Friday, 10 July 2026

★ *"जयश्रीकृष्ण बोलो !"* ★ ★ *"जीवन में आनंद घोलो !"*★ यह केवल एक धार्मिक उद्घघोष नहीं, बल्कि जीवन-दर्शन का सरल और प्रभावशाली सूत्र है। *【4】 धार्मिक क्षेत्र में उपयोगिता :-* *(१) भगवान के प्रति भक्ति का विकास –* नाम-स्मरण श्रद्धा और विश्वास को दृढ़ करता है। *(२) धर्माचरण की प्रेरणा –* सत्य, करुणा और न्याय के मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलती है। *(३) संस्कारों का संरक्षण –* नई पीढ़ी में धार्मिक एवं सांस्कृतिक मूल्यों का विकास होता है। *(४) सत्संग एवं कीर्तन की रुचि –* धार्मिक वातावरण जीवन को सकारात्मक बनाता है। *(५) पुण्य और आत्मिक संतोष –* ईश्वर स्मरण से मन में शांति और संतोष का अनुभव होता है। *सीए दिनेश चन्द्र सनाढ्य* #एक_बृजवासी (163) | 11/07/2026 #dineshapna






 

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