Saturday, 14 October 2017

★★राजसमंद झील का संरक्षण व जल संरक्षण सुनिश्चित हो !★★ ◆आम जनता के किसानो व अन्य विभागों से प्रश्न ?◆ (०१) क्या सिचाई के समय “पानी के दुरुपयोग” को रोका जाना सुनिश्चित किया जाना चाहिए ? (०२) क्या अगले वर्ष के लिए व भूजल स्तर बढ़ाने के लिए “पानी को बचाया” जाना चाहिए ? (०३) क्या राजसमंद “झील पर पर्यटन” बढ़ाकर “ग्रामीण युवाओ के लिए रोजगार” बढ़ाया जाना चाहिए ? (०४) क्या खेती के लिए पानी के अलावा “सस्ते खाद, बीज, बिजली” तथा पैदावार का उचित मूल्य मिलना चाहिए ? (०५) क्या नहरकी मरम्मत व सिचाई केलिए “उचित पानी वितरण व्यवस्था” केअभाव से पानी का दुरुपयोग होता है? (०६) क्या पानी छोड़ने से पूर्व पानी के दुरुपयोग को रोकने की “जिम्मेदारी सुनिश्चित” की जानी चाहिए ? (०७) क्या राजसमंद झील पर “तीन-तीन गेज व दो जगह (ओवर फ्लो) को नीचाकर” पानी को व्यर्थ जाने दिया ? (०८) क्या राजसमंद “झील भराव क्षैत्र में अतिक्रमण” है?व उसको हटाने के लिए अभीतक कोई ठोस कदम उठाए? (०९) क्या राजसमंद “झील का सीमांकन” किया गया ? व पानी छोड़ने से पूर्व सीमांकन किया जाना चाहिए ? (१०) क्या गोमती नदी व “जल प्रवाह क्षैत्र को अतिक्रमण मुक्त” किया जाना चाहिए ? (११) क्या राजसमंद झील, सिचाई की नहर, गोमती नदी, खारी फीडर का पिछले ४४ वर्षो में किए गये कार्यो व खर्चो का “सामाजिक अंकेक्षण” कर आम जनता के समक्ष स्पष्टीकरण रखा जाना चाहिए ? (१२) क्या “झील संरक्षण प्राधिकरण” व “झील संरक्षण समिति” का गठन किया जाना चाहिए ? ●●●●●जल है, तो जीवन है !●●●●● ●●●जल बचाना ही, प्रकृति की पूजा है !●●● CA. Dinesh Sanadhya = 15.10.2017 www.dineshapna.blogspot.in

























Friday, 13 October 2017

★राजसमन्द झील के लिए - "बयान" के स्थान पर "कार्य" हो !★ ◆"आमजन नेता" का "जन नेता" (राजनेता) से प्रश्न :-◆ (१) क्या जल “सहेजना" का मतलब जल "संरक्षण" है ? (२) क्या जल "सहेजना" का मतलब जल के "दुरुपयोग" को रोकना है ? (३) क्या जल का "दुरुपयोग", प्रकृति के "प्रसाद" का अपमान करना है ? (४) क्या राजनेता / प्रशासन जल के "दुरुपयोग" को रोकना सुनिश्चित करेगा ? (५) क्या राजनेता जो "कहते" है , वह वास्तविकता में जनहित में “करते” है ? (६) क्या राजनेता / प्रशासन “सिचाई” में जितने जल की “आवश्यकता” है, उतना जल ही झील से देंगे ? (७) क्या राजनेता / प्रशासन सिचाई केसमय जल के "दुरुपयोग / व्यर्थ" जाने से रोकना सुनिश्चित करेंगे? (८) क्या राजनेता / प्रशासन राजसमंद झील के जल को “सरकार के उद्देश्य” (जल "संरक्षण")को पूरा करेंगे ? (९) क्या राजनेता सिचाई के समय जल के “दुरुपयोग” होने पर अधिकारियो पर “जवाबदेही" सुनिश्चित करेंगे ? (१०) क्या राजनेता राजसमंद झील के जल का हक़दार "केवल किसानो" को ही मानती है ? (११) क्या राजनेता झील संरक्षण में किसानो, राजसमंद के निवासीयो, व्यापारियो, सामाजिक कार्यकर्ता व झील प्रेमीयो की “समानरूप” से सहभागिता के साथ “निर्णय” लेंगे ? (१२) क्या राजनेता / प्रशासन "जल वितरण समिति" के साथ "झील संरक्षण समिति" के निर्णय पर भी विचार करेंगे ? CA. Dinesh Sanadhya = 13.10.2017 www.dineshapna.blogspot.in















Tuesday, 10 October 2017

★" सदभाव कम्पनी " की कहाँ गई " सदभावना " ?★ @ फोरलेन गोमती उदयपुर पर सदभाव कम्पनी की जनता के प्रति “गलत भावना” क्यों ? @ फोरलेन पर करोड़ो की लागत व मुनाफा तथा जनता से करोड़ो वसूलने के बाद भी जनता को “तकलीफ” क्यों ? @ फोरलेन पर जनता का पैसा खर्च , तो जनता के राय व सुविधा क्यों नही ? @ फोरलेन पर जनता टोल टैक्स देती , तो ये तकलीफदेह व जानलेवा क्यों ? @ फोरलेन पर स्थानीय निवासियो को निशुल्क पास के स्थान पर ५० रुपए का मासिक पास क्यों ? @ फोरलेन पर मासिक पास जनता का अधिकार , तो पास देने पर परेशान क्यों (9.10.17) किया जा रहा है ? ●> फोरलेनकानिर्माण नियम व गुणवत्ता केअनुरूप क्यों नही? ●> सड़क पर डिवाइडर नियमानुसार क्यों नही ? ●> सड़क किनारे नियमानुसार पेड़ क्यों नही लगाए ? ●> नियमानुसार सर्विस रोड क्यों नही ? ●> सड़क पर पानी का भराव क्यों ? ●> सड़क पर विकट मोड़ क्यों ? ●> क्या सड़क मानक के अनुसार गुणवत्तापूर्ण है ? ●> क्या सड़क के मरम्मत समय समय पर हो रही है ? ●> सड़क पर आवश्यक अंडरपास व पुल क्यों नही ? ●> सड़क पर पर्याप्त सार्वजनिक सुविधाए क्यों नही ? ? ? ? ? ? इसके लिए कौन जिम्मेदार है :- ? ? ? ? ? (१) कम्पनी ! (२) सरकार ! (३) नेता ! (४) अधिकारी ! (५) आम आदमी ! ★★DO NOT “UNDERESTIMATE” THE POWER OF “AAM AADMI”★★ CA. Dinesh Sanadhya = 10.10.2017 www.dineshapna.blogspot.in



Sunday, 8 October 2017

★एक शब्द सन्देश - " अपना " - श्री कृष्ण सन्देश★ ■ "अपना" है , समाधान का मूल :-■ (१) सभी प्रकार की समस्याओ का हल है - "अपना" (२) सभी प्रकर के मतभेद का हल है - "अपना" (३) सभी धर्मो व जीव धर्म का मूल है - "अपना" (४) दुनिया में सर्वश्रेष्ठ बनने का मूल है - "अपना" ■"अपना" क्या है :-■ (१) "अपना" बनाने से शुरू होता है "प्रेम" ! प्रेम है, सभी धर्मो, शांति व "सुखो का सार" ! (२) "अपना" सभी को समझने से आती है "समानता" ! समान व्यवहार से स्थापित होता है "न्याय" ! (३) "अपना" समझकर व्यवहार करने से खत्म होती है "वैमनष्यता" ! वैमनष्यता ख़त्म होने से बढ़ती है "प्रेम व शांति" ! (४) "अपना" समझकर व्यवहार करने से बढ़ती है "एकता" ! एकता की शक्ति से होता है सभी "समस्याओ का समाधान" ! (५) "अपना" समझकर व्यवहार करे "स्वयं व दूसरे भी" ! तब अपनेआप समाप्त होगा, "अन्याय, अनीति, द्वेषता, लालच व अहंकार" ! (६) "अपना" सभी को समझने से, "दूसरा नही रहेगा" ! जब कोई दूसरा नही रहेगा तो अपनेआप समाप्त होगा, "अधर्म, हिंसा, ईर्ष्या, लोभ, भ्रस्ट्राचार व बेईमानी" ! ■"अपना" समझ गए, तो सबकुछ समझ गये :-■ (१) "अपना" समझे "सभी को" ! सभी के साथ व्यवहार करे "अपना समझकर" ! (२) "अपना" समझे "दोनों तरफ से" ! तभी एक दूसरे के बीच पनपेगा "अपनापन" ! (३) "अपना" समझे व कर्म करे "व्यापक व समग्ररूप से" ! तब दोनों ओर होगा "स्वयं" ! (४) "अपना" समझने से बढ़ता है "प्रेम" ≥ प्रेम से ख़त्म होती है "अन्याय व वैमनस्ता" ≥ अन्याय व वैमनस्ता ख़त्म होने से बढ़ती है "शांति" ≥ शांति से मिलता है "आनंद" ≥ आनंद ही है सभी सुखो का सार व अंतिम लक्ष्य "मोक्ष" ! CA. Dinesh Sanadhya “APNA” www.dineshapna.blogspot.in = 08.10.2017



Thursday, 5 October 2017

★★★★पदयात्रा की •"शुभकामनाओ"• के साथ •"शुभकाम की आशाएँ"• !★★★★ ●झील के लिए पदयात्रा से ज्यादा जरुरी है, झील परिक्रमा की ! ●झील कलश मे जलसंरक्षण से ज्यादा जरुरीहै, झील मे जल संरक्षण की ! ●झील मे दीपक जलाने से ज्यादा जरुरी है, जल संरक्षण हेतु मन का दीपक जलाने की ! ●झील मे गोमती हेतु चुनरी से ज्यादा जरुरी है, गोमती को अवरुद्व मुक्त करने की ! ●झील की पूजा करने से ज्यादा जरुरी है, जल के दुरुपयोग को रोकने की ! ●झील की आरती करने से ज्यादा जरुरी है, नौचौकी व पाल को सुरक्षित रखने की ! ●झील पर दिखावी खर्च से ज्यादा जरुरी है, उसके देखभाल पर खर्च की ! ●झील की सफाई करने से ज्यादा जरुरी है, झील को अतिक्रमण मुक्त करने की ! ●झील हेतु "कुछ लोगो" द्वारा निर्णय लेने से ज्यादा जरुरी है, "आम जनता" के द्वारा निर्णय लेने की ! ●झील"जल वितरण समिति" से ज्यादा जरुरीहै, "झील संरक्षण समिति" की ! ◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆ ■ आओ ! कुछ "अच्छे काम' करने के साथ "सर्वश्रेष्ठ काम" भी हम सभी मिलकर करे !





Monday, 2 October 2017

★"एक शब्द" श्री कृष्ण का सन्देश - "प्रेम" ★ ◆ "प्रेम" क्या है :- (१) मानव धर्म व सभी धर्मो का सार - "प्रेम" (२) विश्व शांति व सभी सुखो का सार - "प्रेम" (३) जीवन में स्थाई आनंद का सार - "प्रेम" (४) वेद पुराण,रामायण,महाभारत,कुरान,बाइबिल का सार - "प्रेम" ◆ "प्रेम" किससे करे :- (१) सबसे पहले "स्वयं" से करे ! (२) अपने "माँ - बाप" से करे ! (३) अपने "परिवार व समाज" से करे ! (४) अपने "धर्म व देश" से करे ! (५) अपने "विश्व व जीव मात्र" से करे ! (६) अपने "प्रभु व प्रकृति" से करे ! ◆ "प्रेम" कैसे करे ! (१) "प्रेम" १०० % "मन,वचन.कर्म" से करे ! (२) "प्रेम" सभी से व "समानता" के साथ करे ! (३) "प्रेम" जैसा स्वयं से करे, वैसे "दूसरो" से भी करे ! (४) "प्रेम" ऐसा करे की "नफरत" का स्थान न रहे ! * एक शब्द सन्देश * एक शब्द उपदेश * एक शब्द कर्म CA. Dinesh Sanadhya “APNA” = www.dineshapna.blogspot.com = 02.10.2017