूछे :- (१)क्यों फोरलेन पर ऐलिवेटेड पुल नाथद्वारा के बीच से निकाला गया ? (२) क्यों नहीं नाथूवास व लाल बाग मे फोरलेन पर अण्डर पास ब्रिज बनाया गया ? (३)क्यों नगरपालिका ने लालबाग, नाथद्वारा पर बने बस स्टैण्ड को बन्द करके, उसके आगे की 18000 वर्गफीट जमीन बेच दी गई ? (४)क्यों व कैसे नगरपालिका ने लालबाग बस स्टैण्ड की जमीन श्रीनाथजी मन्दिर से किराए पर लेकर, उस जमीन को बेच दी ? (५)क्यों नाथद्वारा मे प्राईवेट बस स्टैण्ड की जगह, माँडल बस स्टैण्ड बनाने के लिए लालबाग बस स्टैण्ड की जमीन बेचकर बनाया गया ? (६)क्यों आईकोनिक गेट बनाया गया व इससे आमजन को क्या फायदा हुआ ? (७)क्यों आईकोनिक गेट के पास चारो ओर सात फीट ऊँची दिवार के अन्दर गाडँन बनाया गया व इससे किसको फायदा है ? (८)क्यों नाथद्वारा माँडल बस स्टैण्ड के सामने, पुल के नीचे ओटो स्टैण्ड, कार पार्किंग व फुटकर व्यापारीयो को हटाकर (बेरोजगार करके) गाडँन बनाया जा रहा है ? (९)क्यों बड़ा बाजार की अच्छी व मजबूत बिल्डिंग को तोड़कर, पुनः 12 करोड़ रु. खर्च करके, वापस उतनी ही स्कूल बिल्डिंग बनाई गई ? (१०)क्यों श्रीगोवर्धन हाई स्कूल की अच्छी व मजबूत बिल्डिंग को तोड़कर, पुनः 13 करोड़ रु. खर्च करके, वापस उतनी ही स्कूल बिल्डिंग बनाई जा रही है ? (११)क्यों सरकार द्वारा शिव मूर्ति बनाने के लिए दी गई जमीन की 30 वर्ष की लीज को, 99 वर्ष की लीज मे बदलकर सक्षम व्यक्ति को फायदा पहुँचाया गया ? (१२)क्यों नहीं सरकार सिंहाड़ व नाथूवास तालाब की जमीन पर हो रहे अतिक्रमण को रोका जा रहा है ? (१३)क्यों नहीं नाथद्वारा के पास बनने वाले रेलवे स्टेशन पर "श्वेत पत्र" जारी करके, जनता की "आपत्तियों का समाधान" किया जा रहा है ? (१४)क्यों नहीं ब्रोडगेज रेलवे लाईन को राजसमन्द तक लाकर रेलवे की आय को बढ़ाया जा रहा है ? (१५)क्यों नहीं धर्मनिरपेक्ष देश मे श्रीनाथजी मन्दिर को सरकारी नियंत्रण से मुक्त किया जा रहा है ? 【विकास करने वाले महापुरुष (नेता/अधिकारी) ध्यान दे :- (१) विकास का धन जनता का व विकास जनता के हितार्थ किया जा रहा है तो विकास कार्य करने से पूर्व "जनता की सहमति" ले व विकास कार्य का "श्वेत पत्र" जारी करे ! (२) प्रत्येक विकास कार्यों का जन उपयोगिता के सत्यापन हेतु "सामाजिक अंकेक्षण" कराया जाये ! 】 ★आप (आम जनता व प्रेस प्रतिनिधि) का कोई प्रश्न हो तो पूछ सकते हो ! {यह अनोखी व अनवरत "जन प्रेस वार्ता" है !} सीए. दिनेश सनाढ्य - एक आम आदमी #(114)#13/06/22 #dineshapna
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