Saturday, 18 July 2026

★ *"आम आदमी सबसे ताकतवर है"* ★ आम आदमी इस लोकतंत्र की सबसे बड़ी शक्ति है। क्योंकि – 1. वही अपने *मत (Vote)* से जनप्रतिनिधियों का चुनाव करता है और सरकार बनती है। 2. वही प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष *कर (Taxes)* देकर शासन-प्रशासन के संचालन में योगदान देता है। फिर भी, *अपनी संवैधानिक शक्ति को न पहचानने के कारण* अनेक नागरिक स्वयं को नेता और प्रशासन के सामने याचक समझने लगते हैं। जबकि लोकतंत्र में नागरिक स्वामी (Sovereign Citizen) है और जनप्रतिनिधि तथा प्रशासन उसके सेवक (Public Servants) हैं, जिन्हें संविधान और कानून के अनुसार जनता की सेवा का दायित्व सौंपा गया है। *आम आदमी को क्या करना चाहिए?* *(1) नेता के साथ —* - सम्मानपूर्ण, लेकिन समानता और जवाबदेही का व्यवहार रखें। - व्यक्ति नहीं, नीति, कार्य और जनहित को महत्व दें। - मतदान सोच-समझकर करें और किए गए वादों का हिसाब मांगें। - किसी भी प्रकार की चापलूसी या भय से मुक्त रहें। *(2) प्रशासन के साथ —* - कानून का पालन करते हुए अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक रहें। - अपना वैध कार्य आत्मविश्वास के साथ अधिकारपूर्वक करवाएँ। - आवश्यकता होने पर RTI, जनसुनवाई, शिकायत पोर्टल और न्यायालय जैसे वैधानिक उपायों का उपयोग करें। - भ्रष्टाचार, अनुचित दबाव या अन्याय का कानूनी रूप से विरोध करें। याद रखें — *लोकतंत्र में आम आदमी न तो शासक का याचक है और न ही किसी का कृपापात्र। वह संविधान द्वारा प्रदत्त अधिकारों से संपन्न, राष्ट्र का जिम्मेदार नागरिक है। इसलिए उसका व्यवहार सम्मानपूर्ण, जागरूक, आत्मसम्मानपूर्ण और कानूनसम्मत होना चाहिए।* संदेश: *"नेता और प्रशासन का सम्मान करें, लेकिन अपने संवैधानिक अधिकारों का सम्मान सबसे पहले स्वयं करें। जागरूक आम आदमी ही सशक्त लोकतंत्र की पहचान है।"* *सीए दिनेश चन्द्र सनाढ्य* (183) #एक हिन्दुस्तानी #18/07/2026


 

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