Wednesday, 5 August 2026

★ *धन्यवाद ज्ञापन* ★ आदरणीय मुख्य अतिथि सीए श्री निर्भिक गांधी जी, हमारे आज के दोनों विद्वान वक्ता आदरणीय सीए आलोक जी एवं सीए अशोक जी, मंचासीन सभी गणमान्य अतिथिगण तथा मेरे प्रिय सीए साथियों। राजसमन्द ब्रांच, CIRC of ICAI की ओर से आप सभी के प्रति मैं हृदय की गहराइयों से अपनी कृतज्ञता व्यक्त करता हूँ। आज का यह *"Practical Aspects on Tax Audit" सेमिनार* वास्तव में ज्ञान, अनुभव और व्यावसायिक उत्कृष्टता का एक अनुपम संगम रहा। *टैक्स ऑडिट जैसे गंभीर एवं तकनीकी विषय को हमारे दोनों सम्माननीय वक्ताओं ने अत्यंत सरल, व्यावहारिक और प्रभावशाली शैली में प्रस्तुत किया।* उन्होंने केवल कानून की धाराएँ ही नहीं बताईं, *बल्कि उन व्यावहारिक परिस्थितियों पर भी प्रकाश डाला जिनका सामना हम सभी चार्टर्ड अकाउंटेंट्स अपने दैनिक प्रोफेशन में करते हैं।* आज एक अत्यंत सुंदर संयोग भी देखने को मिला। *हमारे दोनों वक्ताओं के नाम स्वयं एक प्रेरक संदेश देते हैं—आलोक अर्थात ज्ञान का प्रकाश और अशोक अर्थात शोक का अभाव। वास्तव में, जहाँ ज्ञान का आलोक होता है, वहाँ अज्ञान, भ्रम और त्रुटियों का शोक स्वतः समाप्त हो जाता है।* आज आलोक जी ने अपने ज्ञान का प्रकाश फैलाया और अशोक जी ने अपने अनुभवों से हमारी अनेक व्यावहारिक शंकाओं का निवारण किया। ऐसा लगा मानो दोनों ने मिलकर यह संदेश दिया हो कि— *"आलोक से अज्ञान मिटता है और अज्ञान मिटते ही अशोक की अनुभूति होती है।"* मैं हमारे आदरणीय *मुख्य अतिथि श्री निर्भिक गांधी जी का विशेष रूप से हार्दिक आभार व्यक्त करता हूँ। आपके प्रेरणादायी विचारों, गरिमामयी उपस्थिति एवं उत्साहवर्धक संदेश ने इस कार्यक्रम को नई ऊँचाई प्रदान की।* आपका मार्गदर्शन हम सभी के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत रहेगा। साथ ही, मैं Direct Taxes Committee, ICAI, हमारी राजसमन्द ब्रांच के चेयरमैन, समस्त मैनेजिंग कमेटी, आयोजन समिति, कार्यालय स्टाफ एवं उन सभी सदस्यों का भी हार्दिक धन्यवाद करता हूँ, जिनके अथक प्रयासों से यह सफल एवं ज्ञानवर्धक कार्यक्रम संभव हो सका। अंत में, मैं यही कहना चाहूँगा— *ज्ञान ही वह पूँजी है जो बाँटने से घटती नहीं, बल्कि और अधिक समृद्ध होती है। आज हम सभी यहाँ से केवल 3 CPE Hours लेकर नहीं, बल्कि नई ऊर्जा, नए आत्मविश्वास और बेहतर व्यावसायिक दृष्टिकोण के साथ लौट रहे हैं।* इसी विश्वास के साथ आप सभी का पुनः हृदय से धन्यवाद। बहुत-बहुत धन्यवाद। जय हिन्द! *सीए दिनेश चन्द्र सनाढ्य* (219) #एक सीए #05/08/2026 #dineshapna Treasurer (2026–27) Chairman (2025 - 26) Rajsamand District Branch of CIRC of ICAI


 

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