Saturday, 17 October 2026

★ *अपना मंच — (Gen-A = जागरूक जनता)* ★ ( पंचायतीराज की पाठशाला — 1 ) 🟩 *सरपंच के अधिकार एवं कर्तव्य (ग्राम पंचायत स्तर)* 🟩 सरपंच ग्राम पंचायत का प्रत्यक्ष रूप से निर्वाचित मुखिया और प्रशासनिक व वित्तीय प्रमुख होता है। *प्रमुख अधिकार:* (1) बैठकों की अध्यक्षता: ग्राम पंचायत की पाक्षिक/मासिक बैठकों और साल में आयोजित होने वाली सभी ग्राम सभाओं की अध्यक्षता करना। (2) वित्तीय स्वीकृति व चेक पर हस्ताक्षर: ग्राम पंचायत के कोष (15वें वित्त आयोग, राज्य वित्त आयोग, नरेगा आदि) से राशि निकासी के लिए ग्राम विकास अधिकारी (VDO/सचिव) के साथ संयुक्त हस्ताक्षर का अधिकार। (3) विकास कार्य स्वीकृति: गांव में सड़क, नाली, स्ट्रीट लाइट, खेल मैदान, श्मशान/कब्रिस्तान विकास और पेयजल व्यवस्था से जुड़े कार्यों की स्वीकृति और निगरानी। (4) प्रमाण-पत्र जारी करना: स्थानीय स्तर पर जन्म-मृत्यु प्रमाणन, आवास सत्यापन और विभिन्न योजनाओं में पात्र लाभार्थियों के सत्यापन पर अनुशंसा। *प्रमुख कर्तव्य:* (1) ग्राम सभा का नियमित और पारदर्शी आयोजन सुनिश्चित करना तथा बजट को ग्राम सभा से अनुमोदित कराना। (2) मनरेगा (MGNREGA) के तहत रोजगार चाहने वाले ग्रामीणों को जॉब कार्ड और रोजगार उपलब्ध कराना। (3) पीएम आवास योजना, पेंशन योजना और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के योग्य लाभार्थियों का चयन कराना। (4) गांव में प्राथमिक स्वास्थ्य, स्वच्छता, कचरा प्रबंधन और प्राथमिक शिक्षा की स्थिति पर नजर रखना। 💡 *जागरूक जनता के लिए विशेष संदेश:* सरपंच गांव का मालिक नहीं, बल्कि जनता का प्रथम सेवक और ट्रस्टी है। पंचायत का बजट आपका टैक्स का पैसा है। केवल चुनाव में वोट देकर 5 साल चुप न बैठें; हर ग्राम सभा में उपस्थित होकर आय-व्यय का हिसाब मांगें और गांव की प्राथमिकताओं को खुद तय करवाएं। सजग नागरिक ही सशक्त पंचायत की असली ताकत हैं! *सीए दिनेश चन्द्र सनाढ्य* • Chartered Accountant • Social Activist • Political Analyst • Spiritual Thinker • Founder of Life Management (327) #एक_हिन्दुस्तानी #18/10/2026 #dineshapna


 

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