Saturday, 27 June 2026

★ *सच्चा जनहित : संघर्ष की राह, दिखावे का लाभ* ★ ■> *"दिखावे का जनहित सम्मान दिला सकता है,* पर सच्चा जनहित संघर्ष, त्याग और बलिदान माँगता है।" ■> *"जो स्वयं कष्ट सहकर भी दूसरों को न्याय दिलाने का साहस रखता है,* वही सच्चे अर्थों में जनसेवक और समाज का पथप्रदर्शक कहलाता है।" जो व्यक्ति *सच्चाई के जनहित में* खड़ा होता है, उसे प्रायः *निम्न कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है :—* 1. अन्याय करने वाले प्रभावशाली व्यक्तियों के क्रोध, प्रतिशोध और दबाव को सहना पड़ता है। 2. सत्ता, धन या प्रभाव रखने वाले लोग स्थायी विरोधी बन जाते हैं। 3. अपने व्यक्तिगत, सामाजिक तथा प्रशासनिक कार्यों में अनावश्यक बाधाएँ उत्पन्न होने लगती हैं। 4. झूठे आरोप, शिकायतें, मुकदमे तथा चरित्र-हनन के प्रयास झेलने पड़ सकते हैं। 5. समय, धन, मानसिक शांति और पारिवारिक सुख का त्याग करना पड़ता है। 6. भय, स्वार्थ या दबाव के कारण अनेक लोग साथ छोड़ देते हैं और संघर्ष अकेले लड़ना पड़ता है। 7. सामाजिक, राजनीतिक तथा प्रशासनिक दबाव बनाकर हतोत्साहित करने का प्रयास किया जाता है। 8. प्रतिष्ठा, सम्मान, व्यवसाय और कभी-कभी व्यक्तिगत सुरक्षा भी जोखिम में पड़ जाती है। 9. न्याय की लड़ाई लंबी होती है; इसलिए धैर्य, साहस, संयम और दृढ़ संकल्प की निरंतर परीक्षा होती रहती है। 10. किन्तु यदि संघर्ष सत्य, साक्ष्य और कानून के आधार पर किया जाए, तो अंततः न्याय की विजय होती है, समाज का विश्वास प्राप्त होता है और वही संघर्ष जनकल्याण का इतिहास बन जाता है। *सीए दिनेश चन्द्र सनाढ्य* *#एक हिन्दुस्तानी* (147) #27/06/2026 #dineshapna



 

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