Friday, 10 July 2026

★ *"जयश्रीकृष्ण बोलो !"* ★ ★ *"जीवन में आनंद घोलो !"*★ यह केवल एक धार्मिक उद्घघोष नहीं, बल्कि जीवन-दर्शन का सरल और प्रभावशाली सूत्र है। *【5】 आध्यात्मिक क्षेत्र में उपयोगिता :-* *(१) मन की शुद्धि –* नाम-स्मरण से नकारात्मक विचारों में कमी आती है। *(२) अहंकार का क्षय –* ईश्वर के प्रति समर्पण से विनम्रता विकसित होती है। *(३) आत्मिक आनंद –* बाहरी परिस्थितियों से परे स्थायी आनंद का अनुभव होता है। *(४) समत्व की भावना –* सुख-दुःख में संतुलित रहने की शक्ति मिलती है। *(५) मोक्षमार्ग की प्रेरणा –* भक्ति, ज्ञान और निष्काम कर्म के माध्यम से आत्मोन्नति की दिशा मिलती है। *सीए दिनेश चन्द्र सनाढ्य* #एक_बृजवासी (164) | 11/07/2026 #dineshapna








 

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