Chartered Accountant,Social Activist,Political Analysist-AAP,Spritual Thinker,Founder of Life Management, From India, Since 1987.
Tuesday, 11 August 2026
★ *(४) जीवन प्रबन्धन का दार्शनिक निष्कर्ष* ★ (१) जीवन प्रबन्धन को यदि केवल कुछ पंक्तियों में समेटें तो :- *जीवन प्रबन्धन का लक्ष्य — आनन्द है।* (२) आनन्द की दिशा आध्यात्मिक हो या सांसारिक, व्यक्ति को *पहले “स्वयं” को* व्यवस्थित करना होगा और *फिर “शक्ति” का सदुपयोग* करना होगा। (३) *स्वयं के 6 सूत्र* व्यक्ति के भीतर का निर्माण करते हैं और *शक्ति के 6 सूत्र* व्यक्ति की उपलब्ध शक्तियों को दिशा देते हैं। इन *12 सूत्रों के समुचित संयोजन से व्यक्ति अपने निर्धारित आनन्द के लक्ष्य* की ओर बढ़ता है। (४) इसलिए जीवन प्रबन्धन का पूरा दर्शन एक सूत्र में :- *स्वयं + शक्ति + 12 सूत्र → आनन्द* (५) और दो क्षेत्रों में :- 🕉️ *आध्यात्मिक क्षैत्र* स्वयं का शोधन + शक्ति का सदुपयोग → आत्मबोध → परम आनन्द 🌍 *सांसारिक क्षेत्र* स्वयं का विकास + शक्ति का सदुपयोग → सफलता/समृद्धि → सांसारिक आनन्द *CA. Dinesh Chandra Sanadhya* (231) #एक सीए #11/08/2026 #dineshapna ●Chartered Accountant, ●Social Activist, ●Political Analysist, ●Spiritual Thinker, ●Founder of Life Management
Subscribe to:
Post Comments (Atom)

No comments:
Post a Comment