Chartered Accountant,Social Activist,Political Analysist-AAP,Spritual Thinker,Founder of Life Management, From India, Since 1987.
Sunday, 22 March 2026
★ *आम आदमी को मूर्ख कब तक बनाओगे?* ★ *विश्व वानिकी दिवस आया फिर,* *नारे गूंजे—“पेड़ लगाओ!”* हाथों में फावड़ा दे कर कहते— “धरती माँ का कर्ज चुकाओ!” पर जंगल की गोद में जाकर देखो, किसका चलता खेल निराला, *एक तरफ़ पौधा रोपता जन,* *दूजी ओर कटता हरियाला।* *आम आदमी पसीना बहाए,* *छाया का सपना बोता है,* कुछ ऊँचे लोग फाइलों में ही, जंगल पूरा ढोता है। *अब वक्त है सच को पहचानो,* *जनता भी जागे, प्रश्न उठाए,* कानून बने तो सख्त बने, जो तोड़े—सीधे दण्ड पाए। *वन भूमि हो पूर्ण सुरक्षित,* *अतिक्रमण का नाम न हो,* सरकार खुद संरक्षण करे, केवल कागज़ी काम न हो। जब नीति में ईमान दिखेगा, तभी बदलेगा देश हमारा, *वरना यूँ ही चलता रहेगा,* *“मूर्ख बनाओ”—ये खेल सारा।* *सीए दिनेश चन्द्र सनाढ्य (अपना)* #एक क्रांतिवीर कवि (5) #22/03/2026 #dineshapna
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