Friday, 20 March 2026

★ *अन्र्तराष्ट्रीय महिला दिवस* ★ (*महिलाएँ बढे, नेतृत्व व परिवर्तन की अग्रदूत बने !*) भारत की प्राचीन संस्कृति में नारी को सदैव अत्यंत उच्च स्थान दिया गया है। हमारे *धर्मग्रन्थों में नारी को “नारायणी” अर्थात् दिव्य शक्ति का स्वरूप* माना गया है। यही कारण है कि हमारे शास्त्रों में कहा गया है— *“यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवताः”* अर्थात जहाँ नारी का सम्मान होता है, वहाँ देवताओं का वास होता है। इतिहास के प्रारम्भिक काल में नारी को शिक्षा, ज्ञान और सामाजिक नेतृत्व में महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त था। परन्तु *समय के साथ जब समाज में पुरुष-प्रधान विचारधारा प्रबल हुई*, तब नारी की भूमिका धीरे-धीरे सीमित होने लगी। उसके अधिकार, अवसर और नेतृत्व की संभावनाएँ कम होने लगीं। इसी *ऐतिहासिक असंतुलन को सुधारने और समाज को पुनः संतुलित बनाने* के लिए आज अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाने की आवश्यकता महसूस हुई। आज का यह दिवस *केवल उत्सव नहीं, बल्कि नारी के सम्मान, समान अवसर और नेतृत्व की पुनः स्थापना* का संकल्प है। इसी भावना को आगे बढ़ाते हुए Institute of Chartered Accountants of India (ICAI) ने इस वर्ष की *प्रेरणादायी थीम* दी है— *“Rise, Lead and Transform – Beyond Boundaries”।* *“Rise”* हमें प्रेरित करता है कि महिलाएँ शिक्षा, आत्मविश्वास और कौशल के माध्यम से आगे बढ़ें। *“Lead”* यह दर्शाता है कि महिलाएँ केवल सहभागी ही नहीं, बल्कि नेतृत्व की भूमिका भी निभाएँ। और *“Transform – Beyond Boundaries”* यह संदेश देता है कि महिलाएँ सीमाओं से परे जाकर *समाज, अर्थव्यवस्था और पेशे में सकारात्मक परिवर्तन लाएँ।* अतः आज का दिन हमें यह स्मरण कराता है कि *नारी का सम्मान केवल परम्परा नहीं, बल्कि एक प्रगतिशील और संतुलित समाज की अनिवार्य आधारशिला है।* *सीए दिनेश चन्द्र सनाढ्य* #1st Elected Chairman (25-26) #Treasurer (26-27). Rajsamand Branch of ICAI. (103) #19/03/2026 #dineshapna


 

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