Chartered Accountant,Social Activist,Political Analysist-AAP,Spritual Thinker,Founder of Life Management, From India, Since 1987.
Saturday, 24 July 2021
मानस विचारों का वैक्सीन, डोज रोज लेना जरूरी ! रामायण प्रेमयज्ञ माने, प्रेम जरूर समान रुप से बाँटे ! (१)क्या प्रेम केवल स्वयं से ही करना चाहिए ? उस "अति स्वप्रेम से दूसरों को नुकसान" होता है तो वह प्रेम ज़हर से भी ज्यादा नुकसान देय है ! (२)क्या धीमा जहर बेचकर, उस आय मे से कुछ राशि से भोजन बाँटना "समाज सेवा" है ? (३)क्या सरकार से "जमीन लेकर" उसका प्रतिफल देने के बजाय उस राशि से निर्माण कार्य करने को "समाज सेवा" कहते है ? (४)क्या अप्रत्यक्ष रुप से "श्रीनाथजी की जमीन" लेकर, उसके प्रतिफल को निर्माण कार्य मे लगाना "समाज सेवा" है ? (५)क्या रामायण से प्रेम का ही सन्देश मिलता है ? रामायण प्रथम तो "मर्यादा व त्याग का सन्देश" व बाद मे प्रेम का सन्देश देती है ! (६)प्रेम किससे करना चाहिए ? प्रेम भी "पहले दूसरों से" व बाद मे स्वयं से तथा मूलतः ईश्वर से करना चाहिए ! (७)विचारों की वैक्सीन कौन लगायेगा ? 【गुरु/ज्ञानी/त्यागी/शिष्य】 (८)विचारों की वैक्सीन का असर नहीं होता है तो दोषी कौन ? 【वैक्सीन/गुरु/शिष्य】 (९)विचारों की वैक्सीन असरदार कैसे बनाये ? 【सत्य से/स्पष्टता से/वैक्सीन बदल कर/लेने वाले को बदल कर】 ★प्रथम नव वैक्सीन (रामायण से)★ सीए. दिनेश सनाढ्य - एक हिन्दुस्तानी #17/07/2021 #dineshapna
■आम जनता के 20 प्रश्नों का जवाब कौन देगा ?■ ★नेताओं / अधिकारियों की मनमानी कब तक चलेगी ?★ सरकार "नियम" की पालना नहीं करे ! खास आदमी "नियम" को मजाक समझे ! आम आदमी पर "नियम" का डण्डा चले ! अब "ऐसा नहीं चलेगा", जनता जाग गई ! नियम है कि 30 फीट रोड़ छोड़कर ही निर्माण स्वीकृति जारी होती है ! भवन निर्माण की स्वीकृति मे पर्याप्त सेटबैक व पार्किंग की व्यवस्था होनी चाहिए ! किन्तु नाथद्वारा नगरपालिका के द्वारा कई स्थानों पर उक्त नियमों की पालना नहीं की जा रही है ! (१)आईकोनिक गेट की निर्माण स्वीकृति मे व हकीकत मे एक ओर 5 फीट व दूसरी ओर 15 फीट सड़क छोड़ी है, जो नियम विरुद्ध है ! (२)माँडल बस स्टैण्ड मे पर्याप्त सेटबैक व पार्किंग की व्यवस्था नहीं है, जो नियम विरुद्ध है ! (३)लालबाग बस स्टैण्ड, मन्दिर की जमीन जो नगरपालिका ने बेची, उसकी निर्माण स्वीकृति मे सेटबैक व पार्किंग की नियमानुसार व्यवस्था क्यों नहीं ? (४)सभी बहुमंजिला ईमारतों की निर्माण स्वीकृति मे सेटबैक व पार्किंग की नियमानुसार व्यवस्था क्यों नहीं ? (५)अधिकत्तर होटलों की निर्माण स्वीकृति मे सेटबैक व पार्किंग की नियमानुसार व्यवस्था क्यों नहीं ? ●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●● सरकारी जमीन पर हो रहे अतिक्रमण को रोकने की जिम्मेदारी अधिकारियों व नेताओं की है किन्तु आश्चर्य कि अतिक्रमण मे मौन स्वीकृत या अनदेखी भी इन्हीं के द्वारा की जाती है ! हाईकोर्ट ने PLPC गठित करके अतिक्रमण हटाने का आदेश दिया ! (६)नाथद्वारा विधायक ने तेलियो के तालाब क्षैत्र पर अतिक्रमण की सूची बनाने के लिए कहा है, अच्छा है ! किन्तु सूची बनाकर अतिक्रमण हटाने व सूची सार्वजनिक करने की जरूरत है ! (७)तेलियो के तालाब की के साथ नाथूवास व सिंहाड़ तालाब पर हो रहे अतिक्रमण व उसको हटाने की भी सख्त जरूरत है ! (८)नाथद्वारा विधायक के द्वारा जोनल प्लान के तहत रोड़ नेटवर्क के काम होने की बात की, जो अच्छा है ! किन्तु जो वर्तमान रोड़ पर अतिक्रमण है, उसे हटाने की जरूरत है ! (९)विधायक जी के कहते ही, अधिकारी द्वारा पानी के नाले पर से अतिक्रमण हटाना, अच्छा है ! किन्तु छ: माह पूर्व हाईकोर्ट का आदेश है कि नाथूवास व सिंहाड़ तालाब से अतिक्रमण हटाये, उसका क्या हुआ ? इस अतिक्रमण को हटाने की जरूरत है ! (१०)नाथद्वारा विधायक / अधिकारी का अतिक्रमण के विरुद्ध बोलना व उसे हटाना सराहनीय कदम है, धन्यवाद ! किन्तु अतिक्रमण १००% हटे व "आम व खास" दोनों का निष्पक्षता से हटे ! यह हमें देखना है ! (कथनी व करनी मे फर्क देखें ?) ●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●● सरकारी जमीन (●बिलानाम की, ●चारागाह की, ●वन विभाग की, ●नगरपालिका की, ●पीडब्ल्यूडी की व ●अन्य विभागों की) होती है ! जिसकी प्रथम जिम्मेदारी सम्बंधित विभाग के अधिकारियों की व अन्तिम जिम्मेदारी कलेक्टर की होती है तथा नैतिक जिम्मेदारी विधायक की होती है ! किन्तु हकीकत मे कोई भी अपनी जिम्मेदारी पूर्ण ईमानदारी से नहीं निभा रहा है ! क्या सभी दिखावा मात्र कर रहे है ? यदि कुछ करना चाहते है तो निम्न कार्य करें :- (११)सभी विभाग अपने अपने विभागों की जमीनों पर हुए अतिक्रमण की सूची बनाये ! (अतिक्रमणकारी का नाम, जमीन का विवरण, कब से अतिक्रमण है, कितना निर्माण हुआ) (१२)इसके अलावा नदी, तालाब, नालो व प्राकृतिक जल प्रवाह क्षैत्र के अतिक्रमण को प्राथमिकता से हटाये क्योंकि इसके लिए हाईकोर्ट का आदेश है ! (१३)उक्त अतिक्रमण की सूची को सार्वजनिक करें ! (१४)हाईकोर्ट के निर्णय के अनुसार PLPC गठित करके सभी अतिक्रमण को हटाये ! यदि हाईकोर्ट के आदेश की पालना नहीं करते है तो उसे वेतन लेने का नैतिक अधिकार नहीं है ! (१५)नाथद्वारा मे शिकायत के आधार पर CEO, SDM व आयुक्त ने अतिक्रमण हटाये, उसके लिए वह बधाई के पात्र है किन्तु इससे पूर्व अतिक्रमण की कई शिकायतें की गई, उन पर कार्यवाही क्यों नहीं हुई ? उस समय तुरन्त कार्यवाही नहीं होने के कारण अतिक्रमण को बढावा मिला, उसके लिए कौन जिम्मेदार व दोषी को क्या सजा होनी चाहिए ? ●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●●● संविधान के आर्टिकल 21, 48A, 51A के अनुसार नदी, नाले, तालाब व वन को बचाने की जिम्मेदारी राज्य सरकार की है तथा हाईकोर्ट ने अब्दुल रहमान केस मे 15/08/1947 की स्थिति कायम रखने का आदेश दिया ! इसके बावजूद नदी, नालो, तालाब व वन भूमि पर अतिक्रमण हो रहे है ! किन्तु हकीकत मे राज्य सरकार, नेता व अधिकारी किसी को भी कानून, सुप्रीम कोर्ट व हाई कोर्ट का डर नहीं है और खुले आम उनके आदेशों की धज्जियाँ उडा रहे है ! (१६) Collector सा. को 20/08/2020 को सिंहाड़ व नाथूवास तालाब से 3 माह मे अतिक्रमण हटाने का हाईकोर्ट का आदेश दिया, किन्तु पालना नहीं हुई ! (१७)SDM सा. को PLPC गठित करके 3 माह मे सिंहाड़/नाथूवास तालाबों से अतिक्रमण हटाने के लिए कहा, किन्तु 10 माह बाद गुल्या तालाब से एकमात्र अतिक्रमण हटाया ! (१८)आयुक्त सा. को सुखाडिया नगर, नाथद्वारा से 2 वर्ष पूर्व अतिक्रमण हटाने के लिए कहा व जानकारी मे भी है, तो भी कोई कार्यवाही न करके अतिक्रमण करने दिया ! (१९)CEO सा. नाथद्वारा मे अतिक्रमण हटवाने मे सहयोग कर रहे है, किन्तु मन्दिर मण्डल की जमीनों (बड़ा मगरे के नीचे की जमीन, लालबाग बस स्टैण्ड की जमीन) पर चुप्पी क्यों ? यह अतिक्रमण कब हटायेंगे ? (२०)"व्यक्ति अतिक्रमण" करें तो उसे नगरपालिका हटाने पहुँच जाती है, किन्तु जब "नगरपालिका स्वयं अतिक्रमण" करके पट्टे जारी करें तो उसे कौन हटायेगा ? जैसे - लालबाग बस स्टैण्ड की जमीन, बडा मगरे के निचे की जमीन, सिंहाड़/नाथूवास तालाब की जमीन आदी ! सीए. दिनेश सनाढ्य - एक हिन्दुस्तानी #11-12-13-14/07/2021 - 17/07/2021 #dineshapna
★नेताओं / अधिकारियों की मनमानी कब तक चलेगी ?★ सरकार "नियम" की पालना नहीं करे ! खास आदमी "नियम" को मजाक समझे ! आम आदमी पर "नियम" का डण्डा चले ! अब "ऐसा नहीं चलेगा", जनता जाग गई ! संविधान के आर्टिकल 21, 48A, 51A के अनुसार नदी, नाले, तालाब व वन को बचाने की जिम्मेदारी राज्य सरकार की है तथा हाईकोर्ट ने अब्दुल रहमान केस मे 15/08/1947 की स्थिति कायम रखने का आदेश दिया ! इसके बावजूद नदी, नालो, तालाब व वन भूमि पर अतिक्रमण हो रहे है ! किन्तु हकीकत मे राज्य सरकार, नेता व अधिकारी किसी को भी कानून, सुप्रीम कोर्ट व हाई कोर्ट का डर नहीं है और खुले आम उनके आदेशों की धज्जियाँ उडा रहे है ! (१) Collector सा. को 20/08/2020 को सिंहाड़ व नाथूवास तालाब से 3 माह मे अतिक्रमण हटाने का हाईकोर्ट का आदेश दिया, किन्तु पालना नहीं हुई ! (२)SDM सा. को PLPC गठित करके 3 माह मे सिंहाड़/नाथूवास तालाबों से अतिक्रमण हटाने के लिए कहा, किन्तु 10 माह बाद गुल्या तालाब से एकमात्र अतिक्रमण हटाया ! (३)आयुक्त सा. को सुखाडिया नगर, नाथद्वारा से 2 वर्ष पूर्व अतिक्रमण हटाने के लिए कहा व जानकारी मे भी है, तो भी कोई कार्यवाही न करके अतिक्रमण करने दिया ! (४)CEO सा. नाथद्वारा मे अतिक्रमण हटवाने मे सहयोग कर रहे है, किन्तु मन्दिर मण्डल की जमीनों (बड़ा मगरे के नीचे की जमीन, लालबाग बस स्टैण्ड की जमीन) पर चुप्पी क्यों ? यह अतिक्रमण कब हटायेंगे ? (५)"व्यक्ति अतिक्रमण" करें तो उसे नगरपालिका हटाने पहुँच जाती है, किन्तु जब "नगरपालिका स्वयं अतिक्रमण" करके पट्टे जारी करें तो उसे कौन हटायेगा ? जैसे - लालबाग बस स्टैण्ड की जमीन, बडा मगरे के निचे की जमीन, सिंहाड़/नाथूवास तालाब की जमीन आदी ! सीए. दिनेश सनाढ्य - एक हिन्दुस्तानी #14/07/2021 #dineshapna
Tuesday, 13 July 2021
★नेताओं / अधिकारियों की मनमानी कब तक चलेगी ?★ सरकार "नियम" की पालना नहीं करे ! खास आदमी "नियम" को मजाक समझे ! आम आदमी पर "नियम" का डण्डा चले ! अब "ऐसा नहीं चलेगा", जनता जाग गई ! सरकारी जमीन (●बिलानाम की, ●चारागाह की, ●वन विभाग की, ●नगरपालिका की, ●पीडब्ल्यूडी की व ●अन्य विभागों की) होती है ! जिसकी प्रथम जिम्मेदारी सम्बंधित विभाग के अधिकारियों की व अन्तिम जिम्मेदारी कलेक्टर की होती है तथा नैतिक जिम्मेदारी विधायक की होती है ! किन्तु हकीकत मे कोई भी अपनी जिम्मेदारी पूर्ण ईमानदारी से नहीं निभा रहा है ! क्या सभी दिखावा मात्र कर रहे है ? यदि कुछ करना चाहते है तो निम्न कार्य करें :- (१)सभी विभाग अपने अपने विभागों की जमीनों पर हुए अतिक्रमण की सूची बनाये ! (अतिक्रमणकारी का नाम, जमीन का विवरण, कब से अतिक्रमण है, कितना निर्माण हुआ) (२)इसके अलावा नदी, तालाब, नालो व प्राकृतिक जल प्रवाह क्षैत्र के अतिक्रमण को प्राथमिकता से हटाये क्योंकि इसके लिए हाईकोर्ट का आदेश है ! (३)उक्त अतिक्रमण की सूची को सार्वजनिक करें ! (४)हाईकोर्ट के निर्णय के अनुसार PLPC गठित करके सभी अतिक्रमण को हटाये ! यदि हाईकोर्ट के आदेश की पालना नहीं करते है तो उसे वेतन लेने का नैतिक अधिकार नहीं है ! (५)नाथद्वारा मे शिकायत के आधार पर CEO, SDM व आयुक्त ने अतिक्रमण हटाये, उसके लिए वह बधाई के पात्र है किन्तु इससे पूर्व अतिक्रमण की कई शिकायतें की गई, उन पर कार्यवाही क्यों नहीं हुई ? उस समय तुरन्त कार्यवाही नहीं होने के कारण अतिक्रमण को बढावा मिला, उसके लिए कौन जिम्मेदार व दोषी को क्या सजा होनी चाहिए ? सीए. दिनेश सनाढ्य - एक हिन्दुस्तानी #13/07/2021 #dineshapna
Monday, 12 July 2021
★नेताओं / अधिकारियों की मनमानी कब तक चलेगी ?★ सरकार "नियम" की पालना नहीं करे ! खास आदमी "नियम" को मजाक समझे ! आम आदमी पर "नियम" का डण्डा चले ! अब "ऐसा नहीं चलेगा", जनता जाग गई ! सरकारी जमीन पर हो रहे अतिक्रमण को रोकने की जिम्मेदारी अधिकारियों व नेताओं की है किन्तु आश्चर्य कि अतिक्रमण मे मौन स्वीकृत या अनदेखी भी इन्हीं के द्वारा की जाती है ! हाईकोर्ट ने PLPC गठित करके अतिक्रमण हटाने का आदेश दिया ! (१)नाथद्वारा विधायक ने तेलियो के तालाब क्षैत्र पर अतिक्रमण की सूची बनाने के लिए कहा है, अच्छा है ! किन्तु सूची बनाकर अतिक्रमण हटाने व सूची सार्वजनिक करने की जरूरत है ! (२)तेलियो के तालाब की के साथ नाथूवास व सिंहाड़ तालाब पर हो रहे अतिक्रमण व उसको हटाने की भी सख्त जरूरत है ! (३)नाथद्वारा विधायक के द्वारा जोनल प्लान के तहत रोड़ नेटवर्क के काम होने की बात की, जो अच्छा है ! किन्तु जो वर्तमान रोड़ पर अतिक्रमण है, उसे हटाने की जरूरत है ! (४)विधायक जी के कहते ही, अधिकारी द्वारा पानी के नाले पर से अतिक्रमण हटाना, अच्छा है ! किन्तु छ: माह पूर्व हाईकोर्ट का आदेश है कि नाथूवास व सिंहाड़ तालाब से अतिक्रमण हटाये, उसका क्या हुआ ? इस अतिक्रमण को हटाने की जरूरत है ! (५)नाथद्वारा विधायक / अधिकारी का अतिक्रमण के विरुद्ध बोलना व उसे हटाना सराहनीय कदम है, धन्यवाद ! किन्तु अतिक्रमण १००% हटे व "आम व खास" दोनों का निष्पक्षता से हटे ! यह हमें देखना है ! (कथनी व करनी मे फर्क देखें ?) सीए. दिनेश सनाढ्य - एक हिन्दुस्तानी #12/07/2021 #dineshapna
Sunday, 11 July 2021
★नेताओं / अधिकारियों की मनमानी कब तक चलेगी ?★ सरकार "नियम" की पालना नहीं करे ! खास आदमी "नियम" को मजाक समझे ! आम आदमी पर "नियम" का डण्डा चले ! अब "ऐसा नहीं चलेगा", जनता जाग गई ! नियम है कि 30 फीट रोड़ छोड़कर ही निर्माण स्वीकृति जारी होती है ! भवन निर्माण की स्वीकृति मे पर्याप्त सेटबैक व पार्किंग की व्यवस्था होनी चाहिए ! किन्तु नाथद्वारा नगरपालिका के द्वारा कई स्थानों पर उक्त नियमों की पालना नहीं की जा रही है ! (१)आईकोनिक गेट की निर्माण स्वीकृति मे व हकीकत मे एक ओर 5 फीट व दूसरी ओर 15 फीट सड़क छोड़ी है, जो नियम विरुद्ध है ! (२)माँडल बस स्टैण्ड मे पर्याप्त सेटबैक व पार्किंग की व्यवस्था नहीं है, जो नियम विरुद्ध है ! (३)लालबाग बस स्टैण्ड, मन्दिर की जमीन जो नगरपालिका ने बेची, उसकी निर्माण स्वीकृति मे सेटबैक व पार्किंग की नियमानुसार व्यवस्था क्यों नहीं ? (४)सभी बहुमंजिला ईमारतों की निर्माण स्वीकृति मे सेटबैक व पार्किंग की नियमानुसार व्यवस्था क्यों नहीं ? (५)अधिकत्तर होटलों की निर्माण स्वीकृति मे सेटबैक व पार्किंग की नियमानुसार व्यवस्था क्यों नहीं ? सीए. दिनेश सनाढ्य - एक हिन्दुस्तानी #11/07/2021 #dineshapna
Saturday, 10 July 2021
■■ प्रेस नोट ■■ 【मूल प्रेस नोट व छपी खबरों की हकीकत !】 ★आम आदमी पार्टी द्वारा बिजली कम्पनियों के सामाजिक अंकेक्षण की माँग★ आम जनता एक ओर बढ़ती बिजली की दरो से तो दूसरी ओर कोरोना से परेशान है । इसलिए आम आदमी पार्टी कोरोनाकाल के दो माह के बिजली बिल माफ करने व 200 यूनिट तक बिजली बिल माफ करने की माँग करती है । इसके साथ ही 8/- से 10/- की बिजली दरो को कम करने की भी माँग करती है । बिजली की दरे बढ़ने का मुख्य कारण भ्रष्टाचार, लापरवाही, बिजली छिजत / चोरी व बिजली कम्पनी का कुप्रबंधन है । इस माँग का ज्ञापन मुख्यमंत्री के नाम जिला अध्यक्ष दिनेश सनाढ्य के नेतृत्व मे जिला कलेक्टर को दिया । ज्ञापन मे 11 बिन्दुओं पर ध्यान आकर्षित करते हुए बताया कि बिजली ज्यादा दरो पर खरीदी जा रही है, बिजली की चोरी हो रही है, पाँच तरह के शुल्क बिलो मे चार्ज किये जाते है, मेन्टीनेन्स का स्टाफ होने के बावजूद ठेके पर कार्य कराया जाता है, व अन्य तरीको से भ्रष्टाचार करने के कारण बिजली की दुगुनी कीमत वसूल की जाती है । इसलिए आम आदमी पार्टी इस बिजली की लूट को खत्म करने के लिए सामाजिक अंकेक्षण की माँग करती है । इस अवसर पर जिला अध्यक्ष दिनेश सनाढ्य, जिला सचिव अमित वर्मा, यूथ अध्यक्ष उदयपुर संभाग पप्पू लाल कीर व रेलमगरा संयोजक युनूस मोहम्मद उपस्थित थे ।
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