Chartered Accountant,Social Activist,Political Analysist-AAP,Spritual Thinker,Founder of Life Management, From India, Since 1987.
Saturday, 23 December 2017
■■ गुलामी मुक्ति अभियान :: आम जनता "शुद्व के लिए युद्व" एकजुट होकर करे ! ■■ ★ कॉर्पोरेट (विदेशी व देशी) मुनाफे के लिए "खाद्य पदार्थो मे मिलावट" करना, आम आदमी के ◆◆ "जीने के अधिकार का हनन" ◆◆ है ! ★ व्यापार हो, किन्तु लूट नही ! प्रत्येक उत्पाद पर M.R.P. (Maximum Retail Price) के साथ ◆◆ "M.C.P." ◆◆ (Minimum Cost Price) भी अंकित हो ! ★ कॉर्पोरेट टैक्स के स्थान पर प्रत्येक उत्पाद पर ◆◆ "मुनाफे के सीमा 10 % से 20 % निर्धारित" ◆◆ हो ! ★ खाद्य पदार्थो के ◆◆ "मिलावट की जांच जिला स्तर पर" ◆◆ 24 घंटे में होनी चाहिए, व जिला स्तर पर जांच प्रयोगशाला हो, जिस पर आम आदमी खाद्य पदार्थो की जांच करा सके ! ★ खाद्य पदार्थो में मिलावट पर व्यापारी के साथ उत्पादन करने वाली "फैक्ट्री पर भी कार्यवाही हो" ! मिलावट ◆◆ Non - Bailable अपराध ◆◆ हो ! ★ खाद्य पदार्थो में मिलावट पर "त्वरित कार्यवाही , कठोर दंड" हो ! ◆◆ पीड़ित पक्षकार को तुरन्त आर्थिक नुकसान की पूर्ति ◆◆ हो ! ★ आम आदमी को खाद्य पदार्थो की जांच प्रयोगशाला "स्वयं लगानी चाहिए" ! आम जनता को एकजुट होकर ◆◆ "शुद्ध के लिए युद्ध अभियान" ◆◆ शुरू करना चाहिए ! CA.Dinesh Sanadhya = 24.12.2017 www.dineshapna.blogspot.in
■गुलामी मुक्ति अभियान :: आम जनता एकजुट हो !■ ★ सरकार का मूल "जन कर्तव्य" व आम जनता का "जन अधिकार" हो :- (1) सभी पर "कानून समानरूप से" लागू करना ! (2) "आर्थिक असमानता" दूर करना ! (3) "सभी को भोजन,शिक्षा,चिकित्सा,आवास व त्वरित न्याय" सुनिश्चित करना ! (4) "कानून व्यवस्था" पीड़ित, निर्दोष व आम जनता के पक्ष में सुनिश्चित करना ! ★ आम जनता को अपने जनअधिकारो के लिए "1795 दिन" जाति, समाज,धर्म, राजनैतिक पार्टी व स्वार्थ से ऊपर उठकर एकजुट होकरकार्य करना होगा! ★ प्रत्येक गांव / शहर में से "50 से 100 व्यक्ति" "मुद्दे के आधार" व उनके "स्वयं के हित के लिए" एकजुट होकर कार्य करना होगा ! ★ हमारा "विरोध किसी व्यक्ति/संस्था से नही, उसके जन विरोधी कार्य से है,"जो उसे छोड़ना होगा ! यदि वह जन विरोधी कार्य 100% छोड़ता है तो हमें न उस व्यक्ति से,न उसके पद से, न उस संस्था से व न उस पार्टी से एतराज है ! CA.Dinesh Sanadhya = 23.12.2017 www.dineshapna.blogspot.in
Thursday, 21 December 2017
★गुलामी मुक्ति अभियान :: एक समाधान★ ●आम जनता की जमीन व उसका उपयोग स्वयं के लिए करने का अधिकार है, व सरकार की जिम्मेदारी है कि जनता की सम्पति की सुरक्षा करे ! ●सरकार जमीन जनहित मे ले सकती है, व्यापार के लिए नही ! ●सरकार अपनी जिम्मेदारी नही निभाती है, तो उसका विरोध करना चाहिए ! ●जनता को अपने अधिकार के लिए एकजुट होकर लड़ना चाहिए ! ●जमीन किसान की जा रही है, किन्तु काँरपोरेट व्यापार के नाम से हम सबका शोषण कर गुलाम बनायेगे ! अत: हमे मिलकर लड़ना है ! CA.Dinesh Sanadhya = 21.12.2017 www.dineshapna.blogspot.in
Wednesday, 20 December 2017
■■ गुलामी मुक्ति आन्दोलन ■■ ■■ ★★20.12.2017★★■■ ★ क्या हम "2047 तक गुलाम" हो जायेगे ? ★ क्या हम "काँरपोरेट" (विदेशी व देशी) के गुलाम बन रहे है ? ★ क्या • जमीन, • पानी, • वायु, • प्राकृतिक संसाधनो व • अर्थव्यवस्था पर काँरपोरेट "कब्जा कर रहे" है ? ★ क्या गुलामी के लिए "कांग्रेस व बीजेपी" जिम्मेदार है ? ★ क्या "आम जनता" कुछ कर सकती है ? CA.Dinesh Sanadhya = 20.12.2017 www.dineshapna.blogspot.in
★"पांच" इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, "पांच" बर्बादी के द्धार :: पांचवा – “अर्थव्यवस्था”★ ★ कॉर्पोरेट के कब्जे में अर्थव्यवस्था :: (जिसके कब्जे में अर्थव्यवस्था, उसके हाथ में सत्ता / सरकार) ★ DDDDDDDDDDDDDDDDDDDDDDDDDDDDDD ★अर्थव्यवस्था में देश के सम्पति, उत्पादन, व्यापार, श्रम, तकनीक व सामाजिक दायित्व सम्मलित होते है ! अतः सरकार का कर्तव्य है कि अर्थव्यवस्था को जनहित में प्रभावी व नियन्त्रित करे ! ★लोकतंत्र में “अर्थव्यवस्था” जनता के चुने हुवे जन प्रतिनिधि के हाथ में “ जनहित “ के लिए चाहिए ! किन्तु इंडस्ट्रियल कॉरिडोर में अर्थव्यवस्था(1/3 जमीन, 2/3 प्राकृतिक संसाधन, 2/3 व्यापार, 2/3 उद्योग, 2/3 पूंजी ) कॉर्पोरेट (विदेशी / देशी) के कब्जे में होगी, जो अर्थव्यवस्था को “अपने मुनाफे के लिए” उपयोग व नियन्त्रित करेंगे! ★देश की अर्थव्यवस्था में धन (पूंजी व लोन) का 2/3 हिस्सा विदेशी कॉर्पोरेट का होगा, तो देश व देशवासियो को 2047 तक विदेशीयो का गुलाम बनाना तय है ! ★वर्तमान देश की अर्थव्यवस्था में, चुनाव में, बड़े घोटालो में, बैंक लोन लेने व लोन डीफॉल्टर में कॉर्पोरेट की 1/2 भागीदारी के साथ सत्ता / सरकार में हस्तक्षेप है ! किन्तु जब इंडस्ट्रियल कॉरिडोर में (विदेशी / देशी) कॉर्पोरेट होगे, तब 100 % भागीदारी के साथ सत्ता / सरकार में हस्तक्षेप होगा ! तब 2047 तक क्या हम आम आदमी व देश गुलाम नही होगा ? CA.Dinesh Sanadhya = 20.12.2017 www.dineshapna.blogspot.in
Tuesday, 19 December 2017
■●■ "पांच" इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, "पांच" बर्बादी के द्धार :: चौथा -"प्राकृतिक संसाधन"■●■ ■●■ कॉर्पोरेट द्वारा"जमीन"व“प्राकृतिक संसाधनों”पर कब्ज़ा व मुनाफे के लिए दोहन :: जनता व देश मूकदर्शक ■●■ DDDDDDDDDDDDDDDDDDDDDDDDDDDD ★देश में कोयला भंडार (विश्व में चौथा), लोहा भंडार (विश्व में सातवाँ) माइका (विश्व में पांचवा) है ! इंडस्ट्रियल कॉरिडोर में कॉर्पोरेट (विदेशी व देशी) की इन भण्डारो पर बुरी नजर है तथा ये इनका दोहन इनके फायदे के लिए करना चाहते है ! ★देश में खेती की जमीन 19.45 लाख वर्ग किमी (56.78%) व जंगल की जमीन 7.02 लाख वर्ग किमी (21.34%) इंडस्ट्रियल कॉरिडोर में खेती व जंगल की जमीन बर्बाद होगी ! प्राकृतिक संसाधनों का अत्यधिक दोहन व दुरुपयोग होगा ! ★इंडस्ट्रियल कॉरिडोर में निर्माण तेज परिवहन की साधन, कच्चे माल का उपयोग, उत्पादन का फायदा 75% कॉर्पोरेट (विदेशी व देशी) को तथा 25% जनता व देश को होगा ! आमजनता के हिस्से में प्रदुषण, बेरोजगारी, नौकरी करने के मजबूरी, रोटी कपडा व मकान के लिए अत्यधिक कीमत, कॉर्पोरेट पर निर्भरता व गुलामी ! देश को नुकसान जमीन, प्राकृतिक संसाधन, कर्ज भार, नियंत्रण हाथ से निकलना, व आर्थिक गुलामी ! ★सरकार का वर्तमान कॉर्पोरेट ( निजी शिक्षा क्षैत्र,निजी मेडिकल क्षैत्र, निजी परिवहन क्षैत्र,निजी बैंकिंग क्षैत्र) पर"जनहित"में नियंत्रण नही है, तो इंडस्ट्रियल कॉरिडोर में कॉर्पोरेट (विदेशी व देशी) पर "जनहित" में नियंत्रण बिलकुल नही रहेगा ! CA.Dinesh Sanadhya = 19.12.2017 www.dineshapna.blogspot.in
Monday, 18 December 2017
★★★पांच इंडस्ट्रियल कॉरिडोर,पांच बर्बादी के द्धार :: तीसरा –“वायु”★★★ ★★★ कॉर्पोरेट द्वारा"जमीन"पर कब्ज़ा तथा“पानी व वायु”में प्रदुषण : जनता"जमीन,“पानी व वायु”खरीदने को मजबूर ★★★ DDDDDDDDDDDDDDDDDDDDDDDDDDDDDD ★ दिल्ली दुनिया में सबसे ज्यादा “वायु प्रदूषित” है ! तथा इसके साथ भारत के सभी महानगर व 168 शहर “वायु प्रदूषित”है ! ★ देश में 12 लाख “मौत” प्रतिवर्ष वायु प्रदुषण से हो रही है ! 300 लाख व्यक्तियों को “अस्थमा” तथा कई व्यक्तियों को “कैंसर व अन्य बिमारिया” हो रही है ! ★ वर्तमान औद्योगीकरण से उक्त स्थिति है, तो इंडस्ट्रियल कॉरिडोर में 10 गुणा ज्यादा औद्योगीकरण होने तथा वन व खेती नष्ट होने पर “वायु प्रदुषण भी 10 गुणा ज्यादा” होगा ! ★ वर्तमान में वायु प्रदुषण औद्योगिक क्षेत्र तक ही सीमित है, किन्तु इंडस्ट्रियल कॉरिडोर में पुरे देश में 5734 किमी लम्बाई व 200 किमी चौड़ाई तक कुल क्षेत्रफल 11.42 लाख वर्ग किमी में होगा, जो भारत की कुल क्षेत्रफल का 1/3 हिस्सा है तथा साथ ही देश की 75 % आबादी वायु प्रदुषण से प्रभावित होगी ! ★ देश में 30 वर्ष पूर्व “बोतल बंद पानी” बिकने लगा है, तो अब 30 वर्ष बाद “बोतल बंद हवा” बिकने लगेगी ! ★ वर्तमान में वायु प्रदूषण से बचने के लिए घर, ऑफिस, कार व बाजार में एयर कंडीशनर लगाना पड़ रहा है, जो आम आदमी के पहुंच से दूर है ! तो आम आदमी कहाँ जायेगा ? CA.Dinesh Sanadhya = 18.12.2017 www.dineshapna.blogspot.in
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