Chartered Accountant,Social Activist,Political Analysist-AAP,Spritual Thinker,Founder of Life Management, From India, Since 1987.
Wednesday, 5 August 2026
★ *व्यापार करें ! ध्यान रखे !* ★ *(१)* 💰 *धन क्या है? प्रतिफल क्या है?* ■ धन केवल नोटों का ढेर नहीं है। *यह किसी के श्रम, समय, ज्ञान, अनुभव और ईमानदारी का मूल्य है।* ■ *प्रतिफल वह न्यायोचित अधिकार है,* जो किसी व्यक्ति को उसकी वस्तु (Goods) या सेवा (Services) के बदले मिलना चाहिए। *(२)* *❝एक प्रश्न स्वयं से पूछिए…❞* ■ क्या धन केवल आपको ही चाहिए? ■ क्या दूसरे व्यक्ति के परिवार की आवश्यकताएँ नहीं हैं? ■ यदि आपने किसी से माल लिया, या यदि आपने किसी की सेवा ली, *तो उसका उचित एवं समय पर प्रतिफल देना आपका नैतिक और कानूनी दायित्व है।* ■ दूसरों के श्रम का लाभ लेकर उसका उचित भुगतान रोकना, *विश्वास, न्याय और मानवता—तीनों के साथ अन्याय है।* *(३)* याद रखिए— ■ *"श्रम का सम्मान तभी है, जब उसका उचित प्रतिफल समय पर दिया जाए।"* ■ *"भुगतान में ईमानदारी केवल आर्थिक व्यवहार नहीं, बल्कि चरित्र का सबसे बड़ा प्रमाण है।"* ■ "जो दूसरों के श्रम का मूल्य नहीं चुकाता, वह अपने चरित्र का मूल्य स्वयं घटा देता है।" *(४)* *सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों (MSME) को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए भारत सरकार ने MSMED Act, 2006 में विशेष प्रावधान किए हैं ।* निर्धारित अवधि में भुगतान न होने पर खरीदार को विलंब अवधि के लिए कानूनन ब्याज (Interest) देने का दायित्व भी होता है । *सीए दिनेश चन्द्र सनाढ्य* (220) #एक सीए #06/08/2026 #dineshapna Treasurer (2026–27) Chairman (2025 - 26) Rajsamand District Branch of CIRC of ICAI
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