Chartered Accountant,Social Activist,Political Analysist-AAP,Spritual Thinker,Founder of Life Management, From India, Since 1987.
Tuesday, 27 December 2022
साहित्य से सेवा साहित्य का सम्मान ■वरिष्ठ साहित्यकार एवं ज्योतिषाचार्य पंडित बिंदू लाल शर्मा का सम्मान ■ (ज्ञान व समर्पण की मिशाल) श्री हरि साहित्य सेवा संस्थान राजसमंद द्वारा नगर के वरिष्ठ साहित्यकार एवं ज्योतिषाचार्य पंडित बिंदू लाल शर्मा कांकरोली का सम्मान किया गया । श्री हरि साहित्य सेवा संस्थान के अध्यक्ष रविनंदन चारण, संरक्षक व अपना ट्रस्ट के संस्थापक सीए. दिनेश सनाढ्य, बख्तावर सिंह चुंडावत प्रीतम, चंन्द्र शेखर शर्मा नारलाई, कमलअग्रवाल, धर्मेंद्र बंधु एवं जितेंद्र सनाढ्य अभिनंदन कार्यक्रम में उपस्थित रहे । बिंदू लाल शर्मा ने संस्थान के उज्जवल भविष्य की कामना की । उन्होंने बताया कि आजकल ऐसे साहित्य की जरूरत है जिससे हमारी पुरानी संस्कृति को कायम रखते हुए नये युग मे उसकी उपादेयता जनता को मालूम हो । जिससे आज के युग के नौजवानों को नई व सही दिशा मिले । अन्त मे जितेन्द्र सनाढ्य ने आभार व्यक्त किया। सीए. दिनेश सनाढ्य - एक हिंदुस्तानी #(245) #27/12/22 #dineshapna
Friday, 23 December 2022
■साहित्य से समाज सेवा - दिनेश सनाढ्य■ श्रीराम की मर्यादाओं का पालन करें तो उनके धनुष को भी याद रखे । श्रीकृष्ण की बांसुरी का वर्णन करे तो सुदर्शन चक्र को भी नहीं भूले । इसके लिए साहित्य सर्जन भी इसके अनुसार हो तथा उसको धरातल पर भी उतारे व जनता की सेवा करें । इसके लिए आज रविन्दन चारण की अध्यक्षता मे श्रीहरि साहित्य सेवा संस्थान का गठन करके काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया । यह कार्य व विचार सीए. दिनेश सनाढ्य ने रखें । इस श्रीहरि साहित्य सेवा संस्थान के गठन व काव्य गोष्ठी की अध्यक्षता सीए. दिनेश सनाढ्य ने की व मुख्य अतिथि पुलिस अधिकारी डाँ. हनुमन्त सिह राजपुरोहित विशिष्ट अतिथि डाँ. आनंद श्रीवास्तव, समाज कल्याण अधिकारी जय प्रकाश चारण, डाँ. लक्ष्मी नारायण आमेटा, श्रीमती ज्योत्सना थे । इस अवसर पर 10 साहित्यकार, कवि, समाजसेवी को अपना ट्रस्ट व श्रीहरि साहित्य सेवा संस्थान की ओर से सम्मानित किया गया । सम्मानित गण आनंद श्रीवास्तव, राजेन्द्र सनाढ्य राजन, प्रेम कुमावत, पूरण शर्मा, योगेंद्र यश, राजेन्द्र सिंह चारण, कैलाश चन्द्र वैष्णव, श्रीमती ललिता शर्मा शशि थे । हे प्यारी भारत माँ तुझे हमे शिश झुकाते है तेरे पर बलि बलि जाते है 🙏 - राधेश्याम राणा ओ म्हारा सांवरिया गिरधारी, तुम नहीं रुठो चाहे रुठे दुनिया सारी... - बख्तावर सिंह चुंडावत प्रीतम बैठी अशोका पेड़ तले सीताजी झर झर रोई , रामजी थे क्यूं देर लगाई रे हिवडे़ रा साथी क्यूं बिसराई रे - लेखराज मीणा 'मुराड़या' आदरणीय मोहन जी गायत्री परिवार गीत की पंक्तियां बीड़ी मज़ा न देगी जर्दा मज़ा न देगा दिल तक पहुंचे बात मेरी,वो शब्द कहां से मैं लाऊं - वीणा वैष्णव रागिनी पन्नाधाय बलिदान गाथा बलिदान वेरियो लाडलो खेखाळ लोया रा वैग्या.... - ललिता शर्मा 'शशि' स्त्रियां परिवार को जोड़ती, रिश्तो को गहराई देती है, पत्नी सुदामा जी को द्वारिकाधीश से मिलने की दुहाई देती है, - रामगोपाल आचार्य रण में भेजो मुझको भी मैं तत्पर बैठा राणा जी, मुझको भी तो रण में जाकर अपना शौर्य दिखाना जी, - योगेन्द्र "यश" सच की आवाज उठाने में बुरा क्या है। घने अंधेरे में चिराग जलाने में बुरा क्या है। हो जाते तुझे मुतासिर मदभरा तेरा अंदाज है - डॉ. आनन्द श्रीवास्तव। नी खाऊं,तो क ई खाऊं, अबे भाटा खाऊं क ई। एलियन तो वणी ग्यों हूं, मंगल पे परो जाऊं क ई। - राजेन्द्र सनाढ्य राजन कोठारिया। इतनी सी बात कही और वो बुरा मान गए सीधी सच्ची ही कही पर वो बुरा मान गए - कुसुम अग्रवाल आज कल किसी के घर नहीं आते-जाते हैं लोग मुलाक़ातों से न जाने क्यों कतराते हैं लोग - कमल अग्रवाल संचालन कुसुम अग्रवाल ने किया व धन्यवाद रविनंदन चारण ने ज्ञापित किया ।
Thursday, 15 December 2022
★नाथद्वारा का विकास करें, जनता हेतु व्यवधान नहीं !★ ★विकास आमजन हितार्थ हो, खासजन हितार्थ नहीं !★ ★सर्वे भवंतु सुखिनः -- आनन्दम ! आनन्दम ! आनन्दम !★ (१) नाथद्धारा/देश के विकास के लिए जिम्मेदार है - ◆नेता (जो आमजन से "वोट" लेकर बनते हैं) - ◆अधिकारी (जो आमजन के धन से "वेतन" लेकर काम करते है) (२)नाथद्धारा/देश के विकास का काम करते है - ◆कुछ नेता (दिखाते है आमजन के लिए, किन्तु हकीकत मे करते है "स्वयं या खासजन" के लिए) - ◆कुछ अधिकारी (दिखाते है आमजन के लिए, किन्तु हकीकत मे करते है "स्वयं या खासजन" के लिए) (३)नाथद्धारा/देश के विकास के लिए धन कहाँ से आता है - आमजन के टैक्स का जो धन प्राप्त होता है, उससे ही विकास के कार्य होते हैं किन्तु कुछ नेता/कुछ अधिकारी अपने स्वार्थ के लिए भ्रष्टाचार करके *धन लूटते हैं, *अनावश्यक निर्माण कराते हैं, *सरकारी सम्पत्ति लूटाते है, *खासजन के हित में काम करते हैं, *आमजन के काम नहीं करते हैं ! (४)नाथद्धारा/देश के विकास के लिए आमजन को क्या करना है - अपने अधिकार के लिए *आवाज उठानी है, *संगठीत होना है, *अन्याय का विरोध करना है, *धर्म युद्ध करना है ! (५) हमें [सर्वे भवंतु सुखिनः] के सिद्धांत पर कार्य करते हुए, आनन्दम! आनन्दम! आनन्दम! के साथ जीना है ! सीए. दिनेश सनाढ्य - एक हिंदुस्तानी #(243) #15/12/22 #dineshapna
Tuesday, 6 December 2022
★नाथद्वारा का विकास करें, जनता हेतु व्यवधान नहीं !★ ★विकास आमजन हितार्थ हो, खासजन हितार्थ नहीं !★ ★साहित्य के बाधक है, जनसेवा / शिक्षा के दुश्मन है !★ (१)महाराजश्री व श्रीनाथजी मन्दिर ने 80 वर्ष पूर्व नगरवासियों के पुस्तकालय व वाचनालय के लिए साहित्य मण्डल को मोतीमहल के खुरेँ पर भवन किराये पर उपलब्ध कराया व साहित्यिक गतिविधियों के लिए जमीन विक्रय करके, शिक्षा के क्षैत्र मे अतुलनीय कार्य किया ! जिसके लिए धन्यवाद ! (२)किन्तु सरकार के हस्तक्षेप के बाद साहित्य के बाधक व जनसेवा / शिक्षा के दुश्मनों ने "मन्दिर विकास के नाम पर" अनुचित दबाव बनाकर, मोतीमहल के खुरेँ पर स्थित भवन को खाली कराकर, अन्य अनुपयोगी भवन को दिया, जिससेे आमजन को परेशानी हो रही है, तो क्या यह नगरवासियों के साथ अन्याय नहीं है ? (३)इससे भी आगे, सरकार के हस्तक्षेप के बाद साहित्य के बाधक व जनसेवा / शिक्षा के दुश्मनों ने एकमात्र साहित्यिक संस्था को खत्म करने के लिए महाराजश्री व श्रीनाथजी मन्दिर के द्वारा विक्रय की गई जमीन को हड़पने का असफल प्रयास कर रहे है, तो क्या यह अन्याय नहीं है ? (४)पुष्टिमार्ग, बृजभाषा व हिन्दी के क्षैत्र मे अविश्वसनीय व "राष्ट्रीय स्तर की संस्था" है "साहित्य मण्डल" ! इसको नाथद्वारा का "नालंदा का पुस्तकालय" कहे तो कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी ! (५)जैसे नालंदा के पुस्तकालय को नष्ट किया गया ! क्या 'साहित्य के बाधक व जनसेवा / शिक्षा के दुश्मनों" के द्वारा इस तरह की कार्यवाही नहीं की जा रही है ? (६)इसके विपरीत, मन्दिर के अधिकारी व नगरपालिका ने मिलकर लालबाग बस स्टैण्ड की जमीन किराए पर देकर, उस जमीन को बेच दी, तो भी मन्दिर प्रशासन चुप क्यों ? इसका सामाजिक अंकेक्षण होना चाहिए ! (७)सरकारी अधिकारियों की लापरवाही से नाथद्वारा मन्दिर की जमीनो पर अतिक्रमण हो रहा है ! मन्दिर की हजारों बीघा जमीन सरकार / नेता लूट रहे है ! तो भी CEO चुप क्यों ? जबकि मन्दिर से लाखो रुपये वेतन ले रहे है ! सीए. दिनेश सनाढ्य - एक हिंदुस्तानी #(242) #06/11/22 #dineshapna
Monday, 5 December 2022
★नाथद्वारा का विकास करें, जनता हेतु व्यवधान नहीं !★ ★विकास आमजन हितार्थ हो, खासजन हितार्थ नहीं !★ (१)वल्लभ विलास, मन्दिर विस्तार व लालबाग बस स्टैण्ड के लिए मन्दिर मण्डल द्वारा जमीन/धन लगाकर बनाना अच्छा है और उसके लिए धन्यवाद ! (२)किन्तु Nathdwara Temple Board Members के द्वारा निर्णय/अनिर्णय या चुप होकर व CEO कार्य करके या कार्य नहीं करके, मन्दिर की जमीन व धन को बबार्द क्यों कर रहे है ? (३)"वल्लभ विलास" बनाने मे करोड़ों रुपये खर्च करके सफेद हाथी बाँधना (आय के स्थान पर खर्चा) कहाँ की समझदारी है ? जबकि इसी स्थान पर पूर्व मे वैष्णवों के द्वारा बनाए गये "पायगा काँटेज" से लाखों रुपये की आमदनी होती थी ! इसके अतिरिक्त इसी निर्माण को सही तरीके से करते तो 500 फोर व्हीलर व टू व्हीलर की पार्किंग तथा 500 दुकाने बनाकर रोजगार दिया जा सकता था ! (४)मन्दिर विस्तार के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च कर रहे है, और आम आदमी की दुकानें हटवा कर उन्हें बेरोजगार कर रहे है ! (५)बड़ा बाजार की मजबूत व अच्छी स्कूल को तोड़कर, पुनः वैसी ही स्कूल बनाकर, करोड़ों रुपये बबार्द कर रहे है ! (६)लालबाग बस स्टैण्ड बनाने के लिए किराए पर जमीन नगरपालिका को दी, किन्तु उस जमीन को नगरपालिका ने बोर्ड मैम्बर को बेच देने के बावजूद मन्दिर प्रशासन चुप क्यों ? (७)नाथद्वारा मन्दिर की जमीनो पर अतिक्रमण हो रहा है ! मन्दिर की जमीनों को खास आदमी के फायदे के लिए उपयोग कर रहे है ! मन्दिर की जमीन सरकार / नेता लूट रहे है ! तो भी CEO चुप क्यों ? जबकि मन्दिर से लाखो रुपये वेतन ले रहे है ! सीए. दिनेश सनाढ्य - एक हिंदुस्तानी #(241) #05/11/22 #dineshapna
Friday, 2 December 2022
★नाथद्वारा का विकास करें, जनता हेतु व्यवधान नहीं !★ ★विकास आमजन हितार्थ हो, खासजन हितार्थ नहीं !★ (१)एलिवेटेड पुल के निचे सौन्दर्यीकरण करना अच्छा है और उसके लिए धन्यवाद ! (२)किन्तु वहाँ गाडँन बनाने से ज्यादा जरूरी वाहनों के पार्किंग बनाना आवश्यक है ! (३)किन्तु वहाँ गाडँन बनाने से ज्यादा जरूरी रोजगार हेतु सब्जी, चाय, नास्ता व अन्य लारीयो लगाना आवश्यक है ! (४)किन्तु वहाँ श्रीनाथजी व श्रीवल्लभाचार्य जी की मूर्ति लगाने से ज्यादा जरूरी वाहनों के आने जाने के लिए जगह बनाये रखना आवश्यक है ! (५)एलिवेटेड पुल के निचे श्रीनाथजी व श्रीवल्लभाचार्य जी की मूर्ति लगाना, धर्म / आस्था / परम्परा / भावनाओं के विरुद्ध है क्योंकि उनके ऊपर वाहनो / व्यक्तियो का आना जाना पुष्टि मार्ग के विपरीत है ! सीए. दिनेश सनाढ्य - एक हिंदुस्तानी #(240) #02/11/22 #dineshapna
Subscribe to:
Posts (Atom)




































































