Tuesday, 21 July 2026

★ *पर्यावरण संरक्षण :: जीवन संरक्षण* ★ *(७) पर्यावरण संरक्षण को प्रभावी कैसे बनाया जा सकता है ?* 1. कानूनों का सख्ती से पालन कराया जाए। 2. प्रदूषण फैलाने वालों पर शीघ्र एवं प्रभावी दंडात्मक कार्रवाई हो। 3. उद्योगों की नियमित पर्यावरणीय ऑडिट एवं निगरानी हो। 4. अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण हो। 5. वृक्षारोपण के साथ उनका संरक्षण भी सुनिश्चित किया जाए। 6. प्लास्टिक के उपयोग में कमी लाई जाए। 7. स्वच्छ ऊर्जा एवं हरित प्रौद्योगिकी को बढ़ावा दिया जाए। 8. वर्षा जल संचयन एवं जल संरक्षण को अनिवार्य बनाया जाए। 9. विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में पर्यावरण शिक्षा को व्यवहारिक बनाया जाए। 10. नागरिकों, स्वयंसेवी संस्थाओं एवं स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए। 11. शिकायतों के त्वरित निस्तारण हेतु डिजिटल निगरानी, जन-सुनवाई एवं पारदर्शी रिपोर्टिंग व्यवस्था विकसित की जाए। 12. पर्यावरणीय क्षति करने वाले से "प्रदूषक भुगतान करे" (Polluter Pays Principle) के सिद्धांत के अनुसार क्षतिपूर्ति वसूल की जाए। *(८) निष्कर्ष :-* पर्यावरण केवल *प्रकृति का विषय नहीं, बल्कि जीवन, स्वास्थ्य, अर्थव्यवस्था और भविष्य का आधार है।* यदि आज पर्यावरण संरक्षण के प्रति सरकार, उद्योग, प्रशासन और नागरिक मिलकर जिम्मेदारी नहीं निभाते, तो आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ जल, शुद्ध वायु और सुरक्षित जीवन उपलब्ध कराना कठिन हो जाएगा। इसलिए *"विकास और पर्यावरण संरक्षण" दोनों के बीच संतुलन* स्थापित करना ही *सतत विकास (Sustainable Development)* का सर्वोत्तम मार्ग है। सीए दिनेश चन्द्र सनाढ्य (190) #एक_हिन्दुस्तानी #21/07/2026 #dineshapna







 

No comments:

Post a Comment