Tuesday, 8 September 2026

★ *अपना मंच - (Gen-A = जागरूक जनता)*-★ ( राजनीति की पाठशाला - 12 ) *पार्षद के अधिकार एवं दायित्व :-* (१) “Gen-A — जागरूक जनता” अभियान के सबसे महत्वपूर्ण बात — जनता के लिए *> “पार्षद से केवल यह मत पूछिए—मेरे वार्ड में क्या बनवाया?* यह भी पूछिए— ●नगरपालिका के काम में लापरवाही कहाँ हुई, ●जनता का पैसा कहाँ खर्च हुआ, ●आपने कौन-सा प्रश्न पूछा, ●कौन-सा प्रस्ताव रखा और ●कौन-सा रिकॉर्ड देखा?” (२) धारा 52 को जनता के लिए :- *> “कानून ने पार्षद को केवल सड़क–नाली बनवाने वाला व्यक्ति नहीं बनाया है; कानून ने उसे नगरपालिका के काम में लापरवाही, नगरपालिका की संपत्ति की बर्बादी और नागरिक समस्याओं को उठाने, अध्यक्ष से प्रश्न पूछने, प्रस्ताव रखने तथा नगरपालिका के रिकॉर्ड का निरीक्षण करने का अधिकार दिया है।”* (३) पार्षद के 10 प्रमुख अधिकार एवं दायित्व :- *1. नगरपालिका के काम की निगरानी — धारा 52(1)* पार्षद नगरपालिका के किसी कार्य में लापरवाही होने पर संबंधित प्राधिकारी का ध्यान आकर्षित कर सकता है। *2. नगरपालिका की संपत्ति की बर्बादी पर सवाल — धारा 52(1)* नगरपालिका की संपत्ति की बर्बादी दिखाई दे तो पार्षद उसे संबंधित प्राधिकारी के सामने उठा सकता है। *3. वार्ड की नागरिक समस्याएँ उठाना — धारा 52(1)* अपने क्षेत्र की civic problems को नगरपालिका के समक्ष उठाना पार्षद की महत्वपूर्ण वैधानिक भूमिका है। साथ ही वह सुधार का सुझाव दे सकता है। *4. अध्यक्ष से प्रश्न पूछने का अधिकार — धारा 52(2)* पार्षद को नगरपालिका के प्रशासन से संबंधित विषयों पर अध्यक्ष से प्रश्न पूछने का अधिकार है, निर्धारित नियमों के अधीन। *5. प्रस्ताव रखने का अधिकार — धारा 52(2)* पार्षद नगरपालिका के प्रशासन से जुड़े विषयों पर प्रस्ताव (Resolution) प्रस्तुत कर सकता है, नियमों के अधीन। *6. नगरपालिका के रिकॉर्ड देखने का अधिकार — धारा 52(3)* पार्षद को नगरपालिका कार्यालय में बिना शुल्क नगरपालिका के अभिलेखों का निरीक्षण करने का अधिकार है, लेकिन इसके लिए Chief Municipal Officer को निर्धारित रूप से पूर्व सूचना देनी होती है। *7. नगरपालिका की बैठकों में भागीदारी — धारा 51* अधिनियम नगरपालिका की सामान्य बैठकों की व्यवस्था करता है। पार्षद नगरपालिका के सदस्य के रूप में इन बैठकों में भाग लेकर नगरपालिका के कार्यों पर चर्चा करता है। *8. विशेष बैठक बुलाने की सामूहिक शक्ति — धारा 51(2)* यदि निर्वाचित सदस्यों के कम-से-कम एक-तिहाई सदस्य लिखित रूप में किसी प्रस्तावित संकल्प के साथ विशेष बैठक की मांग करें, तो अध्यक्ष को निर्धारित समय में विशेष बैठक बुलानी होती है। *9. वार्ड समिति के माध्यम से स्थानीय समस्याओं में भूमिका — धारा 54 एवं 60* अधिनियम में Ward Committee का प्रावधान है और धारा 60 में उसके सामान्य कार्य निर्धारित हैं। इसलिए जहाँ वार्ड समिति लागू है, वहाँ पार्षद की स्थानीय जनसमस्याओं और नगरपालिका कार्यों की निगरानी में संस्थागत भूमिका बनती है। *10. पार्षद का पद केवल औपचारिक नहीं — धारा 39* अधिनियम में सदस्य को उसके कर्तव्यों की उपेक्षा, कदाचार अथवा पद के दुरुपयोग आदि के आधार पर हटाने की व्यवस्था भी है। अर्थात् पार्षद का पद अधिकारों के साथ जवाबदेही वाला पद है। *CA. Dinesh Chandra Sanadhya* (271) #एक_हिन्दुस्तानी #08/09/2026 #dineshapna


 

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