Tuesday, 11 August 2026

★ *(५) “Life Management” का सबसे संक्षिप्त व्याख्या* ★ (१) “जीवन प्रबन्धन” का सबसे महत्वपूर्ण विचार :- *स्वयं को साधना* और *शक्ति को साधन* बनाना ही जीवन प्रबन्धन है; *इसका लक्ष्य आनन्द है।* (२) “जीवन प्रबन्धन” की सार्वभौमिकता को एक पंक्ति में :- *क्षैत्र कोई भी हो* —आध्यात्मिक या सांसारिक; *लक्ष्य कोई भी रूप ले* —परम आनन्द या सांसारिक सुख ! *जीवन को सफल बनाने के लिए स्वयं और शक्ति का सही प्रबन्धन आवश्यक है।* (३) “जीवन प्रबन्धन” को 15 शब्दों वाले *एक समग्र, द्वि-दृष्टि और द्वि-क्षेत्रीय जीवन-दर्शन* के रूप में स्थापित करता है। (४) आपके “जीवन प्रबन्धन” के 15 सूत्रों की एक अत्यन्त सुंदर संरचना है :— ■ *आनन्द — लक्ष्य* ■ *स्वयं + शक्ति — दो स्तम्भ* ■ *6 + 6 — बारह क्रियात्मक सूत्र* ■ *आध्यात्मिक + सांसारिक — दो क्षैत्र* *CA. Dinesh Chandra Sanadhya* (232) #एक सीए #12/08/2026 #dineshapna ●Chartered Accountant, ●Social Activist, ●Political Analysist, ●Spiritual Thinker, ●Founder of Life Management










 

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