Thursday, 18 June 2026

★ *प्रातः स्मरणीय वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप* ★ (१) *एक पंक्ति में :-* "अटूट स्वाभिमान, राष्ट्रनिष्ठा, अदम्य साहस, प्रेरक नेतृत्व और त्यागमय जीवन — यही महाराणा प्रताप की अमर पहचान है।" (२) *10 पंक्ति मे :- (अद्वितीय गुण)* *(1) अटूट स्वाभिमान :-* संपूर्ण जीवन कष्ट सह लिए, पर पराधीनता और आत्मसमर्पण स्वीकार नहीं किया। *(2) राष्ट्र सर्वोपरि की भावना :-* व्यक्तिगत सुख, परिवार और राज्य से ऊपर मातृभूमि के सम्मान को रखा। *(3) अदम्य साहस एवं संघर्षशीलता :-* विपरीत परिस्थितियों में भी कभी हार नहीं मानी और निरंतर संघर्ष करते रहे। *(4) असंभव को संभव बनाने की क्षमता :-* सीमित संसाधनों के बावजूद विश्व की सबसे शक्तिशाली सेना का सामना किया। *(5) प्रेरणादायी नेतृत्व :-* जनता, सरदारों और सैनिकों में विश्वास, उत्साह और बलिदान की भावना जागृत की। *(6) सर्वधर्म समभाव एवं राष्ट्रीय एकता :-* धर्म और जाति से ऊपर उठकर सभी को राष्ट्रहित के लिए साथ जोड़ा। *(7) स्वामीभक्ति एवं राष्ट्रभक्ति का संचार :-* ऐसे संस्कार दिए कि घोडा (चेतक), हाथी (रामप्रसाद) और उनके साथी भी त्याग एवं निष्ठा के प्रतीक बन गए। *(8) जनकल्याणकारी दृष्टिकोण :-* स्वयं के वैभव से अधिक प्रजा की सुरक्षा, सम्मान और स्वतंत्रता को महत्व दिया। *(9) दूरदर्शिता एवं रणनीतिक कौशल :-* गुरिल्ला युद्ध नीति और संगठन क्षमता से लंबे समय तक संघर्ष को सफल बनाए रखा। *(10) त्याग और सादगी का आदर्श :-* राजसी जीवन छोड़कर कठिन वनवास स्वीकार किया, पर अपने सिद्धांत नहीं छोड़े। *सीए दिनेश चन्द्र सनाढ्य* *#एक हिन्दुस्तानी* (135) #18/06/2026 #dineshapna


 

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