Chartered Accountant,Social Activist,Political Analysist-AAP,Spritual Thinker,Founder of Life Management, From India, Since 1987.
Thursday, 23 July 2026
★ *इतिहास की गलतियों को मत दोहराओ !* ★ *(4) इन गलतियों का मूल कारण :-* यदि एक प्रमुख कारण चुनना हो, तो वह है :— ● "संगठन, दूरदृष्टि और सामूहिक राष्ट्रीय हित को व्यक्तिगत तथा समूहगत हितों से ऊपर न रख पाना।" ● इसके साथ शिक्षा, अनुशासन, नेतृत्व और सामाजिक समरसता भी महत्वपूर्ण कारक हैं। *(5) क्या श्रीकृष्ण के सिद्धांत अपनाए जाते तो ऐसी गलतियाँ नहीं होतीं ?* ◆ श्रीकृष्ण की शिक्षाएँ—विशेषकर श्रीमद्भगवद्गीता—आज भी अत्यंत प्रासंगिक मानी जाती हैं। ◆ श्रीकृष्ण के जीवन से यह संदेश मिलता है कि *धर्म की रक्षा सर्वोच्च उद्देश्य* है। जहाँ धर्मसम्मत आचरण से समस्या का समाधान संभव हो, वहाँ उसी मार्ग का अनुसरण किया जाए; किन्तु *जब कोई अन्याय, छल या अधर्म का आश्रय लेकर* समाज को हानि पहुँचाए और सभी शांतिपूर्ण उपाय निष्फल हो जाएँ, *तब धर्म की रक्षा के लिए परिस्थितियों के अनुरूप उचित रणनीति अपनाना* भी आवश्यक हो सकता है। *(6) यदि समाज व्यापक रूप से इन सिद्धांतों का पालन करता, तो अनेक गलतियाँ / समस्याएँ कम हो सकती थीं :-* ●धर्म (कर्तव्य) का पालन। ●अन्याय का समय पर प्रतिकार। ●संगठन और एकता। ●विवेकपूर्ण निर्णय। ●निष्काम कर्म। ●साहस और आत्मविश्वास। ●योग्य नेतृत्व का समर्थन। ●लोककल्याण को सर्वोच्च मानना। ● *परिस्थिति के अनुरूप नीति अपनाना।* *सीए दिनेश चन्द्र सनाढ्य* (193) #एक_हिन्दुस्तानी #23/07/2026 #dineshapna
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