Sunday, 14 June 2026

★ *मैं एक विचार हूँ*★ मैं सत्य का दीपक हूँ, हर अँधियारे में जलता हूँ, ईमान की पावन राह पर निडर होकर चलता हूँ। जन-जन की पीड़ा को अपना ही दर्द मानता हूँ, *हर अन्याय के विरुद्ध* *सदा साहस से तनता हूँ।* कलम मेरी तलवार बने, कानून मेरा शस्त्र है, *सेवा, संघर्ष और समर्पण ही* *जीवन का अस्त्र है।* सनातन की मर्यादा का प्रहरी बन खड़ा रहता हूँ, संस्कृति के गौरव हेतु हर चुनौती सहता हूँ। निर्बल की आँखों का सपना, पीड़ित की आस बनूँ, सत्य और धर्म की रक्षा में अटल विश्वास बनूँ। *स्वार्थ नहीं, जनहित की* *राहों का पथिक कहलाता हूँ,* हर गिरते हुए मनुष्य को फिर उठना सिखलाता हूँ। प्रभु की कृपा, धर्म का साहस, संस्कृति मेरी शान है, कर्तव्य ही मेरी पूजा, सेवा ही मेरी पहचान है। नाम नहीं, संकल्प हूँ मैं, कर्मों की अमिट कहानी हूँ— *मैं सीए दिनेश चन्द्र सनाढ्य,* *भारत की जागृत वाणी हूँ।* *सीए दिनेश चन्द्र सनाढ्य* *#एक हिन्दुस्तानी* (129) #14/06/2026 #dineshapna


 

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