Chartered Accountant,Social Activist,Political Analysist-AAP,Spritual Thinker,Founder of Life Management, From India, Since 1987.
Saturday, 11 July 2026
ं★ *"जयश्रीकृष्ण बोलो !"* ★ ★ *"जीवन में आनंद घोलो !"* ★ यह केवल एक धार्मिक उद्घघोष नहीं, बल्कि जीवन-दर्शन का सरल और प्रभावशाली सूत्र है। *【1】आर्थिक क्षैत्र में उपयोगिता :-* (१) ईमानदारी का भाव (२) लोभ पर नियंत्रण (३) तनावमुक्त निर्णय (४) विश्वास एवं प्रतिष्ठा (५) दीर्घकालीन समृद्धि *【2】 सामाजिक क्षेत्र में उपयोगिता :-* (१) प्रेम और सद्भाव (२) कटुता में कमी (३) सेवा की प्रेरणा (४) सामाजिक एकता (५) सकारात्मक वातावरण *【3】 व्यावहारिक क्षेत्र में उपयोगिता :-* (१) दिन की सकारात्मक शुरुआत (२) क्रोध पर नियंत्रण (३) बेहतर संवाद (४) समस्या समाधान की क्षमता (५) कार्य में आनंद *【4】 धार्मिक क्षेत्र में उपयोगिता :-* (१) भगवान के प्रति भक्ति का विकास (२) धर्माचरण की प्रेरणा (३) संस्कारों का संरक्षण (४) सत्संग एवं कीर्तन की रुचि (५) पुण्य और आत्मिक संतोष *【5】 आध्यात्मिक क्षेत्र में उपयोगिता :-* (१) मन की शुद्धि (२) अहंकार का क्षय (३) आत्मिक आनंद (४) समत्व की भावना (५) मोक्षमार्ग की प्रेरणा "जयश्रीकृष्ण बोलो, जीवन में आनंद घोलो !" *केवल अभिवादन नहीं, बल्कि ऐसा जीवन-मंत्र है जो* व्यक्ति को *आर्थिक रूप से* ईमानदार, *सामाजिक रूप से* सौहार्दपूर्ण, *व्यावहारिक रूप से* संतुलित, *धार्मिक रूप से* संस्कारित तथा *आध्यात्मिक रूप से* आनंदमय जीवन जीने की प्रेरणा देता है। *सीए दिनेश चन्द्र सनाढ्य* #एक_बृजवासी (165) | 12/07/2026 #dineshapna
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